देहरादून में महिला चिकित्सक ने कैनुला से खुद को जहर दे कर लगा लिया मौत को गले, विभागाध्यक्ष पर उत्पीड़न का आरोप

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नवीन समाचार, देहरादून, 26 मार्च 2026 (Dehradun-PG Doctor Embraces Poison)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में एक पीजी महिला चिकित्सक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस व संबंधित सूत्रों के अनुसार नेत्र रोग (Ophthalmology) में एमएस (MS) तृतीय वर्ष की छात्रा ने कार में खुद को कैनुला लगाकर जहरीला इंजेक्शन अपनी नसों में प्रवाहित कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर विभागाध्यक्ष (HOD) के विरुद्ध आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का अभियोग दर्ज किया गया है।

अंतिम रात: पिता से बात, फिर अचानक संपर्क टूटा

(Dehradun-PG Doctor Embraces Poison महिला डॉक्टर ने कैनुला लगा अपनी नसों में घोल दिया जहर, कार के भीतर का नजारा  देख लोग सन्न | A Female Doctor Injected Poison Into Her Veins Using A  Cannula Peopleसूत्रों के अनुसार देहरादून के देहराखास में अपनी माँ के साथ रहने वाली तन्वी नाम की मेडिकल की छात्रा ने घटना से पहले रात करीब 9 बजे अंबाला में रहने वाली अपने पिता डॉ. ललित मोहन से लंबी बातचीत की थी, जिसमें वह मानसिक रूप से बेहद परेशान दिखाई दी। पिता ने उसे आश्वस्त किया कि वे सुबह देहरादून पहुंचकर कॉलेज प्रबंधन से शिकायत करेंगे।

रात लगभग 11:15 बजे उसने अपनी मां को संदेश भेजा कि वह जल्द घर पहुंचेगी, लेकिन इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।

क्रमवार घटनाक्रम: कैसे सामने आई घटना

  • रात 9 बजे: पिता से फोन पर बातचीत, मानसिक तनाव जाहिर
  • 11:15 बजे: मां को घर आने का संदेश
  • इसके बाद संपर्क टूट गया
  • तड़के 3 बजे: पिता अंबाला से देहरादून पहुंचे और खोज शुरू की
  • सड़क किनारे कार में छात्रा अचेत मिली
  • अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित

कार में मिला शव, फॉरेंसिक जांच जारी

Dehradun Doctor Suicide | College HOD Demanded Money; Ambala Lady Doctorपुलिस के अनुसार छात्रा कार में अचेत अवस्था में मिली। पिता ने कार का शीशा तोड़कर उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने कार से इंजेक्शन, दवाओं की शीशियां और कैनुला बरामद कर जांच के लिए भेजा है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि छात्रा ने पहले कैनुला लगाया और फिर जहरीला पदार्थ नसों में प्रवाहित किया। दवा इतनी घातक थी कि चंद पलों में उसकी जान चली गई। मेडिकल प्रशिक्षित चिकित्सक होने के नाते तन्वी को मानव शरीर और दवाओं की गहरी समझ थी।

परिजनों के आरोप: मानसिक दबाव और आर्थिक अपेक्षाएं

परिजनों ने कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—

  • छात्रा को लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी
  • 90 लाख फीस के बाद भी विभागाध्यक्ष रुपयों की मांग कर रही थी
  • परीक्षा में असफल करने की धमकी दी जा रही थी
  • आर्थिक अपेक्षाओं के संकेत दिए जाते थे
  • लागबुक में शून्य अंक दर्ज कर दबाव बनाया गया

परिजनों के अनुसार छात्रा का कोर्स पूरा होने में केवल तीन माह शेष थे और परिवार ने लगभग 90 लाख रुपये फीस के रूप में खर्च किए थे। पिता का आरोप है कि उन्होंने पिछले चार महीनों में तीन बार विभागाध्यक्ष से मिलकर बेटी का भविष्य प्रभावित न करने का अनुरोध किया था।

पहले भी मानसिक तनाव में थी छात्रा

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रा पहले भी मानसिक तनाव में थी। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी का कहना है कि दो वर्ष पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी। उसकी मां इसी कारण उसके साथ रह रही थीं।

पूर्व विभागाध्यक्ष के समय नहीं थी समस्या

पिता के अनुसार तन्वी के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. तरन्नुम शकील से अच्छे संबंध थे। उन्होंने पढ़ाई व शल्य प्रशिक्षण में उसका मार्गदर्शन किया था। तन्वी उन्हें मां जैसा सम्मान देती थी। आरोप है कि वर्तमान विभागाध्यक्ष को यह निकटता पसंद नहीं थी और तन्वी को उनसे दूरी बनाने के लिए कहा गया।

व्यापक सवाल: मेडिकल शिक्षा और मानसिक दबाव

यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि यह भी दर्शाती है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में मानसिक दबाव और कार्य वातावरण कितना संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है। क्या मेडिकल शिक्षा में प्रतिस्पर्धा और दबाव के बीच छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है? यह सवाल अब और गंभीर हो गया है।

पुलिस की कार्रवाई

सीओ सदर अंकित कंडारी के अनुसार परिजनों की तहरीर पर विभागाध्यक्ष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स और संस्थान के रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव है। पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

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