कुमाऊं विवि की कार्य परिषद में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय, डॉ. बिष्ट बने उप परीक्षा नियंत्रक, महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान व बिष्ट के निधन पर शोक

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कुमाऊं विश्वविद्यालय में शिक्षकों के मूल्यांकन पर सख्ती, शोध गुणवत्ता के लिए नए मानक लागू

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2026 (Kumaun University News 23 March 2026)। नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय की 157वीं कार्य परिषद बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में भौतिकी विभाग के डॉ. नंदन सिंह बिष्ट को परीक्षा कार्यों के सुचारु संचालन हेतु उप परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया।

बैठक में पहली बार शिक्षकों के मूल्यांकन के लिए 100 अंकों की समग्र स्क्रीनिंग प्रणाली को स्वीकृति दी गई, जिसमें शिक्षण कार्य, शोध प्रकाशन, शोध परियोजनाएं, पीएचडी पर्यवेक्षण, प्रशासनिक दायित्व तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सहभागिता को शामिल किया गया है। शोध गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विज्ञान एवं तकनीकी विषयों में स्कोपस एवं वेब ऑफ साइंस जैसे मान्यता प्राप्त जर्नलों में प्रकाशन को अनिवार्य किया गया है, जबकि अन्य विषयों में भी मानक जर्नलों को प्राथमिकता दी गई है।

कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि 50 वर्ष की आयु के बाद लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को शासनादेश के अनुसार अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकेगी। इसके लिए कार्य परिषद की स्वीकृति आवश्यक होगी। मूल्यांकन में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वालों को प्रशंसा पत्र, 60 से 75 प्रतिशत तक अंक पाने वालों को सुधार हेतु दो वर्ष तथा 60 प्रतिशत से कम अंक वालों को तीन वर्ष का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में सुधार न होने पर वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है और आगे चलकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति लागू की जा सकेगी। संविदा शिक्षकों के लिए भी 60 प्रतिशत से कम अंक होने पर अनुबंध नवीनीकरण न करने का प्रावधान किया गया है।

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बैठक में प्रत्येक शिक्षक के लिए कम से कम एक राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुति देना अनिवार्य किया गया है, जिसमें एक प्रस्तुति राज्य से बाहर होना आवश्यक होगा। फर्जी एवं निम्न गुणवत्ता वाले जर्नलों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए गए हैं और संदिग्ध प्रकाशनों को अस्वीकार्य घोषित किया गया है। उच्च शोध उपाधियों डीएससी एवं डीलिट के लिए भी कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं, जिनमें पीएचडी के साथ न्यूनतम 12 वर्ष का अनुभव तथा उच्च स्तर के शोध प्रकाशन अनिवार्य किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त सात शिक्षकों को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के अंतर्गत पदोन्नति प्रदान करने को भी स्वीकृति दी गई। कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने कहा कि कार्य परिषद के ये निर्णय विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध की गुणवत्ता और जवाबदेही को सुदृढ़ करेंगे तथा इससे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।

कुमाऊं विश्वविद्यालय में डॉ. नंदन सिंह बिष्ट बने उप परीक्षा नियंत्रक

नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय में परीक्षा कार्यों के सुचारु संचालन हेतु महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय की 157वीं कार्य परिषद बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार भौतिकी विभाग के डॉ. नंदन सिंह बिष्ट को उप परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार डॉ. बिष्ट परीक्षा संबंधी कार्यों के संचालन में कुलसचिव की सहायता करेंगे। यह दायित्व नियमित परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति तक प्रभावी रहेगा। साथ ही यह जिम्मेदारी उनके वर्तमान शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के अतिरिक्त होगी।

महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान 27 मार्च को, सरबजीत गरचा देंगे बारहवां व्याख्यान

(Kumaun University News 23 March 2026)नैनीताल। सुप्रसिद्ध छायावादी कवयित्री महादेवी वर्मा के 119वें जन्मदिन के अवसर पर आगामी 27 मार्च को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजनपीठ में 12वां महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर चंडीगढ़ साहित्य अकादमी से सम्मानित कवि, लेखक, संपादक, अनुवादक एवं प्रकाशक सरबजीत गरचा ‘समकालीन वैश्विक काव्य संसार और हिंदी: संवाद एवं अनुवाद’ विषय पर व्याख्यान देंगे।

महादेवी वर्मा सृजनपीठ के निदेशक प्रो. शिरीष कुमार मौर्य ने बताया कि सरबजीत गरचा को भारत सरकार की फैलोशिप तथा ब्रिटिश काउंसिल की इंटरनेशनल पब्लिशिंग फैलोशिप प्राप्त हो चुकी है। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘आल वी हैव’ और ‘ए क्लॉक इन द फार पास्ट’ शामिल हैं। उनकी रचनाओं का जर्मन, स्पेनिश, रूसी, लिथुआनियन सहित कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। वह दिल्ली एनसीआर स्थित बहुभाषी प्रकाशन संस्था कॉपर कॉइन के संस्थापक एवं संपादकीय निदेशक हैं।

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कार्यक्रम मुख्य अतिथि आलोचक, निबंधकार एवं अनुवादक डॉ. सुबोध शुक्ल और विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की उपस्थिति एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित होगा। पीठ के समन्वयक मोहन सिंह रावत के अनुसार कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आमंत्रित साहित्यकारों के साथ प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का परिसंवाद भी आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि महादेवी वर्मा सृजनपीठ की वार्षिक व्याख्यानमाला के अंतर्गत इस आयोजन में पूर्व में प्रो. नामवर सिंह, प्रो. मैनेजर पांडेय, प्रो. केदारनाथ सिंह, प्रो. विश्वनाथ त्रिपाठी, अरुण कमल, मंगलेश डबराल, मृदुला गर्ग, प्रो. राजेन्द्र कुमार, हरीश चंद्र पाण्डे, लीलाधर मंडलोई एवं देवेंद्र मेवाड़ी आदि साहित्यकार सहभागिता कर चुके हैं।

डीएसबी परिसर के कर्मचारी कैलाश बिष्ट के निधन पर शोक, रानीबाग में अंतिम संस्कार

नैनीताल स्थित डीएसबी परिसर के वरिष्ठ कर्मचारी कैलाश बिष्ट के निधन पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ कूटा सहित विश्वविद्यालय परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कैलाश बिष्ट कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका रानीबाग में अंतिम संस्कार किया गया। उनके परिवार में एक पुत्र एवं एक पुत्री हैं, जो अभी छोटे हैं। कूटा ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत कैलाश बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

इस अवसर पर डीएसबी परिसर की निदेशक डॉ. नीता बोरा शर्मा, डॉ. रजनीश पांडे, डॉ. ज्योति जोशी, डीएसडब्ल्यू प्रो. संजय पंत, कूटा अध्यक्ष डॉ. ललित तिवारी, प्रॉक्टर डॉ. हरीश बिष्ट, डॉ. नीलू, डॉ. दीपक, डॉ. युगल जोशी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. शिवांगी, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. अशोक कुमार सहित एलुमनी सेल के डॉ. बीएस कालाकोटी, डॉ. एसएस सामंत, डॉ. जीसी जोशी, ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे समेत अनेक शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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