भगवान ‘राम की नगरी’ के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’, यहीं हुआ था लव-कुश का जन्म…

Sitavani

(Nagar Palika Nainital) नगर निकाय कर्मचारी महासंघ के कार्यकारिणी के सभी 4 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन

(Nagar Palika Nainital) 

Nagar Palika Nainital

नैनीताल : बालिका इंटर कॉलेज में पार्किंग (Parking)निर्माण पर छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षिकाओं-प्रधानाचार्या को आपत्ति…

Parking

ज्योर्तिलिंग जागेश्वर, यहीं से शुरू हुई थी शिवलिंग की पूजा, यहाँ होती है शिव के बाल व वृद्ध स्वरुप में भी पूजा… पीएम मोदी भी आ चुके

Jageshwar

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नई पहल : होम स्टे क्लस्टर्स में अपने खर्च पर रात्रि प्रवास करेंगे जिले के अधिकारी: डीएम ने दिए निर्देश

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 नवंबर 2022। जिला प्रशासन नैनीताल की नवीन पहल के अंतर्गत जनपद नैनीताल के चयनित ग्रामों में विकास को गति देने के उद्देश्य से अधिकारी अपने खर्च पर होम स्टे में रात्रि निवास करेंगे और धरातल पर उतर कर कार्य करेंगे। ऐसा करने से न केवल उन्हें जमीनी हकीकत का ज्ञान होगा, … Read more

नैना देवी हिमालयन पक्षी आरक्षिति को नैनीताल चिड़ियाघर के प्रबंधन में सोंपने को विधायक से मांगा सहयोग…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2022। नैनीताल की नवनिर्वाचित विधायक सरिता आर्य की अध्यक्षता में नैनीताल प्राणी उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर के सभागार में स्थानीय नागरिकों हेतु रोजगार सृजित किये जाने के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिड़ियाघर के निदेशक डीएफओ टीआर बीजू लाल ने विधायक को स्थानीय … Read more

मुख्यमंत्री ने किया प्रदेश के 26 वन गांवों को बिजली, पानी, सड़क के साथ ही ग्राम प्रधानों को मुहर भी देने का दावा

-जिम कार्बेट पार्क में अब 50-50 महिला नेचर गाइड व जिप्सी चालकें भी होंगी -10 हजार स्थानीय युवा कौशल विकास कर प्राप्त करेंगे स्वरोजगार नवीन समाचार, रामनगर, 21 मार्च 2021। प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथसिंह रावत ने रविवार को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर नैनीताल जनपद के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस … Read more

‘लंदन फॉग’ से दिलकश-रुमानी हुआ नैनीताल का मौसम

-पर्यटन एवं पैदल घूमने के लिए बेहतर होता है यह मौसम
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2019। प्रदेश में मानसून के आगमन एवं मौसम विभाग द्वारा जनपद में मानसूनी वर्षा की चेतावनी पर बृहस्पतिवार को मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में बारिश तो नहीं हुई, अलबत्ता ‘लंदन फॉग’ कहे जाने वाले मानसूनी कोहरे से नगर का मौसम दिलकश व रुमानी हो गया। इस दौरान नगर में दोपहर से पहले वालों को हेड लाइट जलाकर गुजरना पड़ा। जुलाई माह में इस तरह का अनुभव खासकर मैदानी क्षेत्रों से आये सैलानियों के लिए रोमांचक रहा, जो ऐसी स्थितियों की अपेक्षा केवल सर्दियों के दिनों में करते हैं।

नैनीताल में लंदन फॉग का सुंदर वीडियो देखें :

उल्लेखनीय है कि नगर के जुलाई-अगस्त माह में मानसूनी मौसम में इस कोहरे को अंग्रेजी दौर से लंदन में लगने वाले कोहरे ‘लंदन फॉग’ की संज्ञा प्राप्त है। इस दौरान कोहरे से हल्की बूंदों का झरना पैदल घूमने वाले सैलानियों को अद्भुत अनुभूति देता है। इस मौसम को नगर में रंग-बिरंगी छतरियां लेकर पैदल घूमने वाले लोग भी खासा पसंद करते हैं। उल्लेखनीय है कि पर्यटन के लिहाज से भी यह मौसम सैलानियों के खासा लाभप्रद होता है, जब शहर में अधिक भीड़भाड़ नहीं होती है। होटलों में कमरे एवं अन्य सुख-सुविधाएं अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर उपलब्ध हो जाती हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में ‘लंदन फॉग’ संग मानो आसमां झुक जाता हो जमीं पर

नवीन जोशी नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल को यूं ही प्रकृति का स्वर्ग नहीं कहा जाता है। हर मौसम में यह शहर विश्वस्तर के एक नये आकर्षण को लेकर आता है, और छा जाता है। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में तो यहां देश-दुनिया से सैलानी प्राकृतिक एयरकंडीशनर (नेचुरल एसी) सरीखे मौसम का आनंद ले ही पाते हैं, लेकिन इसके बाद भी, जब देश मानसून का इंतजार कर रहा होता है, यहां लोकल मानसून झूम के बरसने लगता है। इस दौरान यहां एक नया आकर्षण नजर आता है, जिसे नगर के अंग्रेज निर्माताओं ने अपने घर इंग्लैंड को याद कर ‘लंदन फॉग’ और ‘ब्राउन फॉग ऑफ इंग्लैंड’ नाम दिये थे।

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‘भारत के स्विटजरलेंड’ में गांधी जी ने लिखी थी ‘अनासक्ति योग’

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, कौसानी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एक अलग दृष्टि के महामानव थे। यही कारण है कि उन्होंने अपनी आग उगलती बंदूकों और जुल्मो-सितम के लिए पहचाने जाने वाले अंग्रेजों को, जिनके राज में तब कभी सूर्य अस्त न होता था, एक अलग तरह के अहिंसा के अस्त्र का प्रयोग कर असंभव … Read more

महेश खान: यानी प्रकृति और जैव विविधता की खान

पहली नजर में दो हिंदू-मुस्लिम नामों का सम्मिश्रण लगने वाले महेश खान के नाम में ‘खान’ कोई जाति या धर्म सूचक शब्द नहीं है, लेकिन ‘खान’ शब्द को दूसरे अर्थों में प्रयोग करें तो यह स्थान प्रकृति के लिए भी प्रयोग किए जाने वाले महेश यानी शिव की धरती कहे जाने वाले कुमाऊं में वानस्पतिक … Read more

पक्षी-तितली प्रेमियों का सर्वश्रेष्ठ गंतव्य है पवलगढ़ रिजर्व

उत्तराखंड का नैनीताल जनपद में रामनगर वन प्रभाग स्थित पवलगढ़ रिजर्व पक्षी प्रेमियों के लिए बेहतरीन गंतव्य है। दिल्ली से सड़क और रेल मार्ग से करीब 260 किमी तथा नजदीकी हवाई अड्डे पंतनगर से करीब 87 किमी दूर रामनगर के जिम कार्बेट नेशनल पार्क से कोसी नदी के दूसरी-पूर्वी छोर से सटा 5824 हैक्टेयर में फैला प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधिता से लबरेज पवलगढ रिजर्व, पक्षियों को देखने यानी बर्ड वाचिंग के शौकीनों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थान है। यहां अब तक करीब 365 प्रजातियों के पक्षी देखे और पहचाने जा चुके हैं। साथ ही यहां मिलती करीब 83 तरह की तितलियां और 100 प्रकार के मॉथ यानी तितलियों की ही दूसरी प्रजातियां भी मिलती हैं।

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देवभूमि के कण-कण में ‘देवत्व’: विश्व हिंदी सम्मेलन के संयोजक व अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार डा. अशोक ओझा के हाथों हुआ विमोचन

नैनीताल। अमेरिका में हिंदी के जरिये रोजगार के अवसर विषयक कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदी सम्मेलन के संयोजक, अमेरिकी सरकार समर्थित स्टारटॉक हिंदी कार्यक्रम के निदेशक व अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार डा. अशोक ओझा, उत्तराखंड मुक्त विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के निदेशक डा. गोविंद सिंह, कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी, कला संकायाध्यक्ष प्रो. … Read more

अब बनाइये ऐसे बंबू हट, जिन पर गोली, आग व भूकंप का भी असर न होगा

Bamboo Huts at Maheshkhan
महेशखान में वन विभाग के बम्बू हट
Interior of Bamboo Huts at Maheshkhan
महेशखान में वन विभाग के बम्बू हट का इंटीरियर

-नैनीताल स्थित चिड़ियाघर में ऐसा ही एक बंबू हट, जो है पूरी तरह ईको फ्रेंडली तथा बारिश, सर्दी-गर्मी व बारिश के प्रभावों से भी सुरक्षित
नवीन जोशी, नैनीताल। पहाड़ों पर सीमेंट, सरिया की जगह हल्की संरचना के, पारिस्थितिकी के अनुकूल यानी ईको-फ्रेंडली घर बनाने की जरूरत तो बहुत जतायी जाती है, और इसके लिये बंबू हट यानी बांश के बनों घरों का विकल्प सुझाया भी जाता है, लेकिन बंबू हट एक सुरक्षित घरों की जरूरतों को पूरा नहीं करते। उनमें जल्द बारिश-नमी की वजह से फफूंद लग जाती है। बांश की लकड़ी को दीपक भी कुछ वर्षों के भीतर चट कर जाती है, और बांश की खपच्चियों के बीच से सर्द हवायें भीतर आकर बाहर जैसी ही ठंड कर देती हैं। वहीं ऐसे घरों में आग लगने, हल्के धक्कों में भी इसकी दीवारों को तोड़कर किसी के भी भीतर घुस जाने जैसे अन्य तमाम खतरे भी बने रहते हैं। लेकिन अब आप चाहें तो बांश से ही पूरी तरह ईको फ्रेंडली के साथ ही पूरी तरह सुरक्षित बंबू हट बनाने की अपनी ख्वाहिश आम घरों से कम कीमत में पूरी कर सकते हैं। ऐसा ही एक बंबू हट मुख्यालय स्थित नैनीताल जू में रिसेप्सन, टिकट काउंटर व सोविनियर शॉप के लिये इन दिनों निर्मित किया जा रहा है।

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किलवरीः ‘वरी’ यानी चिंताओं को ‘किल’ करने (मारने) का स्थान

Forest Rest House Kilbury

Forest Rest House Kilbury

  • सरोवरनगरी के निकट एडवेंचर व शांति पसंद सैलानियों के लिए विकसित हो रहा नया पर्यटक स्थल
प्रकृति का स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल तो अपनी खूबसूरती के लिए विश्व प्रसिद्ध पर्यटक है ही, लेकिन यदि आप इस स्थान के आसपास की प्रकृति को उसके वास्तविक अनछुवे स्वरूप में देखना चाहते हैं, तथा एडवेंचर यानी साहसिक पर्यटन और शांति की तलाश में पहाड़ों पर आए हैं, तो किलवरी-पंगूठ क्षेत्र आपकी अभीष्ट मंजिल हो सकता है।

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