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पाषाण देवी शक्तिपीठ: जहां घी, दूध का भोग करती हैं सिंदूर सजीं मां वैष्णवी

       डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2022। उत्तराखंड को देवभूमि इसीलिए कहा जाता है, कि यहां के कण-कण में देवों कावास है। बदरी, केदार सहित चार धामों और गंगा, यमुना की इसी धरती में शिवके धाम कैलाश का द्वार है, और यहीं शिवा यानी माता पार्वती का मायका हिमालय भी है। […]

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नागेशं दारूका वने… ज्योर्तिलिंग जागेश्वर : यहीं से शुरू हुई थी शिवलिंग की पूजा, यहाँ होते हैं शिव के बाल स्वरुप की पूजा

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवत्व की बात कही जाती है। प्रदेश के अनेक धर्म स्थलों में एक भगवान शिव के प्रथम ज्योर्तिलिंग जागेश्वर के बारे में स्कंद पुराण के मानसखंड में कहा गया है-‘मा वैद्यनाथ मनुषा व्रजंतु, काशीपुरी शंकर बल्ल्भावां। मायानगयां मनुजा न यान्तु, जागीश्वराख्यं तू हरं […]

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमनाम व आदर्श ‘नरेंद्र’ की उत्तराखंड से स्वामी और राजर्षि विवेकानंद बनने की कहानी

        डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2022। देश के विचारवान युवाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी आदि अनेकानेक लोगों के आदर्श स्वामी विवेकानंद ने आज के ही दिन यानी 11 सितंबर 1893 को शिकागो (अमेरिका) में आयोजित धर्म संसद में अपने संबोधन- ‘मेरे अमेरिका वासी भाइयोे […]

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नैनीताल की रामलीला की एक विशेषता यह भी, यहां 41 वर्षों से रामकाज कर रहे हैं भीम व विमल

      डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2021। नैनीताल की रामलीला की कई अनूठी विशिष्टताएं हैं। इन्हीं में दो व्यक्तियों भीम सिंह कार्की व विमल चौधरी का जिक्र करना भी जरूरी है। भीम सिंह पिछले 41 वर्षों से मल्लीताल की रामलीला में रूप सज्जा का कार्य संभाल रहे हैं, जबकि करीब इतना ही […]

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‘नवीन समाचार’ के सभी समाचार एक जगह

       केंद्रीय मंत्री ने देश के पुलिस बलों की चैंपियन योग टीम के साथ किया योग21 June 2022 शादी के 20 वर्ष बाद पति ने बिन तलाक दूसरा विवाह रचाया ! पत्नी के 70 लाख भी हड़पे…!21 June 2022 सुबह तड़के भीषण हादसा, धार्मिक यात्रा पर जा रहे रामनगर के कार में सवार पांच युवकों […]

भगवान राम की नगरी के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’

       देवभूमि कुमाऊं-उत्तराखंड में रामायण में सतयुग, द्वापर से लेकर त्रेता युग से जुड़े अनेकों स्थान मिलते हैं। इन्हीं में से एक है त्रेता युग में भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के निर्वासन काल का आश्रय स्थल रहा वन क्षेत्र-सीतावनी, जो अपनी शांति, प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ मनुष्य को गहरी आध्यात्मिकता के साथ मानो उसी […]

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सच्चा न्याय दिलाने वाली माता कोटगाड़ी: जहां कालिया नाग को भी मिला था अभयदान

      डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल। कण-कण में देवत्व के लिए प्रसिद्ध देवभूमि उत्तराखंड में कोटगाड़ी (कोकिला देवी) नाम की एक ऐसी देवी हैं, जिनके दरबार में कोर्ट सहित हर दर से मायूस हो चुके लोग आकर अथवा बिना आए, कहीं से भी उनका नाम लेकर न्याय की गुहार लगाते (स्थानीय भाषा में विरोधी के खिलाफ ‘घात’ […]

भद्रकालीः जहां वैष्णो देवी की तरह त्रि-पिंडी स्वरूप में साथ विराजती हैं माता सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली

      ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। कहते हैं आदि-अनादि काल में सृष्टि की रचना के समय आदि शक्ति ने त्रिदेवों-ब्रह्मा, विष्णु व महेश के साथ उनकी शक्तियों-सृष्टि का पालन व ज्ञान प्रदान करने वाली ब्रह्माणी यानी माता सरस्वती, पालन करने वाली वैष्णवी यानी माता लक्ष्मी और बुरी शक्तियों […]