कुमाउनी भाषा का इतिहास
तारा चंद्र त्रिपाठी की पुस्तक ‘मध्य पहाड़ी भाषाओं का ऐतिहासिक स्वरूप’ पुस्तक में इतिहासकार मदन चंद्र भट्ट की पुस्तक ‘कुमाऊं की जागर कथायें’ के आधार पर कुमाउनी के शाके 911 यानी यान 989 और गढवाली के शाके 1377 यानी सन् 1455 तक के दान पत्र मिलने की बात कही गई है। सन् 989 के राजा … Read more
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