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खूबसूरत जागरूकता संदेश बोलेंगी सरकारी कार्यालयों की दीवारें

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-खूबसूरत जागरूकता संदेशों से पटीं मुख्यालय की दीवारें…

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 नवंबर 2019। जनपद के सरकारी कार्यालयों की दीवारें जनता को खूबसूरत व आकर्षक तरीके से बालिका शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या न करने जैसे दिल को छूते हुए संदेश देंगी।


डीएम सविन बंसल की पहल पर कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के चित्रकला विभाग के छात्र-छात्राओं ने जनपद मुख्यालय में डीएसए मैदान, रिक्शा स्टेंड, जिला कलक्ट्रे व डीएम आवास आदि स्थानों की दीवारों को खूबसूरत चित्रों से सजा दिया है। इन चित्रों की अनुपम छटा से हर कोई मोहित हो रहा है। इस तरह कॉलेज के विद्यार्थियो को अपनी कला को सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करना का बड़ा मंच भी मिला है। आगे डीएम ने बताया कि जिले भर के शासकीय भवनों की दीवारों पर बच्चों से ऐसी ही पेंटिंग बनवाई जाएंगी। इस कार्य हेतु बच्चों को ब्रश, रंग आदि भी प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराये गये हैं। बताया कि बच्चों को प्रोत्साहन के लिए प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं उपहार भी दिए जायेंगे। उल्लेखनीय है कि डीएम श्री बंसल स्वयं भी एक अच्छे कलाकार हैं। अपनी इस प्रतिभा का प्रदर्शन उन्होंने शनिवार को इस अभियान का शुभारंभ करते हुए स्वयं भी बच्चों के साथ दीवारों पर पेंटिंग करके किया था।

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-शुरू हुई वॉल पेंटिंग के जरिये जागरूकता संदेश देने की शुरुआत,दीवारें भी होंगी आकर्षक

स्वयं भी दीवार पर पेंटिंग के लिए कूची चलाते डीएम सविन बंसल।

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 नवंबर 2019। डीएम सविन बंसल की अभिनव पहल पर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान, रिक्शा स्टैंड व जिला कार्यालय आदि स्थानों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व अन्य सामाजिक ज्वलन्त समस्याओं को लेकर जनजागरूकता के लिए स्थानीय स्कूल, कॉलेजों के चित्रकला के विद्यार्थियों के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा वॉल पैंटिंग की शुरूआत की गई। डीएम श्री बंसल व एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने विद्यार्थियों के साथ स्वयं भी पेंटिंग कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
इस मौके पर श्री बंसल ने बताया कि वर्तमान सामाजिक ज्वलन्त समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने एवं समाज में जागरूकता लाने के लिए जनपद के सार्वजनिक स्थानों पर वॉल पेंटिंग के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा आदि का संदेश देने की कवायद शुरू की जा रही है। इस माध्यम से प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपनी कला एवं विचारों को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा तथा जन-जागरूकता के साथ ही सार्वजनिक स्थलों को सुन्दर व आकर्षक बनाया जा रहा है। बताया कि वॉल पेंटिंग करने वाले विद्यार्थियों को ग्रुप व एकल वर्ग में नकद पुरस्कार के साथ ही सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया जायेंगे। वॉल पेंटिंग में विभिन्न स्कूल कॉलेजों के 21 ग्रुपों में लगभग 100 विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रतिभा दिखाने का अवसर देने, पेंटिंग सामग्री देने, यातायात व अन्य सुविधाएं देने के लिए सभी विद्यार्थियों ने डीएम का आभार व्यक्त किया।

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-डीएम ने कहा किताबों के साथ ही बच्चों को आधुनिक तकनीकों, ई-लर्निंग से जोड़ने के प्रयास करेंगे तेज

राइंका बगड़ में परदे पर फिल्म देखते छात्र-छात्राएं।

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2019। डीएस सविन बंसल की पहल पर जनपद के दूरस्थ राइंका बगड़ के छात्र-छात्राओं ने पहली बार परदे पर फिल्म देखी। स्कूली बच्चों को विकास की मुख्य धारा एवं नवीन तकनीकी से रूबरू कराने के लिए डीएम ने गत दिवस पैदल चलकर राइंका बगड़ पहुंचकर बच्चों को विद्यालय में डाटा प्रोजेक्टर के जरिये बड़े परदे पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्यौमा जैन के माध्यम से विभिन्न विषयों की लघु फिल्म दिखाई। इस पर बच्चे रोमांचित हो उठे और बोले कि उन्होंने आज पहली बार सिनेमा के परदे पर फिल्म देखी। इस दौरान बच्चों को सुश्री जैन ने फिल्मों के माध्यम से सुरिक्षत एवं असुरक्षित स्पर्श, पास्को अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम व चाईल्ड हैल्पलाईन आदि की जानकारियां दीं। इस दौरान विद्यालय में पहली बार डीएम के प्रयास से ड्रोन उड़ाया गया और ड्रोन की कार्यप्रणाली बताई गई तो बच्चे और भी रोमांचित एवं आश्चर्य चकित हो उठे। साथ ही विद्यालय में श्याम पट की जगह ई-लर्निंग की ओर कदम बढ़ाते हुए व्हाईट बोर्ड पर मार्कर से लिखने की भी शुरुआत की गई। डीएम ने कहा कि जल्द ही जिलेभर के सभी विद्यालयों में व्हाईट बोर्ड, कम्प्यूटर, ई-लर्निंग, डाटा प्रोजेक्टर, नेपकिन वेंडिग मशीनों की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा विद्यालय में पहली बार इंसीनेटर मशीन लगायी गई, जिसका डीएम ने लोकार्पण भी किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बालिकाओं को स्वास्थ्य के बारे में तथा सेनेटरी नेपकिन व सेनेटरी पैड आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बच्चों को सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप, यू-ट्यूब व इंटरनेट आदि के बारे में भी जानकारी दी गई। डीएम ने विद्यालय में एक सप्ताह के भीतर दो कम्प्यूटर उपलब्ध कराने के आदेश भी दिये। उल्लेखनीय है कि डीएम ने गत दिवस राइंका जंगलिया गॉव में भी दो कम्प्यूटर अपने विवेकाधीन कोष से स्वीकृत किए थे। श्री बंसल ने कहा कि बच्चों में ज्ञानकोष वृद्धि एवं संस्कारों के लिए निस्संहेह पुस्तकों का अहम रोल है, लेकिन आधुनिक दौर में बच्चों को आधुनिक तकनीकी से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले में 195 सरकारी विद्यालयों में से 34 में कम्प्यूटर नहीं हैं। इन विद्यालयों में जल्द ही कम्प्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही जिले के 78 विद्यालयों में ई-लर्निंग कक्षाएं संचालित हैं, शेष में ई-लर्निंग की व्यवस्था जल्द कर दी जाएगी। ई-लर्निंग को और अधिक प्रभावी तरीके से चलाने हेतु शिक्षा विभाग को जिला योजना में 12 लाख की धनराशि दी गई है।

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-फिर चार किमी चलकर बगड़ मल्ला व तीन किमी चलकर प्राथमिक विद्यालय भी पहुंचे और राइंका के कक्षा कक्षों के निर्माण में गुणवत्ता की कमी पर प्रधानाचार्य व उप शिक्षा अधिकारी का एक दिन का वेतन रोका
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 सितंबर 2019 । डीएम सविन बंसल शुक्रवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनता की समस्या सुनने के लिए सुबह पांच किमी पैदल चलकर विकास खंड कोटाबाग के दूरस्थ क्षेत्र बगड़ तल्ला के तोक पिनोनिया और यहां जनता दरबार लगाने के उपरांत 4 किमी पैदल चलकर राइंका बगड़ मल्ला पहुंचे, और यहां विद्यालय में इंसीनरेटर मशीन का फीता काटकर शुभारम्भ किया। बताया गया कि बंसल पिनौनिया पहुंचने वाले पहले डीएम हैं। राइंका बगड़ का निरीक्षण करते हुए कक्षा-कक्षों में विद्युत फिटिंग न होने व निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को ठेकेदार के एग्रीमेंट की जॉच कर शीघ्र रिर्पोट प्रस्तुत करने, प्रधानाचार्य व उप शिक्षा अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने तथा जिस वर्ष कक्षा-कक्ष निर्माण हुए उस वर्ष की एसएमसी की भी जॉच करने के निर्देश भी दिये व तुरन्त प्रत्येक कमरों में विद्युत फिटिंग कर दो-दो विद्युत ट्यूबलाईट लगाने के निर्देश डीईओ को दिये। इसके बाद डीएम 3 किमी पैदल चलकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय बगड़ मल्ला तोक भी पहुंचे और बहुउद्देशीय शिविर में शामिल हुए।
इससे पूर्व डीएम ने पिनौनिया में जनता दरबार लगाकर जन समस्याऐं सुनी व उनका निराकरण किया। पिनौनिया वासियों ने अपनी मुख्य समस्या के रूप में पंगूट-तल्ला बगड़ मोटर मार्ग को 4 किमी विस्तारित करते हुए पिनौनिया तक बनाने की मांग की। इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता लोनिवि को शीघ्र सर्वे कर एससीपी योजना के अन्तर्गत राज्य सैक्टर में प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसके अलावा डीएम ने तीन माह पूर्व अपने पिता को खोने वाली भगवती आर्या का पारिवारिक पेंशन, जन्म से दिव्यांग संतोष कुमार के जनता दरबार में ही फार्म भरवा कर ही एक सप्ताह के भीतर पेंशन, चनर राम को बच्चे के ईलाज हेतु आर्थिक सहायता, भूवन चंद्र को प्रधानमंत्री आवास तथा लीलाराम को किसान सम्मान मानधन योजना स्वीकृत करने के निर्देश दिये। वहीं ग्रामवासियों की मांग पर प्राथमिक विद्यालय की क्षतिग्रस्त छत की जिला योजना से मरम्मत कराने मनरेगा से चारदीवारी बनवाने को कहा तथा पिनौनिया विद्यालय व आंगवाड़ी में पोषण माह व स्वच्छता पखवाड़ा योजना के अन्तर्गत जानकारियॉ देते हुए बच्चों को स्वच्छता किट, कापियॉ, रजिस्टर, कलर बाक्ॅस, जामेक्ट्री बॉक्स भेंट किये।
डीएम ने राइंका बगड़ मल्ला में एक माह के भीतर चार कम्प्यूटर खरीदने, निर्माणाधीन तीन कक्षा-कक्षों को तीन माह में पूर्ण करने, स्कूल की चारदीवारी मनरेगा के अंतर्गत बनाने के निर्देश दिये, तथा कार्यक्रम में बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं, पोषण माह, स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत विद्यार्थियों को डिक्सनरी, एटलस, रजिस्टर, पेन, स्वच्छता किट तथा बालिकाओं को सेनेटरी नेपकीन वितरित किये व मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया साथ ही गये। साथ ही विद्यालयों में नियमित कम्प्यूटर शिक्षा देने, अंग्रेजी अखबार व योजना मैंगजीन लगाने के निर्देश भी दिये। इस दौरान विमर्श संस्था द्वारा मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता पर कार्यशाला आयोजित कर जानकारियॉ दी गई। व 72 लोंगो का स्वास्थ परीक्षण, जॉच ब्लैड,सूगर, बीपी की जॉच, निःशुल्क दवा, 10 बीपीएल को चश्में वितरित किये गये साथ ही आर्युवेद द्वारा 10 की ओपीडी, 248 राशन कार्डो का डिजिटाईजेशनध्शुद्विकरण, समाज कल्याण द्वारा 2 वृद्धावस्था, 1 दिव्यांग, 2 शादी अनुदान स्वीकृत के साथ ही विभिन्न पेंशन व अनुदान के 65 फार्म वितरित किये गये साथ आधार कार्ड अपडेट किये गये व13 ऑनलाईन किये गये। कृषि विभाग द्वारा 11 बोतल पैस्टीसाइड, 03 कृषियन्त्र व 31 फार्म प्रधानमंत्री किसान सम्मान मानधन योजना के फार्म भरवाये गये।

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-सैलानियों एवं फरियादियों के लिए पोर्टल बनेंगे, जिनमें आने वाली समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
-बादल फटने जैसी आपदा की पहले ही जानकारी क्षेत्रीय लोगों के मोबाइल में अलार्म के रूप में तत्काल आएगी
-अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने पर चिकित्सकों की जिम्मेदारी होगी तय
-बलियानाला के संरक्षण के लिए जीआईएस व आरआईडीएस की ली जाएगी मदद
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2019।
आईएएस अधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को नैनीताल के नये जिलाधिकारी के पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वे उत्तराखंड बनने के बाद नैनीताल जनपद के 17वें एवं जनपद बनने के बाद से 80वें जिलाधिकारी होंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं के साथ कई अभिनव पहल करने का इरादा जताया है।

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कार्यभार ग्रहण करते नये डीएम सविन बंसल।

जिलाधिकारी सविन बंसल की अभिनव योजनाएं:

  1. नैनीताल को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बताते हुए डीएम ने बताया कि वे नगर में आने वाले पर्यटकों के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी का सहारा लेते हुए मोबाइल एप और क्यूआरटी यानी क्विक रिस्पांस सिस्टम विकसित करेंगे। सैलानी इसमें उनके साथ आने वाली किसी भी तरह की समस्या, पुलिस, होटल अथवा टैक्सियों या अन्य पर्यटन व्यवसायियों द्वारा की जाने वाली लूट की शिकायत दर्ज करेंगे, और क्यूआरटी उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर उनकी समस्या का समाधान करेगी।
  2. इसी तरह का एक पोर्टल मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टल की तर्ज पर सुशासन के उद्देश्य से जनपद में भी विकसित किया जाएगा। इसमें जनपदवासी अपनी शिकायत दर्ज करेंगे। अधिकारियों को शिकायतों पर 15 दिन में कार्रवाई करनी होगी। शिकायतकर्ता को उसके मोबाइल पर उसकी शिकायत कहां तक पहुंची है, इसकी भी जानकारी मिलती रहेगी।
  3. रेफरल सेंटर बने अस्पतालों की समस्या को दूर करने के लिए जनपद में अब चिकित्सकों को किसी रोगी को अन्यत्र रेफर करने के लिए जिम्मेदारी से कारण दर्ज करना होगा। डीएम स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे।
  4. जनपद में किसी भी तरह की आपदा आने की स्थिति में जनपद के मुक्तेश्वर में लगे डॉप्लर रडार अथवा अन्य स्रोतों से मिलने वाली आपात सूचनाओं को जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहली बार ‘सेटेलाइट बेस्ड अलार्म सिस्टम’ से जोड़ा जाएगा। इस सिस्टम के तहत प्रभावित होने वाले क्षेत्र के समस्त नागरिकों के मोबाइल पर स्वतः चेतावनी अलार्म बजने लगेंगे और संदेश आएंगे।
  5. नैनीताल नगर के आधार बलियानाला के संरक्षण के लिए आईएआरएस यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग से जीआईएस यानी भौगोलिक सूचना प्रणाली का बेहतर उपयोग कर पता लगाया जाएगा कि भूगर्भ में कैसे नये भ्रंश विकसित हो रहे हैं। कहां कमजोर मिट्टी है, और उसमें भू-धंसाव हो सकता है। इस अनुरूप ही क्षेत्र एवं यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित किया जाएगा।

इसके अलावा कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत डीएम ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए जल्द ही नगर के नारायणनगर, मेट्रोपोल व पाइंस में तीन नई पार्किंग बन जाने का विश्वास जताया। कहा कि शासन से ये जल्द ही स्वीकृत हो जाएंगी। बलियानाला के सुदृढ़ीकरण पर बताया कि जापान की एजेंसी जायका यहां तकनीकी अध्ययन कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये हो रहे इस अध्ययन से पता चल जाएगा कि यहां भूस्खलन के कारण क्या हैं। साथ ही भूगर्भ में पानी कहां से इकट्ठा हो रहा है, और निर्माणों का दबाव भूस्खलन के कारणों में कितना है। इसके बाद जल्द ही डीपीआर तैयार की जाएगी। सुशासन के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं एएनएम केंद्रों मंे 100 फीसद सुविधाएं देने पर फोकस किया जाएगा। इसी तरह सुदूर दुर्गम व संचारविहीन क्षेत्रों में 12वीं तक की शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। देश के ‘विजन-2020’ के तहत जनपद में ऐपण जैसे स्थानीय शिल्प व लोक कला के साथ ही परंपरागत मोटे खाद्यान्नों एवं फलोत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय दोगुनी करने व क्षेत्र में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। आवारा कुत्तों एवं बंदरों की समस्या के समाधान के लिए पूर्व में अल्मोड़ा जनपद में लागू किये गये उपाय खासकर शिविर लगाकर बंध्याकरण करने जैसे कार्य किये जाएंगे। कार्यभार ग्रहण करने के मौके पर उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, वैयक्तिक अधिकारी कवीेंद्र पांडे, कोषाधिकारी अनीता आर्य, पूर्व डीएम विनोद कुमार सुमन व अपर जिला सूचना अधिकारी अहमद नदीम आदि अधिकारी मौजूद रहे।

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-‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र पर कार्य करेंगे नए डीएम सुमन
-बोले सामान्य बनकर और सबकी सुनकर ही बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है प्रशासन

कार्यभार ग्रहण करते डीएम विनोद कुमार सुमन

नैनीताल, 25 मार्च 2018। नैनीताल जनपद के नवागत डीएम विनोद कुमार सुमन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र पर प्रशासन चलाएंगे। उन्होंने कहा कि हर स्थिति में शासन, न्यायालय तथा सभी संबंधित प्रभावित पक्षों से समन्वय बनाकर और सबको साथ लेकर, सामान्य बनकर और सबकी सुनकर ही बेहतर तरीके से प्रशासन चलाया जा सकताा है। अल्मोड़ा और चमोली जिलों के डीएम रहते जिले की हर तहसील के एक स्कूल में जाकर शासन की विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने जैसी समस्त सुविधाएं लेकर पहुंचने जैसे बेहतर रहे प्रयोगों को यहां भी लागू करने की कोशिश करेंगे।
रविवार देर रात्रि कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत सोमवार दोपहर पत्रकार वार्ता में डीएम श्री सुमन ने कहा कि पर्यटन से संबंधित मुख्यालय व जनपद होने के नाते पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं व अनुभव प्रदान करने, नैनी झील के जल को संरक्षित करने के कार्य प्राथमिकता में होंगे, जबकि आसन्न नगर निकाय चुनाव कराना पहली चुनौती होगी। बोले, सकारात्मक कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। नगर के लिए जल्द ही बेहतर यातायात योजना बनाई जाएगी। बताया कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा के तहत हर खास व आम व्यक्ति का फोन सुनते हैं, और नहीं सुनने पर कॉल बैक भी करते हैं। उन्होंने सरकार की ई-ऑक्शन के जरिये हो रही खनन पट्टों की नीलामी, पहली बार प्रदेश में 400 चिकित्सकों की तैनाती व टेलीमेडिसिन की सुविधा जैसी योजनाओं की प्रशंसा भी की। इस मौके पर अपर निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी गोविंद बिष्ट आदि भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : विनोद कुमार सुमन ने नैनीताल डीएम के रूप में संभाला कार्यभार

नैनीताल, 25 मार्च 2018। 1997 बैच के पीसीएस व 2008 बैच के आईएएस अधिकारी विनोद कुमार सुमन ने रविवार देर रात्रि नैनीताल के उत्तराखंड बनने के बाद 16वें, और 1893 में नैनीताल जनपद के अस्तित्व में आने के बाद से 79वें डीएम के रूप में देर शाम कार्यभार ग्रहण कर लिया। देर रात्रि कार्यभार ग्रहण करने का कारण रविवार को नवरात्र का आखिरी दिन व रामनवमी होना बताया जा रहा है। इससे पूर्व श्री सुमन के शाम छह बजे कार्यभार ग्रहण करने की सूचना प्राप्त हुई, लेकिन उनके पहुंचने में काफी विलंब हुआ। इधर जिला कलक्ट्रेट में एडीएम हरबीर सिंह, प्रभारी अधिकारी अशोक जोशी, एसडीएम प्रमोद कुमार, उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी गोविंद सिंह बिष्ट एवं डीएम के वैयक्तिक अधिकारी कवींद्र पांडे एवं कोषागार के अधिकारी-कर्मचारी डीएम की अगवानी के लिए मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी का 24 मार्च 2018 को शासन में तबादला कर दिया गया था। उनकी जगह शासन से अपर सचिव विनोद कुमार सुमन को नैनीताल का जिलाधिकारी बनाकर भेजा गया है। शनिवार को अपर सचिव कार्मिक भूपाल सिंह मनराल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया था। आदेश के अनुसार श्री चौधरी को शासन में अब तक सुमन द्वारा देखे जा रहे शहरी विकास विभाग में अपर सचिव व निदेशक पदों की जिम्मेदारी दी गयी है।

अल्मोड़ा व चमोली के जिलाधिकारी रह चुके व अब नैनीताल के डीएम बनाने जा रहे व यहाँ कुमाऊँ मंडल विकास निगम के जीएम के पद पर भी रह चुके 1997 बैच के पीसीएस व 2008 बैच के आईएएस अधिकारी विनोद कुमार सुमन नैनीताल के उत्तराखंड बनने के बाद 16वें, और 1893 में नैनीताल जनपद के अस्तित्व में आने के बाद से 79वें डीएम बने हैं। 

नैनीताल जिले के अब तक के डीएम :

चौधरी इसलिए लौट रहे शासन 

यह इत्तफ़ाक ही कहा जा रहा है कि डीएम चौधरी का तबादला एक दिन पूर्व नगर में यातायात सुधार हेतु मॉल रोड को अपराह्न 4 से 8 बजे तक बंद करने सहित कई निर्णय लेने और कुछ ही घंटे बाद इस निर्णय को वापस लेने की पृष्ठभूमि में हुआ है। हालाँकि यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले ही मुख्यमंत्री से मिलकर ‘फील्ड’ में न रहने की दरखास्त की थी। इसका कारण उनकी वृद्ध माता का स्वास्थ्य खराब होना बताया गया है।

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अगर इंसान जिंदगी में कुछ हासिल करने की ठान ले तो बड़ी से बड़ी कठिनाई उसकी राह नहीं रोक सकती, बस इसके लिए इरादा पक्का और हौसले बुलंद होने चाहिए।

सुमन की सफलता की कहानी आज के युवाओं को प्रेरणा दे सकती है। उत्तर प्रदेश के भदोही के पास जखांऊ गांव के रहने वाले विनोद कुमार सुमन ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई विभूति नारायण राजकीय इंटर कालेज ज्ञानपुर (भदोही) से की। इंटरमीडिएट करने के बाद अपने ही दम पर मंजिल पाने के जुनून में भदोही से अपने माता-पिता को छोड़कर श्रीनगर गढ़वाल निकल आए थे और वहां कई महीने मजदूरी करके गुजारा किया। आगे उन्होंने श्रीनगर में कठिन संघर्ष करके ग्रेजुएशन किया और आखिरकार पीसीएस की परीक्षा में सफल हुए। 

स्नातक में परिजनों ने इलाहाबाद में प्रवेश दिलाया लेकिन उनका मन नहीं लगा। वह सोचते थे कि वहां रहकर प्रशासनिक सेवा में सफल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने पढ़ाई के लिए बाहर जाने की इच्छा जताई लेकिन घर के लोग राजी नहीं हुए। इस पर उन्होंने अपने ही दम पर कुछ करने की ठान ली।

वे बताते हैं कि वह कुछ बनने के लिए घर से निकले थे। उन्होंने इंटरमीडिएट करने के बाद ही तय कर लिया था कि एक न एक दिन प्रशासनिक सेवा में सफल होकर दिखाएंगे।

पारिवारिक पृष्ठभूमि को वे इन शब्दों में बयां करते हैं ‘पिता खेती के साथ ही कालीन बुनते हैं। पांच भाई और दो बहनों में मैं सबसे बड़ा था। जाहिर है परिवार की जिम्मेदारी में पिता का हाथ बंटाना मेरा फर्ज भी था।’ 1987 में विभूति नारायण राजकीय इंटर कालेज ज्ञानपुर से इंटर पास करने के बाद समस्या आई आगे की पढ़ाई की। बहुत मुश्किल हालात में स्नातक के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। विवि में प्रवेश के बाद उनके सामने पैसों की दिक्कत खड़ी हो गई। घर से कभी मनीआर्डर आता था कभी नहीं। ऐसे में उन्होंने खुद के दम पर कुछ करने की ठानी। वे किसी को बिना बताए पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर शहर आ गए और घर पत्र भेज बता दिया कि उन्हें तलाशने की कोशिश न करें।

सुमन 1989 के उन दिनों को याद कर बताते हैं कि श्रीनगर पहुंचे तो जेब के पैसे खत्म हो चुके थे। वह एक मंदिर में पहुंचे और पुजारी से शरण मांगी। अगले दिन वह काम की तलाश में निकले। उन दिनों श्रीनगर में एक सुलभ शौचालय का निर्माण चल रहा था। ठेकेदार से मिन्नत के बाद वह वहां मजूदरी करने लगे। मजदूरी के तौर पर उन्हें 25 रुपये रोज मिलते थे। 

संघर्ष के दिनों को याद करते हुए सुमन बतातें हैं “करीब एक माह तक वे एक चादर और बोरे के सहारे मंदिर के बरामदे में रातें बिताई। इस दौरान मजदूरी से मिले पैसों से कुछ भी खा लेते थे।”

इस बीच उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय में बीए में प्रवेश भी ले लिया, और गणित, सांख्यिकी और इतिहास विषय लिए। किसी तरह दोनों काम साथ चलते रहे। उनकी गणित अच्छी थी। इसलिए उन्होंने रात में ट्यूशन पढ़ाने का निश्चय किया। पूरे दिन मजदूरी करते और रात को ट्यूशन पढ़ाते। धीरे-धीरे उनकी आर्थिक हालात कुछ ठीक हुए तो उन्होंने घर पर पैसे भेजने शुरू कर दिए। वर्ष 1992 में प्रथम श्रेणी में बीए करने के बाद सुमन ने पिता की सलाह पर इलाहाबाद लौटने का निश्चय किया और यहां इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राचीन इतिहास में एमए किया। इसके बाद 1995 में उन्होंने लोक प्रशासन में डिप्लोमा किया, और प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गये। इसी बीच उनकी महालेखाकार कार्यालय में लेखाकार के पद पर नौकरी लग गई। नौकरी लगने के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखा और 1997 में उनका पीसीएस में चयन हुआ और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

तमाम महत्वपूर्ण पदों पर सेवा देने के बाद 2008 में सुमन को आइएएस कैडर मिल गया। नवंबर 2015 में चमोली का जिलाधिकारी बनते ही सुमन ने देखा कि दूर-दराज के छात्र मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र के लिए जिला मुख्यालय गोपेश्वर में भटक रहे हैं। उन्होंने आदेश दिया कि दूर दराज के स्कूलों में प्रमाण पत्र वहीं वितरित किए जाएं। अब बच्चों को गोपेश्वर नहीं आना पड़ता। वह देहरादून में एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा कई जिलों में एडीएम गन्ना आयुक्त, निदेशक समाज कल्याण सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

सुमन का मानना है, “अगर दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी कठिनाई इंसान को नहीं डिगा सकती।” अपने लक्ष्य को लेकर सुमन दृढ़-संकल्प होकर डटे रहे और अंत में सफलता का स्वाद चखा। उनकी सफलता से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि जिंदगी की राह में हमें अनगिनत बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, हमें उसका डटकर मुकाबला करने की जरुरत है न कि हार मान लेने का।

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