नवीन समाचार, देहरादून, 24 अगस्त 2026 (Rate of Growth in Voters-SIR-Politics)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच 2002 से 2022 तक के विधानसभा चुनावों के मतदाता आंकड़ों का विश्लेषण एक अलग तस्वीर सामने रखता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस (Congress) सरकार के दोनों पांच-वर्षीय कार्यकाल में मतदाताओं की संख्या में दोहरे अंक में वृद्धि हुई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के दोनों कार्यकाल में यह वृद्धि एकल अंक में रही। भाजपा ने इसे कथित फर्जी मतदाताओं से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस ने बूथवार प्रमाण देने की चुनौती दी है।
कांग्रेस के दोनों कार्यकाल में ज्यादा बढ़े मतदाता
2002 से 2007 के बीच उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार थी और एनडी तिवारी मुख्यमंत्री थे। इस अवधि में राज्य में करीब 7.15 लाख मतदाता बढ़े। इसके बाद 2007 से 2012 तक भाजपा सरकार के दौरान करीब 3.92 लाख मतदाताओं की वृद्धि हुई।
2012 से 2017 के बीच फिर कांग्रेस सत्ता में रही। इस दौरान 12.29 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े। वहीं 2017 से 2022 तक भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 6.60 लाख मतदाताओं की वृद्धि हुई।
इस तरह उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस के दोनों कार्यकाल में पांच वर्षों के दौरान बढ़ने वाले मतदाताओं की संख्या भाजपा के दोनों कार्यकाल की तुलना में अधिक रही। प्रतिशत के स्तर पर भी कांग्रेस के कार्यकाल में वृद्धि अधिक बताई गई है।
हालांकि, केवल सरकार के कार्यकाल और मतदाता वृद्धि के बीच सीधे तौर पर किसी राजनीतिक कारण का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। मतदाता संख्या में बदलाव के पीछे 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं का जुड़ना, दूसरे राज्यों से लोगों का आना, शहरीकरण, पलायन, मृत्यु के बाद नाम हटना, डुप्लीकेट नामों का विलोपन और मतदाता सूची का नियमित पुनरीक्षण जैसे कई कारण हो सकते हैं।
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता
2002 से 2007 के बीच सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक 54.75 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। संख्या के लिहाज से डोईवाला में 41,880 मतदाता जुड़े। रुद्रपुर-किच्छा, हल्द्वानी, ऋषिकेश, विकासनगर और लक्ष्मण चौक जैसी सीटें भी अधिक वृद्धि वाले क्षेत्रों में शामिल रहीं।
2012 से 2017 के कांग्रेस कार्यकाल में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 52.54 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि बताई गई। इसके बाद रायपुर में 37.48 प्रतिशत, सहसपुर में 33.52 प्रतिशत तथा डोईवाला और रुद्रपुर में 33.31 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई।
2017 से 2022 के भाजपा कार्यकाल में कुल मतदाता वृद्धि 8.68 प्रतिशत रही। इस दौरान रुद्रपुर 20.98 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद गदरपुर में 18.81 प्रतिशत, काशीपुर में 17.34 प्रतिशत, डोईवाला में 17.26 प्रतिशत और कालाढूंगी में 16.69 प्रतिशत वृद्धि बताई गई। इस अवधि के सर्वाधिक वृद्धि वाले क्षेत्रों में अधिकांश सीटें मैदानी और तराई क्षेत्र की रहीं।
भाजपा ने फर्जी वोटरों का आरोप लगाया, कांग्रेस ने मांगा बूथवार प्रमाण
इन आंकड़ों को लेकर भाजपा प्रवक्ता हनी पाठक ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस SIR का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि उसके द्वारा बनाए गए कथित फर्जी वोटर अब हटाए जा रहे हैं।
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने इस आरोप को चुनौती देते हुए कहा कि यदि फर्जी वोटर बनाए गए हैं तो भाजपा को बूथवार प्रमाण सामने लाने चाहिए। उनका कहना है कि केवल हवा में आरोप लगाना उचित नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषक संजीव कंडवाल ने मतदाता संख्या में होने वाली वृद्धि और कमी दोनों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मतदाताओं की संख्या में वृद्धि के दौरान भी शंका होना स्वाभाविक है और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना केवल निर्वाचन आयोग ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों की भी जिम्मेदारी है।
SIR में 8.41 लाख मतदाताओं के फॉर्म सत्यापित नहीं हुए
वर्तमान SIR के दौरान उत्तराखंड में 8,41,020 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form-UEF) सत्यापित नहीं हो सके हैं। यह करीब 79.60 लाख मतदाताओं की कुल संख्या का 10.56 प्रतिशत है।
हालांकि इन 8.41 लाख मामलों को सीधे मतदाता सूची से हटाए गए नाम नहीं माना जा सकता। इनमें स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए लोग, अनुपस्थित मतदाता और मृत व्यक्तियों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। दावा-आपत्ति और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कितने नाम वास्तव में हटाए जाएंगे और कितने मतदाता सूची में बने रहेंगे।
जिलेवार आंकड़ों में देहरादून (Dehradun) में 1,90,815 और ऊधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar) में 1,82,162 UEF मामले सामने आए हैं। रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) में ऐसे मामलों की संख्या 10,902 बताई गई है।
SIR के अंतिम परिणाम पर टिकी नजर
फिलहाल SIR की अंतिम तस्वीर सामने आना बाकी है। इसलिए पुराने चुनावी आंकड़ों में मतदाता वृद्धि और मौजूदा SIR में सत्यापन नहीं हो पाने वाले मामलों को सीधे जोड़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अंतिम रूप से यह महत्वपूर्ण होगा कि दावा-आपत्ति और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कितने नाम मतदाता सूची से हटते हैं, कितने नाम दोबारा शामिल होते हैं और किन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता संख्या में सबसे बड़ा बदलाव आता है। यही आंकड़े SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को वास्तविक आधार उपलब्ध करा सकेंगे।
Tags:
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Rate of Growth in Voters-SIR-Politics) :
Rate of Growth in Voters-SIR-Politics, Uttarakhand News, Dehradun News, SIR Uttarakhand, Special Intensive Revision, Uttarakhand Voter List, Voter List Revision, Congress Uttarakhand, BJP Uttarakhand, Voter Growth Uttarakhand, Uttarakhand Election News, Uttarakhand Electoral Roll, Fake Voter Allegation, Voter Verification, Election Commission Uttarakhand, Enumeration Form, UEF Uttarakhand, Dehradun Voter List, Udham Singh Nagar Voter List, Rudraprayag Voter List, Uttarakhand Politics, Congress BJP Debate, SIR Controversy, Electoral Roll Revision, Uttarakhand Assembly Elections, Navin Samachar, #UttarakhandNews #DehradunNews #SIR #SpecialIntensiveRevision #VoterList #VoterVerification #UttarakhandPolitics #Congress #BJP #ElectionCommission #ElectoralRoll #FakeVoter #VoterGrowth #EnumerationForm #UEF #UttarakhandElection #Dehradun #UdhamSinghNagar #Rudraprayag #NavinSamachar

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
























3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।