नवीन समाचार, चमोली, 20 अगस्त 2026 (Schoool Holidays Due to Menace of Dogs)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में अब तक आपदा, बारिश-बर्फबारी, बाघ, गुलदार व भालू के कारण विद्यालयों में अवकाश घोषित किए जाते रहे हैं, लेकिन अब राज्य के चमोली (Chamoli) जनपद के नारायणबगड़ (Narayanbagarh) क्षेत्र में आक्रामक कुत्तों के लगातार हमलों के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 10 विद्यालयों में 20 से 23 अगस्त तक 4 दिन का अवकाश घोषित किया है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले 600 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रखने की व्यवस्था की गयी है।
पिछले कुछ दिनों में स्कूली बच्चों सहित कई लोगों के कुत्तों के हमले में घायल होने के बाद वन विभाग, पशुपालन विभाग, तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें कुत्तों को पकड़ने और उनका उपचार व टीकाकरण करने में जुटी हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर के राजौरी में कुत्तों के हमलों के चलते 8 ग्राम पंचायतों के स्कूल एक दिन के लिए बंद किए गए थे और लोगों की सुरक्षा के लिए CRPF की तैनाती तक करनी पड़ी थी।
जिलाधिकारी गौरव कुमार (Gaurav Kumar) के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (Chief Education Officer-CEO) आकाश सरस्वत (Akash Saraswat) ने नारायणबगड़ विकासखंड के सड़क के निकट स्थित 10 विद्यालयों में अवकाश का आदेश जारी किया।
हालांकि उपलब्ध जानकारी के अलग-अलग विवरणों में अवकाश की अवधि को लेकर अंतर है और बाद के विवरण में इसे चार दिन से घटाकर दो दिन किये जाने की बात कही गयी है। प्रशासन की प्राथमिकता विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को आक्रामक कुत्तों के संभावित हमले से सुरक्षित रखना है। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था की गयी है।
बच्चों पर हमलों के बाद बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। रविवार और सोमवार को तीन लोगों के कुत्तों के हमले में घायल होने की जानकारी दी गयी। मंगलवार को स्कूली बच्चों सहित चार लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि बुधवार को तीन स्कूली बच्चों सहित चार अन्य लोगों पर हमले की जानकारी सामने आयी। घायल दीपांशु बिष्ट (Deepanshu Bisht), मानवी (Manvi), वैष्णवी (Vaishnavi), मजदूर प्रकाश (Prakash) और पंती गांव की लक्ष्मी (Lakshmi) सहित घायलों को चिकित्सालय ले जाया गया, जहां एंटी-रेबीज (Anti-Rabies) इंजेक्शन लगाये गये।
उत्तरांचल विद्या निकेतन (Uttaranchal Vidya Niketan) के प्रधानाचार्य डीएस रावत (DS Rawat) के अनुसार बुधवार को विद्यालय के दो विद्यार्थियों को कुत्तों ने काट लिया। इन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सालय पहुंचाने के साथ पुलिस को भी सूचना दी। लगातार घटनाओं के कारण बच्चों में विद्यालय आने-जाने को लेकर भय बढ़ा है और अभिभावक भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
लोग डंडे लेकर निकल रहे
कुत्तों के हमलों से स्थानीय लोगों में भी चिंता का वातावरण है। लोगों के अनुसार बाजार में मंगलवार को एक आक्रामक कुत्ते ने पांच लोगों को काट लिया और अन्य कुत्तों तथा मवेशियों पर भी हमला किया। इससे क्षेत्र में कुत्तों के व्यवहार को लेकर आशंका बढ़ी। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि एक कुत्ते के काटने से अन्य कुत्ते भी आक्रामक हुए, लेकिन इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग घर से बाहर निकलते समय डंडे साथ ले जा रहे हैं। कुछ कुत्तों को लोगों ने डंडों से पीटकर मारने की बात भी कही है। ऐसी स्थिति में प्रशासन के सामने एक ओर लोगों की सुरक्षा और दूसरी ओर पशु कल्याण से जुड़े नियमों के पालन की चुनौती भी है।
17 सदस्यीय संयुक्त टीम चला रही अभियान
आक्रामक कुत्तों को पकड़ने के लिए वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम (Quick Response Team-QRT) के नेतृत्व में संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार टीम में वन विभाग के पांच, पशुपालन विभाग के चार और तहसील के चार कर्मचारी शामिल हैं। इसके साथ दो से तीन पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। अभियान की निगरानी उपजिलाधिकारी यदवीर सिंह (Yadveer Singh) कर रहे हैं।
कुत्तों को जाल की सहायता से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक तीन कुत्तों को पकड़े जाने की जानकारी है। पशुपालन विभाग ने नारायणबगड़ पशु चिकित्सालय में दो शिविर भी शुरू किये हैं। पकड़े गये कुत्तों का टीकाकरण और उपचार किया जा रहा है। लोगों से अपने पालतू कुत्तों का भी टीकाकरण कराने की अपील की गयी है।
कुत्तों का टीकाकरण और निगरानी
चमोली के पशु चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र सिंह बिष्ट (Devendra Singh Bisht) के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र में अब तक 22 कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त दो गाय और एक बछड़े का भी टीकाकरण किया गया है। पैठाणी (Paithani) और मीन गदेरे (Meen Gadere) क्षेत्र में भी शिविर लगाकर कुत्तों की निगरानी और टीकाकरण किया जा रहा है।
पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार कुत्तों के प्रजनन काल में उनके व्यवहार में आक्रामकता बढ़ने की आशंका हो सकती है। हालांकि वर्तमान घटनाओं का कारण केवल यही है, यह अभी स्थापित नहीं हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग पकड़े गये कुत्तों के स्वास्थ्य तथा व्यवहार की जांच के साथ क्षेत्र में अन्य आक्रामक कुत्तों की पहचान करने में जुटे हैं।
इन 10 विद्यालयों में अवकाश, ऑनलाइन पढ़ाई जारी
मुख्य शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र के जिन विद्यालयों में अवकाश की घोषणा की गयी है, उनमें राजकीय इंटर कॉलेज (Government Inter College), राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (Government Girls Inter College), सरस्वती शिशु मंदिर (Saraswati Shishu Mandir), उत्तरांचल विद्या निकेतन, राजकीय प्राथमिक विद्यालय (Government Primary School), श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल पंती (Shri Guru Ram Rai Public School Panti), राजकीय प्राथमिक विद्यालय नलगांव (Government Primary School Nalgांव), राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नलगांव (Government Upper Primary School Nalgांव), मॉडर्न चिल्ड्रंस एकेडमी (Modern Children’s Academy) और उत्तराखंड विद्यालय निकेतन (Uttarakhand Vidya Niketan) शामिल हैं।
अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जानी हैं। आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और उप शिक्षा अधिकारी को दी गयी है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी इस अवधि में बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
जिलाधिकारी ने बताया एहतियाती कदम
जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों की जानकारी मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से दी गयी थी। इसके बाद बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विद्यालयों में अवकाश घोषित करने के निर्देश दिये गये। प्रशासन की कोशिश है कि कुत्तों को नियंत्रित करने तक बच्चों को संभावित खतरे वाले मार्गों और क्षेत्रों से दूर रखा जाए।
इस मामले में ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला (Ganesh Chandola) ने भी जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर नारायणबगड़ क्षेत्र के लोगों को कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की।
आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर उठे प्रश्न
आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और हमलों की घटनाओं ने स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी पर भी प्रश्न खड़े किये हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवारा कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी कराने, टीकाकरण और आवश्यकता पड़ने पर आश्रय देने की व्यवस्था स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी से जुड़ी है। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशों में भी आवारा कुत्तों के प्रबंधन, नसबंदी और आश्रय जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।
नारायणबगड़ की वर्तमान स्थिति यह प्रश्न भी सामने लाती है कि पर्वतीय क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। केवल किसी घटना के बाद अभियान चलाने के बजाय नियमित नसबंदी, टीकाकरण, कुत्तों की पहचान, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और पशु चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी हो सकता है।
पहले राजौरी में भी बंद हुए थे स्कूल
आक्रामक कुत्तों के कारण विद्यालय बंद करने की घटना को दुर्लभ स्थिति के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के राजौरी (Rajouri) में भी कुत्तों के हमलों के कारण आठ ग्राम पंचायतों के विद्यालयों को एक दिन के लिए बंद किया गया था। वहां लोगों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (Central Reserve Police Force-CRPF) की तैनाती की जानकारी भी सामने आयी थी।
नारायणबगड़ में अभी प्रशासन का ध्यान कुत्तों को पकड़ने, उनका टीकाकरण और उपचार करने तथा संभावित रूप से आक्रामक अन्य कुत्तों की पहचान करने पर है। तीन कुत्तों के पकड़े जाने के बाद भी अभियान जारी है। अब स्थिति सामान्य होने और बच्चों के लिए रास्तों को सुरक्षित माने जाने के बाद विद्यालयों में नियमित ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल यह घटना केवल विद्यालय बंद होने तक सीमित नहीं है। यह पर्वतीय क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के प्रबंधन, रेबीज से बचाव, पशु चिकित्सा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी नीति की आवश्यकता भी सामने लाती है। क्या वर्तमान संयुक्त अभियान से नारायणबगड़ में स्थिति स्थायी रूप से नियंत्रित हो पाएगी और क्या इसके बाद ऐसे क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के लिए नियमित व्यवस्था विकसित होगी, यह प्रशासन के सामने अगली महत्वपूर्ण चुनौती है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Schoool Holidays Due to Menace of Dogs) :
Schoool Holidays Due to Menace of Dogs, Uttarakhand News, Chamoli News, Narayanbagarh News, Dog Attack Uttarakhand, Stray Dog Attack Chamoli, School Holiday Chamoli, Dog Bite News Uttarakhand, Anti Rabies Vaccination, Uttarakhand School News, Chamoli Administration, Stray Dog Control, Dog Attack Narayanbagarh, #Chamoli #Narayanbagarh #Uttarakhand #DogAttack #StrayDogs #SchoolNews #Rabies #NavinSamachar,

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
