नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अगस्त 2026 (Action on Homestays in Nainital)। उत्तराखंड (UTTARAKHAND) के नैनीताल (NAINITAL) जनपद में पर्यटन (Tourism) गतिविधियों से जुड़े होम स्टे (Homestay) संचालन में नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी (District Magistrate-DM) के निर्देश पर पर्यटन विभाग (Tourism Department) ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी (District Tourism Development Officer) कीर्ति चंद्र आर्य (Kirti Chandra Arya) के नेतृत्व में गुरुवार को जनपद की 22 होम स्टे (Homestay) इकाइयों का भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) किया।
इनमें चार इकाइयां बिना पंजीकरण (Registration) संचालित मिलीं, जिन पर प्रति इकाई 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड (Fine) लगाया गया, जबकि नियमावली (Rules) के प्रावधानों का उल्लंघन मिलने पर चार अन्य इकाइयों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
निरीक्षण की कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब नैनीताल जनपद में होम स्टे (Homestay) पर्यटन (Tourism) के साथ स्थानीय लोगों की आय और रोजगार का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में होम स्टे इकाइयों का नियमित भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई (Action as per Rules) की जाएगी।
बिना पंजीकरण मिलीं चार इकाइयों पर लगाया जुर्माना
पर्यटन विभाग की जांच में मीजो हाउस (Mizo House), बारबन होम स्टे (Barban Homestay), अरोहा स्टेज (Aroha Stage) और दि लेक हाउस (The Lake House) बिना पंजीकरण संचालित पाये गये। विभाग ने इन चारों इकाइयों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड (Fine) लगाया है।
वहीं हिमनन्दी होम स्टे (Himnandi Homestay), एसके होम स्टे (SK Homestay), लेक पैराडाइज होम स्टे (Lake Paradise Homestay) और ग्रीन होम होम स्टे (Green Home Homestay) में नियमावली (Rules) के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इन चारों इकाइयों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
छह इकाइयां नियमों के अनुरूप मिलीं, आठ बंद
निरीक्षण के दौरान टाउन हिल होम स्टे (Town Hill Homestay), दि पैरीविन्कल होम स्टे (The Periwinkle Homestay), लेक व्यू होम स्टे (Lake View Homestay), भुवन गिरी होम स्टे (Bhuvan Giri Homestay), किरण होम स्टे (Kiran Homestay) और बुद्धि सरन होम स्टे (Budhi Saran Homestay) नियमों के अनुरूप संचालित पाये गये।
इसके अलावा आठ होम स्टे (Homestay) इकाइयां निरीक्षण के दौरान बंद मिलीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन बंद इकाइयों के संबंध में तत्काल किसी दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया गया है।
पर्यटन विभाग ने कहा है कि निरीक्षण केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। जनपद में संचालित होम स्टे इकाइयों की नियमित जांच (Regular Inspection) की जाएगी और पंजीकरण, संचालन तथा निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से 99.32 लाख की परियोजना, होटल शुरू कर आत्मनिर्भर बने प्रशांत
उत्तराखंड (UTTARAKHAND) में पर्यटन (Tourism) आधारित स्वरोजगार (Self Employment) को बढ़ावा देने के लिए संचालित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना (Veer Chandra Singh Garhwali Tourism Self Employment Scheme) युवाओं को अपना व्यवसाय (Business) शुरू करने का अवसर दे रही है। हल्द्वानी (Haldwani) के ऊंचापुल (Unchapul) निवासी प्रशांत बडसीलिया (Prashant Badsilia) ने योजना के तहत लगभग 99.32 लाख रुपये की परियोजना (Project) से होटल (Hotel) शुरू कर आत्मनिर्भर बनने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन (Employment Generation) का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्रशांत के अनुसार योजना से मिले सहयोग (Financial Support) से उन्हें होटल व्यवसाय (Hotel Business) शुरू करने का अवसर मिला और अब नियमित आय (Regular Income) के साथ उनका कारोबार भी आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि नैनीताल (Nainital), भीमताल (Bhimtal) और मुक्तेश्वर (Mukteshwar) जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों (Tourist Destinations) का प्रवेश द्वार (Gateway) होने के कारण हल्द्वानी में होटल व्यवसाय की अच्छी संभावनाएं हैं और उनके प्रतिष्ठान को भी इसका लाभ मिल रहा है।
योजना से स्वरोजगार के साथ रोजगार सृजन का अवसर
प्रशांत का कहना है कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना युवाओं को नौकरी तलाशने (Job Seeking) के बजाय अपना उद्यम (Enterprise) स्थापित करने के लिए प्रेरित कर रही है। पर्यटन क्षेत्र में होटल जैसे व्यवसाय शुरू होने से संबंधित व्यक्ति को स्वरोजगार मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
राज्य सरकार (State Government) का उद्देश्य पर्यटन संसाधनों (Tourism Resources) को स्थानीय युवाओं की आजीविका (Livelihood) से जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना और स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को मजबूत करना है। प्रशांत का होटल इसी उद्देश्य के तहत पर्यटन आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं का उदाहरण बनकर सामने आया है।
हल्द्वानी की भौगोलिक स्थिति भी होटल व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कुमाऊं (Kumaun) के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए हल्द्वानी एक प्रमुख प्रवेश बिंदु है। नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच के कारण यहां ठहरने, खानपान और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े व्यवसायों की संभावनाएं बनी रहती हैं।
प्रशांत के अनुसार योजना के सहयोग से उन्हें इसी संभावना को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिला। उनका अनुभव यह बताता है कि यदि पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध वित्तीय योजनाओं (Financial Schemes) और स्थानीय पर्यटन संभावनाओं को जोड़ा जाए तो युवा नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं उद्यम शुरू कर सकते हैं।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण
उत्तराखंड (Uttarakhand) की अर्थव्यवस्था में पर्यटन (Tourism) की महत्वपूर्ण भूमिका है और पर्वतीय क्षेत्रों के साथ मैदानी प्रवेश क्षेत्रों में भी पर्यटन से जुड़े होटल, होम स्टे, परिवहन और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। ऐसे में सरकारी स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को पर्यटन व्यवसाय से जोड़ना पलायन (Migration) को कम करने और स्थानीय स्तर पर आय के साधन बढ़ाने की दिशा में उपयोगी हो सकता है।
प्रशांत का मामला इसी मॉडल का एक उदाहरण है, जहां लगभग एक करोड़ रुपये के स्तर की परियोजना के माध्यम से होटल व्यवसाय शुरू किया गया है। हालांकि योजना के व्यापक प्रभाव का आकलन केवल एक उदाहरण के आधार पर नहीं किया जा सकता, लेकिन ऐसे उद्यम पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय भागीदारी (Local Participation) बढ़ाने की संभावना जरूर दिखाते हैं।
प्रशांत की सफलता को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन (Effective Implementation) और पर्यटन क्षेत्र में स्वरोजगार (Tourism Self Employment) की दिशा में प्रेरक उदाहरण माना जा रहा है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
