नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अगस्त 2026 (Scheduled Caste Certificate Cancelled)। उत्तराखंड (UTTARAKHAND) के नैनीताल (NAINITAL) जनपद में संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) के आधार पर नियुक्ति के मामले में जिलाधिकारी (District Magistrate-DM) ललित मोहन रयाल (Lalit Mohan Rayal) ने कार्रवाई की है। ग्राम खैराना (Khairana) सितारगंज (Sitarganj) निवासी अनिल कुमार कंबोज (Anil Kumar Kamboj) की शिकायत पर हुई जांच के बाद जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी (District Level Scrutiny Committee) की संस्तुति पर होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी (Homoeopathic Medical Officer) डॉ. मनीषा कायथ (Dr. Manisha Kayath) को हल्द्वानी तहसील (Haldwani Tehsil) से 22 जनवरी 2014 को जारी अनुसूचित जाति (Scheduled Caste-SC) प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है।
हिमाचल में जारी प्रमाण पत्र के बाद उत्तराखंड से लिया SC प्रमाण पत्र
प्रशासन ने तहसीलदार हल्द्वानी (Tehsildar Haldwani) को प्रमाण पत्र जब्त (Seize) करने के निर्देश दिए हैं और संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई के लिए पत्र भेजे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच में सामने आया है कि डॉ. मनीषा कायथ का मूल निवास (Permanent Residence) हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन (Solan) जनपद में है। प्रशासन की जांच के अनुसार डॉ. मनीषा कायथ को तहसीलदार कसौली (Tehsildar Kasauli) ने 11 अक्टूबर 1999 को हिमाचल प्रदेश की छिब्बे (Chhibbe) जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया था।
विवाह के बाद उन्होंने उत्तराखंड में अनुसूचित जाति आरक्षण (Scheduled Caste Reservation) का लाभ लेने के लिए हल्द्वानी तहसील से 22 जनवरी 2014 को उत्तराखंड की धोबी (Dhobi) जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इस प्रमाण पत्र की संख्या 040201400069/266 है। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उनका चयन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (Uttarakhand Medical Service Selection Board) के माध्यम से होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के पद पर हुआ था। वर्तमान में डॉ. कायथ चंपावत (Champawat) जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Primary Health Centre-PHC) पाटी (Pati) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission-NHM) के तहत संविदा (Contract) पर कार्यरत हैं।
3 अगस्त को हुई स्क्रूटनी कमेटी की बैठक
प्रकरण की सुनवाई और जांच के लिए 3 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी (District Level Scrutiny Committee) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन (Additional District Magistrate-Administration), सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी (City Magistrate Haldwani), जिला समाज कल्याण अधिकारी नैनीताल (District Social Welfare Officer Nainital) और जिला होम्योपैथिक अधिकारी चंपावत (District Homoeopathic Officer Champawat) ने मामले की समीक्षा की।
कमेटी ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और लागू कानूनी व्यवस्थाओं की जांच के साथ सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के Ranjana Kumari Vs State of Uttaranchal (2013) तथा उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhand High Court) के Smt. Anshu Sagar Vs State of Uttarakhand (2025) के मामलों में दिए गए निर्णयों का भी परीक्षण किया।
अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ लेने के लिए यह हैं नियम
कमेटी के अनुसार इन न्यायिक व्यवस्थाओं (Judicial Decisions) में यह स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ संबंधित व्यक्ति के मूल राज्य (Original State) से जुड़ा होने के आधार पर राज्य की सेवाओं में अनुमन्य होता है। विवाह के बाद दूसरे राज्य में स्थानांतरण (Migration) के आधार पर वहां की राज्य सेवाओं में अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ लेने की व्यवस्था नहीं है।
प्रमाण पत्र निरस्त, जब्त करने के निर्देश
जांच और न्यायिक व्यवस्थाओं के परीक्षण के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी तहसील से 22 जनवरी 2014 को जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र संख्या 040201400069/266 को निरस्त (Cancelled) कर दिया। जिलाधिकारी ने तहसीलदार हल्द्वानी को निरस्त प्रमाण पत्र जब्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रकरण का निस्तारण (Disposal of Case) करने के बाद संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई (Further Action) के लिए पत्र भी भेजे गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद अब संबंधित विभागों की ओर से नियुक्ति और सेवा से जुड़े पहलुओं पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जानी है। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि डॉ. कायथ की वर्तमान संविदा सेवा या पूर्व में प्राप्त वेतन एवं अन्य सेवा लाभों के संबंध में संबंधित विभाग क्या निर्णय लेगा।
डीएम बोले- नियमों के अनुरूप पारदर्शी कार्रवाई होगी
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सभी मामलों में पारदर्शिता (Transparency) बनाए रखते हुए नियमों और प्रचलित विधिक व्यवस्थाओं (Legal Provisions) के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
मामले में जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने के बाद संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई के लिए सूचना भेजी गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रमाण पत्र निरस्तीकरण के आधार पर संबंधित नियुक्ति और सेवा से जुड़े मामलों में विभागीय स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags () :
Scheduled Caste Certificate Cancelled, Uttarakhand News, Nainital News, Haldwani News, Caste Certificate Cancellation Uttarakhand, Fake Caste Certificate Case Uttarakhand, Suspicious SC Certificate Nainital, Homoeopathic Medical Officer Uttarakhand, Dr Manisha Kayath Case, Haldwani Tehsil Caste Certificate, District Scrutiny Committee Nainital, Scheduled Caste Certificate Uttarakhand, SC Reservation Uttarakhand Government Jobs, Ranjana Kumari Vs State of Uttaranchal 2013, Anshu Sagar Vs State of Uttarakhand 2025, Uttarakhand Medical Service Selection Board, National Health Mission Champawat, Caste Certificate Verification Uttarakhand, Lalit Mohan Rayal DM Nainital, Caste Reservation Legal Case Uttarakhand, #UttarakhandNews #NainitalNews #HaldwaniNews #CasteCertificate #CasteCertificateCancellation #SCReservation #UttarakhandGovernment #UttarakhandJobs #HomoeopathicDoctor #NainitalAdministration #ScrutinyCommittee #LegalAction #ReservationRules #ChampawatNews #NavinSamachar

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
