नवीन समाचार, चमोली, 30 अक्टूबर 2026 (Major Helicopter Crash in Uttarakhand)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जनपद (Chamoli) में बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) से देहरादून लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन (Trans Bharat Aviation) का एक हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर जोशीमठ घाटी के पास लापता होने के बाद चाई गांव के निकट दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई है। हेलीकॉप्टर में पायलट सहित छह लोग सवार थे। दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई है। देखें घटना का वीडियोः
क्षेत्र में खराब मौसम और बर्फबारी के बीच भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) तथा जिला प्रशासन की टीमें हेलीकॉप्टर और उसमें सवार लोगों का पता लगाने के लिए अभियान चला रही हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई है। मृतकों के शवों को लाया जा रहा है। मृतकों में कर्नाटक पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर अरूण सालुंके सहित सभी यात्री कर्नाटक के और पायलट दिल्ली का है। देखें संबंधित वीडियोः
हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृतकों के नाम
- कैप्टन हिमांशु सभरवाल, (48 वर्ष), निवासी दिल्ली (पायलट)
- प्रतापा, (41 वर्ष), निवासी कर्नाटक
- अरुण सालुंके, (44 वर्ष), निवासी कर्नाटक
- वीबी. शंकर गौड़ा, (39 वर्ष), निवासी
- सुधीर के., (50 वर्ष), निवासी कर्नाटक
- एसएस नटराजा (सभी यात्री कर्नाटक निवासी )
दोपहर 1:12 बजे बदरीनाथ से भरी थी उड़ान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। इसका कॉल साइन VT-HCX बताया गया है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के अनुसार, उड़ान के दौरान जोशीमठ घाटी के ऊपर हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। इसके साथ ही निगरानी प्रणाली (Tracking System) पर भी उसकी स्थिति मिलनी बंद हो गई और उसका सटीक स्थान पता नहीं चल पाया।
इसके बाद चमोली जनपद के चाई गांव के निकट हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। प्रारंभिक जानकारी में इसके चट्टान पर गिरने की आशंका जताई गई। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के अनुसार, जेपी बांध के ऊपर जंगल में सफेद रंग की किसी वस्तु में आग लगी दिखाई देने की सूचना मिली। इसके बाद अन्य हेलीकॉप्टरों को क्षेत्र की रेकी के लिए भेजा गया।
खराब मौसम में भी जारी थी उड़ान
शुक्रवार को खराब मौसम के बाद भी बदरीनाथ के लिए उड़ान जारी थीं। दोपहर एक बजकर पांच मिनट, एक बजकर 12 मिनट, 1.20, 2.10, 2.15 और 2.22 पर चार्टर हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी थी। इनमें से एक बजकर 12 मिनट पर उड़े हेलीकॉप्टर के साथ दुर्घटना हुई, दुर्घटना के बाद भी उड़ानें जारी रहीं। दिनभर में लगभग 12 हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरीं।
सेना, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें खोज में जुटीं
घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ और भारतीय सेना की टीमें सक्रिय हुईं। आईटीबीपी की टीम को भी संभावित दुर्घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम के कारण खोज एवं बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन बिष्ट ने बताया कि मामले में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि पायलट से संपर्क करने का प्रयास किया गया और टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने बचाव अभियान की निगरानी की
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चाई गांव, जोशीमठ के निकट हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रहे हैं और वह स्वयं पूरे घटनाक्रम की निरंतर निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से घायलों को तत्काल हवाई मार्ग से उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों के सकुशल होने की कामना भी की है।
कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को उड़ान से रोका गया
एहतियाती कदम के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को फिलहाल उड़ान से रोकने की सूचना है। यह कदम संभावित जोखिमों की समीक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसके पीछे जारी किए गए औपचारिक आदेश और रोक की अवधि के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना शेष है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, शुक्रवार को बदरीनाथ से देहरादून के लिए दिनभर में लगभग 12 चार्टर हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी थी। इनमें से एक हेलीकॉप्टर दोपहर लगभग 1:05 बजे रवाना होकर देहरादून पहुंचा, जबकि दूसरा लगभग 1:12 से 1:14 बजे के बीच उड़ान भरने के बाद संपर्क से बाहर हो गया। इसके बाद भी दोपहर 2:10, 2:15 और 2:22 बजे उड़ानें होने की जानकारी दी गई है। अन्य हेलीकॉप्टरों के सुरक्षित पहुंचने की सूचनाएं भी सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने पहले ही जारी किया था ऑरेंज अलर्ट
इस घटना के दिन चमोली जनपद के लिए मौसम विभाग ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। 29 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान में 30 अक्टूबर को चमोली सहित नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने, ओलावृष्टि तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी। कुछ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना भी व्यक्त की गई थी।
हालांकि, दुर्घटना का कारण खराब मौसम ही था या इसके पीछे कोई तकनीकी अथवा अन्य कारण था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना के कारणों का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।
इस घटनाक्रम ने खराब मौसम के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन और उड़ान सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, यह तय करने के लिए कि संबंधित उड़ान निर्धारित मौसम संबंधी नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं, आधिकारिक जांच के निष्कर्षों की प्रतीक्षा करनी होगी।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता दुर्घटनास्थल तक पहुंचकर हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की स्थिति का पता लगाना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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