नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2026 (High Court on Nepali Residing in India)। उत्तराखंड (UTTARAKHAND) के नैनीताल (NAINITAL) में नेपाली मूल के लोगों द्वारा कथित रूप से सरकारी और वन भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध दस्तावेज तैयार करने के मामले में उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि नेपाली मूल के लोग किस नीति के अंतर्गत भारत में रह रहे हैं और वे किस प्रक्रिया के माध्यम से भूमि खरीद रहे हैं। न्यायालय ने इस मामले को प्रशासनिक, कानूनी और नागरिकता संबंधी गंभीर विषय मानते हुए विस्तृत जवाब मांगा है।
सरकारी और वन भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
मामले में नैनीताल निवासी याची ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि पिछले कई वर्षों से नेपाल से आये लोगों ने नैनीताल शहर और खुरपाताल क्षेत्र के तोक खाड़ी स्थित बजून चौराहे के आसपास सरकारी और नजूल भूमि पर कब्जा कर आवासीय निर्माण कर लिये हैं। याचिका के अनुसार लगभग 25 परिवार इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि इन लोगों ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं की, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दस्तावेज तैयार करा लिये। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी लिया जा रहा है।
पानी-बिजली कनेक्शन और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोगों ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के साथ पैन कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज तैयार कर लिये हैं। इसके आधार पर पानी और बिजली के कनेक्शन भी प्राप्त किये गये हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन और राज्य सरकार के अधिकारियों को शिकायत दी गयी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।याचिका में यह भी मांग की गयी है कि जिन अधिकारियों ने कथित रूप से ऐसे प्रमाण पत्र जारी किये हैं, उनके विरुद्ध विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
सरकार ने 1950 की व्यवस्था का दिया हवाला
20 मई को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से न्यायालय में शपथ पत्र प्रस्तुत कर कहा गया कि वर्ष 1950 की भारत-नेपाल व्यवस्था के अंतर्गत भारतीय नागरिक नेपाल में और नेपाली नागरिक भारत में निवास तथा रोजगार कर सकते हैं।
हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि यदि कोई नेपाली नागरिक भारत में भूमि खरीदता है, तो उसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ही खरीदना चाहिए। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिकों को नेपाल में समान प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी स्पष्ट नीति
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि नेपाली मूल के लोगों के भारत में निवास और भूमि खरीद से संबंधित कौन-सी स्पष्ट नीति लागू है। न्यायालय ने सरकार को तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल भूमि अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकता, सीमा पार आव्रजन, दस्तावेज सत्यापन और सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण जैसे संवेदनशील विषयों से भी जुड़ा हुआ है। आने वाली सुनवाई में सरकार की नीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर महत्वपूर्ण कानूनी चर्चा होने की संभावना है। पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
