नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जुलाई 2026 (Bail Rejected-Yunus-Bhimtal Love Jihad)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल जनपद (Nainital District) में एक युवती को कथित रूप से अपना नाम और धर्म छिपाकर धोखे में रखने, शारीरिक संबंध बनाने, धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) के लिए दबाव डालने, उत्पीड़न करने तथा 17 लाख रुपये हड़पने के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में न्यायालय (Court) ने आरोपित मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी (Mohammad Yunus alias AMDY) उर्फ बॉबी (Bobby) की जमानत याचिका (Bail Application) निरस्त कर दी है।
अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट-पॉक्सो) (Additional Sessions Judge, Fast Track Special Court-POSCO) नैनीताल (Nainital) के न्यायाधीश सुधीर कुमार तोमर (Sudhir Kumar Tomar) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित को राहत देने से इंकार कर दिया। प्रकरण में आरोपित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita-BNS) की धारा 69, 115 एवं 319, उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2018 (Uttarakhand Freedom of Religion Act-2018) की धारा 3 एवं 5 तथा आयुध अधिनियम (Arms Act) की धारा 4/25 के अंतर्गत अभियोग दर्ज है।
पीड़िता ने नाम और धर्म छिपाने का लगाया आरोप
मामले के अनुसार नैनीताल की एक युवती ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 में आरोपित ने स्वयं को केवल “एमडी” बताकर उससे संपर्क स्थापित किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपित ने लंबे समय तक अपना वास्तविक नाम और धार्मिक पहचान छिपाए रखी तथा स्वयं को किसी धर्म में विश्वास न करने वाला व्यक्ति बताया। पीडिता जब भी आरोपित से उसके नाम व धर्म के बारे में पूछती थी तो वह कहता था, ‘मैं किसी धर्म जाति को नहीं मानता हूँ’ और बात को टाल देता था।
शिकायत के अनुसार इसी दौरान आरोपित ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में वह कथित रूप से युवती से बार बार कहता था कि मेकअप मत करो, हलाल खाओ, उससे फायदे होते हैं और हिन्दू देवी देवताओं के विरुद्ध उल्टी टिप्पणी करके उसे कुरान आदि सुनाकर उसका ब्रेन वॉश करता था। शिकायत के अनुसार उस ए कई महिलाओं के साथ भी धर्म जाति छुपाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाकर भी शारीरिक संबंध बनाये। विशेष प्रकार का भोजन अपनाने, मेकअप न करने, ढीले वस्त्र पहनने और अपने धार्मिक रीति-रिवाजों को अपनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2022 में विवाह को लेकर दबाव बनाने पर आरोपित ने अपना वास्तविक नाम यूनुस बताया, जिसके बाद उसे धोखे का एहसास हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपित ने विभिन्न बहानों से उससे लगभग 17 लाख रुपये प्राप्त किए।
एसआईटी जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में पीड़िता द्वारा पूर्व में उच्च न्यायालय (High Court) में याचिका दायर किए जाने के बाद विशेष जांच दल (Special Investigation Team-SIT) गठित हुई थी। जांच के आधार पर मल्लीताल थाना (Mallital Police Station) में आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार जांच के दौरान अन्य महिलाओं के साथ भी इसी प्रकार के व्यवहार और शोषण के आरोप सामने आए। हालांकि इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
भीमताल में शिकायत के बाद कमरे से बरामद हुआ सामान
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में यह भी कहा कि अप्रैल 2026 में भीमताल (Bhimtal) क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा आरोपी के विरुद्ध शिकायत किए जाने पर पुलिस ने उसके कमरे की जांच की थी। जांच के दौरान कथित रूप से 8 चाकू, एक हथकड़ी, एक लैपटॉप (Laptop), मोबाइल फोन (Mobile Phone), विजिटिंग कार्ड (Visiting Card) और लव लैटर आदि सामग्री बरामद हुई थी। अभियोजन ने इन तथ्यों को आरोपित के आचरण और मामले की गंभीरता से जोड़ते हुए जमानत का विरोध किया।
बचाव पक्ष ने बताया झूठा मुकदमा
दूसरी ओर आरोपित की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार (Sudhir Kumar) ने न्यायालय में तर्क दिया कि आरोपित को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपित का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तथा उसने कभी अपना नाम या धर्म छिपाकर किसी को धोखे में नहीं रखा। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपित स्थानीय निवासी है और उसके फरार होने की कोई संभावना नहीं है।
न्यायालय ने गंभीर माना मामला
न्यायालय ने केस डायरी (Case Diary), धारा-161 के बयान, आरोप पत्र (Charge Sheet) तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले का विचारण अभी प्रारंभिक अवस्था में है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जमानत दिए जाने के पर्याप्त आधार नहीं हैं। इसके बाद आरोपित मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी उर्फ बॉबी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
आगे होगी नियमित सुनवाई
मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। अब न्यायालय में आरोप तय करने और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य एवं तर्क प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
