यह सामग्री कॉपी नहीं हो सकती है, फिर भी चाहिए तो व्हात्सएप से 8077566792 पर संपर्क करें..

सभासदों की मांग पर नंदा देवी व दुर्गा पूजा मेलों की जांच के आदेश, कमेटी गठित

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अक्टूबर 2019। नैनीताल नगर पालिका के भाजपा सभासद कैलाश रौतेला तथा उनके साथ सभासद मनोज साह जगाती, रेखा आर्या व मोहन सिंह नेगी आदि के दो शिकायती पत्रों में उल्लेखित मांगों पर डीएम सविन बंसल ने जांच के आदेश दे दिये हैं। जांच करने के लिए एसडीएम कोश्यां कुटौली गौरव चटवाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है। जांच कमेटी में कोषाधिकारी व जिला संप्रेक्षा अधिकारी भी शामिल हैं। जांच कमेटी को दोनों शिकायती पत्र में उल्लेखित मांगों की इस वर्ष हुए माता नंदा देवी महोत्सव, एवं दुर्गा पूजा महोत्सव में हुई सभी अनियमितताओं की जांच करने, दोनों महोत्सवों में संबंधित ठेकेदारों व उनसे मिले हुए पालिका अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने एवं दुर्गा महोत्सव की धनराशि निविदा राशि 7 लाख से कम 6 लाख 5 हजार रुपए में देने की जांच करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें : दुर्गा पूजा मेले को लेकर नगर पालिका सभासदों ने डीएम कार्यालय में दिया धरना..

-6 सूत्रीय शिकायती पत्र सोंपा, 13 में से 5 सभासद रहे धरने में मौजूद

शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे नगर पालिका के सभासद।

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अक्टूबर 2019। नैनीताल नगर पालिका में सभासदों की नाराजगी एक अधिशासी अधिकारी की विदाई के बावजूद दूर होती नजर नहीं आ रही है। पालिका के 13 में से 5 सभासदों ने शुक्रवार को डीएसए-फ्लैट्स मैदान में दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत लगे मेले का ठेका बिना अनुबंध के दिए जाने का आरोप लगाते हुए डीएम कार्यालय में दोपहर 12 से दो बजे के बीच सांकेतिक धरना दिया, और डीएम कार्यालय को 6 सूत्रीय शिकायती पत्र दिया। साथ ही आगे मांग पूरी न होने पर आगे धरने को उग्र रूप देने की घोषणा की है।
सभासदों का कहना है कि नंदा देवी महोत्सव के मेले में कार्रवाई न होने से ही पालिका प्रशासन की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि बिना अनुबंध के ही दुर्गा पूजा के मेले का ठेका दे दिया गया। यह भी आरोप लगाया है कि दुर्गा पूजा का मेला निविदा राशि 7 लाख से कम 6 लाख 5 हजार रुपए में दे दिया गया। साथ ही मेले के ठेकेदार पर निर्धारित से ज्यादा दुकानें लगाने, निविदा की शर्त के अनुसार दुकानों में आईएसआई मार्क की टिन की चादरों की जगह उच्च न्यायालय द्वारा लगाये गए प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए पॉलीथीन का प्रयोग करने, एनजीओ की 50 दुकानों को गैर कानूनी तरीके से बेचना, मेला शुरु होने पर करने की जगह मेला खत्म होने के बाद पालिका द्वारा ठेकेदार से अनुबंध करने आदि आरोप लगाए गए हैं। धरने में मनोज साह जगाती, कैलाश सिंह रौतेला, गजाला कमाल, निर्मला चंद्रा व रेखा आर्या शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका में फिर घमासान के आसार, अपने लोगों ने ही डीएम ऑफिस में धरने का किया ऐलान, पालिकाध्यक्ष ने उन्हें बताया-‘तथाकथित स्वार्थी तत्व’

बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन सोंपते पालिका सभासद।

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अक्टूबर 2019। नैनीताल नगर पालिका में एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। पालिका के सभासदों के एक वर्ग की नाराजगी एक अधिशासी अधिकारी की विदाई के बावजूद दूर होती नजर नहीं आ रही है। सभासदों ने बृहस्पतिवार को डीएसए-फ्लैट्स मैदान में दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत लगे मेले का ठेका बिना अनुबंध के दिए जाने का आरोप लगाते हुए डीएम सविन बंसल को ज्ञापन सोंपा, और नंदा देवी महोत्सव के मेले के दौरान लगाये गये अनियमितताओं के आरोपों पर भी कार्रवाई न किये जाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार से आगामी सोमवार तक दोपहर 12 से दो बजे के बीच डीएम कार्यालय में सांकेतिक धरना देने और मांग पूरी न होने पर आगे धरने को उग्र रूप देने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि नाराज सभासदों में इस बार एक सभासद पहली बार असंतुष्ट सभासदों के साथ नजर आ रही हैं। इसे नगर पालिका में बदलते राजनीतिक समीकरणों के रूप में भी देखा जा रहा है।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी की ओर से बृहस्पतिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नाम लिये बिना ‘तथाकथित व्यक्तियों पर अपने निजी स्वार्थों के लिए श्री मां नंदा देवी महोत्सव व मां सर्वजनिन दुर्गा पूजा महोत्सव में अनियमितता संबंधी समाचार प्रकाशित करवाकर पालिका की छवि धूमिल करने’ का आरोप लगाया है। साथ ही प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नगर पालिका के द्वारा इन दोनों महोत्सवों को नियमों का पूर्ण अनुपालन कर संपन्न करवाया गया है। इस हेतु पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा नगर की जनता का आभार ज्ञापित करते हुए अफवाहों पर ध्यान न देने तथा ‘स्वार्थी तत्वों’ का बहिष्कार करने की अपील की है।

नंदा देवी-दुर्गा पूजा मेलों पर सभासद आज से डीएम कार्यालय में देंगे धरना

नैनीताल। नगर पालिका के सभासदों ने डीएम सविन बंसल को सोंपे ज्ञापन में कहा है कि उनके द्वारा नंदा देवी महोत्सव के मेले में अनियमिताओं की शिकायत की थी, किंतु इस पर कार्रवाई न होने से ही पालिका प्रशासन की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि बिना अनुबंध के ही दुर्गा पूजा के मेले का ठेका दे दिया गया। यह भी आरोप लगाया है कि दुर्गा पूजा का मेला निविदा राशि 7 लाख से कम 6 लाख 5 हजार रुपए में दे दिया गया। लिहाजा उन्होंने नंदा देवी और दुर्गा पूजा दोनों महोत्सवों के दौरान लगे मेलों के ठेकेदारों और जिम्मेदार नगर पालिका के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज साह जगाती, कैलाश सिंह रौतेला, गजाला कमाल, मोहन सिंह नेगी व रेखा आर्या आदि शामिल रहे।

निविदा प्रक्रिया ई-टेंडरिंग के माध्यम से की गई है। ठेकेदार द्वारा ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया पूरी करना ही नगर पालिका व ठेकेदार के बीच का अनुबंध है। लिहाजा अनुबंध न किये जाने की बात गलत है। – अशोक कुमार वर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद नैनीताल।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में भवन कर की दरें बढ़ीं, ठेकेदारों के लिए नई नियमावली को भी मंजूरी, साथ ही पालिका बोर्ड में हुई स्वीकृतियों की पूरी जानकारी..

-दुकानों का किराया हर 5 साल में बढ़ाने, वीआईपी पास की व्यवस्था फिर से करने, 1-1 डम्पर व लिफ्टर तथा बिजली व सफाई के उपकरण खरीदने को भी पालिका बोर्ड की मंजूरी

नगर पालिका बोर्ड की बैठक में मौजूद अध्यक्ष, विधायक, सभासद एवं अधिकारी आदि।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2019। नैनीताल नगर पालिका बोर्ड ने नगर में भवन करों की दरों को बढ़ाने, ठेकेदारों के लिए नई नियमावली, पालिका द्वारा निर्मित दुकानों का किराया हर 5 साल में बढ़ाने, वीआईपी पास की व्यवस्था फिर से करने, पालिकाध्यक्ष के लिए 14वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से एक वाहन तथा बिजली व सफाई के उपकरण एवं एक डम्पर व एक लिफ्टर खरीदने तथाा पालिका के संविदा व आउटसोर्स कर्मियों की स्वीकृति एकमुस्त मार्च 2020 तक बढ़ाने, नैनी झील में नौकायन के लिए लाइफ जैकेट खरीदने, शव दाह के लिए 3 कुंतल लकड़ी मुफ्त देने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। हर वार्ड में 5-5 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने को भी स्वीकृति दी गयी।
शनिवार को पालिका सभागार में पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी की अध्यक्षता एवं मौजूदा बोर्ड के कार्यकाल में पहली बार विधायक संजीव आर्य एवं एक सभासद को छोड़कर शेष सभी सभासदों, नये अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा की उपस्थिति एवं प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र जोशी के संचालन में हुई बोर्ड बैठक में मार्च 2019 के अवशेष 8.09 करोड़ एवं वर्ष 2019-20 के लिए अनुमानित 42.55 करोड़ व्यय करने के बजट को मंजूरी दी गयी। साथ ही नये वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2020 से नगर की लेक ब्रिज चुंगी के लिए वाहनों के पास का शुल्क बढ़ाने की बात भी तय हुई। नाव, रिक्शा, घोड़ा लाइसेंसधारियों की मृत्यु पर उनके परिवार के वारिसों के नाबालिग होने की स्थिति में लाइसेंसधारी की पत्नी के साथ ही नाबालिग बच्चों को संयुक्त रूप से लाइसेंस निर्गत करने को भी मंजूरी दी गयी। वहीं मौजूदा पालिका बोर्ड की बैठक में पहली बार पहुंचे विधायक संजीव आर्य की निधि से नारायण नगर वार्ड में बड़े नाले पर पांच लाख से चेक डैम, स्टाफ हाउस में डेढ़ लाख से दीवार निर्माण व कृष्णापुर में सीसी मार्ग का निर्माण करने की मांग की गयी। भवन कर की दर ए श्रेणी के भवनों के लिए 2 रुपए से बढ़ाकर 4 रुपए प्रति वर्ग फुट प्रति माह करने, इसी तरह बी श्रेणी के लिए 1 से बढ़ाकर 3 रुपए तथा सी श्रेणी के लिए 50 पैंसे से बढ़ाकर डेढ़ रुपए करने, जुबली हॉल स्थित पुराने स्कूल को मरम्मत कर बारातघर में बदलने, ठेकेदारों की फीस वृद्धि करने के साथ ही सी श्रेणी के ठेकेदारों के लिए कार्य करने की सीमा 5 लाख तथा बी श्रेणी के ठेकेदारों की सीमा 10 लाख एवं ए श्रेणी की सीमा असीमित करने के प्राविधानों सहित नई ठेकेदार नियमावली को भी मंजूरी दे दी गयी। अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने अपनी पूर्व से चली आ रही क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट न जलने से संबंधित मांग पर बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया जबकि कार्य बहिष्कार की धमकी देने वाले भाजपा सभासद कैलाश रौतेला बैठक में शामिल हुए।

विधायक ने पार्किंग, एसटीपी निर्माण में मांगा सहयोग, दिये आश्वासन

नैनीताल। स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने बैठक में पालिका सभासदों ने नगर में पार्किंग निर्माण एवं एसटीपी की जरूरत पर वस्तुस्थिति स्पष्ट की एवं इन दोनों बड़े विषयों पर सभासदों से भी सहयोग की अपेक्षा की। साथ ही सभासदों को किसी भी कार्य के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं करीब दो वर्ष पूर्व विधायक निधि से पालिका को दिये 16 लाख के कॅपिटॉल पार्क आदि का निर्माण न होने पर नाराजगी भी व्यक्त की। हर वार्ड में नये विद्युत पोल लगाने के सभासदों के प्रस्ताव पर याद दिलाया कि पिछली बोर्ड में स्वीकृत 1000 से अधिक पोलों की वस्तुस्थिति जान कर ही नया प्रस्ताव लायें।

यह भी पढ़ें : अब नैनीताल नगर पालिका के भाजपा सभासद ने दी बोर्ड बैठक के बहिष्कार की धमकी

अपने क्षेत्र की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की मांग की है

भाजपा सभासद कैलाश रौतेला।

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जुलाई 2019। नैनीताल नगर पालिका में समस्याओं का समाधान होता नहीं दिख रहा है। अब नगर पालिका के एकमात्र भाजपा के टिकट व निर्वाचित सभासद कैलाश रौतेला ने नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर अपने क्षेत्र की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की मांग की है और ऐसा न होने पर बोर्ड बैठक का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है। रौतेला का कहना है कि उनके क्षेत्र में एक महिला को गत दिवस स्ट्रीट लाइट न होने से सांप ने काट लिया था, बावजूद जीजीआईसी से इंद्रा कॉटेज को जाने वाले मार्ग, मल्ला कृष्णापुर, बिष्ट भवन से इमामबाड़ा व दुर्गापुर जाने वाले मार्गों, बोरा जी की दुकान से गोलघर व नेगी जी के आवास के मार्ग तथा लाल कोठी से गोसाई व टम्टा जी तथा हाजी चुंगी स्टेट के मार्गों की स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। इस संबंध में वे गत 19 जुलाई को भी पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचना दे चुके हैं। उल्लेखनीय हैं कि नगर की स्ट्रीट लाइटों का प्रबंधन नगर पालिका के द्वारा एक बाहरी कंपनी को दिया गया है, जिस पर कार्य ठीक से न करने का आरोप लगाते हुए रौतेला सहित कई सभासद पूर्व में भी आंदोलन कर चुके हैं, फिर भी ठेकेदार के द्वारा कार्य ठीक से नहीं किया जा रहा है।

अयारपाटा वार्ड के सभासद जगाती ने भी बोर्ड बैठक के बहिष्कार की धमकी

नैनीताल। नगर पालिका के अयारपाटा वार्ड के सभासद ने भी पालिका की आगामी बोर्ड बैठक के बहिष्कार की धमकी दे डाली है। बृहस्पतिवार को नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को लिखे पत्र में जगाती ने कहा है कि उनके वार्ड के डलहौजी मार्ग, लंघम बस्ती, विमल कुंज, डीएसबी कॉलेज से मस्जिद तक राजभवन रोड में कई महीनों से स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी लाइनें ठीक नहीं की गयी हैं। उनके वार्ड की अनदेखी जारी रही तो वे आगामी बोर्ड बैठक का बहिष्कार करेंगे।

यह भी पढ़ें : अब दोषियों का बचना मुश्किल: डीएम ने दिये नैनीताल पालिका में हुई अनियमितताओं की जांच के आदेश..

-एडीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जुलाई 2019। नैनीताल नगर पालिका के सभासदों की पालिका में अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों की जिला प्रशासन ने जांच कराने के आदेश दे दिये हैं। डीएम सविन बंसल ने इसके लिए एडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी में मुख्य कोषाधिकारी अनीता आर्य व मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार शामिल हैं। कमेटी को एक माह के भीतर जांच पूरी करनी होगी। कमेटी गठन का आदेश सोमवार को जारी हो गया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका के 15 में से 13 सभासदों ने मंडलायुक्त को सोंपा ईओ पर भ्रष्टाचार के आरोपों का पुलिंदा, तुरंत हटाने की मांग

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2019। नैनीताल नगर पालिका के 15 में से सात सभासदों ने बुधवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव राजीव रौतेला को नगर पालिका के वर्तमान अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध आरोपों का एक पुलिंदा सोंपा है। उनका दावा है कि 15 में से 13 सभासद अधिशासी अधिकारी के खिलाफ हैं।

पत्र में अधिशासी अधिकारी पर वर्तमान बोर्ड के आरंभ से ही अपनी मनमानी, हिटलरशाही व भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगाते हुए बताया है कि पालिका में 6 हजार रुपए की कूड़ा गाड़ी 9500 रुपए में, सफाई के दौरान पहने जाने वाले 30 रुपए के मास्क 90 रुपए में, 85 रुपए के दस्ताने 300 रुपए में खरीदने, 2018 में 2500 कुंतल चूना खरीदने के बाद फिर उसी दिन 10 कुंतल चूना खरीदने, डीएसए खेल के मैदान में हमेशा गुटके व पान मसाले का विज्ञापन लगाने, बलियानाला क्षेत्र में एक ओर हरीनगर वार्ड में मकान खाली कराने और दूसरी ओर वहीं भारी भरकम स्लॉटर हाउस का निर्माण कराने के साथ ही नगर पालिका की गाड़ियों में भराये जा रहे तेल के नाम पर भारी भरकम भ्रष्टाचार करने, डीएसए पार्किंग में बिना बोर्ड को विश्वास में लिये ठेकेदार का लाखों रुपया माफ करने व उनके इशारे पर ही डीएसए पार्किंग में बाइकों से 20 की जगह 50 व 100 की जगह 200 रुपए पार्किंग शुल्क वसूले जाने, बीडी पांडे अस्पताल की पार्किंग के साथ दो नई पार्किंग बिना बोर्ड की अनुमति के व सभासदों को विश्वास में लिये मिलीभगत से अपने लोगों को देकर पालिका के कोष को कम से कम 20 लाख का नुकसान पहुंचाने तथा मेट्रोपोल पार्किंग व सूखाताल पार्किंग बिना शौचालय के लिए चलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाये गये हैं। साथ ही वर्ष 2017 में एक प्राइवेट कंपनी को 10 वर्ष के लिए पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट को लगाने व देखरेख का जिम्मा देने पर भी आरोप लगाये गये हैं। लिहाजा सभी प्रकरणों की जांच कराये जाने की मांग की गयी है। इसके अलावा पूर्व में पहले से ब्लैक लिस्टेड कंपनी को घर-घर से कूड़ा उठाने का ठेका देने, बेकरी कंपाउंड की पालिका की दो संपत्तियों को नजूल दर्शाकर और फर्जी कागजातों से कब्जा दिखाकर दो व्यक्तियों को फ्रीहोल्ड करने के मामलो की भी जांच करने का अनुरोध किया है। साथ ही अधिशासी अधिकारी पर मौखिक आदेश से सभासदों के कोई भी शिकायती पत्र नगर पालिका कार्यालय में न लिये जाने के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि अधिशासी अधिकारी के साथ कार्य करना संभव नहीं है। इसलिए उनका तुरंत स्थानांतरण किया जाए और ऐसा न होने पर सोमवार से सभासद कमिश्नरी कार्यालय में धरना देंगे और इसके उपरांत काला फीता बांधकर विरोध दर्ज करेंगे। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शहरी विकास विभाग के सचिव को भी भेजी गयी हैं। इस बाबत पूछे जाने पर अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने कहा कि मामले जांच के अधीन हैं। इसलिए कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। पत्र में मनोज साह जगाती, निर्मला चंद्रा, प्रेमा अधिकारी, कैलाश रौतेला, रेखा आर्या, सुरेश चंद्र व सागर अर्या आदि 13 मंे से 7 सभासदों के भी हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : ईओ रोहिताश शर्मा के तबादले के बाद सभासदों का 2 हफ्ते पुराना आंदोलन समाप्त…

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2019। नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी रोहिताश शर्मा के स्थानांतरण आदेश आने के बाद पिछले सोमवार से आंदोलनरत सभासदों का आंदोलन समाप्त हो गया है। शनिवार को स्थानांतरण आदेश आने के बाद डीएम सविन बंसल के निर्देशों पर एसडीएम विनोद कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी, उनके तबादले हेतु प्रयासरत एवं शासन-प्रशासन के बीच समन्वय का कार्य कर रहे भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, पूरन मेहरा, दया किशन पोखरिया, भानु पंत, जिला मंत्री तुलसी कठायत, विश्वकेतु वैद्य व पूर्व सभासद कैलाश अधिकारी आदि लोग धरना स्थल पर पहुंचे और दो दिन से अनशनरत सभासदों-कैलाश रौतेला व निर्मला चंद्रा को जूस पिलाकर उनका आंदोलन समाप्त कराया। इस दौरान प्रकृति का भी अनोखा संयोग देखने को मिला। आंदोलन समाप्त होते ही मूसलाधार बारिश के साथ आए आंधी-तूफान ने सभासदों के आंदोलन हेतु तैयार टेंट को भी उड़ा दिया। इस मौके पर आंदोलनरत अन्य सभासद मनोज साह जगाती, सुरेश चंद्र, दया सुयाल, भगवत सिंह, प्रेमा अधिकारी, रेखा आर्या, मोहन नेगी आदि भी मौजूद रहे। ईओ के स्थानांतरण में डीएम सविन बंसल, लोक सभा सांसद अजय भट्ट, स्थानीय विधायक संजीव आर्य व कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत की भूमिका भी बताई जा रही है।

पूर्व समाचार : आखिर हो गया नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा का तबादला, रंग लाया सभासदों का आंदोलन…

-नगर पालिका अध्यक्ष के साथ भाजपा नेताओं ने की पुष्टि, भाजपा कार्यकर्ता आज यह जानकारी देकर आंदोलित सभासदों को उठाने के लिए पहुंच सकते हैं


नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2019। नगर पालिका के 15 में से 13 निर्वाचित सभासदों का आंदोलन आखिर अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक पहुंच गया है। एक महिला सहित दो सभासदों के बेहद कठिन परिस्थितियों में मूसलाधार बारिश व तूफान के बीच किये जा रहे आमरण अनशन के करीब 40 घंटे होने और उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंतित नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी एवं भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत के दावों पर यकीन करें तो सभासदों की सबसे प्रमुख मांग-नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा का स्थानांतरण उप नगर आयुक्त देहरादून के पद पर हो गया है। बाजपुर के अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा को नैनीताल भेजा गया है। इसके बाद आज ही भाजपा नेता आंदोलन स्थल पहुंचकर आंदोलित सभासदों को आंदोलन से उठाने का प्रयास कर सकते हैं।
पूछे जाने पर नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने कहा कि वे सभासदों के प्रति चिंतित हैं। उन्होंने सभासदों को यह आश्वासन भी दिया था कि वे मेडिकल लीव पर गये अधिशासी अधिकारी को नैनीताल पालिका में कार्यभार ग्रहण करने नहीं देंगे। बावजूद सभासद मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद वे भी ईओ के स्थानांतरण के लिए प्रयासरत थे, और इस कोशिश में डीएम से भी मिले थे। इधर शासन से उन्हें जानकारी मिली है कि ईओ का स्थानांतरण हो गया है। वहीं भाजपा नेता गोपाल रावत ने बताया कि सभासदों के प्रति चिंतित व ईओ के स्थानांतरण के लिए प्रयासरत रहे सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी ईओ के स्थानांतरण होने की पुष्टि की है, और सभासदों के स्वास्थ्य एवं कठिन संघर्ष को देखते हुए उन्हें आंदोलन से आज ही उठाने के प्रयास करने की बात कही है।
इधर अनशनरत सभासद कैलाश रौतेला व निर्मला चंद्रा के स्वास्थ्य जांच में स्वास्थ्य व भार में गिरावट आने की बात कही गयी है।

यह भी पढ़ें : शासन-प्रशासन, आम जन कृपया संज्ञान लें : बारिश-तूफान में तीसरे स्तर पर पहुंचा सभासदों का आंदोलन, महिला सहित दो सभासद बैठे आमरण अनशन पर…

-कैलाश रौतेला व निर्मला चंद्रा के आमरण अनशन को हुए 18 घंटे

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के स्थानांतरण की मांग पर धरने पर बैठे पालिका सभासद।

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2019।नगर पालिका नैनीताल में पिछले सोमवार से चल रहा नगर पालिका के सभासदों का आंदोलन बृहस्पतिवार शाम तीसरे स्तर पर पहुंच गया। पहले चरण में धरना-प्रदर्शन, दूसरे चरण में दो-दो सभासदों का 24 घंटे का बिना पानी भी पिये क्रमिक अनशन और अब तीसरे चरण में दो सभासदों का आमरण अनशन।
उल्लेखनीय बात यह भी है कि बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे से दो सभासद पुष्कर बोरा व सागर आर्या 24 घंटे के अनशन पर बैठे थे। वहीं इससे पहले महिला सभासदों ने डीएम सविन बंसल को ज्ञापन देकर 24 घंटे में कार्रवाई न होने पर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी थी। कार्रवाई न हुई तो बृहस्पतिवार की शाम छह बजे ही, जबकि दो सभासद पहले से 24 घंटे के अनशन पर बैठे थे, दो अन्य सभासद कैलाश रौतेला व निर्मला चंद्रा आमरण अनशन पर बैठ गये। बताया जा रहा है कि पहले सभी सभासद एक साथ आमरण अनशन पर बैठने की जिद पर आ गये थे। किंतु किसी प्रकार दो-दो कर आमरण अनशन पर बैठने की बात तय हुई।

आसान नहीं बारिश के बीच टैंट में रात-दिन अनशन पर बैठना

नैनीताल। नगर में सभासदों के आंदोलन को लोग अपनी-अपनी तरह से देख रहे हैं। नगर के सरोकारों पर गैरसंवेदनशील लोग इसे बेवजह बता रहे हैं। कुछ समाज के शक्तिशाली वर्ग उन्हें विश्वास में लिये बगैर या सूचना दिये बगैर आंदोलन पर बैठने को लेकर नाराज हैं। कुछ इस आंदोलन में भी सभासदों के स्वार्थ तलाश रहे हैं। यह सब बातें सही भी हों तो भी बारिश के मौजूदा मौसम में तल्लीताल डांठ पर जहां झील का संकरा मुहाना होने की वजह से शहर की सबसे तेज हवा चलती है, और बारिश के मौसम में किसी भी ओर से बारिश आ जाती हो। जहां शहर के लोग पक्के घरों में भी बरसातों की तेज बारिश में पानी की कुछ बूंदें अंदर आने पर परेशान हो जाते हों, और बारिश के दिनों में भीगने के डर से कहीं जाना भी टालते हों, वहीं शहरवासियों के ही जनप्रतिनिधि, जिन्हें अधिक राजनीति भी नहीं आती, जो राजनीति की सबसे नीचे की सीढ़ी पर हैं, बारिश, आंधी-तूफान की चिंता किये बिना, और खासकर महिला सभासद, अपने घर के चूल्हे-चौके, छोटे बच्चों के भोजन की चिंता छोड़कर किस दृढ़ संकल्प के साथ सामने से खुले टैंट में जमे हुए हैं, उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति किसी को भी प्रेरणा देने वाली है। और चिंताजनक बात यह भी है जब शहर के लोग ही उनकी सुध लेने अपेक्षित संख्या में नहीं पहुंच रहे तो शासन-प्रशासन से क्या उम्मीद की जाए।

यह भी पढ़ें : सभासदों के आंदोलन पर सांसद व भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट आये फ्रंट फुट पर, समाधान की बनी उम्मीद…

-महिला सभासदों ने दी 24 घंटे में ईओ का स्थानांतरण न होने पर आमरण अनशन की धमकी
-पिछले सोमवार से धरना-प्रदर्शन के बाद लगातार तीसरे दिन सभासदों का 24 घंटे का अनशन रहा जारी
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जुलाई 2019। देश की दूसरी सबसे पुरानी नगर पालिका नैनीताल में पिछले सोमवार से चल रही नगर पालिका के सभासदों के आंदोलन के तहत बुधवार को लगातार तीसरे दिन सभासदों का 24 घंटे का अनशन जारी रहा। आज मनोज साह जगाती व भगवत रावत 24 घंटे के अनशन पर बैठे। वहीं दूसरी ओर पहले दो दिन 24 घंटे का अनशन कर चुकीं चार महिला सभासद प्रेमा अधिकारी, निर्मला चंद्रा, दया सुयाल और रेखा आर्या डीएम से मिलने गयीं और अगले 24 घंटे के भीतर कार्रवाई न होने पर आमरण अनशन पर बैठने की बात कही। इधर स्थानीय सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ‘फ्रंट फुट’ पर आ गये हैं। उन्होंने बुधवार को एक ओर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री से बात कर सभासदों की हड़ताल व उनकी शिकायत की जानकारी दी और कार्रवाई करने को कहा, वहीं दूसरी ओर नैनीताल के डीएम सविन बंसल को पूरे मामले की जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट भेजने को कहा। उल्लेखनीय है कि डीएम बंसल पहले ही मामले में नगर पालिका के ईओ से सभासदों की मांगों के अनुरूप विभिन्न योजनाओं की पत्रावलियां तलब कर चुके हैं।
इधर आज महिला सभासदों का कहना था कि एक ओर सरकार ‘बेटी बचाओ’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर डेढ़ सप्ताह से महिला जनप्रतिनिधि आंदोलन और अनशन पर बैठ रही हैं, बावजूद प्रशासन से कोई उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। उन्होंने ईओ रोहिताश शर्मा के इस बीच नगर पालिका अध्यक्ष के माध्यम से सचिव से स्थानांतरण की अपेक्षा करने और स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर जाने तथा दूसरी ओर अपने समर्थकों को आगे कर सभासदों के खिलाफ माहौल बनाने पर भी नाराजगी जताई। इधर धरना स्थल पर सभासद सागर आर्या, दीपक बर्गली, मोहन सिंह नेगी व पूर्व सभासद सरवर खान आदि भी मौजूद रहे।

पूर्व विधायक सरिता आर्य ने जताया कांग्रेस पार्टी की ओर से समर्थन

नैनीताल। दो दिन पूर्व स्वयं धरना स्थल पर पहुंचने के बाद बुधवार को एक बार पुनः पूर्व विधायक व महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य ने कांग्रेस पार्टी की ओर से आंदोलनरत सभासदों की सभी मांगों का समर्थन करने की बात कही। उन्होंने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि सभासदों की जायज मांगों को सुनने के लिए शासन-प्रशासन से कोई धरना स्थल पर वार्ता के लिए नहीं गया और उन्हें वार्ता के लिए भी नहीं बुलाया।

यह भी पढ़ें : कांग्रेस ने लपकी सभासदों की हड़ताल, पूर्व सीएम रावत ने भी किया समर्थन में ट्वीट

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जुलाई 2019।  कांग्रेस पार्टी सभासदों की हड़ताल को लपकती नजर आ रही है, जबकि भाजपा के स्थानीय नेता करीब 3 वर्ष पूर्व ईओ की शिकायत कर उन्हें हटाने की मांग पर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक द्वारा सार्वजानिक तौर पर डपटे जाने से अब तक डरे हुए नज़र आ रहे हैं

इधर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी सभासदों के आंदोलन के समर्थन में उतर आये हैं। उन्होंने लिखा है, ‘नैनीताल में निर्वाचित सभासदगण पिछले लगभग डेढ़ सप्ताह से आंदोलनरत हैं, क्रमिक उपवास पर हैं। अब ज्ञात हुआ है कि वो आमरण अनशन पर भी बैठने जा रहे हैं। उनकी मांग छोटी सी है कि E.O. के क्रियाकलापों की जांच की जाए और जांच तक उनको वहां से स्थानांतरित किया जाए। लगता है सरकार ने और सरकारी प्रतिनिधियों ने सुनना बंद कर दिया है।‘ 

देखें हरीश रावत का ट्वीट:

इधर शाम को कांग्रेस पार्टी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के स्थानांतरण व उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच पर सोमवार से अनशन पर बैठे सभासदों के पूर्ण समर्थन का ऐलान कर दिया। इस मामले में सोमवार को कांग्रेस पार्टी के नगर अध्यक्ष अनुपम कबडवाल की अगुवाई में पूर्व विधायक व महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्या, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रमेश पांडे, धीरज बिष्ट व पूर्व सभासद कैलाश अधिकारी, ललित बोरा, गौरव कुमार, बंटू आर्य, जुनैद अहमद, शैलेंद्र बिष्ट, कृष्णा साह, धीरज आर्य व वीरेंद्र बिष्ट सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।

नैनीताल नगर पालिका सभासद-कर्मियों की हड़ताल पर गाज गिरनी तय, डीएम ने तत्काल तलब कीं पत्रावलियां

सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठी दो महिला सभासदों को समर्थन देने पहुंचे अन्य सभासद तथा कांग्रेस नेता।

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जुलाई 2019। पिछले एक सप्ताह से चल रही और सोमवार से अगले चरण में प्रवेश कर दो महिला सभासदों की 24 घंटे की भूख हड़ताल में तब्दील हुई नगर पालिका के सभासदों की हड़ताल और इससे पूर्व नगर पालिका के आउट सोर्स वाहन चालकों की डीएम के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुई हड़तालों का असर दिखता नजर आ रहा है। डीएम सविन बंसल ने सोमवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को तत्काल नगर पालिका से सम्बन्धित विभिन्न पत्रालियॉ उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।

मांगी गयी पत्रावलियों में पिछले वर्ष राज्य वित्त में शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि का खर्च सहित विवरण, पालिका क्षेत्र में प्रकाश एवं विद्युत से सम्बन्धित कम्पनी, संस्था एवं ठैकेदार के साथ किए गए अनुबन्ध की प्रति, नगर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के लिए आउटसोर्स से पर्यावरण मित्र रखने के लिए एनजीओ के साथ किए गए अनुबन्ध की प्रति एवं पालिका के पास उपलब्ध वाहनों की संख्या, वाहनों को चलाने वाले व्यक्तियों के स्थायी कर्मचारी या आउटर्सोस कर्मचारी होने की श्रेणी, वाहनों द्वारा चक्कर लगाकर डस्टबिन उठाने का समय, डस्टबिन उठाने में लगाए गए कर्मियों की आउटसोर्स या स्थायी कर्मी होने की सूची, सफाई सुपरवाईजरों एवं कर अधीक्षकों की सूची, बीटवार पर्यावरण मित्रों की सूची सहित अन्य बिन्दुओं पर तत्काल सूचनाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि यह सभी बिंदु सभासदों द्वारा उठाये गये एवं आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित नजर आ रहे हैं, और जिस तरह यह सभी दस्तावेज तुरंत मांगे गये हैं, उसके बाद जिम्मेदारों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
इधर सोमवार को दो महिला सभासद दया सुयाल व निर्मला चंद्रा सुबह 11 बजे से 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठ गयी हैं। उनके आंदोलन को समर्थन देने के लिए आज पहुंचने वालों में वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह, पूर्व प्रधानाचार्य नवीन चंद्र कफल्टिया व नाव चालक समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद आर्या आदि प्रमुख रहे।

यह भी पढ़ें : रविवार को छुट्टी के दिन बारिश के बावजूद भी ईओ के खिलाफ धरने पर रहे सभासद

-अब सोमवार से महिला सभासद बैठेंगी भूख हड़ताल पर

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जुलाई 2019। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बीते सोमवार से धरना-प्रदर्शन कर रहे नगर के 15 में से 13 निर्वाचित सभासद रविवार को भी बारिश के बावजूद धरने पर जमे रहे। आगे उन्होंने दोहराया कि सोमवार से आंदोलन को एक कदम आगे ले जाते हुए दो महिला सभासद निर्मला चंद्रा व दया सुयाल 24 घंटे के भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व शनिवार को आंदोलित सभासदों की डीएम सविन बंसल से वार्ता हुई। वार्ता में सभासदों ने अपनी मांग दोहराई, और दो टूक कहा कि शर्मा के तबादले तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि उन्होंने डीएम से आउटसोर्स कर्मियों द्वारा की गई हड़ताल की भी जांच की मांग की। आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मियों को हड़ताल का अधिकार नहीं होता है, बावजूद उनकी हड़ताल में ईओ शर्मा के समर्थन में नारे लगने से लगता है कि हड़ताल उनके ही इशारे पर की गयी। लिहाजा मामले में एलआईयू की रिपोर्ट लेकर हड़ताल के कारणों की भी जांच की जाए। वहीं डीएम ने कहा कि सभासदों की मांगों पर कार्रवाई की जाएगी, और शासन से संबंधित मांगें शासन को भी संदर्भित की जाएंगी।

यह भी पढ़ें : डीएम से वार्ता के बाद हड़ताली सभासद ‘फ्रंट फुट’ और कर्मचारी ‘बैक फुट’ पर…

-सभासद हड़ताल करेंगे तेज, महिला सभासद बैठेंगी भूख हड़ताल पर

-हड़ताली वाहन चालकों की हड़ताल डीएम के कड़े रुख के बाद समाप्त
नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जुलाई 2019। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बीते सोमवार से धरना-प्रदर्शन कर रहे नगर के 15 में से 13 निर्वाचित सभासदों की शनिवार को डीएम सविन बंसल से वार्ता हुई। वार्ता में सभासदों ने अपनी मांग दोहराई, और दो टूक कहा कि शर्मा के तबादले तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। बल्कि सोमवार से आंदोलन को एक कदम आगे ले जाते हुए दो महिला सभासद निर्मला चंद्रा व दया सुयाल 24 घंटे के भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि उन्होंने डीएम ने आउटसोर्स कर्मियों की दो दिन से जारी हड़ताल की भी जांच की मांग की।

यह भी पढ़ें : ऐसा भी होता है ? नैनीताल में एक अधिकारी के समर्थन में कर्मचारी गये हड़ताल पर…!!!

आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मियों को हड़ताल का अधिकार नहीं होता है, बावजूद उनकी हड़ताल में ईओ शर्मा के समर्थन में नारे लगने से लगता है कि हड़ताल उनके ही इशारे पर की गयी। लिहाजा मामले में एलआईयू की रिपोर्ट लेकर हड़ताल के कारणों की भी जांच की जाए। वहीं डीएम ने सभासदों से अपनी शिकायतें देने को कहा और उनकी मांगों पर कार्रवाई करने तथा शासन से संबंधित मांगें शासन को भी संदर्भित करने की बात कही। इधर बताया गया है कि डीएम के कड़े रुख के बाद एसडीएम से हुई वार्ता के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गयी है। उन्हें दो माह का मानदेय देने का आश्वासन दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सफाई वाहनों के चालक आउटसोर्स कर्मचारी सभासदों पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए शुक्रवार से हड़ताल पर चले गये थे। उनका आरोप था कि पांच दिन से हड़ताल पर गये सभासदों की वजह से उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला है। जबकि सभासदों का कहना था कि उन्हें वित्तीय अधिकार ही नहीं हैं। पालिका में वित्तीय अधिकार केवल पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी को हैं। वहीं बताया गया है कि पालिका में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका ने सील किये अपने ही तीन अवैध स्लॉटर हाउस

हरिनगर में एक स्लॉटर हाउस को सील करते नगर पालिका के कर्मी।

नैनीताल, 24 सितंबर 2018। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के ताजा आदेशों के बाद नगर पालिका एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा सोमवार को नगर के सभी तीनों स्लॉटर हाउसों को सील कर दिया है। खास एवं दिलचस्प बात यह रही कि यह तीनों स्लॉटर स्वयं नगर पालिका द्वारा संचालित थे, और पिछले दिनों नगर पालिका पर खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा इन तीनों स्लॉटर हाउसों को गैरकानूनी तरीके से संचालित किये जाने के लिए मुकदमा भी दर्ज किया गया था। नगर के हरिनगर स्थित बकरे के हलाल, झटका एवं बड़े मीट के नगर के तीनों स्लॉटर हाउसों के सील हो जाने से नगर में मछली मुर्गे के अलावा अन्य मांशाहार के शौकीनों को झटका लगा है।
नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि डा. जीएस धर्मशक्तू ने बताया कि पूर्व में यह तीनों स्लॉटर हाउस नियमों का पालन, खासकर एनजीटी के मानकों के अनुरूप यहां ईटीपी यानी एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण बंद कर दिये गये थे, लेकिन बाद में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष ने नगर के मीट व्यवसायियों के अनुरोध पर इन्हें खुलवा दिया था। यह नगर पालिका की ही संपत्ति हैं, किंतु इनका संचालन नगर के मीट व्यवसायियों के द्वारा किया जाता है। ईटीपी लगाने के लिए यहां स्थान भी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें सील किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी पूर्व में नगर में अत्याधुनिक स्लॉटर हाउस लगाने के लिए पश्चिम बंगाल की यात्रा भी कर चुके हैं, लेकिन स्लॉटर हाउस को स्थापित करने की दिशा में अंशमात्र भी कार्य नहीं हुआ है। इस मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अश्वनी सिंह व पालिका के धर्मेश प्रसाद व देवेंद्र आदि कर्मी भी मौजूद रहे।

नैनीताल चिड़ियाघर में जानवरों और हॉस्टलों-होटलों में भी नहीं मिल पाएगा मांस

नैनीताल। नगर के तीनों स्लॉटर हाउसों के बंद हो जाने के बाद आम लोगों के साथ नगर के चिड़ियाघर में जानवरों के लिए जाने वाले बकरे एवं भैंस के मांस की आपूर्ति बाधित हो गयी है। वहीं नगर के बोर्डिंग स्कूलों में बच्चों एवं होटलों में भी मटन की आपूर्ति बंद हो गयी है। नगर के मीट व्यवसायियों ने बताया कि पूरे उत्तराखंड के साथ ही यूपी के निकटवर्ती यूपी के रुहेलखंड मंडल के बरेली, रामपुर, मुरादाबाद आदि में भी बकरे के मीट की फैक्टरी नहीं हैं। निकटतम गाजियाबाद या लखनऊ में ही मटन उपलब्ध है, और वहां से लाना आसान नहीं है। इस व्यवसाय से सैकड़ों लोगों का व्यवसाय भी जुड़ा है। इस समस्या को लेकर मीट व्यवसायी भाजपा अनुसूचित मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अतुल पाल, जाकिर हसन व बबलू भाई आदि दिन में एसडीएम व एडीएम से मिले, और आगे मंगलवार को डीएम व कमिश्नर से भी मिलने वाले हैं।

यह भी पढ़ें : प्रदेश के अवैध स्लॉटर हाउसों को 72 घंटे में सील करने के आदेश

नैनीताल, 20 सितंबर 2018। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने प्रदेश में अवैध रूप से चल रही पशुवधशालाओं (स्लॉटर हाउसों) को 72 घंटे के भीतर सील करने के आदेश दिये हैं। साथ ही पीठ ने सरकार को सात दिन के भीतर कमेटी गठित करने और यह सुनिश्चित करने को भी कहा है कि कोई भी पशुवधशाला बिना लाइसेंस के न चलने पाये। इसके अलावा पीठ ने प्रदेश के निकायों को यह सुनिश्चित करने को भी कहा है कि पशुओं का वध खुले स्थानों, सड़कों व पैदल मार्गों में न होने देने को भी कहा है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। 

मामले के अनुसार परवेज आलम नाम के व्यक्ति ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि पशुओं की हत्या क्रूर तरीके से खुले स्थानों पर की जाती है। केंद्र सरकार ने इस हेतु वर्ष 2001 में नियम बनाये थे किंतु उनका पालन नहीं किया जाता है।

यह भी पढ़ें : नरेंद्र मोदी, नैनीताल नगर पालिका और नवंबर… यह कैसा संयोग ? तब नैनीताल पालिका पर ‘खुश’ हुए थे मोदी, अब दिए ‘जांच’ के आदेश

नैनीताल। नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नैनीताल नगर पालिका द्वारा उनकी महत्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत’ योजना में ‘फिल्मी पोस्टरों’ का प्रयोग करने पर खुश हुए थे, तो इधर नवंबर 2017 में नैनीताल नगर पालिका की एक शिकायत ने मोदी को नैनीताल पालिका की जांच कराने को मजबूर कर दिया है। नरेंद्र मोदी, नैनीताल नगर पालिका व नवंबर के बीच ‘न’ की समानता के साथ एक अलग संयोग बना है।जानिये क्या है पूरा मामला…

इस वर्ष 17 जुलाई को उत्तराखंड प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के त्रिलोचन टांक, नरेश पारछे, राजकुमार पंवार, कमल कुमार, राजेश कुमार, अनिल कीर्ति, अमित सहदेव तथा विजय की ओर से पालिका में कूड़ा निस्तारण वाहनों व एलइडी बल्बों की खरीद तथा नियुक्तियों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायती पत्र भेजा गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनके शिकायती पत्र को राज्य के मुख्य सचिव को रेफर करते हुए कार्रवाई की अपेक्षा की है। इस पर शहरी विकास निदेशक ने नैनीताल के डीएम को शिकायती पत्र में उल्लेख किए गए बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि जांच एडीएम बीएल फिरमाल को सौंपी गई है। एडीएम फिरमाल ने मामले में नगर पालिका से संबंधित अभिलेख तलब कर लिए हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को भी जांच के लिए बुलाया गया है। डीएम नैनीताल दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों पर नैनीताल नगर पालिका के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। एडीएफ बीएल फिरमाल को 15 दिनों के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

पीएम से कहा डीएम की जांच से संतुष्ट नहीं, सीबीआई या अन्य एजेंसी से कराएं जांच

-नैनीताल नगर पालिका के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर जिला प्रशासन की जांच पर शिकायतकर्ताओं ने उठाए सवाल
-कहा, पहले हुई जांचों पर नहीं हुई कार्रवाई, उच्च संरक्षण प्राप्त हैं दोषी
नैनीताल। उत्तराखंड प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ द्वारा नैनीताल नगर पालिका परिषद में अनियमितताओं पर सात बिंदुओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे पत्र भेजकर की गयी शिकायत पर जांच अधिकारी द्वारा बुलाया जाना शिकायतकर्ताओं को अखर गया है। उन्हें जांच अधिकारी के इस कृत्य में दोषियों को उच्च संरक्षण प्राप्त होने का अंदेशा हुआ है। इसलिए भी कि पूर्व में दो बार जिला प्रशासन की ओर से नगर पालिका में व्याप्त अनियमितताओं पर जांचें हो चुकी हैं, इस पर शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में दीपक रुबाली की शिकायत पर तत्कालीन सीडीओ ललित मोहन रयाल और बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट वंदना सिंह द्वारा की गयी जांचों में दोष, अनियमितता उजागर होने के बावजूद दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ है कि दोषियों को उच्च संरक्षण प्राप्त है। साथ ही जांच अधिकारी द्वारा जांच शुरू करने की जगह उल्टे शिकायतकर्ताओं को ही तलब किया गया है, यह उन्हें धमकाने की कोशिश हो सकती है। इसलिए उन्होंने दुबारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांमले की जांच जिला प्रशासन की जगह किसी अन्य एजेंसी या सीबीआई से करने की मांग की है।
उत्तराखंड प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष त्रिलोचन टांक ने सोमवार को बताया कि उन्होंने दो दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री को पत्र फैक्स के माध्यम से भेज दिया है, और आज प्रदेश के मुख्यमंत्री, डीएम एवं जांच अधिकारी एडीएम को भी पत्र की प्रतियां भेजी हैं।

पोस्टरों में मोदी के काशी की राह चला नैनीताल, तो हंस पड़े मोदी

-दिसंबर-जनवरी माह में काशी में प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर अमिताभ बच्चन की फिल्मों के पोस्टरों की मदद से अभियान के प्रचार की हुई थी पहल, इसे नैनीताल-हल्द्वानी ने भी स्वीकारा
-प्रधानमंत्री मोदी के लिखा- हा हा, स्वच्छता के लिये फिल्मों से विचार लेने का अभिनव प्रयोग
नवीन जोशी, नैनीताल। अच्छा विचार कभी रुकता नहीं, आगे बढ़ता जाता है। बीते दिसंबर-जनवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी-वाराणसी में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किये ‘स्वच्छ भारत अभियान” के ब्रांड एंबेसडर-सदी के महानायक कहे जाने वाले सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की दीवार, शोले, डॉन, सिलसिला व डॉन जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के पोस्टरों और संवादों को थोड़ा बदलकर अभियान के प्रचार के लिये प्रयोग करने का अनूठा प्रयोग किया। यह प्रयोग नैनीताल से होते हुए वापस प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचा तो वे भी मुस्कुराये बिना नहीं रह पाये, और इसे एक अभिनव प्रयोग बताया है।

https://twitter.com/sahucar/status/851445984076865540

उल्लेखनीय है कि देश में पिछले कुछ समय से पूरे देश भर में खुले में शौच ना करने की एक मुहिम सी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014में प्रधानमंत्री के गद्दी पर बैठने के बाद गांधी जयंती यानी दो अक्टूबर से ‘स्वच्छ भारत अभियान” की शुरुआत की थी। इसका लक्ष्य वर्ष 2019 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक देश की 1.04 करोड़ लक्षित आबादी को शौचालयों से जोड़कर देश की खुले में शौच की समस्या को खत्म कर देना है। नैनीताल नगर पालिका ने भी इस पहल को अपने यहां प्रयोग किया। नैनीताल में लगे ऐसे फिल्मी पोस्टरों के फोटो इंटरनेट पर वायरल होते हुए मुंबई में रहने वाले लेखक, गायक व संगीतकार आशुतोष साहू को भी पसंद आये तो उन्होंने यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित 1975 में बनी फिल्म दीवार के एक पोस्टर को अपने ‘साहूकर” ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मोदी जी कृपया ध्यान दें, जिसने भी ये पोस्टर तैयार किया किया है वो पुरस्कार का हकदार है।” पोस्टर में फिल्म दीवार में अपराधी बने अमिताभ और पुलिस इंस्पैक्टर बने शशि कपूर अपनी मां बनी निरूपा रॉय को अपने साथ रहने चलने को कहते हैं, जिस पर निरूपा राय को फिल्मी संवाद के इतर कहते दिखाया गया है, ‘नहीं, तो पहले शौचालय बनायेगा, मैं उसके साथ रहूंगी।” ट्वीट के जरिये बात प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंची तो वे भी मुस्कुराये बिना नहीं रह सके, और आशुतोष के ट्वीट को नैनीताल में लगे पोस्टर के साथ रिट्वीट करते हुए लिखा, ‘हा हा, बॉरोज फ्रॉम सिनेमा टु मेक ए पॉइंट ऑन क्लीनलीनेस, इनोवेटिव” यानी, ‘स्वच्छता के लिये फिल्मों से विचार लेने का अभिनव प्रयोग”। यह पहल करने वाले नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया कि उन्होंने हल्द्वानी नगर निगम के साथ ऐसे 14-15पोस्टर तैयार करवाकर नगर के प्रमुख स्थानों पर लगाये हैं।

मुहिम के पोस्टरों से धरातल पर उतरने की जरूरत

नैनीताल। नैनीताल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार में पोस्टरों के स्तर पर तो मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का अनुकरण कर लिया है। लेकिन यह कहना भी गलत नहीं होगा कि पहले से ही सफाई के प्रति काफी संवेदनशील रहे इस नगर में वाराणसी के घाटों की तरह नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील के घाटों, यहां गिरने वाले नालों की भी सफाई किये जाने की जरूरत है। नैनी झील के लिये पानी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण नगर की धमनियां कहे जाने के बावजूद गंदगी से पटे नाले और नगर भर में आवारा कुत्तों की फैली पड़ी गंदगी के ढेर भी शर्मशार करने वाले हैं। इधर स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने नालों की सफाई से अपने कार्यों की शुरुआत कर एक संदेश दिया है, जो बेहतर भविष्य की उम्मीद जताने वाला है।

उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सीएम कैंडीडेट के तौर पर पसंद हो सकते हैं पूर्व नौकरशाह

  • कैग में एकमात्र आईएएस अधिकारी के तौर पर भी हैं तैनात, प्रधानमंत्री मोदी हैं इनकी इमानदारी से प्रभावित और उनके करीब भी हैं सिंह
  • बेहद चर्चित आईएएस अधिकारी रहे हैं एसपी सिंह, नैनीताल व हल्द्वानी में रहा 90 के दशक में जलवा, जीएमवीएन के एमडी भी रहे
  • भाजपा उत्तराखंड के साथ ही यूपी में भी कर सकती है उपयोग, हल्द्वानी और अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने की संभावना
  • आरएसएस के साथ ही यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं
सूर्यप्रताप सिंह
सूर्यप्रताप सिंह

नवीन जोशी, नैनीताल। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारी बहुमत से सत्तारूढ़ होने के बाद से हुए कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा अनपेक्षित निर्णय करती रही है, और बिहार व दिल्ली को छोड़कर उसके ये निर्णय सफल भी रहे हैं। ऐसे ही किसी निर्णय की उत्तराखंड में भी पार्टी रणनीति बना सकती है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री के करीबी, कैग में तैनात एकमात्र प्रशासनिक अधिकारी, 1982 बैच के आईएएस अधिकारी, पूर्ववर्ती यूपी के दौर में 1990 के दशक में तत्कालीन नैनीताल जनपद (वर्तमान ऊधमसिंह नगर जनपद भी शामिल) के डीएम रहते उस दौर में भी मजबूत व राज्य की मौजूदा काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश से टकराने तथा गढ़वाल में जीएमवीएन के एमडी रहते गढ़वाल में एक तत्कालीन मंत्री (जिनके पुत्र वर्तमान में भी मंत्री हैं) के ससुर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बेहद दबंग और चर्चित रहे आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह भाजपा में शीघ्र शामिल हो सकते हैं, और आगामी विस चुनावों में पहले से घोषित अथवा बाद में मुख्यमंत्री के रूप में पेश किये जा सकते हैं। हालांकि बकौल सिंह अभी तक उनकी भाजपा नेताओं से कोई बात नहीं हुई है, और वे यह भी मानते हैं कि किसी भी दल के नेता उन्हें स्वीकार नहीं कर पाएंगे। लेकिन उन्होंने इतना स्पष्ट कहा कि वे उनके एजेंडे को स्वीकार करने वाले किसी भी दल में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे केवल विधायक बनने या सत्ता का आनंद प्राप्त करने के लिये नहीं वरन राजनीति में सुधार करने, समाज के लिये कुछ बेहतर करने के लिये राजनीति में आना चाहते हैं। उनकी ख्वाहिश है कि शिक्षा या किसी क्षेत्र विशेष में मौका मिले तो वे उसे सुधार कर रख दें। उन्होंने यूपी में सपा व बसपा को सांपनाथ व नागनाथ की संज्ञा देने के साथ भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी के विचारों के प्रति स्पष्ट तौर पर झुकाव भी प्रदर्शित किया है।

श्री सिंह की पहचान इस रूप में भी है कि एक दौर में उन्होंने यूपी में देश के मौजूदा गृह मंत्री राजनाथ सिंह की गाड़ी से लालबत्ती उतरवा दी थी, हालांकि बाद में सीएम के रूप में राजनाथ सिंह ने उन्हें गन्ना आयुक्त की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सोंपी। जबकि भाजपा सरकार के एक अन्य मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के वे पसंदीदा अधिकारी रहे, और उन्होंने ही सिंह को नैनीताल के डीएम सहित आयुक्त व कई पदों से नवाजा। बाद में अपनी दबंगई से समाजवादी पार्टी व बहुजन समाजवादी पार्टी के दौर में फिट न बैठने के कारण नौ वर्ष ‘स्टडी लीव” में अमेरिका में रहकर फेलोशिप के जरिये अध्ययन करने के बाद बकौल उनके करीब ढाई वर्षों से अपने मन से नौकरी की जिम्मेदारियों से दूर रहककर अपने ढाई लाख स्वयंसेवकों के साथ यूपी के पूर्वांचल व बुंदेलखंड के पिछड़े क्षेत्रों में बालिका शिक्षा, कुपोषण, स्कूलों के नक़ल माफिया व दागी प्रत्याशियों के खिलाफ अभियान चलाये हुए हैं। इधर वह आरएसएस के भी काफी करीब हैं, और बीती 28 नवंबर 2016 को हल्द्वानी में उन्होंने आरएसएस संचालित एकल विद्यालय समिति के द्वारा आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में हल्द्वानी से विधायक काबीना मंत्री को ललकारते हुऐ चुनाव लड़ने की घोषणा भी की। इधर उनके करीबी सूत्रों के अनुसार उनकी भाजपा में जोरदार तरीके से इंट्री की तैयारियां चल रही हैं। बताया गया है कि सिंह ने भाजपा को उत्तराखंड में हल्द्वानी और यूपी में लंबे समय से भाजपा के कब्जे से दूर और भाजपा के लिये रामजन्म भूमि के नाते बेहद महत्वपूर्ण अयोध्या सीटों से चुनाव लड़ने तथा दोनों राज्यों में उनका कहीं भी उपयोग करने की पेशकश कर दी है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी अपनी छवि से मेल खाते सिंह पर उत्तराखंड के लिये दांव लगा सकते हैं। इसका लाभ यह भी होगा कि राज्य में करीब आधा दर्जन से अधिक मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के आपसी दांव-पेंचों से पार्टी बाहर निकल पायेगी।

प्रशासक का विनम्र होना भी जरूरी : सिंह

नैनीताल। आईएएस अधिकारी एसपी सिंह की पहचान नैनीताल में सूखाताल झील से अतिक्रमण हटाने तथा उस दौर में नगर में प्रवेश कर रहे बिल्डर्स पर लगाम कसने तथा हल्द्वानी में नैनीताल रोड से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने तथा एक वरिष्ठ नेता के होटल को भी न बख्शने वाले एक दबंग अधिकारी की रही है। इस कारण यहां से स्थानांतरण पर जनता के समर्थन में आ खड़ा होने से उन्हें अपनी पत्नी के साथ घर की दीवार तोड़कर जाना पड़ा था, और गढ़वाल में स्थानातरण होने पर तो पुलिस बुलानी पड़ी थी। लेकिन मंगलवार को वे मुख्यालय में अशोक होटल में नगर वासियों व पत्रकारों के बीच अपने इस दबंग रवैये से काफी बदले नजर आये। कहा कि अब वे काफी बिनम्र हो चुके हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने उत्तराखंड में राज करने वालों (मुख्यमंत्रियों) पर टिप्पणी की ‘राज्य को सही नेतृत्व नहीं मिला। एक-दो अच्छे लोग भी आये, किंतु वे काफी कठोर थे। लोकतंत्र में नेतृत्व को इतना कठोर नहीं, बल्कि विनम्र होना चाहिये”। समझा जा सकता है कि उनका इशारा किस की ओर था, और वे हर तरह से स्वयं को बेहतर सीएम प्रत्याशी होने का इशारा कर रहे थे। उन्होंने कहा, जनता अपनी समस्याओं के निदान के लिये चाहे तो वे ‘कारक” के रूप में तैयार हैं। राज्य में जाति व क्षेत्रवाद पर बोले, प्रशासक, मंत्री व मुख्यमंत्री की कोई जाति नहीं होती, और वह किसी क्षेत्र का नहीं होता। कहा, वे स्वयं को आधा पहाड़ी मानते हैं। उनका एजेंडा लोकसेवा और राज्य को बेरोजगारी से मुक्त करने का है। इसके लिये उनके पास पूरी योजना है। इसके लिये उनके एजेंडे को मानने वाले राजनीतिक दल में शामिल होने के राजनीतिक विकल्प के साथ ही ही उनके पास चुनावों के दौरान गैरराजनीतिक तरीके से लोगों को उनकी विधानसभा के प्रत्याशियों के इतिहास के बारे में जागरूक करने का विकल्प भी मौजूद है। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह, पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल, अंतर्राष्ट्रीय छायाकार अनूप साह, नवीन चंद्र साह, पूरन मेहरा, डा. जीएल साह, डा. केबी मेलकानी, विनोद पांडे व सुंदर नेगी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

3 thoughts on “सभासदों की मांग पर नंदा देवी व दुर्गा पूजा मेलों की जांच के आदेश, कमेटी गठित

Leave a Reply

Loading...
loading...