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विधायक संजीव आर्य ने सदन में उठाई नैनीताल के पर्यटन से संबंधित बड़ी समस्या

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 दिसम्बर 2020। क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने सदन में नैनीताल के टैक्सी व्यवसायियों से संबंधित बड़ी समस्या को नियम 300 के तहत उठाया है। श्री आर्य ने सदन में कहा कि उच्च न्यायालय ने नैनीताल नगर में टैक्सी-मैक्सी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस पर नगर के टैक्सी-टेªवल्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इस प्रतिबंध के संबंध में उच्च न्यायालय में अपील करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर के अर्थ व्यवस्था में टैक्सी एवं टैक्सी-टेªवल्स व्यवसाय में लगे हजारों लोगों का बहुत बड़ा योगदान है। नगर में वाहनों में लगे प्रतिबंध के कारण पर्यटन व्यवसाय में कार्यरत हजारों परिवारों की आजीविका तो प्रभावित हो ही रही है साथ ही सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही है, लिहाजा उच्च न्यायालय में इस संबंध में प्रभावी पैरवी करने तथा टैक्सी-मैक्सी वाहन संचालकों के समक्ष उत्पन्न जीविकोपार्जन के संकट के समाधान हेतु समुचित वैकल्पिक व्यवस्था करनी नितांत आवश्यक हो गई है।
इस संबंध में नैनीताल टैक्सी-टेªवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जोशी का कहना है कि उच्च न्यायालय ने जुलाई 2017 में नैनीताल नगर में नैनीताल एवं संपूर्ण उत्तराखंड के टैक्सी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस कारण नगर में पर्यटन तो प्रभावित हो ही रहा है, इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो गई है। उन्होंने सदन में उनकी मांग उठाने पर विधायक संजीव आर्य का आभार ज्ञापित करने के साथ उम्मीद जताई है कि सरकार इस समस्या का कोई समाधान निकालेगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 09 दिसम्बर 2020। जिला प्रशासन एवं बीडी पांडे जिला चिकित्सालय प्रशासन ने नगर के प्रवेश द्वारों पर तल्लीताल एवं बारापत्थर में बाहर से आ रहे लोगों की कोरोना जांच की व्यवस्था की है। नगर के कई होटल वालों ने दावा किया कि जबसे यह जांच हो रही है, तब से नगर में सैलानियों की आवक प्रभावित हो गई है। सैलानी इस तरह सड़क पर जांच कराना नहीं चाह रहे हैं। इसलिए दिल्ली में किसान आंदोलन के साथ इस कारण से अपनी बुकिंग भी निरस्त करा रहे हैं। वहीं बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने कहा कि इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि यहां सैलानियों की स्वेच्छा से ही जांच कराई जानी है, परंतु सैलानी स्वेच्छा से जांच नहीं करा रहे हैं। ऐसे में जिला चिकित्सालय में उपचार करा रहे लोगों तथा अस्पताल तथा अन्य विभागों के अवकाश पर अन्यत्र जाकर लौट रहे कर्मियों की कोरोना जांच आवश्यक रूप से कराने को सख्ती बरती जा रही है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवम्बर 2020। नगर के मल्लीताल क्षेत्र में एक नाव चालक द्वारा गुजरात से पर्यटकों से अभद्रता करने का मामला सामने आया है। पर्यटक की शिकायत पर नाव चालक पर पुलिस एक्ट में कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मल्लीताल बोट हाउस क्लब के पास बोट स्टैंड से गुजरात से आए पंकज सिंघल अपने पिता व भतीजे के साथ नौकायन करने चप्पू वाली नौका में बैठे। बीच झील में जाने के बाद उन्हें आभास हुआ कि वह शराब के नशे में नाव चला रहा है, इसलिए नौका को कभी इधर तो कभी उधर ले जा रहा था। इस पर उन्होंने नौका चालक से पहले ठीक से नौका चलाने को और फिर नौका को वापस स्टैंड पर ले जाने को कहा तो वह उल्टे पर्यटकों से झील के बीच में ही अभद्रता करने लगा। इस पर पर्यटक डर गए। किसी तरह किनारे पर पहुंचने के बाद उन्होंने नाव से उतरकर मल्लीताल पुलिस चौकी में लिखित शिकायत कर नाव चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर चीता पुलिस के कांस्टेबल ललित कांडपाल आरोपित नाव चालक को पकड़ कर कोतवाली ले गये। बाद में कोतवाली पुलिस ने ड्रम हाऊस मल्लीताल निवासी नौका चालक कमल के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट में चालानी कार्रवाई की और उसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 नवम्बर 2020। उत्तराखंड की मित्र पुलिस के कर्मियों पर आम जनता व पर्यटकों से मित्रवत व्यवहार करने के उच्चाधिकारियों के आदेश-निर्देश निष्प्रभावी नजर आ रहे हैं। 

देखें वीडियो: 

नैनीताल जनपद के भीमताल बाजार में भीमताल कोतवाली में तैनात एक महिला सिपाही पर बरेली से घूमने आए एक पत्रकार को सरे बाजार थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हो रहा है। बरेली के लखनऊ से प्रकाशित एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार रमेश राजपूत ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर को यह घटना हुई। वह सड़क पर कार रोक कर सामने की दुकान से कुछ खरीददारी करने के बाद पैंसे दे रहे थे। तभी महिला पुलिस कर्मी वहां आ गई और अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए तत्काल कार हटाने को कहने लगी। इस पर उन्होंने महिला पुलिस कर्मी को उनके व्यवहार को लेकर टोका और स्वयं को बरेली से आया पत्रकार बताया। इस पर वह और भी अधिक अभद्रता पर उतर आईं। इस पर उन्होंने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो वह आपा ही खो बैठीं और उन्हें थप्पड़ मार कर उनका फोन जमीन पर पटक दिया। उन्हांेने इसकी शिकायत भीमताल कोतवाली में की, लेकिन  पुलिस कर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना पर भीमताल के कोतवाल कैलाश जोशी ने बताया कि पत्रकार के साथ ही महिला पुलिस कर्मी ने भी पत्रकार पर अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं। 

आरोपों की बात अपनी जगह, सवाल यह कि यदि पत्रकार या आम जन ने इस तरह ही, इतनी बात पर ही, महिला पुलिस कर्मी को सरे बाजार थप्पड़ मार दिया होता और उसका मोबाइल सड़क पर पटक दिया होता तो क्या होता ? सवाल यह भी कि क्या पुलिस कर्मियों को संविधान कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत देता है ? यदि नहीं तो इसकी सजा क्या है ?

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-बाइक पर पीछे की सवारी द्वारा हेलमेट न पहनने पर चार दिन दौड़ाया, तीन महीने के लिए लाइसेंस कर दिया निरस्त
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 नवम्बर 2020। बरेली निवासी एक सैलानी ने नैनीताल पुलिस के ‘व्यवहार’ के बाद कभी भी उत्तराखंड न आने की कसम खा ली है। सैलानी का अपराध इतना था कि मुक्तेश्वर घूमने के दौरान उसकी बाइक के पीछे बैठे साथी ने हेलमेट नहीं पहना था। इस पर उसके द्वारा नगद जुर्माना भुगत लेने का आग्रह करने के बाद भी उसका चालक लाइसेंस-डीएल एवं वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र-आरसी जब्त कर लिए गए। फिर इन्हें छुड़ाने के लिए उसे चार दिनों तक भवाली से लेकर भीमताल और नैनीताल दौड़ाया गया, और आखिर उसका चालक लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त कर दिया गया है।

File Photo

उल्लेखनीय है कि पूर्व में उत्तराखंड की महिला पुलिस कर्मियों के द्वारा इस तरह बिना हेलमेट पहने हाथ छोड़कर पहाड़ों पर बाइक दौड़ाने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या पुलिस हर मामले में ऐसी ही नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करती है, अथवा कुछ मामलों को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लेती है। 

पूर्व समाचार : 

सैलानी ने पूछा-UK को पर्यटकों से अधिक राजस्व मिलता है या चालान से ? बिना कारण बताए वाहन के कागजात हुए जब्त, तो CMHelpline से भी नहीं मिला कोई जवाब

बरेली के बसंत विहार इज्जतनगर निवासी शाश्वत तिवारी पुत्र ओम प्रकाश तिवारी ने आपके प्रिय एवं भरोसेमंद ‘नवीन समाचार’ को बताया कि वह गत एक नवंबर को अपने मित्र के साथ मोटरसाइकिल संख्या यूपी25सीई-4378 से मुक्तेश्वर आए थे। उनके पास सभी प्रपत्र थे। इस दौरान पीछे बैठे उनके मित्र ने सिर में खुजली होने पर हेलमेट उतारा था, और सामने पुलिस को देखकर हेलमेट पहन भी लिया था। तभी पुलिस की महिला एसआई की अगुवाई में पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक दिया और उनका चालक लाइसेंस व वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र जब्त कर उन्हें तीन-चार दिन बाद भवाली जाकर छुड़वाने को कहा। शास्वत का आरोप है कि महिला उप निरीक्षक से वाहन जब्त करने का कारण पूछा तो उन्होंने नहीं बताया, उल्टे उनके पूछने को बहस करना बता दिया गया।

देखें पुलिस एवं पर्यटक के बीच इस मामले में हुई कथित बहस :

शास्वत का कहना है कि उनके पास नगदी नहीं थी, इसलिए उन्होंने महिला एसआई से, अपनी यूपी की आदत से कहा कि उनका ‘ऑनलाइन जुर्माना भुगतने वाला चालान कर दें। वह ऑनलाइन जुर्माना जमा करा देंगे। इस पर उनके अनुरोध को ‘कानून समझाना’ व ‘बहस करना’ बताकर कागजात जब्त कर लिए गए। इन्हें छुड़ाने के लिए वह भवाली थाने आए। यहां से सीओ से मिलने भीमताल, फिर नैनीताल सीओ के पास भी चार्ज होने की बात कह नैनीताल भेजा गया। फिर कागजात न पहुंचने की बात कही गई। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद चार दिन बाद चार नवंबर को नैनीताल में एक हजार रुपए का जुर्माना भरने के बाद उनके प्रपत्र दिए गए पर लाइसेंस मोटर यान अधिनियम की धारा 194डी के तहत तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया। यानी अगले तीन माह के लिए वह देश में कहीं कोई वाहन नहीं चला सकते हैं। इधर, पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार ही की गई है। पीछे की सवारी के हेलमेट न पहनने पर एक हजार रुपए के जुर्माने व लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित करने की सजा का ही प्राविधान है।

नैनीताल में ऐसा रहा ‘भारत बंद’ पर नजारा

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आम आदमी पार्टी ने नौका संचालन को लेकर भेजा ज्ञापन
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2020। ‘नवीन समाचार’-‘आज़ाद के तीर’ में गत 28 जून को ‘वो लकड़ी की कश्ती, वो नैनी झील का पानी ! और हाय, वो उसमें डूब गई’ शीर्षक से विशेष सामग्री प्रकाशित होने के बाद नैनी झील में नौकायन पर चर्चा-मांगें तेज हो गई है। कोरोना महामारी के कारण 22 मार्च को लॉकडाउन लागू होने से पर्यटक नगरी नैनीताल में बंद हुआ नौकाओं का संचालन अनलॉक के दो चरणों के बाद भी प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे नौका संचालकों की आजीविका ठप पड़ी है। इस संबंध में नाव संचालको की पीड़ा को देखते हुये आम आदमी पार्टी की नगर कार्यकारिणी ने सोमवार को डीएम नैनीताल को नौका संचालन शुरू कराने के संबंध में ज्ञापन सौंपा और शीघ्र नौका संचालन शुरू कराने की मांग रखी। ज्ञापन सौंपने वालों में नगर अध्यक्ष शाकिर अली व जिला मीडिया प्रभारी मो.खुर्शीद हुसैन शामिल रहे।

आज़ाद के तीर में आज : अभिभावक वहां लुट रहे यहाँ इन स्कूलों को नहीं कर रहे मामूली सहयोग भी..

नौका चालकों ने अपर आयुक्त को ज्ञापन सोंप की नौका संचालन शुरू करने की मांग
नैनीताल। नैनी झील में नौकाओं का संचालन करने वाले नौका चालकों ने सोमवार को अपर आयुक्त संजय कुमार खेतवाल से मुलाकात कर उन्हें मंडलायुक्त को संबोधित ज्ञापन सोंपा। ज्ञापन में कहा गया कि नगर में सैलानियों की आवक शुरू होने के साथ अब उन्हें नैनी झील में नौका संचालन की अनुमति देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में नाव चालक संघ के अध्यक्ष राम सिंह बिष्ट, सचिव नैन सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष पूरन बोरा, उपाध्यक्ष युसूफ अहमद व प्रबंधक विक्रम बिष्ट आदि शामिल रहे।

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कमल ताल तब और अब। पूर्व में जून माह में ऐसे खिलते थे कमल और वर्तमान में यह है कमल ताल की स्थिति।

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2020। झीलों के जनपद में जिला मुख्यालय के करीबी पर्यटन स्थल नौकुचियाताल स्थित कमल के फूलों से महके रहने वाले और पर्यटकों के लिए बड़े आकर्षण, पौराणिक ’कमल ताल’ में इस वर्ष पहली बार जून माह में कमल के फूल नहीं खिले हैं। इसका कारण सरकारी उदासीनता और महज करीब तीन फिट चौड़े नाले में एक जाली का न लगना बताया जा रहा है। यह जाली पिछले वर्षों में टूट जाने के कारण नौकुचियाताल झील की ग्रास कॉर्प प्रजाति की मछलियां कमल ताल के कमल के जलीय पौधों को कुतर रही है। इस बारे में क्षेत्रीय लोग पूर्व में सिचाई व पर्यटन विभाग से लेकर मुख्यमंत्री के सचिव तक गुहार लगा चुके हैं, बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। नतीजा कमल ताल के पहली बार कमल विहीन होने के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा कमल ताल की सफाई की जानी भी जरूरी है। 
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जब प्रकृति कोरोना व लॉक डाउन के दौर में आत्म परिष्कार कर रही है, और प्रकृति कई मायनों में अपने पुराने स्वरूप में लौट रही है, फिर भी इस वर्ष कमल ताल में कमल नहीं खिल पाये हैं। यह पहला मौका है जब दशकों बाद कमल ताल में कमल नहीं खिले हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार करीब एक किमी व्यास का कमल ताल पौराणिक तालाब है और नौ कोनों के लिये विख्यात जनपद की नौकुचियाताल झील का ही एक हिस्सा है। नौकुचियाताल झील से ही इस झील में करीब तीन फिट चौड़े नाले से पानी आता है। पिछले दशक में नौकुचियाताल झील में काई इत्यादि जलीय पौधों को खाने के लिए ग्राम कॉर्प मछलियां डाली गईं। जिनकी वजह से कमल ताल में कमल के पौधों पर बुरा प्रभाव पड़ा। संभवतया वे पानी के साथ यहां पहुंचकर कमल के पौधों को नुकसान पहुंचाती हों। इस समस्या के समाधान के लिए नाले में जाली लगाई गई, जो कि अब टूट चुकी है। इस कारण ही पिछले करीब तीन वर्षों से कमल ताल में कमल के फूलों का खिलना लगातार कम हो रहा है। और इस वर्ष तो कमल के फूल खिले ही नहीं हैं। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि पौराणिक कमल झील के अस्तित्व को बचाने के लिए उन्होंने गत वर्ष मुख्यमंत्री के तत्कालीन सचिव-कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला को तथ्यों के आधार पर ज्ञापन देकर तालाब की दशा सुधारने की माँग रखी थी। इस पर श्री रौतेला ने जिला पर्यटन अधिकारी को समाधान को कहा था और पर्यटन अधिकारी ने 2019-20 की योजना में बजट स्वीकृत होने पर झील पर कार्य करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक कोई कार्य नहीं हुआ। इस पर उन्होंने पुनः मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टेल में इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है। इस बारे में जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने कहा कि अवस्थापना संबंधी कार्य उनके स्तर पर नहीं होते हैं।

यह भी पढ़ें : केंद्र-राज्य के दिशा-निर्देशों से खफा मुक्तेश्वर होटल एसोसिएशन ने किया अनिश्चिकालीन होटल बंदी का ऐलान

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जून 2020। जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुक्तेश्वर के होटल, रिजॉर्ट एवं होम स्टे संचालक केंद्र एवं राज्य सरकार के पर्यटन गतिविधियों को खोलने संबंधी दिशा-निर्देशों से नाराज हैं। संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने इस बारे में गंभीर विचार-विमर्श कर सर्वसम्मति से अपने प्रतिष्ठानों एवं मुक्तेश्वर क्षेत्र में समस्त पर्यटन गतिविधियों को अनिश्चितकाल के लिए अथवा कोरोना की महामारी से निजात मिलने तथा जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन होने तक पूर्ण रूप से बंद रखने का प्रस्ताव पास किया है। संगठन के अध्यक्ष प्रदीप दर्मवाल ने बताया कि उनकी आपत्ति दिशा-निर्देशों में चार बिंदुओं को लेकर है। पहला, दिशा-निर्देशों में जिन ‘हाईलोड’ शहरों की बुकिंग नहीं लेने के निर्देश हैं, 90 फीसद कारोबार उन्हीं शहरों से है। दूसरा, यहां आने वाले पर्यटकों को सात दिन के लिए क्वारन्टाइन होने की शर्त है। इस शर्त पर किसी पर्यटक का आना असंभव है। तीसरा, पर्यटक को किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नहीं जाना है, तो पर्यटक यहां आयेंगे ही क्यूं। चौथा रेस्टोरेंटों की समयावधि सुबह सात से शाम के साह बजे इस व्यवसाय के विरुद्ध है। क्योंकि लोग इस समय के बाद ही भोजन करते हैं। उनका कहना है कि इन कारणों के साथ ही होटलों को व्यवस्थायें बनाने में अतिरिक्त व्यय भी करना पड़ेगा। इसलिए इन दिशा-निर्देशों में होटलों को खोलना संभव ही नहीं है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने किया बाहरी लोगों को क्वारन्टाइन किये जाने के विरोध का ऐलान

नवीन समाचार, नैनीताल, 03 जून 2020। नगर के होटलों व रेस्टोरेंटा के संगठन नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अन्य जिलों व स्थानों के लोग को नैनीताल शहर में क्वारन्टाइन के लिए लाए जाने पर नगर की जनता के साथ इसका भरपूर विरोध करने का ऐलान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपने निर्णय से अवगत कराया है।
श्री साह ने पत्र में नैनीताल जनपद को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध रेड जोन घोषित करने पर भी नाराजगी जताई है। साथ ही कहा है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों पर बाहरी प्रदेशों से आने वाले लोगों को सीमा पर ही क्वारन्टाइन किया जाना है, जबकि नैनीताल सीमा से 80 किमी एवं नजदीकी रेलवे स्टेशन से 40 किमी दूर है। नगर के प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन के लिए अधिगृहीन होटल 20 मार्च से बंद हैं और इनके समस्त कर्मचारी लॉक डाउन के अपने घर जा चुके हैं। इसलिये किसी भी होटल में क्वारन्टाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। नगर में अनेक होटल रिहायशी क्षेत्र में हैं। शहर में अभी एक भी कोरोना का पॉजिटिव मामला नहीं है। ऐसे में यदि बाहरी लोगों को यहां लायाा जाता है तो नगर में कोरोना के संक्रमण का खतरा उत्पन्न हो जाएगा।

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