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पड़ताल : बड़े मीडिया हाउस का दावा-लॉक डाउन में नैनीताल के भूखे कुत्ते कर रहे नैनी झील की मछलियों का शिकार

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-कुत्ते नहीं लेपर्ड कैट यानी जंगली बिल्लियां कर रहीं मछलियों का शिकार : डा. रावत 
-मरी मछलियों को ले जाते कुत्तों के वीडियो से बनाई गई है खबर
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मई 2020। बड़े मीडिया हाउस इन दिनों दावा कर रहे हैं कि उनके पास संवाददाताओं और संपादकों की बड़ी टीम है, जो समाचारों को सच्चाई परख कर ही प्रकाशित करते हैं। ऐसा ‘डिजिटल मीडिया’ के बढ़ते प्रभाव के फलस्वरूप किया जा रहा है। गत 12 मई को देश के एक बड़े एवं प्रतिष्ठित अंग्रजी मीडिया हाउस ने एक कथित तौर वायरल वीडियो के आधार पर अपने प्रिंट एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समाचार प्रकाशित किया है कि नैनीताल में लॉक डाउन के प्रभाव में आवारा कुत्ते भोजन नहीं मिल पाने की वजह से नैनी झील की मछलियों को पकड़ कर उनका शिकार कर रहे हैं। समाचार के अनुसार नगर के होटलों के बचे भोजन पर निर्भर नगर के आवारा कुत्ते होटलों के बंद होने की वजह से नैनी झील की मछलियों को भोजन के लिए मार रहे हैं।
आपके प्रिय एवं भरोसेमंद, प्रदेश के सबसे पुराने समाचार पोर्टलों में शामिल, उत्तराखंड शासन से विज्ञापन मान्यता प्राप्त ‘नवीन समाचार’ की पड़ताल की। पड़ताल में पहले तो जिस वीडियो को वायरल बताया गया, उसके वायरल होने की ही पुष्टि नहीं हुई। नगर में सोशल मीडिया पर सक्रिय अनेक लोगों ने भी इस वीडियो को देखे जाने से इंकार किया। स्वयं जिन पर्यावरणविद् डा. अजय रावत का भी इस समाचार में उल्लेख किया, उन्होंने भी वह कथित वायरल वीडियो नहीं देखने की बात कही। डा. रावत ने कहा कि कुत्तों की प्रकृति कभी भी मछलियों के शिकार करने की नहीं होती है। उन्होंने कहा कि नगर की नैनी झील वन क्षेत्र से लगी हुई है, और अक्सर ही यहां वन्य जीव पानी पीने के लिए आते हैं। इन दिनों लॉक डाउन में वन्य जीवों का झील के पास आना अधिक बढ़ गया है। खासकर गुलदार यानी लेपर्ड और लेपर्ड कैट यानी जंगली बिल्लियों की आमद बढ़ गई है। दो दिन पहले नगर के अयारपाटा के जंगल में एक लेपर्ड कैट मृत एवं उसके तीन बच्चे भी रेसक्यू किये गये हैं। डा. रावत ने कहा कि वास्तव में ये लेपर्ड कैट ही झील की मछलियों का शिकार कर रहे हैं। संभवतया उनके बचे अंश ही वीडियो में कुत्ते ले जाते दिखे हों, जिसके आधार पर भी यह खबर प्रकाशित की गई। वैसे भी नगर में जिला प्रशासन, नगर पालिका एवं नैनीताल पुलिस के जवानों के द्वारा आवारा कुत्तों के भोजन का प्रबंध किया गया है। कई सामाजिक कार्यकर्ता भी आवारा कुत्तों को भोजन करा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रकाशित समाचार में भी डा. रावत ने ऐसी घटना पूर्व में देखे जाने एवं नगर की पशु चिकित्सा अधिकारी ने यह वीडियो देखे जाने से इंकार करते हुए नगर के करीब 500 कुत्तों को भोजन कराये जाने की बात भी कही है। उल्लेखनीय है कि नगर में लॉक डाउन के दौरान भी कुत्तों आदि आवारा पशुओं एवं बंदर-लंगूर आदि वन्य जीवों के भोजन न मिलने की वजह पहले से अधिक हमलावर होने के तथ्य की पुष्टि भी नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें : सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की मृत्यु की फेक न्यूज़ से हड़कंप, डीजी ने दिये मुकदमा दर्ज करने के आदेश

नवीन समाचार, देहरादून, 6 मई 2020। सोशल मीडिया पर का दुरुपयोग करने की भी हद हो गयी है। कल किसी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पेज पर ही उनकी एक पोस्ट पर कमेंट में एक मॉर्फ की हुई ऐसी तस्वीर डाल दी थी, जिसमें मुख्यमंत्री रावत के चित्र पर माला डाली गई थी और प्रधानमंत्री मोदी सहित कई नेताओं को उसके पीछे भोजन करते दिखाया गया था। अब एक ऐसी पोस्ट प्रकाश में आई है, जिसमें मुख्यमंत्री रावत की हृदयाघात से मृत्यु होने की बात कही है। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस हरकत में आ गई है।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने मामले में देहरादून के एसएसपी को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए है। उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी। उधर सूत्रो के अनुसार देहरादून पुलिस इस मामले में आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने जा रही है।

यह भी पढ़ें : अफवाह फैलाने के आरोप में एक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 22 अप्रैल 2020। धारी तहसील की तहसीलदार नितेश डागर ने ग्राम ककोड़ निवासी नारायण सिह पुत्र नैन सिह को अफवाह फैलाने के आरोप में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 188, 505 व आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 54 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर दिया है। धारी के एसडीएम एवं लॉक डाउन के प्रभारी अधिकारी आवश्यक व्यवस्थाएं अनुराग आर्य ने बताया कि इस व्यक्ति ने जिला आपदा कंट्रोल रूम में ग्राम ककोड़ मे बीमारी फैलने और इस बीमारी से गांव के 17 बच्चे बीमार होने की सूचना दी थी। इस पर उन्होंने तहसीलदार नितेश डागर के नेतृत्व मे स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भेजी। टीम के द्वारा ग्राम मे जांच की गई तो बीमारी फैलने की सूचना गलत पाई गई। इस पर तहसीलदार नितेश डागर ने गलत सूचना देने, बीमारी फैलने की अफवाह, ग्राम मे भय का माहौल फैलाने के आरोप में अभियोग पंजीकृत किया। उन्होंने कहा कि आजकल कोरोना महामारी का नाजुक दौर चल रहा है। इस दौरान किसी के भी द्वारा गलत सूचनाएं देने, किसी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कडी कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी।

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-सफलता नहीं मिली, मंगलवार को भी जारी रहेगा सर्च अभियान
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 6 अप्रैल 2020। नैनीताल जनपद की धारी तहसील के ओखलकांडा क्षेत्र में सोमवार को जमातियों के देखे जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा ने सूचना मिलने पर डीएम व एसएसपी नैनीताल को इसकी सूचना देकर तत्काल कार्यवाही करने की मांग की। इस पर प्रशासन ने क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई भी संदिग्ध फिलहाल पकड़ में नहीं आया। वहीं प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की चेतावनी पर सामने आने वाले वाले जमातियों के बारे में पुलिस-प्रशासन कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा को ओखलकांडा क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोगो को देखे जाने की सूचना मिली। इस पर विधायक ने डीएम और एसएसपी को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन व क्षेत्र वासियों में हड़कंप मच गया। राजस्व पुलिस और वन विभाग की टीम ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया पर सफलता हाथ नही लगी। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश सुयाल ने बताया कि हैड़ाखान क्षेत्र में दो से तीन संदिग्धों को देखे जाने और उनके पश्या व कोडार के जंगलों की तरफ निकलने की जानकारी मिली थी। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता घनश्याम पनेरू ने कहा कि लॉक डाउन और धारा 144 लागू होने के बावजूद संदिग्ध लोग पहाड़ों में धड़ल्ले से आ-जा रहे हैं। वहीं एसडीएम विनोद कुमार ने स्वीकारा कि संदिग्ध लोगों को देखे जाने की सूचना मिली थी। इस पर जंगलों में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अभियान कल भी जारी रहेगा। कानूनगो शकील अहमद ने भी बताया कि राजस्व उप निरीक्षकों की टीम ने कई जंगलों की खाक छान दी है, पर कोई सफलता हाथ नही लगी। स्थानीय लोगो का कहना है हो सकता है कुछ लोग डीजीपी के आज शाम तक जमातियों को सामने आने की चेतावनी से डर कर पहाड़ की तरफ रुख कर सकते है। इसी बात को लेकर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

यह भी पढ़ें : कोरोना पर कोयले वाली अफवाह फैलाने वाले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

नवीन समाचार, बागेश्वर, 31 मार्च 2020। बीती 28-29 मार्च को कुमाऊं मंडल में कोरोना विषाणु से बचने के लिये घर के बांये दरवाजे के पास खोदकर कोयला निकालने व उससे टीका लगाने की अफवाह बहुत तेजी से फैली थी। इस सम्बन्ध में बागेश्वर पुलिस ने 26 वर्षीय युवक अमित मिश्रा पुत्र भुवन चन्द्र मिश्रा निवासी ग्राम जखेड़ा, तहसील गरूड़, बागेश्वर को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से फेसबुक पेज Beautiful Devbhumi Uttarakhand में घर के बाहर बांयी ओर जमीन में खोदने पर कोयला मिलने व उस कोयले को पीसकर अपने माथे पर तिलक लगाने से कोरोना वायरस नहीं होने संबंधी भ्रामक पोस्ट की थी। कारोना वायरस के सम्बन्ध में भ्रामक पोस्ट करने/अफवाह फैलान पर पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बागेश्वर डीआर वर्मा के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने अमित मिश्रा उपरोक्त को गिरफ्तार कर कोतवाली बागेश्वर में मुकदमा अपराध संख्या 50/20, धारा-188 आईपीसी व 54 आपदा प्रबन्धन अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर दिया है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। हमारा अपने पाठकों से आग्रह है कि ऐसी कोई भी अफवाह फैलाने व अफवाहों को मानने से बचें। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला। उल्टा आप परेशानी व कानूनी जाल में फंस सकते हैं।

यह भी पढ़ें : बहुत तेजी से फैल रही कोरोना से मुक्ति के लिए दरवाजे के बाहर खोदने की अफवाह, रोकने की जरूरत…

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मार्च 2020। कोरोना के संक्रमण के भय के बीच लोग अफवाह फैलाने से बाज नहीं आ रहे। गत दिवस रात में सोते हुए पत्थर बन जाने के भय से लोग रात्रि में जागे, जबकि बीती रात्रि से कई लोग अपने दरवाजे के बाहर गड्ढा खोदने में लगे हुए है। ऐसा एक अफवाह के कारण हो रहा है, जिसमें कहीं सोमेश्वर तो कहीं गंगोलीहाट में सपने में देवी के द्वारा घर के बाहरी दरवाजे के बांयी ओर छोटा सा गड्ढा खोदने को कहा जा रहा है। हम ऐसी किसी अफवाह का समर्थन नहीं करते हैं। हमारी अपील है कि ऐसी किसी अफवाह के झांसे में अपना समय एवं विश्वास बर्बाद न करें।
अलबत्ता अफवाह के अनुसार गड्ढे में कोयले का टुकड़ा निकलेगा। उस टुकड़े से घर के सभी सदस्यों को काला टीका लगाना है, जिससे कोरोना की बीमारी नष्ट होने का दावा किया जा रहा है। इस अफवाह पर नगर के चार्टन लॉज, सात नंबर, निकटवर्ती खुर्पाताल, नौकुचियाताल, खैरना, गरमपानी आदि स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों द्वारा गड्ढा खोदने पर एक समान कोयले के टुकड़े निकलने के दावे किये जा रहे हैं। कई लोगों ने उनके एवं पड़ोस के तथा दूसरे स्थानों पर रहने वाले रिश्तेदारों के घरों में ऐसे कोयले निकलने के दावे किये हैं। इस संबंध में लोग सोशल मीडिया पर भी कोयला निकलने के वीडियो व पोस्ट शेयर कर रहे हैं।
इस पर कुमाऊं विवि के समाजशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष व समाजशास्त्री डा. डीएस बिष्ट का कहना है कि इस नाजुक समय में किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल भारत सरकार एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें : 30 साल पुरानी अफवाहों से लोगों की नींद उड़ाने की हुई साजिश, जानें कोरोना की सच्चाई..

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। बीती रात्रि नैनीताल, हल्द्वानी व अल्मोड़ा सहित प्रदेश के कई शहरों में 30 साल पुरानी अफवाहों से लोगों की नींद उड़ाने की साजिश होती रही। खेलों से जुड़े नगर पालिका कर्मचारी मनोज कुमार ने सोमवार सुबह-सुबह बताया कि रात्रि में मुरादाबाद, हल्द्वानी व अल्मोड़ा से फोन आते रहे, जिनमें कहा गया, रात को सोएं नहीं, जागे रहें। किसी गांव में लोग सोते हुए पत्थर के हो गए हैं। इससे बचने को घरों के बाहर निकलें। घरों के दरवाजों पर हल्दी से हथेलियों के निशान बनाएं। उल्लेखनीय है कि ऐसी ही अफवाहें 1980 के आखिरी दशक में चुड़ैल को लेकर भी फैलाई गई थी, अब 30 वर्ष बाद वैसी ही अफवाहें पहले ही कोरोना से डरे लोगों को डराने के लिए फैलाई जा रही हैं। ऐसी अफवाहों को सही जानकारी से दूर करने की जरूरत है। कोरोना से भी डरने की नहीं कुछ दिन सतर्कता, लोगों से दूरी (Social Distancing) बरतने की जरूरत है। इस हेतु अगले कुछ दिन खास ध्यान रखने की जरूरत है। इसीलिए सरकार ने ‘लॉक डाउन’ घोषित कर दिया है। इस दौरान खुद ही घर से बाहर न निकलें, और कोरोना का नियत समय गुजर जाने दें।
चीन में कोरोना को हराने वाले चिकित्सक के इस वीडियो से जानें कोरोना की पूरी सच्चाई..

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
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