👉विद्यालय की दीवारों पर लिखे हिंदी स्लोगन भी नहीं पढ़ पाए बच्चे, ब्लॉक प्रमुख के निरीक्षण में उजागर हुई शिक्षा की हकीकत, जताई नाराजगी📚

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नवीन समाचार, भीमताल, 30 अक्तूबर 2025 (Children could not Read Hindi Slogans of Walls)। भीमताल विकासखंड के अंतर्गत आदर्श विद्यालय योजना के तहत विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने की कवायद के बीच शिक्षा की गुणवत्ता की सच्चाई उस समय सामने आयी जब ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने ग्राम सभा ल्वेशाल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय … Read more

नैनीताल : शिक्षा विभाग ने सूचना के लिए मांगे लाखों रुपए, सूचनाधिकार कार्यकर्ता का गंभीर आरोप

RTI suchana logo

नवीन समाचार, नैनीताल, 01 अक्तूबर 2025 (Nainital-Education department demanded lakh Rs) । उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हल्द्वानी निवासी सूचनाधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया ने जनपद के सभी आठ ब्लॉकों से विद्यालयों में पिछले दस वर्षों से दूध, अंडों और मध्यान भोजन पर हुए व्यय … Read more

क्लस्टर आधारित उत्कृष्ट विद्यालय योजना का विरोध, गौवंश संरक्षण को लेकर सख्त निर्देश

Anger On GO Of Pension

क्लस्टर आधारित उत्कृष्ट विद्यालय योजना पर शिक्षा जगत में असंतोष, राजकीय विद्यालयों के अस्तित्व पर संकट, शिक्षकों ने उठाई योजना वापस लेने की मांग (Oppose of Cluster based Excellent School Scheme) नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2025। उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही ‘क्लस्टर आधारित उत्कृष्ट विद्यालय योजना’ को लेकर शिक्षा जगत … Read more

पढ़ाने तो दूर परीक्षा कराने भी नहीं आए शिक्षक, बच्चों ने खुद प्रश्न पत्र बांटे और परीक्षा दी, कई जगह बिना प्रश्न पत्र भी कराई जा रही हैं परीक्षाएं…

Students Exam Pariksha

नवीन समाचार, नई टिहरी, 26 अक्टूबर 2024 (Students gave Exam without Teachers in New Tehri)। उत्तराखंड के टिहरी जनपद में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का शायद सबसे बड़ा, अब तक पहले कभी सामने नहीं आया प्रमाण सामने आया है। यहाँ एक विद्यालय में पढ़ाने के लिए तो छोड़िए, परीक्षा संपन्न कराने के लिए भी … Read more

ब्रेकिंग : नैनीताल जनपद में 3 स्थानीय अवकाश (Chhutti) घोषित

CBSE cancelled recognition, Suchana

Chhutti

हाईकोर्ट ने सही ठहराया एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का फैसला, पर प्रकाशकों को भी दी यह राहत 

नैनीताल,13 अप्रैल 2018। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एनसीईआरटी की पुस्तकों को लेकर चले आ रहे विवाद में राज्य सरकार को फिलहाल बड़ी राहत दे दी है। न्यायालय ने सरकार के आईसीएसई से संबद्ध विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के आदेश को सही माना है। इसके इतर न्यायालय ने इस मामले से जुड़े 15 फरवरी, 6 मार्च व 9 मार्च को जारी शासनादेशों पर रोक लगा कर पुस्तक प्रकाशकों को भी कुछ राहत दे दी है। जबकि निजी स्कूल संचालक एवं प्रकाशकों को अपनी पुस्तक लागू करने के लिए पुस्तकों की सूची, कीमत राज्य सरकार एवं एनसीईआरटी को भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मामले की सुनवाई की अगली तिथि तीन मई तय कर दी है।

शुक्रवार को संयुक्त विद्यालय प्रबंधन समिति यूएस नगर, निशा एजुकेशन, नॉलेज र्वल्ड/प्रिसीपल प्रोगेसिव स्कूल एसोसिएशन, ऊधमसिंह नगर एसोसिएशन आफ इंडिपेंडेंट स्कूल, जंसवत एजुकेशन ट्रस्ट, प्रा. स्कूल एसोसिएशन एवं चिल्ड्रन एसोसिएशन समेत सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने सरकार को फिलहाल राहत दे दी है। न्यायालय ने अंतिरम आदेश जारी कर सरकार के फैसले के कुछ बिंदुओं पर मुहर लगा दी है। न्यायालय ने साफ कर दिया है कि यदि कोई प्रकाशक या निजी स्कूल अपनी पुस्तकों को लागू करना चाहता है तो इनको सूची, कीमत की जानकारी राज्य सरकार एवं एनसीईआरटी को देगा। 

पब्लिक स्कूलों की एनसीईआरटी की किताबों के खिलाफ याचिका निस्तारित, हड़ताल भी वापस

नैनीताल (4 अप्रैल 2018) उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एशोसिएशन की एनसीईआरटी की किताबों की अनिवार्यता के खिलाफ दायर याचिका को पब्लिक स्कूलों द्वारा प्रस्तावित 7 दिवसीय हड़ताल वापस लेने के शपथ पत्र देने के बाद निस्तारित कर दिया है।

इस प्रकार हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एशोसिएशन की एनसीईआरटी की किताबों की अनिवार्यता के खिलाफ मामला समाप्त हो गया है।

अलबत्ता राज्य में एनसीईआरटी की किताबों के लागू रहने के बारे में एक अन्य मामला अब भी उच्च न्यायालय में लंबित है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होनी है।

पूर्व समाचार : उच्च न्यायालय ने स्कूल एसोसिएशन से पूछा किसने दिया शिक्षा के मूल अधिकार को बाधित करने का अधिकार

नैनीताल (31 मार्च 2018) उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एशोसिएशन द्वारा एनसीईआरटी की किताबों की अनिवार्यता को लेकर की जा रही 7 दिवसीय हड़ताल के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामले में स्कूल एशोसिएशन को दस्ती समन जारी कर पूछा है कि उन्हें शिक्षा के मूल अधिकार को बाधित करने का अधिकार किसने दिया है। साथ ही सरकार से भी 4 अप्रैल तक जवाब मांगते हुए इसी दिन सुनवाई की अगली तिथि घोषित कर दी है।
मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी नवीन कपिल व दिनेश चंदोला ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सरकार के सरकारी व अर्ध सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य रूप से लागू करना का आदेश शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने का एक सराहनीय कदम है। परंतु पब्लिक स्कूलों व पुस्तक विक्रेताओं के द्वारा अपने लाभ को लेकर इस आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। याचिका में पब्लिक स्कूलों व पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ एस्मा लगाने की मांग भी की गयी है।

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