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कांग्रेसियों ने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर किया प्रदर्शन

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2020। प्रदेश भर के साथ नगर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर तल्लीताल पेट्रोल पंप के सामने प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य के नेतृत्व में कांग्रेसी सोमवार अपराह्न तल्लीताल डांठ पर पहुंचे और राज्य सरकार पर जनता पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
सरिता आर्य ने कहा कि मोदी सरकार जनता के आर्थिक उत्पीड़न पर उतर आई है, वहीं विरोध करने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे लगा रही हैं। प्रदर्शन में पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रमेश पांडे, रईश भाई, हेम आर्य व जेके शर्मा आदि पार्टीजन शामिल रहे।

चंपावत में निकाले जाने से आहत आशाओं ने किया प्रदर्शन
नैनीताल। एक्टू से संबद्ध आशा कार्यकत्रियों ने उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार का ेनगर के तल्लीताल डांठ पर प्रदर्शन किया व डीएम सविन बंसल के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में उन्होंने कोरोना महामारी और लॉकडाउन में पूरी निष्ठा से ‘प्रथम पंक्ति की कोरोना योद्धाओं’ के रूप में कार्य करने का हवाला देते हुए उनके सवालों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के बजाय अपनी न्यायसंगत मांगों को उठाने वाली आशाओं के खिलाफ कार्यवाही करने पर सवाल उठाए। उन्होंने चम्पावत जिले में मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा 264 आशाओं को निकालने के आदेश और ऊधमसिंहनगर जिले में भी आशाओं को बाहर निकालने के लिए लिस्ट बनाने की कार्यवाही को बेहद अन्यायपूर्ण व कोरोना योद्धा आशाओं के सम्मान पर चोट बताया। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, प्रेमा पंत, भगवती शर्मा, कमला डालाकोटी, सुमन बिष्ट, रमा गैड़ा, दुर्गा टम्टा, पुष्पा खुल्बे, शांति आर्या, चंद्रा सती, हेमा आर्या, मुन्नी, दीपा अधिकारी, तुलसी बिष्ट, सरिता कुरिया, हंसी खड़ायत, विमला ठठोला व पूनम आर्या आदि शामिल रहे।

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बेहद गंभीर श्रेणी के हृदय रोगी निकले गृह एकांतवास में रखे व्यक्ति
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2020। नगर के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने एक घर में दिल्ली के परिवार को रखने पर अपने प्रस्तावित धरने को स्थगित कर दिया। अलबत्ता उन्होंने इस संबंध में मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी को एक पत्र सोंपकर नगर में आम व खास लोगों को गृह एवं संस्थागत एकांतवास रखने में पक्षपात का आरोप लगाया।
इधर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि सुबह संबंधित परिवार के बुजुर्ग की दिल्ली के वेदांत अस्पताल से प्रपत्र आ गये। जिनके अनुसार बुजुर्ग श्रेणी-4 यानी गंभीर श्रेणी के हृदय रोग के मरीज हैं। उन्हें गत दिनों बड़ा हृदयाघात होने के बाद बड़ा ऑपरेशन हुआ है, जिसके जरिये उन्हें दो स्टंट लगाये गये हैं। डा. धामी ने उन्हें कहा कि इतनी गंभीर स्थिति की, आना ही नहीं चाहिए था। बेहतर होगा कि वे वापस दिल्ली ही चले जाएं। क्योंकि जरूरत पड़ने पर उन्हें यहां अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। इस बारे में उन्होंने सभासद जगाती से भी वार्ता की।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जुलाई 2020। नगर पालिका के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने शनिवार को अपने ही वार्ड के एक घर के आगे प्रशासन के विरोध स्वरूप धरना देने का ऐलान किया है। जगाती का कहना है कि उनके वार्ड स्थित गुलाटी भवन के नीचे श्री सच्चर के घर में दिल्ली से एक परिवार आया है, जिसे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय प्रशासन ने दिल्ली के रेड जोन से आने के बावजूद ‘गृह एकांतवास’ में रखा है। जबकि नैनीताल नगर और उनके अयारपाटा वार्ड के बच्चों को सूखाताल और हल्द्वानी में एकांतवास में रखा गया है। इस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्होंने प्रशासन के खिलाफ वे शनिवार को क्षेत्रीय जनता के साथ संबंधित घर के आगे धरना देंगे।
वहीं इस बारे में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने कहा कि संबंधित परिवार में पति-पत्नी व एक छोटा बच्चा है। यह परिवार बृहस्पतिवार को आया है। महिला ने बताया है कि वह हृदय रोगी है, और उसका हृदय का ऑपरेशन हुआ है। इस आधार पर वह तथा उसके पति उसकी देखभाल के लिए एवं छोटा बच्चा नियमानुसार गृह एकांतवास में रहने के अधिकारी हैं। अलबत्ता महिला अपने ऑपरेशन के कागजात नहीं दिखा पाई है। ऐसे में उन्हें शनिवार सुबह तक प्रपत्र दिखाने को कहा गया है। यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उनमें से एक व्यक्ति को बच्चे की देखरेख के लिए छोड़कर शेष किसी एक को संस्थागत एकांतवास में भेजा जाएगा। साथ ही उनके कोरोना जांच हेतु नमूने भी लिये जाएंगे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2020। देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ताओं पर लगाये गये मुकदमों से आंक्रोशित कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नगर में केंद्र व राज्य सरकारों का पुतला फूंका। गांधी चौक तल्लीताल पर आयोजित पुतला दहन में पूर्व विधायक सरिता आर्य के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेसियों ने डीजल-पेट्रोल के दाम में की गई वृद्धि को वापस किए जाने और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित कई लोगों पर जो लगाए गये झूठे मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए।
सरिता आर्य ने कहा कि जनता बेहाल है, और आर्थिक स्थिति से जूझ रही है। लेकिन गूंगी-बहरी सरकार परिवहन निगम की बसों का किराया दोगुना कर उनके जख्मों पर नमक छिड़क रही है। इस दौरान गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी गई। विरोध-प्रदर्शन में पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रमेश पांडे, पूर्व दर्जा मंत्री खष्टी बिष्ट, मारुति नंदर साह, जेके शर्मा, हेम आर्य, हिमांशु पांडे, त्रिभुवन फर्त्याल, केके शर्मा, संजय वर्मा, भैय्यू सती, सावित्री तिवारी, महिला जिला अध्यक्ष मीना बिष्ट सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : वीर शहीदों को मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि, कहा-चीनी सामान का बहिष्कार करें तो अपनी औकात में आ जाएगा चीन 

-आम आदमी पार्टी और सरस्वती विहार ने किये भारतीय सैनिकों की शहादत पर आक्रोश प्रदर्शन

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2020। चीनी सैनिकों द्वारा गत दिवस भारतीय सैनिकों पर धोखे से किये गये हमले के विरोध में शनिवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर व जिला विधानसभा प्रभारी प्रदीप दुम्का के निर्देशन तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता शाकिर अली के नेतृत्व में शनिवार को जिला व कुमाऊं मंडल मुख्यालय मुख्यालय में चीन के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रातः 11 बजे में किये गये प्रदर्शन में चीन सीमा पर शहीद हुये वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गयी व चीन के खिलाफ नारेबाजी की गयी।
आक्रोश प्रदर्शन में वक्ताओं ने चीनी सेना द्वारा गलवान घाटी में भारतीय सेना पर धोखे से किये गये हमले की कड़े शब्दों में निंदा की व भर्त्सना की गयी। साथ ही शहीदों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गयी। आक्रोश प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर व जिला प्रभारी प्रदीप दुम्का ने तथा संचालन वरिष्ठ कार्यकर्ता शाकिर अली ने किया। कार्यक्रम में अमित रस्तोगी, नईम अहमद, रियाजुद्दीन, सूरज कुमार, राजेंद्र प्रसाद, ललित पंत, देवेंद्र आर्य, नईम खान ( निम्मो ), विजय साह, दीपक कुमार, अभिषेक मुल्तानिया, मौनी भाई व गोधन सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल हुए।
उधर नगर के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार माध्यमिक विद्यालय दुर्गापुर में देश के 20 वीर शहीद जवानों को 101 दिये जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय, वी शहीद अमर रहें, वंदे मातरम और चीनी सामान का बहिष्कार करने के नारे भी लगाए। विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने भारत सरकार से आह्वान किया कि यदि चीन बाज नहीं आता तो उसके साथ व्यापार सहित तमाम रिश्ते खत्म किये जाने चाहिए। आरएसएस के जिला प्रचारक मनोज ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि चीन हमारे ही पैंसों से धन्ना सेठ बना बैठा है, और हमें ही समय-समय पर क्षति पहुंचाता रहता है। यदि देशवासी चीनी सामान का बहिष्कार कर दें तो चीन अपनी औकात में आ जाएगा। कार्यक्रम में डा. माधव प्रसाद त्रिपाठी, विनोद कुमार, विवेक, योगेश, खजान उपाध्याय व राहुल सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
उधर तल्लीताल डांठ पर हिंदू जागरण मंच की युवा वाहिनी के सदस्यों ने चीन का पुतला और चीनी सामानों की होली जलाई। होली जलाने वालों में हिंजामं के नगर अध्यक्ष भास्कर आर्य, उपाध्यक्ष वैभव आर्य, महामंत्री तरुण राज, दक्ष सिंह, प्रमोद प्रसाद, विश्वकेतु वैद्य, समीर राज व धीरज कुमार आदि सदस्य शामिल रहे।

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-सीने में दर्द की शिकायत के बाद सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज को किया संदर्भित

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 फरवरी 2020। नैनीताल जिला कारागार में बंद एक बंदी ने परिवार न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ जेल के बाद जिला चिकित्सालय में ही अनशन जारी रखा है। जेलर रमेश कुमार भारती ने बताया कि रामनगर के मोहान निवासी कैलाश चंद खुल्बे ने परिवार न्यायालय के आदेश के बाद जेल पहुंचकर शनिवार 8 फरवरी से जेल में अनशन शुरू कर दिया था। स्वास्थ्य में खराबी आने पर उसे सोमवार को बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इधर जिला चिकित्सालय में भी बंदी द्वारा अनशन जारी रखने की बात कही जा रही है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमएस दुग्ताल ने बताया कि बंदी ने उनके सामने भोजन नहीं लिया है। उसने भोजन ग्रहण करने से इंकार कर दिया। अलबत्ता उसने पानी पिया। उसके सीने में कभी-कभी दर्द की समस्या आ रही है। इसके लिए उसके कुछ परीक्षण कराने के लिए मंगलवार सुबह सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी भेज दिया गया हैं। अस्पताल में भर्ती किये जाते समय उसके रक्तचाप में भी समस्या थी, जो कि अब उपचार के बाद सामान्य हो गया है।
बताया गया है कि बंदी कैलाश खुल्बे पुत्र दयाकिशन खुल्बे बीती 4 फरवरी से नैनीताल जिला कारागार में बंद है। उससे संबंधित वाद पारिवार न्यायालय रामनगर में विचाराधीन था। 7 फरवरी को उसे रामनगर न्यायालय भेजा गया। जहां परिवार न्यायाधीश की ओर से उसे तीन माह की कैद की सजा सुनाई, और भरण पोषण के लिए 78 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माने के विरोध में उसने उसी शाम से जेल में एक किनारे आसन लगा कर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। कैलाश ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल और मानवाधिकार आयोग से इस आदेश की शिकायत करने की बात कही। इस पर जेलर रमेश चंद्र भारती ने बताया कि कैलाश ने जेल प्रशासन को लिखित पत्र देकर कहा है कि उसे बगैर सम्मन दिए न्यायालय में गैर हाजिर रहना बताकर, गिरफ्तार कर लिया गया। वह बेरोजगार है, बावजूद पत्नी के भरण-पोषण के लिए काफी अधिक, 78 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। लिहाजा, उसकी सजा व जुर्माना कम किया जाए। न्याय मिलने तक वह आमरण अनशन करेगा। जेलर भारती ने बताया कि उसके पत्र को डीएम, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश आदि को रिपोर्ट लगाकर भेज दिया गया है।

पत्नी का दिल पसीजा, कहा-रुपए मिल गए हैं
नैनीताल। इधर सूत्रों से पता चला है कि कैलाश खुल्बे के आमरण अनशन करने पर उसकी पत्नी का दिल पसीज गया है। उसने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर सूचित किया है कि उसे रुपए मिल गए हैं। जेलर रमेश भारती ने ऐसा पत्र संज्ञान में आने की बात कही है, परंतु अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

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कमल जगाती @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 फरवरी 2020। नैनीताल जिला कारागार में बन्द एक बंदी ने परिवार न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ जेल में ही अनशन शुरू कर दिया है। जेल प्रशासन अब बंदी की शिकायत से न्यायाधीश को अवगत कराने पर विचार कर रहा है। जेलर रमेश कुमार भारती ने बताया कि वो छुट्टी पर हैं। अलबत्ता उन्होंने जानकारी दी कि नैनीताल जिले के रामनगर में परिवार न्यायालय से पत्नी को खर्चा भत्ता देने और तीन साल की सजा होने के बाद करीब सप्ताह भर पहले जेल आये रामनगर के मोहान निवासी कैदी कैलाश चंद खुल्बे ने परिवार न्यायालय के आदेश के बाद जेल पहुंचकर अपनी शनिवार से नाराजगी व्यक्त करते हुए, एक किनारे आसन लगा लिया है और कुछ भी खाने से इनकार कर दिया है। पता चला है कि कैलाश, अदालती आदेश से परेशान था और जेल पहुँचकर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि कैलाश का आरोप है कि बगैर सम्मन दिए उन्हें न्यायालय में गैर हाजिर रहना बताकर, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वह बेरोजगार है। उसकी सजा व जुर्माना कम किया जाए।कैलाश ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल और मानवाधिकार आयोग से इस आदेश की शिकायत करने की बात कही है। कैलाश ने अदालत के भरण पोषण और तीन वर्षीय जेल संबंधी आदेश को उत्पीड़न बताते हुए कहा कि जब तक उसके साथ न्याय नहीं होगा वह भूख हड़ताल पर डटे रहेंगे।

जेलर रमेश ने कहा है कि कैलाश की तरफ से लिखित शिकायत मिलने के बाद वो परिवार न्यायालय के न्यायाधीश और जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे। फिलहाल कैलाश का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : आखिर हल्द्वानी ‘हल्द्वानी’ ही रहा, ‘शाहीन बाग’ नहीं बना, रात्रि में दूर हुई सारी चिंताएं…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 24 जनवरी 2020। आखिर हल्द्वानी हल्द्वानी ही रहा, शाहीन बाग नहीं बना। शहर में अमन-चैन, कौमी एकता बनी रही। रात्रि में सारी चिंताएं दूर हो गईं।  हल्द्वानी में पिछले 3 दिनों से सीएए के खिलाफ चल रहा मुस्लिम महिलाओं का धरना आखिर समाप्त हो गया है। प्रशासन और पुलिस के प्रयासों से शुक्रवार रात्रि आखिरकार 60 घंटे बाद धरना खत्म हो गया। इससे पूर्व शुक्रवार की दोपहर 12 बजे धरने को ताज चौराहे से लाइन नंबर आठ में शिफ्ट करा दिया गया था। डीआईजी की कोशिशों के बाद आंदोलनकारी मान गए और रात साढ़े दस बजे राष्ट्रगान व दुआ के साथ धरना खत्म कर दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसएसपी सुनील कुमार मीणा को सौंपा, जिसमें सीएए को वापस लेने की मांग उठाई गई। इसके बाद धरने पर बैठी महिलाएं घर चली गईं। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।, हालांकि प्रशासन आगे भी 27, 28 और 29 जनवरी को फिर से मुस्लिम समुदाय के संभावित धरने को देखते हुए एहतियात के तौर पर वनभूलपुरा में क्षेत्र में चौकसी बनाये हुए है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के घुसपैठियों से संबंधित कड़े बयान के बाद प्रशासन क्षेत्र में धारा 144 लागू कर, प्रदर्शनकारियों को ताज चौराहे की जगह लाइन नंबर 8 में भेजने में सफल रहा था, और आज धरना समाप्त करने के रूप में बड़ी सफलता हासिल कर ली है। उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी में धरना-प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक पूरे 3 दिन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में कार्रवाई की तैयारी ! दो थाना क्षेत्रों में लगी धारा 144, सीएम ने कहा-जेएनयू-कश्मीर के घुसपैठिये शामिल, चिन्हित कर करेंगे कड़ी कार्रवाई

नवीन समाचार, देहरादून/हल्द्वानी, 23 जनवरी 2020। नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी के खिलाफ हल्द्वानी के ताज चौराहे पर दिल्ली के ‘शाहीन बाग’ की तर्ज पर बीती रात भर बैठी मुस्लिम महिलाओं और बच्चों के आंदोलन पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है-उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ घुसपैठिये बाहर से राज्य में घुसकर यहां का माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। ये लोग जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी और कश्मीर से आए हैं। सीएम ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर प्रशासन ने बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के दो थाना क्षेत्रों में धारा 144 लगा दी है।

उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी में महिलाएं और बच्चे हाथों में नारे लिखीं तख्तियां लेकर अपनी मांगों को उठा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। इस पर सीएम ने त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को देहरादून के एसजीआरआर पीजी कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा और काठगोदाम थाना क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने धारा 144 लागू करने के संबंध में जारी अपने आदेश पत्र में शांति भंग की आशंका जताई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने पत्र में कहा है कि उन्हें सूत्रों से सूचना मिली है कि बनभूलपुरा और काठगोदाम थाना क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब कर सकते हैं। इन सूचनाओं के परीक्षण और मंथन के बाद शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए काठगोदाम और वनभूलपुरा थाना क्षेत्रों में अग्रिम आदेशों तक धारा 144 लागू की गई है। इस दौरान जिला मजिस्ट्रेट और संबंधित क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थान पर 5 या अधिक लोग एकत्र नहीं होंगे। बिना अनुमति सार्वजनिक सभा की इजाजत नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति शस्त्र, लाठी, डंडा आदि लेकर संबंधित थाना क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाएगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : सीएए को लेकर इस हद तक जाएगी भाजपा

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जनवरी 2020। सीएए यानी संशोधित नागरिकता अधिनियम को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही भाजपा अब इस मुद्दे पर सीधे तौर पर ‘फ्रंट फुट’ पर आने जा रही है। पार्टी नए वर्ष में एक से 15 जनवरी तक इस मुद्दे को बूथ स्तर तक लेकर जाएगी। बूथ स्तर तक सीएए पर पार्टी द्वारा तैयार पत्रक बांटे जाएंगे तथा हर बूथ से 25 लोगों के विचार लिखवाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भिजवाए जाएंगे। इसके लिए अलग-अलग कार्यकर्ताओं को बूथों की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही पार्टी के कार्यकर्ता आगामी सात से 10 जनवरी तक अलग-अलग वर्गों, कार्यालयों-बैंकों में महिला मोर्चा कार्यकत्रियां महिलाओं के बीच एवं युवा मोर्चा कार्यकर्ता स्कूल-कॉलेजों में इस मुद्दे को ले जाकर लोगों को सीएए के बारे में समझाएंगे। इसी कड़ी में आगामी 5 जनवरी को जनपद के हल्द्वानी में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ पत्रकार वार्ता करेंगे तथा 12 जनवरी को हल्द्वानी में पार्टी के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ का सम्मेलन भी इसी मुद्दे पर होगा। इसके अलावा पार्टी इस नये कानून संशोधित से लाभान्वित होने की श्रेणी में जनपद में यदि कोई शरणार्थी होंगे तो उन्हें देश की नागरिकता जल्द ले लेने के लिए प्रेरित भी करेगी।

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पार्टी के नवनियुक्त नगर मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट ने बुधवार को पार्टी की नैनीताल क्लब में आयोजित बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को यह जानकारियां देते हुए बताया कि शरणार्थियों के लिए सरकार की ओर से 90 दिन के शिविर में लगने जा रहे हैं, ताकि शरणार्थी देश की नागरिकता लेने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें। उन्हांेने जोर देकर कहा कि सीएए किसी की नागरिकता लेने का नहीं, बल्कि शरणार्थियों को देश की नागरिकता देने का कानून है। यह बात जनता को समझानी है। इस मौके पर कुमाऊं मंडल विकास निगम की उपाध्यक्ष रेनू अधिकारी बतौर मुख्य अतिथि तथा निगम के निदेशक कुंदन बिष्ट तथा पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, जीवंती भट्ट, तुलसी कठायत, दया किशन पोखरिया, नितिन कार्की, नीरज जोशी, मोहित साह, प्रमोद सुयाल, भूपेंद्र बिष्ट, रईश भाई, सभासद सागर आर्या, भगवत रावत सहित बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : सीएए के समर्थन में उमड़ा नैनीताल, तिरंगों के साथ निकाला जुलूस…

-गत दिवस विरोध जुलूस का बताया जा रहा है जवाब
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 दिसंबर 2019। सर्वधर्म की नगरी सरोवरनगरी नैनीताल बृहस्पतिवार को सीएए यानी संशोधित नागरिकता अधिनियम के समर्थन में उमड़ पड़ी। नगर के छात्रों, व्यापारियों एवं भाजपाइयों के साथ ही कांग्रेस से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर मल्लीताल रामलीला मैदान में एकत्र होकर माल रोड से होते हुए तल्लीताल तक जुलूस निकाला। जुलूस में लोग खासकर सीएए के विरोध में होर्डिंग हाथों में लिये हुए थे और ‘हिंदुस्तान में रहना होगा तो वंदे मातरम कहना होगा’ सरीखे नारे लगा रहे थे। वहीं होर्डिंगों में ‘वी सपोर्ट सीएए, हम भारतीयों का एक ही नारा-सीएए, भारत कोई धर्मशाला नहीं, हमे अपनी आने वाली पीढ़ियों की चिंता है, देश के सुरक्षित भविष्य को सीएए जरूरी’ हम सबको प्यारा व झूठ मत फैलाओ’ सरीखे नारे लिखे हुए थे। जुलूस में शामिल लोगों ने अपने गंतव्य तल्लीताल पहुंचकर राष्ट्रगान गाया तथा भारत माता की जय के नारे भी लगाए। एसडीएम विनोद कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।
वहीं जुलूस की अगुवाई कर रहे लोगों ने कहा कि यह जुलूस गत दिवस सीएए के विरोध में निकाले गए जुलूस का प्रतिफल है। सरोवरनगरी सर्वधर्म की नगरी है। यहां सीएए के विरोध की कोई जरूरत ही नहीं थी। फिर भी इसके विरोध के लिए जुलूस निकाला गया, जिसके प्रतिक्रियास्वरूप आज के जुलूस की तैयारी की गई। जुलूस में कुंदन बिष्ट, नीरज जोशी, मोहित रौतेला, भूपाल बिष्ट, चंदन जोशी, अखिलेश बवाड़ी, विमल बिष्ट, रुचिर साह, सूरज पांडे, सौरभ रावत, आनंद बिष्ट, बिमला अधिकारी, मीनू बुधलाकोटी, विक्की राठौर, बीना जोशी, वैभव जोशी, आर्यन राज, दया किशन पोखरिया, कमलेश ढोंढियाल, भानु पंत, संगीता पंत, जीवंती भट्ट, गिरीश जोशी, गिरीश कांडपाल, हिमांशु जोशी, हिमांशु ओली व देवेंद्र सहित सर्वधर्म के सैकड़ों लोग शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में हुआ सीएए व एनआरसी का मौन विरोध, समर्थन जुलूस की भी तैयारी शुरू…

-मल्लीताल पंत पार्क से तल्लीताल गांधी मूर्ति तक निकाला मौन जुलूस, राष्ट्र ध्वज तिरंगा हाथों में लेकर राष्ट्रगान भी गाया
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 दिसंबर 2019। नगर के मुस्लिमों की संस्था ‘द अंजुमन इस्लामिया’ की पहल पर नैनीताल नागरिक मंच के बैनर तले मंगलवार को कांग्रेस व बाम दलों सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े सर्वधर्म के लोगों ने वरिष्ठ पत्रकार व उत्तराखंड लोक वाहिनी के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव लोचन साह के नेतृत्व में नगर में सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम एवं एनआरसी यानी भारतीय राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में उतर पड़े। उन्होंने मल्लीताल पंत पार्क से तल्लीताल गांधी मूर्ति तक हाथों में राष्ट्र ध्वज तिरंगा तथा ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम रद्द करो, से नो टु एनआरसी, बोल के लब आजाद हैं तेरे, बोल जबान अब तक तेरे’ जैसे संदेश लिखे पोस्टर लेकर मौन जुलूस निकाला तथा तल्लीताल में समापन अवसर पर राष्ट्रगान भी गाया, सरकार से नागरिकता संसोधन अधिनियम को रद करने की मांग की। इस दौरान भारतीय संविधान की शपथ भी ली गई। और डीएम के प्रतिनिधि एसडीएम विनोद कुमार के माध्यम से देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा। विरोध करते हुए काले फीते भी बांधे।

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इस दौरान उपस्थित लोगों को केंद्र सरकार की मंशा बताते हुए दावा किया कि एनआरसी लागू होने पर लोगों को लाइनों में खड़ा रहना होगा। मौन जुलूस में पूर्व कांग्रेस विधायक सरिता आर्य, पूर्व दायित्वधारी रईश भाई, डा. रमेश पांडे, पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सैयद नदीम खुर्शीद, सीपीएम के कैलाश जोशी, अंजुमन इस्लामिया के सदर फारूख सिद्दीकी, महासचिव मो. मतलूब, अब्दुल रज्जाक, मो. उस्मान, अब्दुल सत्तार, नाजिम बक्श, अजय कुमार, गीता पांडे, मोहम्मद अतर, अनिल बिष्ट, डा. कैलाश तिवारी, सभासद गजाला कमाल, डा. शबनम, अंजुमन व सुखविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

अब 26 को सीएए व एनआरसी के समर्थन में जुलूस की तैयारी

नैनीताल। सीएए व एनआरसी के विरोध के बाद अब नगर में इसके समर्थन में जुलूस निकालने की तैयारी भी प्रारंभ हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर को शाम चार बजे से मल्लीताल रामलीला मैदान से सीएए व एनआरसी के विरोध में जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस के लिए लोगों को आमंत्रित करने के लिए सोशल मीडिया पर लोगों से आह्वान किया जा रहा है।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली (आईएएनएस), 21 दिसंबर 2019। देश के 62 फीसद लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का समर्थन करते हैं। वहीं असम के 68 फीसद लोग इस कानून के खिलाफ हैं। आईएएनएस-सी वोटर के सर्वेक्षण में शनिवार को यह राय सामने आई। देशभर में 3000 नागरिकों में 17 से 19 दिसम्बर के बीच कराए गए स्नैप पोल में नमूने के तौर पर सबसे अधिक लोग 500 असम से लिए गए थे, जिसमें पूर्वोत्तर व मुस्लिम समुदाय के लोग समान रूप से मौजूद रहे। रिपोर्ट के अनुसार देशभर के 62.1 फीसद लोगों ने कहा है कि वह सीएए के समर्थन में हैं, जबकि 36.8 फीसद लोगों ने कहा है कि वह इसके विरोध में हैं। रिपोर्ट में पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से 57.3, 64.2, 67.7 और 58.5 फीसद लोगों ने क्रमश: कानून के पक्ष में होने की बात कही। इसी प्रकार पूरब में 42.7 फीसद, पश्चिम में 35.4 फीसद, उत्तर में 31.2 फीसद और दक्षिण में 38.8 फीसद लोगों ने कहा कि वह इस कानून का विरोध करते हैं। पिछले हफ्ते पूर्वोत्तर में इस कानून का भारी विरोध हुआ था। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि यहां 50.6 फीसद लोग कानून के समर्थन में हैं वहीं 47.7 लोग इस एक्ट के विरोध में हैं। हालांकि एक अन्य प्रश्न कि क्या सीएए की आड़ में आने वाले लोग देश के लिए खतरा बन सकते हैं, इस सवाल के जवाब में देश भर के 64.4 फीसद लोगों ने हां में उत्तर दिया। वहीं 32 फीसद ने कहा कि ऐसा नहीं होगा। सर्वे में कहा गया कि पूरब, पश्चिम और उत्तर भारत में 69, 66, 72.8 फीसद लोगों को क्रमश: ऐसा लगता है कि यदि दूसरे देशों से लोग भारत में आकर बसे तो सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हालांकि, दक्षिण भारत के 47.2 फीसद लोग इस बात से सहमत हैं जबकि 50 फीसद को ऐसा लगता है कि अन्य देशों के लोगों के यहां बसने से देश को कोई खतरा नहीं होगा। पूर्वोत्तर राज्यों में केवल 59.8 फीसद लोग इस बात से सहमत हैं, जबकि 35.7 प्रतिशत इस बात का विरोध करते हैं। असम की बात करें तो 73.4 फीसद लोगों को ऐसा लगता है कि यदि विदेशी भारत में आकर बसें तो वह समाज और सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। वहीं, 21.8 फीसद लोगों को ऐसा नहीं लगता है।

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-लगाये तमाम आरोप, आगे शालीनता के साथ ही सड़क पर संघर्ष करने का किया ऐलान

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मई 2019। भारतीय जनता पार्टी लोक सभा चुनाव में ‘छप्पर फाड़ जीत’ से गदगद है। ऐसे में पार्टी ने मंगलवार को विधायक संजीव आर्य के मुख्यालय आगमन पर उनका अभिनंदन किया तथा दूसरी बार आपस में मिष्ठान्न वितरण किया। वहीं विधायक ने इस मौके पर नगर पालिका परिषद नैनीताल की कार्य प्रणाली पर अनेक आरोप लगाते हुए अब शालीनता के साथ ही सड़क पर संघर्ष करने का ऐलान किया। माना जा रहा है कि भाजपा की यह आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति का एक हिस्सा हो सकता है, जिसके जरिये पार्टी जिला व मंडल मुख्यालय में अपनी हमेशा की कमजोरी को मजबूती में बदल सकती है।
अभिनंदन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विधायक संजीव आर्य ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में पिछले पांच वर्षों से 5 लाख से अधिक का कोई कार्य एकमुस्त नहीं हुआ है। कहा कि पालिका में 60-70 हजार के या बड़े कार्यों को दो लाख से नीचे 1.99 लाख का बनाकर बिना निविदा प्रक्रिया के करने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है, जिसे बदलना जरूरी हो गया है। उनके विधायक के कार्यकाल में जहां अन्य जगह 90 फीसद कार्य पूरे हो चुके हैं, वहीं नैनीताल पालिका से धनराशि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को स्थानांतरित करनी पड़ी है। पूर्व में स्वीकृत कैपिटॉल सिनेमा के पास के चिल्ड्रन पार्क में 28 लाख के सहित बाल्मीकि पार्क के कार्य शुरू भी नहीं हुए हैं। वहीं सवा करोड़ रुपये की कूड़ा गाड़ियां भी गलत तरीके से खरीदी गयी हैं। कहा कि भाजपा ने नई पालिका बोर्ड को अपने वादे के 6 माह से कहीं अधिक पर्याप्त समय दे दिया है। अब भाजपा इसके खिलाफ पार्टी संघर्ष शुरू करेगी। इस दौरान विधायक ने वर्ष 2016-17 के लिए डीएसबी परिसर के नामित छात्र संघ अध्यक्ष मोहित रौतेला का भी अभिनंदन किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, शांति मेहरा, नितिन कार्की, जीवंती भट्ट, भानु पंत, कुंदन बिष्ट, रीना मेहरा, तुलसी कठायत, बिमला अधिकारी, पार्वती दोषाद, संगीता पंत, संतोष साह, निखिल बिष्ट, विकास जोशी, हरीश राणा, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष नीरज जोशी व अशोक तिवाड़ी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नैनीताल शहर से 800 वोटों से जीती भाजपा पर अल्पसंख्यकों ने अब भी नहीं दिया वोट

नैनीताल। भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट को लोक सभा चुनाव में नैनीताल नगर मंडल से इस बार कांग्रेस प्रत्याशी से 800 वोट अधिक मिले हैं, जो कि ऐतिहासिक तौर पर सर्वाधिक है। इससे पहले राम लहर में भी भाजपा नगर से पीछे रही थी, अलबत्ता 2014 के लोक सभा चुनाव में कोश्यारी नैनीताल नगर से करीब ढाई हजार वोटों से आगे रहे थे, लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर संजीव आर्य करीब 250 वोटों से नगर में पीछे रहे थे और इधर 2018 में हुए नगर पालिका के चुनाव में नैनीताल नगर से पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी अरविंद पडियार करीब 800 वोटों से हारे थे। इस लिहाज से नैनीताल से इस बार भाजपा प्रत्याशी भट्ट का 800 वोटों से आगे रहना महत्वपूर्ण है, किंतु भाजपा विधायक संजीव इससे संतुष्ट नहीं हैं। बताया कि नैनीताल विस से इस बार भाजपा को उनके 31000 के मुकाबले 34000 हजार जबकि कांग्रेस को 5000 वोट लाने वाले एक निर्दलीय के भी कांग्रेस में जाने के बावजूद 24 हजार की जगह 22 हजार वोट मिले हैं। खासकर इस बात से कि नगर के मेट्रोपोल व हरिनगर सहित अल्पसंख्यक मुस्लिमों एवं इसाइयों के क्षेत्रों में भाजपा बुरी तरह से पीछे रही है। इस पर विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अल्पसंख्यकों के बारे में जिस तरह के नये संकेत दिये हैं, उसके बाद स्थानीय स्तर पर भी अल्पसंख्यकों को भाजपा से जोड़ने के प्रयास किये जाएंगे।

वैकल्पिक व्यवस्था के बिना किसी को उजाड़ना, उच्च न्यायालय के नाम पर उत्पीड़न स्वीकार नहीं

नैनीताल। विधायक संजीव आर्य ने अपनी ही सरकार की अंग नगर की प्रशासनिक व्यवस्था पर उच्च न्यायालय का नाम लेकर विभिन्न वर्गों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है। उनका इशारा सोमवार को भाजपा नगर अध्यक्ष द्वारा एक फल वाले को एएसपी रचिता जुयाल के आदेश पर हटाने को लेकर सड़क पर लेटने को लेकर था। इसे तथा स्वयं अपने हरिनगर के भूस्खलन प्रभावितों के समर्थन में प्रदर्शन को जायज ठहराते हुए संजीव ने कहा कि भाजपा किसी नये अतिक्रमण के बिल्कुल खिलाफ है, किंतु वर्षों से संघर्ष कर रहे लोगों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नहीं उजाड़ा जाना चाहिए। प्रपत्र दिखाते हुए बताया कि फल वाले के पास न्यायालय एवं नगर पालिका के स्थान आवंटन के वैध प्रपत्र हैं। बावजूद उसे हटाना किसी तरह उचित नहीं है।

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-केंद्र में अव्यवस्थाओं-दवाओं की अनुपलब्धता के लगाये आरोप, एक माह में व्यवस्थाएं सुधारने के आरोपों पर माने

-विपक्ष को विरोध के लिए नहीं मिलते स्थानीय मुद्दे, केंद्र-प्रान्त से मिलने वाले मुद्दों पर विरोध की खानापूरी करने तक सीमित रहता है विपक्ष

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में ताले जड़ते भाजपाई।

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जनवरी 2019। सत्तारूढ़ भाजपा ही नजर में विपक्ष की भूमिका में नजर आयी। नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने सोमवार को बीडी पांडे जिला चिकित्सालय परिसर में स्थापित जन औषधि केंद्र में तालाबंदी कर दी, और प्रदर्शन किया। जन औषधि केंद्र के संचालक जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावत के एक माह के भीतर केंद्र की व्यवस्थाओं को सुधारने का आश्वासन देने के बाद ताले खोले गये। इस दौरान करीब ढाई घंटे जन औषधि केंद्र से दवाइयों का वितरण नहीं हो सका। उल्लेखनीय है कि ‘नवीन समाचार’ एवं ‘आजाद मंच’ ने भी ‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में दवाइयां न मिलने की समस्या’ को प्रमुखता सेे उठाया था।
घटनाक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे ही आक्रोशित भाजपाई जन औषधि केंद्र पहुंचे और केंद्र में अव्यवस्थाओं, खासकर दवाइयों की अनुपलब्धता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां लंबे समय से रक्तचाप, मधुमेह व हृदय सहित अधिकांश दवाइयां नहीं हैं। परिवार नियोजन की दवाइयां भी नहीं हैं। अध्यक्ष जोशी ने इन स्थितियों की जांच एवं ऑडिट किए जाने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जिला रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष रावत व महासचिव आरएन प्रजापति मौके पर पहुंचे। उन्होंने एक माह में सभी दवाएं केंद्र में उपलब्ध करवाने तथा दवाइयों का ऑडिट कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब पौने 12 बजे केंद्र का ताला खोला गया। प्रदर्शन में मोहित साह, मोहित रौतेला, विकास जोशी, हरीश राणा व भूपाल कार्की आदि भाजपाई शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : ‘डिजिटल इंडिया’ के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क से उखाड़ दिये पेड़, आक्रोश…

नैनीताल, 20 जुलाई 2018। नैनीताल के मल्लीताल स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में ‘डिजिटल इंडिया’ के लिए टावर लगाने की अनुमति पर संबंधित कंपनी पर बांज एवं चिनार के पेड़ उखाड़ने का आरोप लगा है। इस पार्क में कुछ वर्ष पूर्व इन पेड़ों तथा उनकी सुरक्षा के लिए टी-गार्ड भी लगाने वाली जन कल्याण समिति तथा भाजपा से जुड़े लोगों ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए शुक्रवार को पहले एसडीएम अभिषेक रुहेला, फिर एडीएम हरबीर सिंह, डीएम विनोद कुमार सुमन तथा कमिश्नर राजीव रौतेला के पास जाकर नाराजगी व शिकायत की। इस पर प्रशासन की ओर से कंपनी से कार्य रोक देने को कह दिया गया है। बताया गया है कि इंडस कंपनी को नगर में चार स्थानों पर इंटरनेट सेवा के टावर लगाने की अनुमति दी गयी थी, लेकिन कंपनी के कारिंदों के द्वारा कम से कम दो बांज तथा चार चिनार के पेड़ उखाड़ दिये गये। इस पर जन कल्याण समिति से जुड़े भाजपा नेता गोपाल रावत व पूरन तिवाड़ी सहित अनेक लोगों ने नाराजगी व्यक्त की।

यह भी पढ़ें : आशा नाम के निरोध पर विरोध, भड़की आशा कार्यकत्रियां, बांटने से किया इंकार

नैनीताल, 11 जुलाई 2018। समाज में कई बार ऐसे मसले खड़े हो जाते हैं  कि नाम के चक्कर में बदनामी हो जाती है। दबंग फिल्म का आइटम सोंग ‘मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिये’ जब आया तब मुन्नी नाम की लड़कियों को घर से बाहर निकलते ही छींटाकशियों का सामना करना पड़ा। वहीं  ‘शीला की जवानी’ गीत के दौरान शीला नाम वाली महिलायें शोहदों के निशाने पर रहीं। इसी तरह नोटबंदी के दौरान ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ लिखा नोट आने के बाद इस नाम की लड़कियों-महिलाओं के लिए परेशानियां आयीं। लेकिन अब ऐसा ही नाम पर ऐतराज वाला एक पुराना मामला फिर से उठ खडा हुआ है।

इधर उत्तराखंड सरकार ने 11 से 24 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े के दौरान बांटने के लिए ‘आशा’ नाम के निरोध भिजवाए हैं। और इन निरोध को आशा कार्यकत्रियों से बांटने को कहा गया है। यह जानकारी देतु हुए आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने कहा कि आशा नाम के निरोध बांटने से आशा कार्यकत्रियों को भारी आघात पहुंचा है। यह आशाओं का अपमान है। पिछले वर्ष भी इसी नाम के निरोध आये थे, तब भी विरोध किया गया था। बावजूद इस वर्ष भी इसी नाम के निरोध आये हैं। कहा कि ऐसे में आशाओं ने आशा निरोध का विरोध करने और इन्हें न बांटने तथा जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े का भी विरोध करने का निर्णय लिया गया है। कहा कि यदि आशा निरोध को तुरंत वापस नहीं लिया जाता है तो इसका उग्र विरोध भी किया जाएगा। इस निर्णय से सीएमओ को भी अवगत करा दिया गया है। साथ ही कहा कि यदि शीघ्र उनकी प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाती है तो आयुष्मान भारत योजना का भी विरोध करेंगी। ज्ञापन में सुमन बिष्ट, कुसुमलता सनवाल, राधा राणा, माधवी दर्मवाल, हेमा आर्या, सरिता कुरिया, पंकज शर्मा, दीपा टम्टा व दीपा अधिकारी आदि के भी हस्ताक्षर हैं।

आशा निरोध में आशा नाम बना आशा वर्कर्स की परेशानी

सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन के लिये वितरित किये जाने वाले कंडोम पहले ‘डीलक्स निरोध’ के नाम से दिए जाते थे, अब उनका नाम बदलकर ‘आशा निरोध’ रख दिया गया है। उस पर बुरी बात ये कि इनका वितरण भी आशा वर्करों द्वारा किया जाता है जो कि महिलाएं ही हैं। इस पर आशा वर्करों का कहना है कि कंडोम का नाम आशा निरोध होने से उनके साथ छीटाकशी की जाती है। ‘एक आशा देना’ कहकर उनका मजाक उड़ाते हैं। यह सब बहुत ही असभ्य और भद्दे तरीके से होता है जिससे उन्हें शर्मसार होना पड़ता है। इतना ही नहीं सरकारी हिदायतें हैं कि निरोध जिसे भी दी जाये उससे एक रूपया भी कीमत के रूप में लिया जाये लेकिन शर्म के मारे वह यह भी नहीं ले पाती और इसका भुगतान अपनी जेब से करना पड़ता है।

उत्तराखंड में लग चुका है आशा निरोध पर प्रतिबंध

बताया गया है कि उत्तराखंड में पिछले वर्ष आशा कार्यकर्ताओं के विरोध व इनके वितरण से साफ मना करने के बाद इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था। यहां तक कि आशा वर्कर्स की नेताओं ने कह दिया था कि स्वास्थ्य मंत्री यदि निरोध को स्वास्थ्य मंत्री निरोध नाम से जारी करें तो उनके परिजनों को कैसा लगेगा। आशा वर्कर्स के विरोध को देखते हुए राज्य सरकार को सारा स्टॉक केंद्र को वापस भेज दिया गया था। पंजाब व हरियाणा में भी निरोध के इस नाम पर विरोध हुआ है।

महिला विरोधी नज़रिया

निरोध का नाम आशा निरोध रखने से एक ओर जहां आशा वर्कस विरोध कर रही हैं वहीं इन्हें महिला विरोधी नज़रिये के तौर पर भी देखा जा रहा है। निशाना सीधा केंद्र सरकार की ओर है। कुछ महिला संगठनों का कहना है कि इससे केंद्र की बीजेपी सरकार का महिला विरोधी नज़रिया साफ झलकता है।

आशा वर्कर्स नहीं कुंठित सोच वाले हों शर्मसार

इस मामले में एक चीज़ तो साफ है कि लोगों के दिमाग में गंदगी अभी भी भरी पड़ी है। सामाजिक सोच का स्तर अभी तक निम्न है। निरोध के पैकेट से आशा नाम हो सकता है हटा भी लिया जाये लेकिन भद्दा मज़ाक करने वालों पर क्या इससे रोक लग जायेगी ? क्या उनके दिमागों की गंदगी दूर हो जायेगी ? क्या उनकी कुंठाएं शांत हो जायेंगी ? या फिर कुछ और रास्ते निकाल लिये जायेंगें। बेहतर हो कि इस मसले पर लोगों को सामाजिक रूप से जागरूक किया जाये। आशा वर्कर्स भी इसी समाज का हिस्सा हैं। निरोध का इस्तेमाल यौन शिक्षा का ही भाग है। लेकिन जहां महिलाओं की माहवारी पर अभी खुलकर बात नहीं होती वहां पर यौन संबंधों पर बात करना तो अश्लील ही माना जायेगा। और अगर कोई इस पर बात करना चाहेगा तो उसे या तो चरित्रहीन समझा जायेगा या फिर उसके साथ भद्दे मज़ाक किये जायेंगें।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
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