डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मार्च 2026 (Adi Kailash–Om Parvat Yatra Dates)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के सीमांत पिथौरागढ़ जनपद (Pithoragarh) की व्यास घाटी में स्थित भगवान शिव के पवित्र धाम आदि कैलाश (Adi Kailash) और ओम पर्वत (Om Parvat) की यात्रा इस वर्ष 8 मई से शुरू होगी। कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड (KMVN) के तत्वावधान में संचालित इस यात्रा के लिए कुल 15 जत्थों को रवाना किया जाएगा, जिनकी शुरुआत हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से होगी।
कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर के अनुसार यात्रा के लिए विभिन्न स्थानों से अलग-अलग अवधि और किराए की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा का चयन कर सकें।
तीन स्थानों से अलग-अलग अवधि की यात्रा
हल्द्वानी (Haldwani) के लोक निर्माण विभाग (PWD) गेस्ट हाउस से शुरू होने वाली यात्रा 8 दिन की होगी।
किराया: 45,000 रुपये प्रति व्यक्ति
टनकपुर (Tanakpur) से शुरू होने वाली यात्रा 6 दिन में पूरी होगी।
किराया: 42,000 रुपये प्रति व्यक्ति
धारचूला (Dharchula) से प्रारंभ होने वाली यात्रा 5 दिन की होगी।
किराया: 35,000 रुपये प्रति व्यक्ति
यात्रा का पहला चरण 10 जून तक चलेगा, हालांकि इसकी अंतिम समय-सारिणी पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के निर्देशों और स्थानीय मौसम की स्थिति पर भी निर्भर करेगी।
ऐसे कर सकेंगे यात्रा की बुकिंग
आदि कैलाश यात्रा के लिए श्रद्धालु कई माध्यमों से बुकिंग करा सकते हैं।
केएमवीएन की आधिकारिक वेबसाइट
केंद्रीय रिजर्वेशन काउंटर (CRC)
दिल्ली सहित देश के विभिन्न शहरों में निगम के पीआरओ कार्यालय
इन माध्यमों से श्रद्धालु यात्रा से जुड़ी जानकारी और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद बढ़ा आकर्षण
वर्ष 1981 में कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होने के बाद से ही आदि कैलाश यात्रा का धार्मिक महत्व लगातार बढ़ता गया।
विशेष रूप से वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद इस यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है।
अधिकारियों के अनुसार पहले हर वर्ष लगभग 2,000 श्रद्धालु आदि कैलाश यात्रा पर पहुंचते थे।
2023 में यह संख्या बढ़कर लगभग 28,000 हो गई।
2024 में यह आंकड़ा 36,000 से अधिक पहुंच गया।
इसके बाद से देशभर के श्रद्धालुओं में इस पवित्र धाम के दर्शन को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
आदि कैलाश और ओम पर्वत को कैलाश पर्वत का प्रतीक माना जाता है और इसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। हिमालय की दुर्गम व्यास घाटी में स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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