WhatsApp Channel Marketing | Logiprompt Pro AcademyJoin Our Facebook Group — Alliance for a Viable Future

ज्योलीकोट में दूषित पानी से मौतों पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- बीमारी आपकी लापरवाही से फैली तो इलाज की जिम्मेदारी भी आपकी

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 सितंबर 2026 (High Court on Jyolikiot Water Disease)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद मुख्यालय के निकटवर्ती ज्योलीकोट (Jeolikote) और आसपास के गांवों में दूषित पेयजल से फैली बीमारियों और मौतों के मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhand High Court) ने मंगलवार को सरकार और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जतायी। क्षेत्र में अब तक 3 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोगों के बीमार होने की जानकारी के बीच न्यायालय ने साफ पानी, बेहतर उपचार, जल स्रोतों की जांच और सीवर लीकेज दूर करने के निर्देश देते हुए छह दिन में पानी के नमूनों की रिपोर्ट मांगी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता रवि बिष्ट (Ravi Bisht) की जनहित याचिका (Public Interest Litigation-PIL) पर वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी (Manoj Kumar Tiwari) और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह (Siddharth Sah) की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल (Lalit Mohan Rayal), मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत (Dr. Rashmi Pant), जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार (Vishal Kumar), जल निगम के अधीक्षण अभियंता अनीश कुमार (Anish Kumar) और मुख्य अभियंता आलोक (Alok) उपस्थित रहे। याचिकाकर्ता की ओर से 10 से अधिक रोगियों की चिकित्सकीय रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष रखी गयी।

सीवर का पानी पेयजल में मिलने पर अधिकारियों से पूछा-समय रहते कदम क्यों नहीं उठाये

High Court on Jyolikiot Water Disease गंदा पानी पीने से पांच गांवों के करीब 200 लोग पीलिया, बुखार और उल्टी-दस्त से बीमार हैं। - Dainik Bhaskarप्रशासन और जल संस्थान के अधिकारियों ने न्यायालय को बताया कि पुराने कूड़ा खड्ड के पास जल स्रोत में सीवर का पानी मिलने के कारण दूषित पेयजल की स्थिति बनी। इस पर न्यायालय ने अधिकारियों से पूछा कि जब सीवर और पेयजल के मिश्रित होने की जानकारी सामने आ गयी थी तो समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाये गये। अदालत ने कहा कि यदि समय पर सीवर और पेयजल की पाइपलाइनों की मरम्मत कर दी जाती तो ग्रामीणों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।

न्यायालय ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकर भेजने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। साथ ही सीवर लीकेज की समस्या दूर करने और शिकायतों के लिए तत्काल हेल्पलाइन नंबर जारी करने को कहा। जिलाधिकारी को राहत कार्यों की स्वयं निगरानी करने के निर्देश भी दिये गये हैं। कहा कि 21वीं सदी में ऐसी स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। 

20 से 25 जल स्रोतों से लिये जाएंगे नमूने

न्यायालय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) के क्षेत्रीय अधिकारी को नैनीताल और आसपास के 20 से 25 अलग-अलग जल स्रोतों से पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कराने और छह दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। इससे दूषित पानी के वास्तविक स्रोत और उसकी गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

कुमाऊं (Kumaon) क्षेत्र के लिए प्रस्तावित जल परीक्षण प्रयोगशाला (Water Testing Laboratory) को जल्द मंजूरी देने के निर्देश भी संबंधित सचिव को दिये गये हैं। अदालत ने क्षेत्र में पानी की नियमित और वैज्ञानिक जांच की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बुलाने के निर्देश

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि 21वीं सदी में इस प्रकार की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। यदि सरकारी चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं तो बिना संकोच बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बुलायी जानी चाहिए।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने अदालत को बताया कि प्रभावित गांवों में आठ चिकित्सकों की टीम, एक एंबुलेंस और चिकित्सा कर्मियों को तैनात किया गया है। घर-घर जाकर क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस (Oral Rehydration Solution-ORS) के पैकेट वितरित किये जा रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में रोगियों की यकृत संबंधी चिकित्सकीय रिपोर्ट न्यायालय में रखे जाने के बाद प्रभावित लोगों के नि:शुल्क उपचार और मुआवजे की मांग भी उठायी गयी।

निजी प्रयोगशालाओं में जांच के लिए चार लाख रुपये जारी

न्यायालय के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी की ओर से रोगियों की निजी जांच प्रयोगशालाओं (Private Testing Laboratories) में एलाइजा (ELISA) और अन्य आवश्यक जांच कराने के लिए चार लाख रुपये का बजट जारी किये जाने की जानकारी दी गयी। आवश्यकता पड़ने पर इस राशि को बढ़ाया जा सकता है।

c4ca4238a0b923820dcc509a6f75849b 377626336न्यायालय ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की योजना को लेकर भी जिलाधिकारी से जानकारी मांगी। प्रभावित क्षेत्रों में उपचार और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को अलग एवं सुरक्षित रखना भी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की गयी है।

ज्योलीकोट, गांजा (Ganja), वीरभट्टी (Veerbhatti), छीणा (Chheena), बेलुवाखान (Beluwakhan) और सरियाताल (Sariyatal) सहित आसपास के क्षेत्रों में दूषित पानी से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की स्थिति ने पेयजल सुरक्षा और स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े किये हैं। अब जल स्रोतों की जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि संक्रमण का वास्तविक स्तर क्या है और प्रभावित लोगों को राहत तथा उपचार किस स्तर तक मिल पाता है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

ज्योलीकोट में जल जनित रोगों की रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचीं

नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जिले के सभी निजी चिकित्सालयों को जल जनित रोगों से संबंधित भर्ती मरीजों की दैनिक रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती मरीजों की सूचना भी प्रतिदिन देने को कहा गया है। 

c81e728d9d4c2f636f067f89cc14862c 999159969क्षेत्रवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में निजी चिकित्सालयों के फिजिशियन और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट सेवाएं देंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9 सितंबर को हल्द्वानी के नीलकंठ हॉस्पिटल, 10 सितंबर को उजाला सिग्नस, 11 सितंबर को साई हॉस्पिटल, 12 सितंबर को सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, 13 सितंबर को चंदन हॉस्पिटल और 15 सितंबर को पुनः उजाला सिग्नस के विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे।

इधर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ज्योलीकोट क्षेत्र में 114 घरों का सर्वेक्षण कर लोगों को जल जनित रोगों से बचाव की जानकारी दी और स्क्रीनिंग की। बीमार पाए गए लोगों को चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार लेने की सलाह दी गई। आवश्यकता के अनुसार ओआरएस और जिंक भी वितरित किया गया। क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में मंगलवार को 206 लोगों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 92 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 11 लोगों को चिकित्सकीय निगरानी एवं उपचार के लिए भर्ती किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलीकोट, भल्यूटी और चोपड़ा क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। विभाग प्रभावित क्षेत्रों में नियमित सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य शिक्षा और उपचारात्मक सेवाएं जारी रखे हुए है। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ लेने तथा स्वास्थ्य संबंधी लक्षण होने पर उपचार में देरी न करने की अपील की है। इस दौरान जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया, स्वातिशील गुरुरानी और नंदन कांडपाल आदि मौजूद रहे।

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर  के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं। 

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

Tags (High Court on Jyolikiot Water Disease) :

High Court on Jyolikiot Water Disease, Uttarakhand News, Nainital News, Jeolikote Water Contamination, Jeolikote Disease Outbreak, Uttarakhand High Court, Contaminated Drinking Water Nainital, Jeolikote Water Crisis, Nainital Health Crisis, Water Testing Uttarakhand, Sewage Water Mixing Investigation, Uttarakhand High Court Hearing, Nainital Water Quality Report, Jeolikote Medical Treatment, Public Health Uttarakhand, Navin Samachar, #Jeolikote #Nainital #Uttarakhand #HighCourt #WaterContamination #PublicHealth #WaterCrisis #HealthNews #NavinSamachar,

Leave a Reply