नवीन समाचार, हल्द्वानी, 6 सितंबर 2026 (International Cyber Syndicate Busted)। उत्तराखंड (UTTARAKHAND) के नैनीताल (NAINITAL) जनपद के हल्द्वानी (Haldwani) स्थित मुखानी (Mukhani) क्षेत्र में नैनीताल पुलिस (Nainital Police) की एसओजी (SOG), साइबर सेल (Cyber Cell) और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़े एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य संचालक राहुल यादव (Rahul Yadav) सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह म्यूल बैंक खातों (Mule Bank Accounts) और अनधिकृत ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन करता था और पिछले चार माह में पांच करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड (Police Headquarters Uttarakhand) द्वारा साइबर अपराधियों, म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अवैध नकदी निकासी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ (Operation Hotspot-2026) के तहत जनपद में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 5-6 सितंबर की रात एसपी क्राइम (SP Crime) डॉ. जगदीश चंद्र (Dr Jagdish Chandra), एसपी सिटी (SP City) मनोज कत्याल (Manoj Katyal) और एसएसपी/सीओ हल्द्वानी (SSP/CO Haldwani) अमित सैनी (Amit Saini) के पर्यवेक्षण में मुखानी पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सटीक सूचना के आधार पर लक्ष्मण विहार कॉलोनी (Laxman Vihar Colony) स्थित एक मकान पर छापा मारा।
मुख्य सरगना सहित छह आरोपित गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार छापे के दौरान अवैध साइबर वित्तीय नेटवर्क संचालित कर रहे राहुल यादव को मुख्य संचालक के रूप में गिरफ्तार किया गया। राहुल यादव मूल रूप से पंचवटी नगर (Panchvati Nagar), इंदौर (Indore), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का निवासी है। उसके साथ हर्षित कुमार (Harshit Kumar), कमल गोस्वामी (Kamal Goswami), साहिल कुमार (Sahil Kumar), मौ. अयान (Mohd Ayan) और मौ. शुभान (Mohd Shubhan) को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (Child Welfare Police Officer) के संरक्षण में अग्रिम विधिक कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया गया है।
मामले में कोतवाली मुखानी (Kotwali Mukhani) में मु0अ0सं0 141/2026 के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act) की धारा 66(C), 66(D) और भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita-BNS) की धारा 3(5), 318(4) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
USDT की खरीद-फरोख्त से शुरू होता था लेनदेन
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित राहुल यादव बाइनेंस (Binance) ऐप के माध्यम से नकदी जुटाकर यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम (Telegram) के माध्यम से प्राप्त अनधिकृत ‘UMASTER’ ऐप का इस्तेमाल कर प्रतिदिन करीब चार से पांच लाख रुपये मूल्य की यूएसडीटी बेची जाती थी।
पुलिस के अनुसार इस लेनदेन में तीन प्रतिशत अतिरिक्त लाभ और बोनस का लालच दिया जाता था। गिरोह कथित तौर पर बिना वैध दस्तावेज, केवाईसी (KYC) और धन के स्रोत के सत्यापन के इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
स्थानीय युवाओं को कमीशन देकर जुटाते थे म्यूल खाते
पुलिस के अनुसार गिरोह की गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करना था। आरोपित स्थानीय युवाओं को तीन प्रतिशत कमीशन का लालच देकर अन्य लोगों के बैंक खाते, एटीएम/डेबिट कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल करते थे।
इन खातों में अवैध रूप से प्राप्त धनराशि जमा कर उसे अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया जाता था। पुलिस के अनुसार इस प्रक्रिया को लेयरिंग (Layering) के रूप में इस्तेमाल किया जाता था ताकि धन के वास्तविक स्रोत और उसके अंतिम गंतव्य को छिपाया जा सके।
एटीएम से नकदी निकालकर CDM से करते थे ट्रांसफर
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य म्यूल खातों से एटीएम (ATM) के माध्यम से नकदी निकालते थे। अधिक नकदी होने पर कैश डिपॉजिट मशीन (Cash Deposit Machine-CDM) के माध्यम से उसे दूसरे बैंक खातों में जमा या स्थानांतरित किया जाता था।
पुलिस का कहना है कि खाताधारकों के सिम कार्ड (SIM Cards) भी गिरोह अपने पास रखता था। इससे संबंधित खाताधारक अपने बैंक खाते और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर तत्काल नियंत्रण नहीं रख पाते थे। पुलिस अब बरामद बैंकिंग दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आधार पर गिरोह के अन्य लेनदेन और जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
राहुल यादव पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य संचालक राहुल यादव 30 वर्ष का है और इंदौर, मध्य प्रदेश का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पूर्व में थाना इंदौर ग्रामीण (Indore Rural Police Station) में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 और 409 के मामले में जेल जा चुका है।
पुलिस के अनुसार हर्षित कुमार की भूमिका एटीएम से नकदी निकालने और सीडीएम में धन जमा करने की थी। कमल गोस्वामी और साहिल कुमार पर कमीशन के बदले म्यूल खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। मौ. अयान और मौ. शुभान को पुलिस ने निवेशक (Investor) बताया है।
24 एटीएम कार्ड और 12 सिम सहित भारी बरामदगी
संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपितों के कब्जे से नकदी और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक तथा बैंकिंग सामग्री बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामदगी में कुल 1,18,800 रुपये नकद, एक डेल (Dell) लैपटॉप और एक एप्पल आईपैड (Apple iPad) शामिल हैं। इसके अलावा 11 आधुनिक स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। इनमें आईफोन 17 प्रो (iPhone 17 Pro), आईफोन 14 प्रो (iPhone 14 Pro), सैमसंग गैलेक्सी एस24 (Samsung Galaxy S24) और एस22 अल्ट्रा (S22 Ultra) सहित अन्य मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस ने 24 विभिन्न बैंकों के सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/सीडीएम पर्चियां भी बरामद की हैं। इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपितों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है।
चार माह में पांच करोड़ से अधिक के लेनदेन की जांच
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा पिछले चार माह के दौरान पांच करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इस धनराशि से संबंधित विस्तृत लेनदेन, पीड़ितों की संख्या और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से हुए वास्तविक वित्तीय प्रवाह की जांच अभी जारी है।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, आईपैड, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि नेटवर्क केवल नैनीताल या उत्तराखंड तक सीमित था अथवा इसके तार देश के अन्य हिस्सों और विदेशों से भी जुड़े थे।
पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी (Dr Manjunath TC) ने संयुक्त पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2,500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
कार्रवाई में कोतवाली मुखानी से उप निरीक्षक (Sub Inspector) वीरेंद्र चंद (Virendra Chand), आरक्षी सुनील आगरी (Sunil Agri) और आरक्षी दिगंबर ज्याला (Digambar Jhyala) शामिल रहे। एसओजी टीम का नेतृत्व प्रभारी एसओजी उप निरीक्षक मोहन सौन (Mohan Saun) ने किया। टीम में हेड कांस्टेबल त्रिलोक रौतेला, हेड कांस्टेबल कुंदन कठायत, आरक्षी भूपेंद्र ज्येष्ठा, आरक्षी भानू प्रताप ओली, आरक्षी अशोक रावत और आरक्षी अरविंद सिंह शामिल रहे।
साइबर सेल की टीम में प्रभारी साइबर सेल उप निरीक्षक मीनू गौतम (Meenu Gautam), एएसआई बिहारीलाल कुशवाहा (Biharilal Kushwaha), हेड कांस्टेबल शिवेंद्र बोरा (Shivendra Bora), हेड कांस्टेबल परमदीप सिंह (Parmdeep Singh) और आरक्षी नरेंद्र धामी (Narendra Dhami) शामिल रहे।
बैंक खाता और एटीएम कार्ड किसी को न देने की अपील
नैनीताल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन या धन के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक अथवा एटीएम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी या अवैध वित्तीय लेनदेन में किसी व्यक्ति का बैंक खाता इस्तेमाल पाया जाता है तो खाताधारक के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस ने संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या साइबर अपराध हेल्पलाइन (Cyber Crime Helpline) नंबर 1930 पर देने की अपील की है। म्यूल खातों के माध्यम से होने वाले वित्तीय अपराधों में बैंक खाताधारकों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है इसलिए कमीशन के लालच में बैंक खाते, एटीएम कार्ड या बैंकिंग दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को देना जोखिमपूर्ण है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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