नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जून 2023। राज्य में वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने की बातें तो बहुत हुईं। देश में लाल बत्ती सिस्टम को भी बंद किया गया। लेकिन असल में यह कवायद धरातल पर उतरने और जनता को होने वाली समस्याएं दूर होने का नाम नहीं ले रही है। खासकर पुलिस वीवीआईपी के आवागमन पर कुछ अधिक ही सक्रिय हो जाती है, और कई बार तो मनमानी पर उतर आती है। (VVIP programme ki vajah se pareshani)
शनिवार को कुछ इन्हीं कारणों से जनपद मुख्यालय में नगर के अनेक स्कूलों के बच्चे राज्यपाल के आवागमन की वजह से देरी से स्कूल पहुंच पाए। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह को कैंची धाम के दर्शनों के लिए जाना था।
नगर क्षेत्राधिकारी विभा दीक्षित ने बताया कि राज्यपाल सुबह करीब साढ़े आठ बजे नैनीताल राजभवन के कैंची धाम के लिए निकले। इधर देखने में आया कि राज्यपाल की फ्लीट के गुजरने से काफी पहले से ही वाहनों को पूरे रास्ते में तैनात किए गए पुलिस के जवानों ने राजभवन तिराहा, मस्जिद तिराहा, स्टेट बैंक चौराहा व तल्लीताल डांठ के साथ ही भवाली रोड पर भी अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा नगरी भी कहे जाने वाले नैनीताल नगर में अधिकांश बड़े स्कूल राजभवन के आसपास ही अयारपाटा पहाड़ी पर हैं और यह सभी विद्यालय सुबह करीब इसी समय शुरू होते हैं। इन विद्यालयों के लिए बच्चे जिन टैक्सियों में आते हैं, वह कई चक्कर लगाकर बच्चों को स्कूल पहुंचाते हैं। ऐसे में वाहनों को रोके जाने कारण टैक्सियां अपने नियत समय से पीछे होती चली गईं। इस कारण बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे पौने नौ बजे के बाद तक स्कूल पहुंचे।
गौरतलब है कि इसी सप्ताह जनपद रामनगर में राज्यपाल की फ्लीट के बीच आ जाने के कारण एक ऑटो चालक की पिटाई का मामला सामने आया था। ऐसे में एक बार पुनः प्रदेश में वीआईपी-वीवीआईपी के आवागमन के कार्यक्रमों के दौरान के लिए तय नियम-कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। खासकर स्कूलों के खुलने या बंद होने के समय इस तरह के कार्यक्रमों को आगे-पीछे किए जाने की भी जरूरत महसूस की जा रही है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
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