नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जून 2023। विश्व प्रसिद्ध सरोवरनगरी वर्ष भर देश-दुनिया के सैलानियों का सर्वश्रेष्ठ गन्तव्य है। यहां सैलानी आते हैं तो यहां की यादगार के तौर पर कोई ऐसी सामग्री (Nainital souvenirs) भी साथ ले जाना चाहते हैं, जिसके जरिए लंबे समय तक नैनीताल को याद रख सकें।
यहां हम आपको ऐसी ही वस्तुओं के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो आपको अन्य स्थानों, खासकर कुमाऊं मंडल के बाहर नहीं मिल पाएंगे। इनमें हैं:
1. मोमबत्तियां: नैनीताल में बेहद खूबसूरत मोमबत्तियों का निर्माण किया जाता है। नैनीताल जिला प्रशासन ने नैनीताल की मोमबत्तियों को नैनीताल की पहचान के रूप में ‘जियो टैग’ दिलाने के प्रयास शुरू किए हैं। नैनी झील में चलने वाली नौकाओं के आकार की मोमबत्ती नैनीताल की स्मृतियों को लंबे समय तक बनाए रख सकती है।
2. कुमाउनी पिछौड़ा: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की सुहागन महिलाएं शुभ कार्यों पर पीले कपड़े पर लाल बूटेदार पिछौड़ा पहनती हैं। कुमाऊं मंडल का मुख्यालय होने के नाते कुमाउनी पिछौड़े को भी नैनीताल की पहचान के रूप में जियो टैग दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे भी आप जीवन भर के लिए नैनीताल की पहचान के रूप में ले सकते हैं।
3. ड्रिफ्ट वुड: नैनीताल में ड्रिफ्ट वुड यानी स्वयं टूटी पुरानी लकड़ी के बने खूबसूरत सजावटी स्टेंड व गुलदस्ते जैसे उत्पाद स्थानीय लोगों के द्वारा ही बनाकर बेचे जाते हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलता है। यह उत्पाद आपको कहीं और नहीं मिलेंगे।
4. नमकीन: नमकीन हालांकि आपको हर कहीं मिल जाएगी, लेकिन नैनीताल की नमकीन अपने आप में अनूठी है। आप कितनी भी लें यह आपको बिना छूट के एक ही दाम पर मिलेगी। क्योंकि इसकी मांग ही इतनी अधिक है। इसका स्वाद आप एक बार लेंगे तो हमेशा लेना चाहेंगे।
5. बाल मिठाई, चॉकलेट व सिगौड़ी: बाल मिठाई हालांकि कुमाऊं मंडल के ही अल्मोड़ा का मूल उत्पाद है, आप अल्मोड़ा जाएं तो वहां से बाल मिठाई लें। लेकिन यदि आप वहां नहीं जा पा रहे हैं तो आप नैनीताल से भी शुद्ध खोये से निर्मित बाल मिठाई ले सकते हैं। इसके अलावा पैकेट में मिलने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों की चॉकलेट से बिल्कुल अलग चॉकलेट कही जाने वाली एक मिठाई भी नैनीताल की पहचान है। इसी चॉकलेट पर दानेदार मिठाई लगाकर बाल मिठाई बनाई जाती है। इसके अलावा भी मूलतः अल्मोड़ा की सिगौड़ी भी आप नैनीताल से यहां की पहचान के रूप में ले जा सकते हैं। मालू नाम की जंगली लता की पत्तियों पर शुद्ध खोए से बनी यह कभी न भूलने वाले स्वाद वाली मिठाई आपने निश्चित ही पहले कहीं नहीं खाई होगी।
6. गर्म वस्त्र: नैनीताल एक पर्वतीय नगरी है, यहां गर्मियों के मौसम में भी आप गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस कर सकते हैं। इसलिए भी नैनीताल गर्म वस्त्रों, ट्वीड्स, कोट, मफ़लर, जैकेट, टोपी आदि का विशेषज्ञ है। यहां से शुद्ध ऊन के यहीं पहाड़ों पर बने ऊनी वस्त्र नैनीताल के विशिष्ट पहचान हैं।
7. भोटिया उत्पाद व हिमालयी जड़ी-बूटियांः नैनीताल की भोटिया मार्केट शॉपिंग पसंद लोगों की पहली पसंद है। यहां से आप जैकेट, स्वेटर और महिलाओं के अंतः वस्त्र, सजावटी सामग्री, तिब्बत में प्रयुक्त मूंगे की माला व बौद्ध धर्म से संबंधित वस्तुएं भी नैनीताल की पहचान के रूप में ले सकते हैं। नैनीताल में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाली जंबू, गंधरैंणी, जखिया जैसी जड़ी बूटियां भी मिलती हैं। इन स्वास्थ्यप्रद जड़ी-बूटियों को अपने भोजन में प्रयोग कर आप नैनीताल की यादों को लंबे समय तक महसूस कर सकते हैं। यह जड़ी-बूटियां भी आपको अन्यत्र नहीं मिलेंगी।
8. बुरांश का जूस: बुरांश उत्तराखंड का राज्य वृक्ष है। इसके लाल फूलों से बनने वाला स्क्वैश या जूस गर्मियों के मौसम में तरावट देने के साथ ही हृदय रोगों में काफी लाभप्रद होता है। इसका कुछ अलग स्वाद भी आपको नैनीताल को लंबे समय तक याद रखने के लिए मजबूर कर सकता है।
9.पहाड़ी फल व साग-सब्जियां: इसके अलावा आप नैनीताल में मिलने वाली कुछ ऐसे फल व साग-सब्जियां भी ले सकते हैं, जो आप को अन्यत्र अधिक धनराशि खर्च करके भी नहीं मिलेंगे। इनमें काफल, हिसालू, आड़ू, खुमानी, पुलम व शहतूत जैसे फल, गहत व भट्ट जैसी दालें, मडुवा का आटा, लिंगूड़े, गेठी व गडेरी की सब्जी जैसी सामग्रियां प्रमुख हैं। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

