News

बिग ब्रेकिंग: चंपावत में धामी ने 54 हज़ार से अधिक वोटों से जीत कर बनाया रिकॉर्ड….

Imageनवीन समाचार, चंपावत, 3 जून 2022। सीएम धामी ने चंपावत उपचुनाव में 54 हजार से अधिक मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। यह उत्तराखंड में किसी भी मुख्यमंत्री का सर्वाधिक वोटों से जीत का रिकॉर्ड है। 14 सौ मतपत्रों की गिनती अभी चल रही है। अंतिम 13 राउंड बाद कुल 61595 मतों की गिनती हुई। जिसमें पुष्कर सिंह धामी को 57268 वोट मिले, कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी 3147 मत मिले, सपा समर्थित मनोज कुमार को 409 और निर्दलीय प्रत्याशी हिमांशु गढ़कोटी को 399 वोट मिले हैं। नोटा को कुल 372 वोट पड़े हैं। इस प्रकार धामी ने 54,121 मतों के अंतर से जीत अर्जित की है।

इससे पूर्व चंपावत उपचुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 9वें राउंड के बाद ही ऐतिहासिक तौर पर किसी भी मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी जीत की राह पर पहुंच गए थे। जबकि कांग्रेस जमानत बचाना तो दूर 5 फीसद वोटों के लिए भी संघर्ष कर रही थी। कई बूथों पर तो कांग्रेस को शून्य वोट भी मिले। इससे लग रहा है कि कांग्रेसियों ने भी मुख्यमंत्री धामी के पक्ष में वोट दिया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की जीत का रिकॉर्ड ताेड़ दिया है। सितारंगज में हुए उपचुनाव में इससे पहले बहुगुणा ने प्रकाश पंत को 39,954 वोटों से हराया था।

सीएम धामी ने 9वें राउंड के बाद 35839 वोट हासिल किए थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी को मात्र 1873 वोट मिले। इस प्रकार धामी करीब 36 हजार वोटों से आगे चल रहे थे। सपा समर्थित प्रत्याशी मनोज कुमार को 307 व निर्दलीय प्रत्याशी हिमांशु गढ़कोटी को 282 व और नोटा को220 मत प्राप्त हुए थे।

इससे पूर्व सातवें राउंड तक धामी को 25219, कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोङी को मात्र 1276, मनोज कुमार भट्ट को 232 और हिमांशु गढ़कोटी को 221 मत मिले थे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : EVM पर कांग्रेस पार्टी को उत्तराखंड हाईकोर्ट से बहुत बड़ा झटका.. 5 चुनाव याचिकाएं खारिज

-ईवीएम में गड़बड़ी का कोई सबूत पेश नहीं कर पाए कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी, इस आधार पर ही याचिकाएं हुईं खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 दिसंबर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने प्रदेश के वर्ष 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में ईवीएम मशीनों में हुई गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को अपना निर्णय सुनाया है। मंगलवार को न्यायालय ने पांच चुनाव याचिकाओं को आरोपों की पुष्टि के लिए कोई सबूत पेश नहीं किए जाने के कारण सीपीसी के नियम संख्या 7/11 के तहत निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने 14 अक्टूबर को इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए निर्णय सुरक्षित रख लिया था। उच्च न्यायालय के इस फैसले से ईवीएम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठा रही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जबकि भाजपा को विपक्ष पर हमलावर होने का अवसर मिल गया है। हालांकि याचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता की ओर से कहा गया है कि उच्च न्यायालय के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री नवप्रभात, विक्रम सिंह नेगी, राजकुमार, अम्बरीष कुमार व गोदावरी थापली ने भाजपा के जीते हुए प्रत्याशी मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, आदेश कुमार चौहान और गणेश जोशी व अन्य के निवार्चन के निर्वाचन को चुनौती देती याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने चुनाव आयोग व सरकार पर आरोप लगाया गया था कि इन भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की गई है, लिहाजा इनके निवार्चन को निरस्त किया जाए। जबकि जीते हुए प्रत्याशियों की तरफ से कहा गया था कि ये याचिकाएं आधारहीन हैं। ईवीएम मशीनों में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। अपना फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि अभी तक याचिकर्ताओं ने गड़बड़ी होने का कोई सबूत पेश नही किया है। लिहाजा सभी याचिकाएं निरस्त किए जाने योग्य हैं।

Leave a Reply