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बिग ब्रेकिंग : सैक्स स्कैंडल में फंसे भाजपा विधायक को और मिली डीएनए नमूने देने अनौपचारिक राहत

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जनवरी 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनएस धानिक की एकलपीठ ने सैक्स स्कैंडल में फंसे अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट से विधायक महेश नेगी की डीएनए नमूने प्रस्तुत करने के सीजेएम देहरादून के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद अब मुख्य न्यायाधीश को मामले को नई बेंच को भेजना होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एकलपीठ ने सीजेएम कोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक लगाते हुए सरकार व अन्य विपक्षी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। देहरादून की निचली अदालत ने डीएनए रिपोर्ट पेश करने के लिए अंतिम समय दिया था, जिसे विधायक द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई है। आज इस मामले में सुनवाई होनी थी। आज सुनवाई न हो पाने से विधायक को अगली सुनवाई तक की और मोहलत मिल गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने द्वाराहाट के भाजपा विधायक महेश नेगी को डीएनए के लिए प्रस्तुत होने के सीजेएम देहरादून के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए विपक्षी व सरकार को अगली सुनवाई 13 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश देते फौरी तौर पर 48 घंटे यानी दो दिन की राहत दे दी है। उल्लेखनीय है कि सीजेएम देहरादून ने विधायक नेगी को डीएनए जांच कराने के आदेश दिये थे। इस आदेश के क्रम में शासन ने विधायक को सोमवार को डीएनए के लिए प्रस्तुत होने का अंतिम समय दिया था। इसी आदेश को विधायक ने अधिवक्ता के माध्यम से सोमवार को हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एनएस धनिक की एकलपीठ में हुई।
मामले के अनुसार गत पांच सितंबर को उत्तराखंड के इस चर्चित सेक्स स्कैंडल में पीड़ित महिला ने विधायक महेश नेगी व उनकी पत्नी को भी आरोपित बनाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 506 के तहत बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवाया था, और पीड़िता ने विधायक को अपनी बेटी का पिता बताते हुए उसके डीएनए टेस्ट की मांग भी की है। पीड़िता का कहना है कि विधायक ने एक दिसम्बर 2018 और उसके बाद कई महीने तक उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। शादी के बाद डरा धमका कर उसको कई जगह ले जाकर बलात्कार किया। मामले की अब तक हुई पुलिस जांच में पीड़िता के बताए स्थानों विधायक निवास, मसूरी, सिनर्जी अस्पताल और दिल्ली के होटल में दोनों के रहने की तथ्यात्मक पुष्टि भी होने की भी सूचना पुलिस सूत्रों के अनुसार हो चुकी है। पीड़िता की ओर से दर्ज मुकदमे में विधायक नेगी और पीड़िता के एक साथ नेपाल, हिमाचल, हल्द्वानी और बिनसर (अल्मोड़ा) में भी ठहरने का जिक्र है। वहीं विधायक की पत्नी रीता नेगी ने पीड़िता पर ब्लैकमेलिंग और 5 करोड़ की रंगदारी का देहरादून के नेहरू कॉलोलोनी थाने में सबसे पहले मुकदमा दर्ज करवाया। इस मुकदमे के दर्ज होने के बाद पीड़िता को भी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे लेना पड़ा था। इधर पीड़िता ने यह भी कहा गया है कि इस मामले जांच कर रहे दो आईओ को भी सरकार द्वारा बदला जा चुका है। पीड़िता ने विधायक के सत्तारूढ़ पार्टी के होने का हवाला देते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। यह भी आरोप लगाया है कि देहरादून पुलिस इस मामले की जांच करने में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है। इसमें सही तरीके से जांच भी नहीं की जा रही है। वहीं सोमवार को हुई सुनवाई में विधायक के अधिवक्ता ने बताया कि शासन ने 18 दिसंबर 2020 को आदेश जारी कर विधायक को डीएनए के लिए प्रस्तुत करने को कहा था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। न्यायालय ने 13 जनवरी को सुनवाई की तिथि नियत कर विपक्षी व सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : अब विधायक व उनकी पत्नी के खिलाफ बलात्कार व धमकाने के आरोपों में मुकदमा दर्ज

कलाकार BJP विधायक: पत्नी संग मिलकर दबा दिया दुष्कर्म मामला, अब हुआ ये हालनवीन समाचार, देहरादून, 06 सितंबर 2020। अल्मोडा की द्वाराहाट सीट से विधायक महेश नेगी एवं उन पर एक महिला द्वारा अपनी बेटी का जैविक पिता होने का आरोप लगाकर डीएनए जांच की मांग कर रही महिला के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। पहले पीड़िता पर ही मुकदमा दर्ज होने, फिर उच्च न्यायालय के पीड़िता की गिरफ्तारी पर रोक लगने तथा पीड़िता के बिना न्यायालय के आदेश के बेटी व पति की डीएनए जांच कराने तथा राज्य महिला आयोग के समक्ष उपस्थित न होने के साथ मामला पीड़िता के खिलाफ जाता दिख रहा था। किंतु बीती शनिवार की देर रात्रि देहरादून के एसीजेएम पंचम की अदालत के आदेशो के बाद नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी रीता नेगी के विरूद्ध बलात्कार व धमकाने् की धाराओ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीडिता के प्रार्थना पत्र एवं एफआईआर विधायक पर पीडिता के साथ दुष्कर्म करने और समय-समय पर धमकी देते हुये मुंह बंद रखने को धमकी देने का आरोप लगाया गया है। जबकि विधायक की पत्नी पर इस मामले में चुप रहने के एवज में बड़ी धनराशि का लालच देने का आरोप लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि कि पीडिता लगातार विधायक पर उसकी बेटी का जैविक पिता होने का आरोप लगाकर डीएनए जांच की मांग कर रही है। मामले में नेहरू कॉलोनी के थाना प्रभारी ने बताया है कि न्यायालय के आदेशों पर देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

नवीन समाचार
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