भीमताल झील में (Jheel men) मिला 15 दिनों से गायब वन क्षेत्राधिकारी हरीश चंद्र पांडे का शव…

Jheel men

(Water Problem) नैनीताल वाले पी रहे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा आईएसओ 9001 पानी, राज्य में यह मानक पाने वाला पहला नगर, जानें क्या हैं इसके मायने…

Water supply Problem, peyjal Pani

Water Problem

Tourism Facilities : प्रधानमंत्री मोदी के बाद सदी के महानायक हुये कुमाऊं मंडल के दिव्य स्थलों के प्रशंसक, आगे उमड़ सकता है श्रद्धालुओं का मेला

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2023 (Tourism Facilities)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुमाऊं मंडल के जागेश्वर व पार्वती कुंड की यात्रा और इसके बाद उनके द्वारा यह कहने कि यदि उनसे कोई पूछे कि उत्तराखंड के किस एक स्थान की यात्रा की जाये, तो वह जागेश्वर व पार्वती कुंड का नाम लेंगे, देश की कई बड़ी हस्तियां यहां आने के प्रति लालायित हो गयी हैं।

Imageइनमें सबसे प्रमुख नाम सदी के महानायक कहे जाने वो अमिताभ बच्चन का है। यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी की आज की 1 पोस्ट उत्तराखंड के कुमाऊं (Kumaon) मंडल को कर देगी समृद्ध ? देशवासियों से किया बड़ा आह्वान

अमिताभ प्रधानमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किये गये जागेश्वर व पार्वती कुंड के चित्रों को देखकर इतना अभिभूत हुये कि वह स्वयं को इन स्थानों की प्रशंसा करने से रोक नहीं पाये।

अमिताभ ने सोशल मीडिया पर जो लिखा है उसका हिंदी अनुवाद है, ‘धार्मिकता व रहस्य से भरे कैलाश पर्वत की दिव्यता मुझे लंबे समय से आकर्षित कर रही है। किंतु यह त्रासदी या समस्या है कि मैं यहां की यात्रा कभी नहीं कर पाऊंगा और इसे कभी नहीं देख पाऊंगा।’

संभवतया अमिताभ अपनी अधिक उम्र व स्वास्थ्य जैसे कारणों से ऐसी लाचारगी व्यक्त कर रहे हों। बहरहाल, जिस तरह से देश के नायक प्रधानमंत्री मोदी के बाद सदी के महानायक अमिताभ बच्चन उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के दिव्य स्थलों के प्रशंसक बने हैं। यह भी पढ़ें :  बड़ा समाचार : पीएम मोदी उत्तराखंड के इस स्थान से एक साथ कर सकते हैं 2-2 कैलाश पर्वतों व ॐ पर्वत के दिव्य दर्शन

साथ ही पार्वती कुंड-जॉलिंगकांग होते हुये चीन सीमा तक सड़क के बनने और यहाँ लिपुपास दर्रे के पास के भारतीय क्षेत्र के चीन के तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत के दर्शनों का व्यू प्वाइंट मिल जाने के बाद भी और केंद्र सरकार की मानसमाला परियोजना की पहल के बाद तय लग रहा है कि आने वाले भविष्य में न केवल इस क्षेत्र बल्कि पूरे कुमाऊं मंडल में धार्मिक व साहसिक पर्यटन के शौकीन सैलानी उमड़ सकते हैं और यहां पर्यटन के नये द्वार व अवसर खुल सकते हैं।

नैनीताल जनपद का कैंची धाम इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो इसी वर्ष विराट कोहली व अनुष्का शर्मा के आने के बाद से न केवल उत्तराखंड का गूगल पर सर्वाधिक खोजा जा रहा स्थल बन गया है, बल्कि यहां देश भर के आम व खास श्रद्धालु लगातार उमड़ रहे हैं और यहां पार्किंग व पुलिस थाने के साथ नये बाईपास मार्ग जैसी नयी व्यवस्थायें भी करनी पड़ी हैं।

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंयदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो यहां क्लिक कर हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, यहां क्लिक कर हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : Tourism Facilities : यूपी की राज्यपाल पहुंचीं नैनीताल, जानें क्या किया ?

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अगस्त 2023 (Tourism Facilities)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल व गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल मंगलवार को निजी प्रवास पर नैनीताल पहुंचीं। यहां पहुंचने पर उनका नैनीताल राजभवन में स्वागत किया गया। इसके उपरांत उन्होंने नगर में विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। इस दौरान नगर में कई बार वाहनों के आवागमन को रोका गया। उन्होंने नैनी झील व माल रोड आदि स्थानों का भ्रमण कर सरोवर नगरी के प्राकृतिक सौंदर्य की काफी प्रशंसा भी की। 

governor of uttar pradesh reached nainital Tourism Facilitiesप्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल पहुंचीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मल्लीताल स्थित वेलकम हैरीटेज होटल एशडेल में कुमाउनी व गुजराती भोजन का आनंद लिया। यहां पहंुचने पर होटल के महाप्रबंधक पवन कुमार उपाध्याय व प्रह्लाद रावत सहित अन्य कर्मचारियों ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कुछ समय बोट हाउस क्लब में बिताया और नगर के प्रतिष्ठित रामलाल एंड ब्रदर्स प्रतिष्ठान से हाथ से तैयार किए गए वस्त्रों की खरीददारी की।

इससे पूर्व आनंदी बेन मंगलवार को चाटर्ड हवाई जहाज से पंतनगर हवाई अड्डा पहुंची। वहां उन्होंने पंतनगर में गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। वहां से दोपहर बाद वह नैनीताल राजभवन पहुंची। राजभवन पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा उनका स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

इसके पश्चात उन्होंने नगर की आराध्य देवी मां नयना देवी के मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। यहां लगभग आधा घंटा गुजारने के बाद वह मल्लीताल स्थित गवर्नर बोट हाउस क्लब पहुंची और देर शाम तक उन्होंने यहां से खूबसूरत नैनी झील के प्राकृतिक सौन्दर्य को निहारा। अलबत्ता इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी। बताया गया है कि वह 31 अगस्त तक नगर में ही रहेंगी।

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंयदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो यहां क्लिक कर हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, यहां क्लिक कर हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें Tourism Facilities : सैलानियों को सेल्फी लेने के लिए आकर्षित कर रहा है मुक्तेश्वर में एक सुंदर मॉडल शौचालय

-डीएम के प्रयासों से पर्यटन विभाग के सौजन्य से लगभग 38 लाख रुपये की लागत से पर्वतीय व ब्रिटिशकालीन निर्माण शैली में शौचालय कम व्यवसायिक आउटलेट का किया गया है निर्माण
सैलानियों को सेल्फी लेने के लिए आकर्षित कर रहा है मुक्तेश्वर में एक सुंदर  मॉडल शौचालय - हिन्दुस्थान समाचारनवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2023। सार्वजनिक शौचालय सामान्यतया गंदगी व दुर्गंध के लिए जाने जाते हैं। सामान्यजन मजबूरी में ही इनका प्रयोग करते हैं। लेकिन नैनीताल जनपद में सौंदर्यीकरण कार्यों की पहचान बन चुके डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल की पहल पर ऐसे सार्वजनिक शौचालय बन रहे हैं, जो अपनी परंपरागत छवि के इतर लोगों को ‘सेल्फी’ या फोटो लेने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। ऐसा ही एक शौचालय डीएम गर्ब्याल के प्रयासों से जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुक्तेश्वर के पास भटेलिया में स्थापित किया गया है। इस शौचालय का डिजाइन इस प्रकार का है कि वह पर्यटको व राहगीरों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यह भी पढ़ें : बड़ी कार्रवाई : उत्तराखंड के 20 दरोगा एक साथ निलंबित…

यह सार्वजनिक शौचालय को सुंदर तरीके से पहाड़ी पत्थरों से डबल स्टोरी में बना है। इसे व्यावसायिक रूप भी दिया गया है। इससे यह शौचालय संचालक के लिए आय का स्रोत भी बन गया है और इसे शौचालय को साफ रखने की व्यवस्था भी हो गई है। डीएम गर्ब्याल ने बताया कि पर्यटन विभाग के सौजन्य से लगभग 38 लाख रुपये की लागत से पारंपरिक पर्वतीय भवन निर्माण कला व ब्रिटिशकालीन कला के मिश्रण से इस सार्वजनिक शौचालय को व्यवसायिक आउटलेट के रूप में निर्मित किया गया है। यह भी पढ़ें : युवकों ने 9वीं कक्षा के छात्र की पिटाई की, और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, अब भुगतेंगे….

इसमें नीचे सार्वजनिक शौचालय व ऊपर व्यावसायिक आउटलेट निर्मित किया गया है जो कि एक साथ काम करेंगे। सार्वजनिक शौचालय में हाइजीन व सफाई व्यवस्था बनी रहे इस हेतु इसके संचालक कर्ता को व्यावसायिक आउटलेट भी दिया जाएगा। इस मॉडल शौचालय को किफायती दाम के साथ ही आकर्षक भी बनाया गया हैं। इसमें पत्थर की दीवार, लकड़ी का फ्लोर व टिन से छत निर्मित की गई है, जो अपने आप में काफी आकर्षक है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें Tourism Facilities : सुबह का सुखद समाचार: अब सैलानी ‘चलते-फिरते घर’ से कर सकेंगे उत्तराखंड में यात्रा, चलाने वालों का भी घर चलेगा

Tourism Facilities New mobile home - custom made house on wheels - caravan - in Bhopal | Clasf  leisureनवीन समाचार, देहरादून, 27 दिसंबर 2022। अब पर्यटक उत्तराखंड के दूरस्थ स्थानों पर ‘चलते घर’ कहे जाने वाले अल्ट्रा लक्जरी वैन ‘कैरवान’ में घर की तरह बैठकर, टीवी देखते, सोते, चाय-कॉफी व भोजन तैयार कर खाते-पीते और वहीं निवृत्त होते हुए अपने परिवार और दोस्तों के साथ आरामदायक सफर कर सकेंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के सहयोग से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विशेष वाहन ‘कैरवान’ का सोमवार को शुभारंभ किया गया है। ‘कैरवान’ को प्रदेश की वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना में भी शामिल किया गया है, जिससे आम युवा भी विशेष अनुदान के साथ ‘कैरवान’ खरीद सकेंगे और यह ‘कैरवान’ उनका घर भी चलाएंगी। यह भी पढ़ें : नैनीताल: अब कृष्णापुर वासियों को एक किलोमीटर दूर मुख्यालय के लिए नहीं लगाना पड़ेगा 20 किमी का चक्कर, शुरू हुआ सड़क का निर्माण…

Kerala's first caravan park to open in Idukki, to offer house-on-wheels  experience | Times of India Travelप्रदेश के पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने बताया कि राज्य में सोमवार से पहले-शुरुआती चरण में पांच और तीन सीटर ‘कैरवान’ और ‘गोरखा कैरवान’ की सुविधा शुरुआत की गई है। इन ‘कैरवान’ की यात्रा अवधि आठ दिनों की होगी, जिसमें पर्यटक पंतनगर से शुरू होकर टनकपुर में साहसिक गतिविधियां करते हुए, पंचेश्वर, बिंनसर, गरुड़, औली, टिहरी होते हुए लगभग 900 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते और उत्तराखण्ड के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हुए देहरादून पहुचेंगे। यह भी पढ़ें : नैनीताल : व्यवसायी के साथ मारपीट, सिर में आए दर्जन भर टांके, आईसीयू में भर्ती…

श्री कुर्वे ने बताया कि इन ‘कैरवान’ लंबी व दूरस्थ क्षेत्रों की यात्रा के शौकीन पर्यटकों के लिए कैंपिंग व घर जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस वाहन में सैलानी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सड़क के रास्ते कहीं भी यात्रा कर सकते हैं, और होटल की जगह दूरदराज के इलाकों, जंगलों और नदियों के किनारे रुककर-कैंपिंग करते हुए, खुद ही भोजन बनाते आदि आनंद लेते और घर जैसे वातावरण में अपनी यात्रा का यादगार बनाते हुए यात्रा कर सकेंगे। कैरवान में एलसीडी टीवी, सैटेलाइट टीवी, जीपीआरएस नेविगेशन सिस्टम, वॉशरूम, पेंट्री, कॉफी मेकर, माइक्रो वेव आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह भी पढ़ें : आगामी नव वर्ष 2023 में पड़ने वाली छुट्टियों का कलेंडर जारी, जानें कितनी छुट्टियों का हो रहा नुकसान, और कितनों का फायदा…

श्री कुर्वे ने कहा कि कैरवान पर्यटकों के लिए एक किफायती पर्यटन विकल्प बनकर उभरा है क्योंकि कैरवान में आवास व भोजन की सुविधा होने के कारण पर्यटकों को अलग से होटल की बुकिंग नहीं करानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि कैरवान को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार की पर्यटन नीति के तहत एमएसएमई के अंतर्गत कैरवान खरीद सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से तय अनुदान भी दिया जा रहा है। इसका पर्यटकों और उत्तराखंड वासियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मुक्तेश्वर क्षेत्र में पर्यटकों हेतु छोटी पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण एवं हेलीकॉप्टर सुविधाओं हेतु समिति गठित

-गत दिवस मुख्य सचिव एसएस संधू के निर्देशों पर डीएम ने बनाई समिति, 3 से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2022। नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने गत 12 जून को प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू के लेटीबूंगा, शशबनी, मुक्तेश्वर इत्यादि क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान पर्यटकों की उमड़ रही अत्यधिक संख्या के सापेक्ष पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर कार्रवाई की है। उन्होंने मुख्य सचिव के इन क्षेत्रों में छोटी पार्किंग, सड़की चौड़ीकरण करने के निर्देशों के क्रम में समिति का गठन कर दिया है।

समिति में अधीक्षण अभियंता, लोनिवि नैनीताल द्वारा नामित अधिशासी-सहायक अभियंता, संबंधित एसडीएम एवं भू-वैज्ञानिक, भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई हल्द्वानी को नामित किया है। समिति को पदमपुरी-धानाचूली, भटेलिया, लेटीबूंगा, शशबनी, मुक्तेश्वर, शीतला इत्यादि क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए इन स्थानों में छोटी पार्किंग चिन्हित करने तथा आवश्यकतानुसार सड़क चौड़ीकरण हेतु भी प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिन स्थानों पर पहाड़ को काट कर पार्किंग बनायी जा सकती है, उसका भी प्रस्ताव 3 दिन के भीतर देने को कहा गया है। रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश सम्बन्धित समिति को दिये गये हैं।

इसके अलावा मुख्य सचिव के इस क्षेत्र में उच्च श्रेणी के पर्यटकों को आकर्षित करने तथा हेली टूरिज्म की सम्भावनाओं को देखते हुए हेलीकॉप्टर सुविधायें दिये जाने के लिए हेलीड्रम व हेलीपैड बनाये जाने के लिए भी इसी समिति को पांच दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के लिए तय हुई व्यवस्थाएं

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अप्रैल 2022। नैनीताल में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सत्र की शुरुआत से पूर्व डीआईजी कुमाऊं डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बुधवार को पर्यटन से जुड़े व्यापारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ गोष्ठी आयोजित की, और आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नैनीताल की पर्यटन पुलिस मिशन अतिथि के तहत ‘अतिथि देवो भवः की भावना को साकार करेगी।

बैठक में डॉ. भरणे ने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान नैनीताल आने वाले पर्यटकों को मार्ग में किसी भी प्रकार से अनावश्यक नहीं रोका जाएगा। नगर के पांच हजार वाहनों की पार्किंग की सुविधायुक्त 6 स्थाई पार्किंग स्थलों में वाहनों की 80 प्रतिशत पार्किंग फुल होने की स्थिति में हल्द्वानी रोड से आने वाले वाहनों को रूसी बाईपास, कालाढूंगी रोड से आने वाले वाहनों को नारायण नगर की अस्थाई पार्किंग एवं भवाली रोड से नैनीताल आने वाले पर्यटक वाहनों को पाइंस के पास रोककर शटल सेवा के माध्यम से नैनीताल में प्रवेश दिया जाएगा।

इस दौरान भी स्थानीय नागरिकों को उनके लोकल आईडी कार्ड के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। डीएसए फ्लैट्स मैदान की कार पार्किंग में केवल स्वयं गाड़ी चलाकर आने वाले पर्यटकों के वाहन ही खड़े कराए जाएंगे। चालक युक्त पर्यटक वाहन सूखाताल पार्किंग में खड़े किये जायेगे। जरूरत पड़ने पर पर्यटक वाहनों को नगर के स्थानीय स्कूलों के मैदानो में भी पार्क कराया जाएगा। हल्द्वानी रूट में यातायात अधिक होने व जाम की स्थिति में यातायात को कालाढूंगी रोड से डाईवर्जन किया जायेगा।

पुलिस द्वारा पार्किंग सुविधा हेतु जो क्यूआर कोड सिस्टम को लागू किया गया है, पर्यटकों की सुविधा हेतु उसके बैनर नैनीताल के प्रत्येक एंट्री पॉइंट पर स्थापित कराए जाएंगे जिससे पर्यटकों को पार्किंग स्थल खोजने में सहजता हो। नगर के स्थाई पार्किंग स्थलों में केवल पर्यटकों के वाहनों को ही पार्क कराया जाएगा। स्थानीय निवासियों के वाहनों को उनके निजी पार्किंग स्थल, सूखाताल पार्किंग मल्लीताल में पार्क करने हेतु बताया जाएगा। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों एवं ड्यूटी में तैनात स्थानीय पुलिस कर्मियों को एक सामूहिक व्हाट्सएप ग्रुप एवं बल्क मैसेज के माध्यम से अपडेट दिया जाएगा।

नैनीताल आने के सभी प्रवेश द्वारों पर नैनीताल के विभिन्न पर्यटन स्थलों के नाम, होटल एवं टैक्सी की निर्धारित सूची के बैनर लगवाए जाएंगे तथा नैनीताल पुलिस द्वारा पर्यटकों को लाउडस्पीकर एवं पंपलेट के माध्यम से मार्गदर्शित किया जाएगा। पुलिस के विभिन्न चेकिंग पॉइंट्स पर उत्तरांचल रेस्टोरेंट्स संचालक अर्णव नेगी द्वारा उपलब्ध कराए गए कुमाउनी भाषा में लिखित यातायात संबंधी स्लोगन भी लगाए जाएंगे। पुलिस पर्यटन बूथ पर पर्यटकों के फीडबैक हेतु सुझाव पुस्तिका, मार्गदर्शन हेतु सभी पर्यटन स्थलों के नाम, पुलिस के आपातकालीन मोबाइल नंबर युक्त पपलेट तथा अनाउंसमेंट हेतु माइक इत्यादि की व्यवस्था रहेगी।

पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों के प्रति बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को फीडबैक के आधार पर अंत में विशेष रुप से सम्मानित भी किया जाएगा। गोष्ठी में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष पंकज तिवारी, संजय लोहनी, दिग्विजय बिष्ट, वेद साह, ललित जोशी, अजय, आसिफ, संजय, प्रमोद कुमार साह, आदेश कुमार, भगवत राणा, रोहताश कुमार सागर, धर्मवीर सोलंकी, संजय गर्ब्याल, सोनू बाफिला आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नया आकर्षण : अब नैनीताल में आसमान में चलाइए स्काई साइकिल…

-सरोवरनगरी में साहसिक पर्यटन के केंद्र केव गार्डन में सैलानियों के लिए उपलब्ध हुए अनेक आकर्षण
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अप्रैल 2022। अब सरोवरनगरी में सैलानी एवं नगर वासी आसमान में साइकिल चलाने का नया साहसिक आनंद ले सकते हैं। केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम ने नगर के साहसिक पर्यटन केंद्र केव गार्डन के ताज में एक और नया नगीना जोड़ दिया है। सैलानी इसका भरपूर आनंद उठा रहे हैं।

सूखाताल स्थित केव गार्डन के संचालक केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक एपी बाजपेई ने बताया कि सैलानियों के लिए स्काई साइकिलिग या एयर साइकिलिग कहा जाने वाला यह नया आकर्षण उपलब्ध करा दिया गया है। केवल 100 रुपए में लोग हवा में तार पर करीब 50 मीटर दूरी तक साइकिल चलाने का आनंद ले सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी केव गार्डन में प्रवेश करते ही यहां की पूरी जानकारी देने वाला ‘टॉकिंग ट्री’ यानी बोलने वाला पेड़, आगे मैकेनिकल बुल राइड, जिप लाइन यानी रस्सी पर एक से दूसरे स्थान पर जाने के नए आकर्षण भी हैं, जबकि एक ही स्थान पर टाइगर केव, पैंथर केव, परक्यूपाइन केव, बैट केव, फ्लाइंग फॉक्स व एप केव नाम की 6 गुफाओं का भी अपना अलग आकर्षण पहले से ही मौजूद है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : रोटरी क्लब करेगा कैनेडी और लाइब्रेरी पार्कों का सौंदर्यीकरण

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मार्च 2022। रोटरी क्लब नगर के कैनेडी और लाइब्रेरी पार्कों का साैंदर्यीकरण करेगा। क्लब के अध्यक्ष विक्रम स्याल एवं सदस्य वेद साह व दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिला अधिकारी धीराज गर्ब्याल तथा नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी अशोक शर्मा से भेंट कर शहर के सौंदर्यीकरण तथा नगर पर्यटकों को लुभाने हेतु लाइब्रेरी के पास के पार्क में एक सेल्फी पोईंट तथा कैनेडी पार्क का सौंदर्यीकरण करने की अनुमति का अनुरोध किया। बताया कि केनेडी पार्क में चेरी ब्लॉसम जैसी प्रजातियों के फूलदार पौधे लगाए जाएंगे, तथा पैदल मार्ग का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।

इस पर श्री गर्ब्याल ने रोटरी के इस प्रस्ताव को स्वीकृत करते हुए क्लब को रोटरी अध्यक्ष विक्रम स्याल को केनेडी पार्क कैनेडी पार्क का सौंदर्यीकरण करने की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि दोनों पार्कों पर नगर पालिका का ही स्वामित्व रहेगा। इन पार्कों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी नैनीताल नगर पालिका की ही बनी रहेगी। रोटरी क्लब नगर पालिका के प्रतिबंधों के अधीन इन पार्कों का रख-रखाव और सौंदर्यीकरण करेगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड कांग्रेस ने राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर बैठाया ‘सोनिया गाँधी के मायके व ससुराल में अजब संतुलन’

नवीन समाचार, देहरादून, 28 जनवरी 2022। न जाने उत्तराखंड की कांग्रेस पार्टी ने यह जानबूझकर किया या अनजाने में, हालांकि अनजाने में ऐसी गलती की उम्मीद की ही नहीं जा सकती है। पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को जिस पोस्टर के साथ बधाई दी है, उसमें उत्तराखंड का कोई भी पर्यटन स्थल नहीं है, जबकि दिल्ली के कुतुबमीनार व इंडिया गेट तथा आगरा के ताज महल के साथ इटली के पीसा शहर में स्थित तिरछी झुकी हुई मीनार को भी लगाया है।

इस पर भाजपा ने जोरदार चुटकी ली है। भाजपा ने इस पर कहा है, ‘भारत के राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर पीसा की झुकी हुई मीनार के साथ गणेश गोदियाल जी ने सोनिया जी के मायके और ससुराल के बीच एक आदर्श संतुलन बनाया है। परिवार परस्ती का रिकॉर्ड बना रहे कांग्रेसियों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।’ आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : क्रिसमस-थर्टी फर्स्ट पर बेहतर पर्यटन की आस में कुमाऊं पुलिस शुरू करेगी खास मिशन, पर्यटन पुलिस को भी मिलेगी नई पहचान

-कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी शुरू करेंगे ‘मिशन अतिथि’

DIG Dr. Neelesh Bharne
नगर के जाम वाले स्थानों का मातहतों के साथ निरीक्षण करते डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 दिसंबर 2021। दो वर्ष के कोरोना काल के बाद इस वर्ष नैनीताल सहित पूरे कुमाऊं मंडल में क्रिसमस से नए वर्ष के स्वागत के मौके पर अच्छे पर्यटन की उम्मीद की जा रही है। इस दौरान पर्यटकों के साथ किसी तरह के दुव्यवहार, आपराधिक वारदात, टैक्सी-होटल व्यवसाइयों द्वारा अधिक दरें लिए जाने एवं टैक्सी चालकों द्वारा पथ भ्रमित करने आदि की घटनाएं न हों इस हेतु कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे की ओर से ‘मिशन अतिथि’ के रूप में विशेष पहल की जा रही है।

डॉ. भरणे ने शुक्रवार को बताया कि इस दौरान ऑटो रिक्शा चालक-टैक्सी चालकों, प्रीपेड बूथ संचालकों, होटल-रैस्टोरेंट स्वामियों आदि के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही 18 व 19 दिसंबर को सभी जनपदों के स्थानीय पुलिस कर्मियों को व्यापक स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ‘मिशन अतिथि’ अनवरत चलने वाला अभियान है, इसके अंतर्गत सभी पर्यटन सत्रों के दौरान के लिए व्यवस्थाएं जारी रहेंगी। डॉ. भरणे ने कहा कि इसके साथ कुमाऊं परिक्षेत्र में पर्यटन पुलिस नए स्वरूप में नजर आएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भीमताल में पैराग्लाइडिंग का रोमांच भरा सफर होगा शुरू, शुरू हुई तैयारी..

-यूटीडीबी के अधिकारियों ने पैराग्लाइडिंग संचालन करने वाली फर्मों के उपकरणों का किया निरीक्षण
Paragliding 1डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2021। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं के बीच साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यूटीडीबी यानी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने जनपद के भीमताल में सितंबर माह से पैराग्लाइडिंग फिर से शुरू करने करने की बात कही है। आईटीडीबी के अधिकारियों द्वारा जनपद के भीमताल में पैराग्लाडिंग का संचालन करने वाली विभिन्न कंपनियों के उपकरणों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद यूटीडीबी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-साहसिक पर्यटन कर्नल अश्विन पुंडीर ने यह बात कही। निरीक्षण करने वाली टीम में अपर निदेशक विवेक चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं एयरो स्पोर्ट्स में नामित कमेटी के सदस्य शामिल रहे।

कर्नल पुंडीर ने बताया कि दो दिवसीय निरीक्षण के तहत फर्मो द्वारा चलाई जाने वाली पैराग्लाइडिंग में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया गया और पुराने उपकरणों को हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके आधार पर सितंबर माह से भीमताल में पैराग्लाइडिंग शुरू करने के लिए परमिट का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा विभाग के अधिकारियों ने केएमवीएन के भीमताल परिसर में निर्मित साहसिक खेल भवन का भी जायजा लिया और यहां कयाकिंग व एयरो स्पोर्ट्स के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाने पर विस्तार से चर्चा की। यूटीडीबी के अपर निदेशक विवेक चौहान ने बताया कि इसके अलावा राफ्टिंग परमिटों के नवीनीकरण करने तथा सभी प्रकार की सेवाओं को ऑनलाइन किये जाने पर भी कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर थल क्रीड़ा स्पोर्ट्स विशेषज्ञ रणबीर सिंह नेगी, नैनीताल जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़, बीएसएफ के आरके पुनिया और एयरो कमेटी के सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में जुड़ेगा साहसिक पर्यटन का एक नया आयाम, रिवर राफ्टिंग को मिली अनुमति

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अगस्त 2021। पर्यटन प्रदेश के रूप में प्रसिद्ध उत्तराखंड के झीलों के जनपद नैनीताल में अब सैलानियों को साहसिक पर्यटन के एक नए आयाम-रिवर राफ्टिंग का आनंद उठाने का मौका भी मिलेगा। सैलानी जनपद में पहली बार कुमाऊं मंडल विकास निगम के माध्यम से कोसी नदी में जिम कॉर्बेट पार्क की नगरी रामनगर के पास कोसी-कौशिकी नदी के 21 किलोमीटर हिस्से में रिवर राफ्टिंग के रूप में जलक्रीड़ा कर सकेंगे। निगम को यहां मॉनसून के मौसम में रिवर राफ्टिंग कराने की अनुमति मिल गई है।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक एपी वाजपेयी ने बताया कि रॉफ्टिंग के लिए विशेषज्ञों की टीम ने रेकी पूरी कर ली है। अब टीआरएच रामनगर के वरिष्ठ प्रबंधक के नियंत्रण में कोसी नदी में रामनगर के निकट कुमरिया से मोहान चार किमी, मोहान से ढिकुली-गर्जिया सात किमी, ढिकुली से रामनगर दस किमी तक यानी कुल 21 किलोमीटर क्षेत्र में 12 से 31 अगस्त के दौरान फिलहाल दो राफ्ट से मॉनसून रिवर राफ्टिंग का आयोजन कराया जाएगा। यदि इस आयोजन को अच्छी सफलता मिलेगी तो और राफ्ट बढ़ाई जाएंगी, तथा रिवर राफ्टिंग को मरचूला-मोहन तक भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राफ्टिंग के लिए घंटे, दिन और दूरी के हिसाब से आठ सौ से लेकर तीन हजार रुपये तक की कीमत तय की गई है। एक राफ्ट में एक समय में आठ लोग राफ्टिंग कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि नैनीताल जिले में पहले से जिप लाइन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बलून, कयाकिंग, जंपिंग, साइकिलिंग, माउंटेनियरिंग, रॉक क्लाइंबिंग जैसी साहसिक खेलों की गतिविधियां पहले से चल रही हैं। अब रिवर राफ्टिंग के इस श्रेणी में जुड़ जाने से जनपद में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, तथा नैनीताल नए साहसिक पर्यटन हब के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाएगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में सप्ताहांत पर सैलानियों की बिन आफत रौनक

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अगस्त 2021। सरोवरनगरी में सप्ताहांत पर सैलानियों की काफी भीड़भाड़ एवं रौनक दिखी। नैनी झील में भी नौकाओं का मेला सा लगा रहा। वहीं नगर के डीएसए मैदान स्थित कार पार्किंग भी भरी हुई नजर आ रही है। सड़कों पर भी वाहनों एवं सैलानियों की भीड़ है, अलबत्ता दो-तीन सप्ताह पूर्व जैसा सैलानियों व वाहनों का जाम या हो-हल्ला नहीं है।

Chhate
रविवार को सरोवरनगरी में सुहावने मौसम के बीच रंग-बिरंगे छातों के साथ सुंदर दृश्य प्रस्तुत करते सैलानी। (फोटो-गुड्डू ठठोला।)

लोग नगर के प्राकृतिक सौंदर्य एवं सैर-टहल का आनंद ले पा रहे हैं। स्थानीय लोग भी आम तौर पर उस तरह परेशानी महसूस नहीं कर रहे हैं। नगर के होटल एवं नियले स्तर के पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर भी संतोष नजर आ रहा है। नगर में कोहरे एवं कोहरे से कई बार पानी के झरने के साथ मौसम भी बेहद दिलकश बना हुआ है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : बढ़ी रोक-टोक से सरोवरनगरी में बेहतर हो गया पर्यटन, रौनक भी बरकरार…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जुलाई 2021। सरोवरनगरी में बीते सप्ताह तक रहे सैलानियों के मेले जैसा नजारा इस सप्ताांत पर नहीं दिखाई दिया। अलबत्ता, अभी भी शहर में सैलानियों की रौनक बनी हुई है। अब शहर में स्तरीय सैलानी नजर आ रहे हैं, जो कोविड प्रोटोकॉल्स व नियम-कानूनों का भी पालन कर रहे हैं। वहीं नगर में भीड़ बढ़ाकर हुड़दंग मचाने व समस्याएं खड़ी करने वाले स्थानीय सैलानी अब कमोबेश नहीं आ रहे हैं। इसलिए नगर में सैलानियों की रौनक के साथ खुशनुमा माहौल नजर आ रहा है।

यह सैलानी शांति से नगर के प्राकृतिक सौंदर्य एवं नगर की पर्यटन सुविधाओं का आनंद भी उठा रहे हैं, एवं व्यवसायियों के लिए लाभदायी साबित हो रहे हैं। उन्हें लेकर नगर के होटल व्यवसायियों के साथ ही लघु पर्यटन व्यवसायियों में भी संतोष का भाव नजर आ रहा है। इस प्रकार यह भी कहा जा सकता है कि प्रशासन की सख्ती से नगर में बेहतर पर्यटन नजर आ रहा है। साथ ही प्रशासन व खासकर पुलिस की सैलानियों को यहां-वहां रोकने, खदेड़ने जैसी समस्याएं भी घट गई हैं। नगर में जाम की समस्या भी नहीं है, इससे स्थानीय लोग भी अच्छा महसूस कर रहे हैं।

विदित हो कि डीएम ने नगर में पर्यटकों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए बिना आरटीपीसीआर जांच एवं होटलों में पहले से बुकिंग किए बिना आ रहे सैलानियों का नगर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था, जबकि एसएसपी ने नगर के पार्किंग की सुविधा न रखने वाले होटलों में बुकिंग के बाद भी आ रहे सैलानियों के चार पहिया वाहनों के साथ दोपहिया वाहनों से आ रहे सैलानियों को शहर के बाहर रोकने के नियम लागू किए, जिसके यह बेहतर परिणाम नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि सरोवरनगरी की पहचान स्तरीय ‘क्लास’ पर्यटकों के लिए ही होती रही है, पर बीते एक-दो दशकों में नगर के पर्यटन का स्तर काफी गिरा है, जो प्रशासन की पहल से वापस बेहतरी की ओर लौटता नजर आ रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : डीएम की पहल पर बेहतर रहा इस सप्ताहांत नैनीताल का पर्यटन…

-पर बॉर्डर के प्रबंधों पर शिकायत भी, होटल एसोसिएशन की पहल भी सराहनीय

DM Dhiraaj Garbyalडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जुलाई 2021। जनपद में बेतहाशा उमड़ते हुए और कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन न करने पर डीएम धीराज गर्ब्याल ने इस सप्ताहांत पर नैनीताल मुख्यालय आने वाले सैलानियों के लिए तीन शर्तें लागू की थीं। इन शर्तों के अनुसार देहरादून सिटी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना, 72 घंटे पूर्व की कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाना और नैनीताल में होटल की बुकिंग का साक्ष्य उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया था। साथ ही जनपद की एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने नगर के तीनों प्रवेश मार्गों पर वाहनों पर नैनीताल, भवाली, भीमताल एवं मुक्तेश्वर आदि जाने वाले मार्गों के लिए अलग-अलग स्टीकर लगाकर उनके निर्दिष्ट स्थानों को भेजने तथा बुकिंग किए गए होटल में पार्किंग की सुविधा न होने पर चार पहिया वाहनों के साथ ही सभी दोपहिया वाहनों को नारायणनगर एवं रूसी बाइपास में रोकने तथा बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के आने वाले सैलानियों को वापस लौटाने के नियम लागू किए। डीएम गर्ब्याल सादी वर्दी एवं निजी कार में बिना किसी को बताए व्यवस्थाओं का जायजा लेने की गए।

इसका प्रभाव यह हुआ कि इस सप्ताहांत कोविड काल के इतर पिछले कई वर्षों में सप्ताहांत एवं पर्यटन सीजन के दौरान होने वाली यातायात अव्यवस्था अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। हालांकि इन पाबंदियों के बाद भी नजर में भारी संख्या में ही सैलानी पहुंच रहे हैं। नगर के चीना बाबा चौराहे से मल्लीताल रिक्शा स्टेंड सहित कई संकरे मार्गों पर रविवार को भी सैलानियों के वाहनों की कतारें लगी हुई नजर आईं। नैनी झील में भी बारिश के बावजूद नौकाओं का मेला सा लगा रहा। सैलानी अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से नगर के प्राकृतिक सौंदर्य एवं मौसम का आनंद लेते भी देखे गए। नगर के मनु महारानी होटल के वरिष्ठ महाप्रबंधक नरेश गुप्ता ने बताया कि उनका होटल अभी भी पैक चल रहा है। नगर वासी भी नगर में बेवजह भीड़ बढ़ाने वाले नजदीकी क्षेत्रों के सैलानियों के न पहुंचने से होहल्ला न होने के कारण राहत में दिखे।

बॉर्डर पर रजिस्टर में इंट्री के कारण धूप-गर्मी से परेशान हो रहे सैलानी
नैनीताल। नैनीताल, उत्तराखंड में आने के लिए अब सैलानियों का देहरादून सिटी पोर्टल पर पंजीकरण एवं कोविड निगेटिव रिपोर्ट न केवल देखी जा रही है, बल्कि एक रजिस्टर में यह औपचारिकताएं पूरी करके आने वाले सैलानियों की इंट्री भी की जा रही है। इस कारण काफी समय लग रहा है, और यात्रियों को राज्य की सीमा पर धूप व गर्मी में बच्चों सहित परेशान होना पड़ रहा है। उम्रदराज सैलानी दिलीप सहित कई यात्रियों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रपत्रों की जांच ठीक है, पर इंट्री के नाम पर रोकना गलत है। इससे यात्रियों को 60 से 90 मिनट तक धूप में परेशान होना पड़ रहा है। इसलिए इस पर रोक लगनी चाहिए। वहीं कुछ सैलानियों ने बॉर्डर के बाद अन्य चेक पोस्टों पर भी बार-बार जांच के नाम पर रोके जाने पर परेशानी होने की बात कही। 

कोविड नियमों का पालन कराने के लिए होटल एसोसिएशन ने लगाए लाउडस्पीकर
नैनीताल। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने सैलानियों को मास्क पहनने व सामाजिक दूरी बरतने सहित अन्य संदेश लगाने के लिए नगर की माल रोड सहित अन्य भीड़भाड़ वाले संभावित स्थानों पर लाउड स्पीकर लगा दिए हैं। होटल एसोसिएशन के सचिव दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि सैलानियों खासकर महिला सैलानियों को मास्क पहनने के लिए समझाना होटल स्वामियों व कर्मियों के लिए भी मुश्किल साबित हो रहा है। इस पर डीएम के सुझाव पर एसोसिएशन द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर यह लाउडस्पीकर लगाए जा रहे हैं ताकि सैलानियों को बार-बार कोविड के नियमों का पालन करने के लिए समझाया जा सके। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : इस सप्ताहांत नैनीताल आना है तो सैलानियों को तीन शर्तें करनी होंगी पूरी, पुलिस ने किए खास प्रबंध

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 09 जुलाई 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के राज्य के पर्यटन स्थलों में सैलानियों के बेतहाशा उमड़ने और कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन न करने पर दिखाई गई सख्ती का असर अब धरातल पर भी दिखेगा। इस संबंध में शासन से गत 7 जुलाई को जारी आदेशों के क्रम में शुक्रवार को नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने भी इस सप्ताहांत पर नैनीताल मुख्यालय आने वाले सैलानियों के लिए तीन शर्तें लगा दी हैं। डीएम की ओर से जारी आदेशों के अनुसार केवल उन्हीं सैलानियों को नैनीताल आने दिया जाएगा, जिन्होंने देहरादून सिटी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण किया होगा। उनके पास 72 घंटे पूर्व की कोविड निगेटिव रिपोर्ट होगी। साथ ही उन्हें नैनीताल में होटल की बुकिंग का साक्ष्य उपलब्ध कराना होगा। यह आदेश आगामी 12 जुलाई की सुबह 8 बजे तक प्रभावी होंगे। आदेशों का पालन न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005, उत्तराखंड कोविड-19 महामारी नियम-2020 तथा भारतीय दंड संहिता तथा अन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इधर सप्ताहांत के लिए नैनीताल पुलिस ने भी विशेष प्रबंध किए हैं। जनपद की एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने वीडियो संदेश के जरिए बताया है कि सप्ताहांत पर नैनीताल आने वाले तीनों प्रवेश मार्गों पर वाहनों पर नैनीताल, भवाली, भीमताल एवं मुक्तेश्वर आदि जाने वाले मार्गों के लिए अलग-अलग स्टीकर लगाए जाएंगे तथा इन स्टीकरों के आधार पर ही वाहनों को उनके निर्दिष्ट स्थानों को भेजा जाएगा। रानीबाग से अमृतपुर के संकरे पुल के मार्ग से केवल भीमताल जाने वाले वाहनों को ही भेजा जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि नैनीताल आने वाले वाहनों को नारायणनगर एवं रूसी बाइपास में रोका जाएगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : नैनीताल जू, बॉटनिकल गार्डन व वाटरफॉल सैलानियों के लिए खुलेंगे…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2021। कोरोना काल में बंद रहने के बाद मुख्यालय स्थित प्राणी उद्यान यानी चिड़ियाघर, नारायण नगर स्थित हिमालयन बॉटनिकल गार्डन व सड़ियाताल स्थित वुडलैंड वाटरफॉल मंगलवार से सैलानियों के लिए बुधवार 30 जून से खोल दिए जाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि प्रमुख वन संरक्षक-वन्य जीव व मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक उत्तराखंड के आदेशों पर सैलानियों के लिए यह स्थल कोरोना काल के बाद खोले जा रहे हैं। चिड़ियाघर में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सभी संस्थान गत 1 मई से बंद थे। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नगर में कोरोना काल में बंद पड़े नाव, रिक्शा व घोड़ों की सवारी के साथ ही रोप-वे भी खुल चुका है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : सैलानियों की आवक से पैक हुई कार पार्किंग, मैदान में भी खड़े किए गए वाहन

Car Parking
बुधवार अपराह्न नगर के डीएसए मैदान में पार्किंग के फुल होने के बाद खड़े वाहन। (फोटो: गुड्डू ठठोला)

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 जून 2021। प्रदेश में कोविड कर्फ्यू में छूट एवं खासकर बाहरी प्रदेशों से प्रदेश में आने पर आरटीपीसीआर के साथ टूªनेट व सीबीनाट जांच को अनुमति मिलने के बाद सरोवरनगरी में सैलानियों की आवक बढ़ गई है। बुधवार को सप्ताहांत न होने के बावजूद नगर में सैलानियों की आवक इतनी बढ़ी की नगर की फ्लैट्स मैदान स्थित कार पार्किंग दिन में ही पैक हो गई और वाहनों को पार्किंग से बाहर खेल के मैदान के हिस्से मंे पैक किया गया। ऐसी स्थिति में जहां एक ओर नगर में सैलानियों की भी रौनक बढ़ गई है, और पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है, वहीं कोरोना के तीसरी बार लौटने की आशंका भी बलवती होती जा रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में दो वर्ष बाद फिर लगने लगे जाम

Tourists jamडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जून 2021। इस सप्ताह कोविड कर्फ्यू में छूट एवं आरटीपीसीआर के साथ ही टूªनैट व सीबीनाट जांच को भी उपयुक्त घोषित किये जाने के बाद सरोवरनगरी में सैलानियों की अच्छी रौनक उमड़ आई है। ऐसे में करीब दो वर्ष बाद नगर में एक बार फिर नगर में वाहनों के जाम की तस्वीरें दिखने लगी हैं। सोमवार को सप्ताहांत का दिन न होने के बावजूद नगर की लोवर माल रोड पर मल्लीताल रिक्शा स्टेंड से जिला पर्यटन कार्यालय तक करीब आधा किलोमीटर और इसी तरह नैनीताल क्लब से बीडी पांडे जिला चिकित्सालय और उधर मल्लीताल कोतवाली के पास कई बार वाहनों की कतारें लगी हुई नजर आईं। नगर में सैलानियों के उमड़ आने से रौनक भी नजर आ रही है, और नगर के पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर भी कुछ खुशी नजर आने लगी है। नगर की पहचान नैनी झील में नौकायन के लिए भी सैलानी पहुंच रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : नैनीताल जनपद में नौकायन एवं घुड़सवारी को मिली अनुमति…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2021। कोरोना की दूसरी लहर के कुंद पड़ने के साथ नैनीताल जनपद में पर्यटन गतिविधियांे को फिर से पटरी पर लौटाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन ने जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल के निर्देशों पर जनपद में नौकायन एवं घुड़सवारी की अनुमति दे दी है। चप्पू वाली नौकाओं में नौका चालक के अलावा दो सवारियां एवं पैडल वाली नौकाओं में दो लोग कोविड नियंत्रण के समस्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, मास्क पहनकर नौकायन कर सकेंगे। इसके साथ जनपद के मुख्यालय नैनीताल, भीमताल, सातताल व नौकुचियाताल आदि झीलों में नौकायन की राह खुल गई है। इससे कोविड कर्फ्यू में बेरोजगार हुए नौका चालकों के साथ ही घोड़ा चालकों के रोजगार की राह भी प्रशस्त हो गई है। उल्लेखनीय है कि आज ही प्रदेश की राज्यपाल ने भी इस पर जिला प्रशासन को कदम उठाने की सलाह दी थी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में सैलानियों की रौनक, नए दिशा-निर्देशों के बाद निरस्त होनी शुरू हुईं बुकिंग..

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मार्च 2021। राज्य सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फिर से दिशा-निर्देश लागू करने, खासकर उत्तर प्रदेश व दिल्ली सहित आधा दर्जन से अधिक उत्तर भारत के एवं देश के 12 राज्यों के लोगों के लिए राज्य में प्रवेश के लिए 72 घंटे पुरानी कोविद-19 की निगेटिव लाना अनिवार्य कर दिया है। इससे राज्य के पर्यटन का प्रभावित होना तय है। पर्यटन नगरी नैनीताल की बात करें तो मैदानी क्षेत्रों में मार्च माह में ही मई की तरह 40 डिग्री तक पारा चढ़ने की स्थितियों में होली से पहले से ही नगर में सैलानियों की आवक बढ़ गई थी और नगर के सभी प्रमुख होटल एवं डीएसए मैदान स्थित मुख्य पार्किंग पैक हो गए थी, जो बुधवार को भी यथावत रही। आगे आगामी 2 अप्रैल को गुड फ्राइडे के साथ तीन व चार अप्रैल के सप्ताहांत पर भी सरोवरनगरी के अधिकांश बुकिंग लेने वाले बड़े होटल पैक हो गए थे, लेकिन एक अप्रैल से नए दिशा-निर्देशों के आने के बाद होटलों की बुकिंग निरस्त होनी शुरू हो गई है।
नगर के सबसे बड़े मनु महारानी होटल के महाप्रबंधक नरेश गुप्ता ने बताया कि गत वर्ष की तरह से इस वर्ष भी ठीक मार्च माह से कोरोना के मामले बढ़ने के रूप में इतिहास एक तरह से खुद को दोहरा रहा है। उन्होंने कहा कि काफी कम लोग ही आरटी-पीसीआर जांच कराकर घूमने निकलते हैं। क्योंकि कोरोना के बढ़ने के दौर में घूमने पर भी कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता है। उन्होंने बताया कि आगामी सप्ताहांत पर होटल फुल था, किंतु सुबह से कई बुकिंग निरस्त हो चुकी हैं। वहीं नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने कहा कि लोग कोरोना से बचाव के उपायों को नहीं मान रहे हैं। ऐसे में बढ़ते मामलों के साथ सरकार भी नियम कड़े करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि नए निर्देशों का पर्यटन पर प्रभाव एक-दो दिन में साफ होगा। उन्होंने सैलानियों व स्थानीय लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की है।

यह भी पढ़ें : नए डीएम के कार्यभार संभालने के पांचवे दिन ही सामने आया मल्लीताल रिक्शा स्टैंड का पहला नया लुक

Mallital Rickshaw Standनवीन समाचार, नैनीताल, 14 फरवरी 2021। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में अब तक सैलानियों के लिए लोहे-कास्ट आयरन के खंभे व रेलिंग ही लगाई गई हैं। लेकिन अब नगर में सैलानी पर्वतीय लोक संस्कृति के दीदार कर सकेंगे। इस दिशा में पहला प्रयास नगर के मल्लीताल व रिक्शा स्टैंड के प्रतीक्षालयों को पर्वतीय शैली में विकसित करने का होने जा रहा है। रविवार को जनपद के नवागत डीएम धीराज गर्ब्याल की ओर से, कार्यभार ग्रहण करने के पांचवे दिन ही इसका पहला प्रस्तावित चित्र सामने आया है। प्रस्तावित चित्र में नजर आ रहा है कि रिक्शा स्टेंड की छत पहाड़ी शैली की ढलावदार पाथरों जैसी बनने वाली है। इसी तरह सामने खिड़की और मुंडेरें भी पर्वतीय शैली में बनेगी और भीतर बैठने के लिए भी पहाड़ी तरीके की बैंच और दीवारों में पत्थरों की चिनाई भी चित्र में नजर आ रही है।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में सप्ताहांत के बादे भी उमड़े रहे सैलानी, कोरोना का प्रभाव समाप्त !

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2021। सरोवरनगरी में पर्यटन पर कोरोना का प्रभाव कमोबेश समाप्त हो गया है। नगरी के आकर्षण में बंधे सैलानी नगर में भरपूर संख्या में पहुंच रहे हैं। खासकर सप्ताहांत एवं अवकाश के दिनों में तो नगर में सैलानियों का रेला ही उमड रहा है। ऐसे में नगर की संकरी सड़कों पर खासकर इस मौसम में पिछले वर्षों से भी अधिक संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। इससे नगर में सैलानियों की अच्छी रौनक बनी हुई है। लोग नगर में दिन में खिल रही धूप और नगर के निकट हिमालय दर्शन से हिमालय की पर्वत श्रृंखला के नजारे भी ले रहे हैं।

Tourists
मंगलवार को नगर के हिमालय दर्शन में हिमालय एवं प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचे सैलानी।

Touristsवहीं सोमवार को नगर की प्रमुख माल रोड से लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय परिसर तक वाहनों की लाइनें लगी रहीं व नगर के प्रमुख आकर्षण नैनी सरोवर व माल रोड सहित सभी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों के मेले जैसा माहौल बना रहा। दोपहर में शहर में वाहनों की रेलमपेल भी नजर आई। नगर की प्रमुख डीएसए मैदान स्थित पार्किंग भी वाहनों से पहले की तरह ही पटी रही। सैलानियों के उमड़ने से कोरोना काल में बुरी तरह से प्रभावित हुए नगर के पर्यटन व्यवसायी भी राहत महसूस कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : गणतंत्र दिवस के लंबे सप्ताहांत पर सरोवरनगरी में फिर उमड़े सैलानी

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2021। मंगलवार को गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय अवकाश के साथ सोमवार का एक दिन का अवकाश लेकर इस सप्ताहांत पर तीन से चार दिनों का अवकाश मिल रहा है। लिहाजा इस लंबे सप्ताहांत के दौरान सरोवनगरी के आकर्षण में बंधे सैलानी उमड़ पड़े हैं। रविवार को नगर की प्रमुख माल रोड से लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय परिसर तक वाहनों की लाइनें लगी रहीं व नगर के प्रमुख आकर्षण नैनी सरोवर व माल रोड सहित सभी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों के मेले जैसा माहौल बना रहा। खासकर दोपहर में शहर में वाहनों की रेलमपेल भी नजर आई। नगर की प्रमुख डीएसए मैदान स्थित पार्किंग भी वाहनों से पटी रही। पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय थापा ने बताया कि पुलिस कर्मियों के गणतंत्र दिवस की परेड में व्यस्त रहने की वजह से भी यातायात में कुछ दिक्कत आई। उधर सैलानियों के उमड़ने से कोरोना काल में बुरी तरह से प्रभावित हुए नगर के पर्यटन व्यवसायी भी राहत महसूस कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : इस बार सर्दियों के ‘ऑफ सीजन’ में हुआ नैनीताल का सीजन ‘ऑन’

-क्रिसमस के बाद से शहर में लगातार बनी हुई है सैलानियों की रौनक
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जनवरी 2021। परंपरागत तौर पर सर्दियों के मौसम को किसी भी पर्वतीय पर्यटन स्थल के लिए ‘ऑफ सीजन’ माना जाता रहा है, लेकिन कोरोना की परिस्थितियों के बावजूद पर्वतीय पर्यटननगरी सरोवरनगरी में इस वर्ष सर्दियों में भी खासकर सप्ताहांत पर सीजन ‘ऑन’ सा नजर आ रहा है, वहीं सप्ताह के अन्य दिनों में भी सैलानियों की मौजूदगी बनी हुई है। नगर में क्रिसमस के बाद से लगातार सैलानियों की रौनक बनी हुई है। नगर की फ्लैट्स मैदान स्थित मुख्य कार पार्क्रिंग कमोबेश क्रिसमस के बाद से भरी हुई है। यही हाल अन्य पार्किंगों का भी है। जितने वाहन पार्किंग से निकल रहे हैं, उससे अधिक पार्किंग में खड़े होने को लालायित हैं। होटलों में भी ठीक-ठाक संख्या में सैलानी ठहर रहे हैं। नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील में नौकाओं का और माल रोड पर सैलानियों के मेले जैसा माहौल लगातार बना हुआ है। नगर के निकटवर्ती बाहरी पर्यटन स्थलों, हिमालयन दर्शन, लवर्स प्वॉइंट, लेक व्यू प्वॉइंट, नैनीताल जू व केव गार्डन आदि स्थानों पर भी सैलानियों की अच्छी संख्या देखी जा रही है, जबकि लैंड्स इंड, टिफिन टॉप, स्नो व्यू, नैना पीक व कैमल्स व्यू की चोटियों पर भी सैलानी पहुंच रहे हैं। इससे कोरोना काल में अपनी आजीविका खोने वाले स्थानीय छोटे-बड़े पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे पर रौनक है।
नैनीताल चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया रविवार को छोटे-बड़े 1402 सैलानी चिड़ियाघर के काफी ऊंचाई पर होने के बावजूद वन्य जीवों का दीदार करने पहुंचे। जबकि सप्ताह के बीच के दिनों में औसतन 400-500 सैलानियों की आमद बनी हुई है। यही स्थिति अन्य पर्यटन स्थलों व उपक्रमों में भी है। इसका कारण कोरोना काल में घरों में फंसे लोगों का ‘रिफ्रेश’ होने के लिए पहाड़ों की सैर पर आना और यहां सर्दियों में भी मैदानी क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर मौसम होना बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : नए वर्ष का स्वागत करने के लिए 31 दिसंबर को नैनीताल में ऐसी रहेंगी व्यवस्थाएं

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 दिसम्बर 2020। कोरोना के जानलेवा भय एवं अनेक समस्याओं के बावजूद नैनीताल देश भर, खासकर उत्तर भारत के सैलानियों का पहला पसंदीदा पर्यटन स्थल बना हुआ है। नगर में क्रिसमस से पहले ही यानी एक सप्ताह पहले से ही सैलानियों की भीड़भाड़ बनी हुई है और 31 के लिए पहले रहे असमंजस के बावजूद अधिकांश होटल भर गए हैं। नगर के सभी पार्किंग स्थल पहले ही भर चुके हैं। फिर भी पहली बार नगर से बाहर वाहनों की पार्किंग के लिए कमोबेश पहली बार सर्वाधिक व्यवस्थित तरीके से रूसी बाइपास व नारायण नगर में प्रबंध हुए हैं। वहां कोरोना की जांच के साथ ही शौचालय व अन्य जरूरी सुविधाओं के साथ ही हेल्प डेस्क व पहली बार भोजन के स्टॉल भी लगे हैं और शटल टैक्सियां भी चल रही हैं। जिनसे वहां गाड़ी खड़ी कर सैलानी नगर में आ सकते हैं।
IMG 20201226 WA000231 दिसंबर को बृहस्पतिवार है। इस दिन सामान्यतया नगर में सैलानियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र नैनीताल जू साप्ताहिक तौर पर बंद रहता है, पर इस सप्ताह यह सुबह 10 से शाम साढ़े चार बजे तक खुला रहेगा। सैलानियों के स्वागत के लिए मल्लीताल बाजार और इसके मार्गों को मां नयना देवी व्यापार मंडल मल्लीताल के द्वारा बिजली की मालाओं के साथ ही चम-चम चमकने वाली मालाओं से भी दुल्हन की तरह सजाया गया है। संगठन के संस्थापक पुनीत टंडन ने बताया कि 31 दिसंबर को शाम साढ़े पांच बजे से संगठन के सदस्य श्रीराम सेवक सभा से व्यापारियों को संगठन के नाम छपे हुए मास्क वितरित करते हुए निकलेंगे। आगे रिक्शा स्टेंड से सैलानियों को भी मास्क वितरित किए जाएंगे। रात्रि में मल्लीताल क्षेत्र रोशनियों से तो नहाएगा ही, हल्के संगीत से भी सैलानियों का स्वागत किया जाएगा।
उधर हल्द्वानी में भी वाहनों के यातायात को इस तरह प्रबंधित किया गया है कि नैनीताल आने वाले सैलानी महानगर में प्रवेश करने की जगह बाहर-बाहर से ही नैनीताल को आ सकें। उल्लेखनीय है कि डीएम पहले ही कह चुके हैं कि नैनीताल आने पर कोई रोक-टोक नहीं है। अलबत्ता, पुलिस प्रशासन लोगों के सुरक्षित नैनीताल आने और नया वर्ष मनाने के लिए भी प्रतिबद्ध नजर आ रहा है।

यह भी पढ़ें : क्रिसमस पर उमड़ी सैलानियों की भीड़भाड़ सप्ताहांत पर भी बरकरार, सीजन जैसा रहा नजारा..

-सरोवरनगरी में सैलानियों की भरमार, मास्कों तक सीमित कोरोना का प्रभाव, एक वर्ष पुराने जैसे हालात

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसम्बर 2020। सरोवरनगरी में पिछले चार दिनों से सैलानियों और वाहनों की भरमार हो गई है। ऐसी भरमार कि कोरोना का प्रभाव केवल लोगों के चेहरों पर लगे मास्कों के अलावा कहीं नजर नहीं आ रहा है। सामाजिक दूरी भी कहीं नजर नहीं आ रही है। नगर में हर रोज हजारों की संख्या में वाहन और सैलानी पहंुच रहे हैं। सैलानियों की नगर से बाहर रूसी बाइपास और नारायण नगर में कोरोना के दृष्टिगत थर्मल स्कैनिंग और जरूरत पड़ने पर जांच हो रही है। पिछले चार दिनों में केवल एक और अब तक नगर तक पहुंचे कुल तीन सैलानी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। उन्हें वापस लौटाया जा चुका है।
इधर नगर में सैलानियों और वाहनों की अच्छी भीड़भाड़ व रौनक नजर आ रही है। नगर की सभी पार्किंग भरी हुई है। नैनी झील में नौकाओं और नैनी झील किनारे माल रोड पर सैलानियों का मेला सा लगा हुआ है। जबकि नगर के नैनीताल जू, केव गार्डन, लवर्स प्वॉइंट, लैंड्स इंड, हिमालय दर्शन व स्नो व्यू आदि पर्यटन स्थलों में भी सैलानियों की अच्छी संख्या में मौजूदगी बनी हुई है।

रूसी बाइपास व नारायणनगर से खड़े करवाए गए सैलानियों के वाहन, सैलानियों को शटल टैक्सियों से शहर में भेजा गया

-सैलानियों की कोरोना स्क्रीनिंग व जांच भी हुई, फूड स्टॉल भी लगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 दिसम्बर 2020। पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में शुक्रवार को क्रिसमस के अवसर से बढ़ी सैलानियों की भीड़भाड़ शनिवार को सप्ताहांत पर भी जारी रही। ऐसे में प्रशासन ने हल्द्वानी की ओर से आने वाले सैलानियों के वाहनों को रूसी बाइपास पर तथा कालाढुंगी की ओर से आने वाले वाहनों को नारायण नगर पर रोककर वहीं पार्किंग में खड़ा करवाया, तथा सैलानियों को शटल टैक्सियों से शहर में भेजा गया। वहां पार्किंग में सैलानियों की कोरोना के दृष्टिगत स्क्रीनिंग व जांच भी हुई। साथ ही उन्हें जानकारियां देने के लिए हेल्प डेस्क भी संचालित रहे। पहले से संचालित शौचालय जैसी सुविधाओं के साथ आज से फूड स्टॉल भी लग गए।
इधर नगर में सैलानियों की अच्छी भीड़भाड़ रही। खासकर नैनी झील और झील किनारे मेले जैसा माहौल रहा। नैनीताल चिड़ियाघर, केव गार्डन, हिमालय दर्शन, लवर्स प्वॉइंट व लैंड्स इंड आदि पर्यटन स्थलों में भी सैलानियों की अच्छी भीड़भाड़ रही। रोके जाने के बावजूद सड़कों पर भी वाहनों की काफी भीड़भाड़ रही और एक तरह से ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन जैसा माहौल व नजारा देखने को मिला। एसडीएम विनोद कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दिन में और शाम को नगर के साथ ही नारायणनगर व रूसी बाइपास में रोके गए वाहनों, पार्किंग में की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में प्रवेश पर सैलानियों की कोरोना जांच के लिए व्यवस्थाएं पूरी, 144 नहीं…

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 दिसम्बर 2020। सैलानियों को क्रिसमस एवं नए वर्ष के स्वागत के लिए नैनीताल आने पर कोरोना की जांच से गुजरना पड़ेगा। इस हेतु उच्च न्यायालय के आदेशों पर नगर के सभी प्रवेश द्वारों पर प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से कोरोना की जांच के प्रबंध कर दिए हैं। यह जांचें बारापत्थर, रूसी बाइपास व पाइंस आदि स्थानों पर की जाएंगी। बृहस्पतिवार को एसडीएम विनोद कुमार ने अन्य अधिकारियों के साथ इन स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को इस हेतु व्यवस्थाएं एवं यह सुनिश्चित करने को कहा कि सैलानियों की नगर में प्रवेश से पहले कोरोना जांच हो ताकि नगर में कोरोना का संक्रमण न फैले।
इसके अलावा नगर पालिका को नगर के साथ ही लेक ब्रिज चौकी, पाइंस व बारापत्थर आदि स्थानों पर पहले से बाहर से आ रहे लोगों के तापमान लेने के लिए स्क्रीनिंग व कोरोना जांच की व्यवस्थओं से इतर 25 व 31 दिसंबर को भीड़ बढ़ने पर यह व्यवस्थाएं नारायण नगर, रूसी बाइपास व पाइंस से संचालित होंगी। इस हेतु इन स्थानों पर नगर पालिका, आरटीओ, स्वास्थ्य, जिला पंचायत व पुलिस आदि के कर्मियों के लिए कार्य निपटाने एवं रुकने के लिए पक्के केबिन बना दिए हैं। साथ ही वहां अलाव एवं भोजन की व्यवस्थाएं भी कर ली गई हैं। लोगों की भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने एवं आरटीओ को बाहरी पार्किंग स्थलों से नगर में सैलानियों को लाने के लिए पूर्व में दिए गए आदेशों के क्रम में शटल टैक्सियों की व्यवस्था करने व पुलिस को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इस दौरान धारा 144 लागू होने संबंधी सोशल मीडिया पर छाई खबरों का खंडन भी किया। इस मौके पर नगर पालिका ईओ अशोक कुमार वर्मा, एसीएमओ डा. टीआर टम्टा आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में ऐसा रहा ‘भारत बंद’ पर नजारा

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 दिसम्बर 2020। मंगलवार को किसान संगठनों के आह्वान एवं कांग्रेस एवं बामपंथी संगठनों के समर्थन के बावजूद जिला-मंडल मुख्यालय में भारत बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। नगर में सैलानियों की भी अच्छी संख्या नगर में स्वच्छंद तरीके से घूमने, प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते देखने को मिली। नगर के निकटवर्ती पर्यटन स्थलों पर भी सैलानियों की अच्छी संख्या देखी गई। नगर के व्यापारिक प्रतिष्ठान, टैक्सी, वाहन आदि रोज की तरह चलते रहे। लिहाजा किसी तरह की परेशानी देखने को नहीं मिली। नगरवासी भी अन्य दिनों की तरह सामान्य रूप से बाजारों में दैनिक खरीददारी करते देखे गए।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में सप्ताहांत पर सैलानियों की रौनक

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 नवम्बर 2020। सरोवरनगरी में सप्ताहांत पर सैलानियों की अच्छी रौनक व भीड़भाड़ नजर आ रही है। नगर में शनिवार को भी काफी संख्या में सैलानी पहुुंचे हैं। आज नगर में सैर-तफरीह और नौकायन के साथ नगर के प्राकृतिक सौंदर्य का जमकर आनंद लेते देखे गए। बड़ी संख्या में सैलानियों ने नगर की विश्वप्रसिद्ध नैनी झील में नौकायन के साथ ही चिड़ियाघर में वन्य जीवों व केव गार्डन में प्राकृतिक गुफाओं के दीदार के साथ नैना पीक, टिफिन टॉप, स्नो व्यू, लवर्स प्वॉइंट व लैंड्स इंड आदि पर्यटन स्थनांे से प्राकृतिक सौंदर्य के नजारे लिए। इससे नगर के होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर भी खुशी नजर आ रही है।

यह भी पढ़ें : सुखद : नैनीताल के होटलों में कोरोना निगेटिवों को 25 फीसद की छूट देने का प्रस्ताव..

-जनपद में टैक्सी में बैठने पर मास्क पहनना होगा अनिवार्य
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 नवम्बर 2020। जनपद में टैक्सी मे बैठने वालों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा। मास्क ना पहनने वालों के खिलाफ कडी कार्यवाही करते हुये चालान किया जाएगा, तथा चालान करते समय उन्हे कपड़े का मास्क भी दिया जाएगा। आगामी त्यौहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी दुकानों पर स्वच्छ खाद्य सामग्री की बिेक्री तथा दुकानो मे साफ सफाई सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण करंेगे। यह निर्देश बुधवार को कोरोना से संबंधित जिला मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक लेते हुए जनपद एडीएम कैलाश सिह टोलिया ने दिए। बैठक में नगर के होटलों से अपने यहां आने वाले पर्यटकों को 72 घंटे पूर्व कोविड टेस्ट निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर 25 फीसद की छूट देने का प्रस्ताव आया, इस पर नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने कहा कि इस प्रस्ताव पर आपस में विचार कर सकते हैं। स्वैच्छिक तौर पर होटलों के द्वारा छूट दी जा सकती हैं
बैठक में एडीएम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी से सुशीला तिवारी चिकित्सालय में जिला मानिटरिंग कमेटी के सदस्यों के फोन नम्बर चस्पा करने को कहा ताकि वहां आने वाले मरीज किसी प्रकार की परेशानी अथवा समस्या आने पर मानिटरिंग कमेटी के सदस्यो से बात कर सकेंगे। बैठक में कोविड 19 की गाईड लाइन का कडाई से अनुपालन करने के साथ ही मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग तथा सेनिटाइज करने के निर्देश दिये गये साथ ही कोरोना जागरूकता हेतु पोस्टर, पम्पलेट वितरण के साथ ही पहाडी भाषा में ऑडियो, वीडियो के माध्यम से भी जागरूक किया जाए। बैठक में बार एसोशिएसन के अध्यक्ष हरिशंकर कंसल, दिनेश साह, किशन नेगी, कमलेश ढौढियाल, कनक साह, आरटीओ राजीव मेहरा, एआरटीओ विमल पांडे सहित नगर निकाय के अधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : भाजपा विधायक ने सीएम को लिखा पत्र: राज्य सरकार के कदम को बताया आत्मघाती व अव्यवहारिक..

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अक्टूबर 2020। भाजपा विधायक संजीव आर्य ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पर्यटन व्यवसाय एवं रोजगार सृजन के लिए केंद्र सरकार की अत्यधिक लचीली नीति अपनाकर होटल उद्योग, नागरिक विमानन क्षेत्र एवं रेस्टोरेंट-बार आदि को पूर्व की भांति संचालित करने की सराहना की है। अलबत्ता नैनीताल शहर में प्रतिदिन प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या 500 तक सीमित करने को न केवल अव्यवहारिक वरन पर्यटन क्षेत्र से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सब्जी, फल, डेयरी, फुटकर विक्रेता एवं होटल व ट्रांसपोर्ट इत्यादि क्षेत्रों से जुड़े लाखों परिवारों की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती होने की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय को संरक्षित करने एवं प्रदेश की विकास दर को तीव्र गति प्रदान करने के उद्देश्य से पर्यटकों की संख्या को सीमित करने के किसी भी अव्यवहारिक निर्णय को प्रदेश में लागू न किया जाए। उन्होंने राज्य सरकार की कोविद-19 के संक्रमण के दौर में प्रतिबंधों को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए क्षेत्र की जनता की ओर से मुख्यमंत्री का आभार भी प्रकट किया है। साथ ही विधायक ने पुनः मुख्यमंत्री को गत 25 सितंबर को नैनीताल नगर में पर्यटन व्यवसाय को सुदृढ़ बनाने के लिए पार्किंग व केबल कार के निर्माण तथा नगर के आंतरिक मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी पत्र लिखा था। उन्होंने आशंका जताई कि उच्च न्यायालय की समिति की सिफारिशों पर नैनीताल में प्रवेश के लिए 500 सैलानियों की प्रतिदिन संख्या नियत की जा रही है।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में सैलानियों की रौनक में गुम हुआ कोरोना का खौफ व प्रभाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अक्टूबर 2020। सरोवरनगरी में खासकर सप्ताहांत एवं कुछ हद तक सप्ताहांत के बीच भी अच्छी संख्या में सैलानियों की आवक हो रही है। इसके साथ नगर में कोरोना का खौफ एवं प्रभाव गुम होता नजर आ रहा है। पुलिस-प्रशासन की कोरोना के प्रति दिशा-निर्देशों का पालन कराने में घटी सक्रियता के साथ बड़ी संख्या में लोग एवं सैलानी बिना मास्क के स्वच्छंद होकर नगर के खासकर प्रमुख आकर्षणों-माल रोड एवं नैनी झील में काफी संख्या में सैलानी घूमते एवं नौकाओं पर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते देखे जा रहे हैं।
शनिवार को भी सरोवरनगरी में सप्ताहांत पर सैलानियों की अच्छी रौनक रही। नगर के निकटवर्ती पर्यटन स्थलों से भी नगर के प्राकृतिक सौंदर्य का जमकर आनंद लेते नजर आए। नगर के माल रोड स्थित बावर्ची रेस्टोरेंट के स्वामी अमन ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह से ही रेस्टारेंट खोला है, और तब से सप्ताहांत और सप्ताहांत के बीच भी अच्छी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। यह संख्या पिछले वर्षों में इस मौसम में आने वाले बंगाली व गुजराती सैलानियों की संख्या के मुकाबले भी ठीक-ठाक है।

यह भी पढ़ें : विधायक ने नैनीताल में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए सीएम को लिखा पत्र

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 अक्टूबर 2020। नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने पर्यटननगरी नैनीताल में पर्यटन व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखा है। उन्होंने नगर में ढांचागत सुविधाओं में सैलानियों की बढ़ती संख्या तथा परिवहन सुविधाओं में विस्तारीकरण की सीमित संभावनाओं को देखते हुए नैनीताल शहर के आंतरिक मार्गों के सुदृढ़ीकरण, नगर के नारायण नगर में पार्किंग के निर्माण हेतु बजट की व्यवस्था करने, हनुमानगढ़ी, ठंडी सड़क, फांसी गधेरा, सूखाताल, स्नो व्यू व चिड़ियाघर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तथा तल्लीताल बस अड्डा-हनुमान गढ़ी-राजभवन-केव गार्डन, सूखाताल-स्नोव्यू-जू के सर्किट में केबल कार-रोप वे का निर्माण करने के लिए यथोचित कार्रवाई करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें : सप्ताहांत पर सैलानियों से भरी सरोवरनगरी, दिखने लगी फैशन परेड..

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2020। अनलॉक-4 शुरू होते ही सरोवर नगरी नैनीताल में सैलानियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होने लगी है। लॉकडाउन के बाद यह पहली बार है जब यहां इतनी ज्यादा संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। इसके चलते पार्किंग पुनः फुल हो गई है। वहीं, अगले महीने के पहले वीकेंड के लिए कई होटल अभी से पैक हो गए हैं।

Tourists
सप्ताहांत पर सरोवरनगरी में टहलती सैलानी युवतियां।

रविवार को चटख धूप खिली तो नैनीताल पहुंचे सैलानियों ने बोटिंग कर जमकर मौज मस्ती की। सुबह से ही माल रोड, पंत पार्क, स्नोव्यू, चिड़ियाघर आदि स्थानों पर सैलानियों की चहलकदमी बनी रही। पार्किंग में भी अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक वाहन नजर आए। इसके चलते अब पर्यटन को भी रफ्तार मिलने लगी है। कोरोना संक्रमण के दौरान पर्यटन संबंधी गतिविधियों में लगे प्रतिबंधों के हटने के साथ ही नैनीताल के आसपास के पर्यटन स्थलों पर भी भीड़ दिखने लगी है। दरअसल, अक्तूबर के पहले हफ्ते में शुक्रवार को गांधी जयंती का अवकाश है। उसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी। तीन दिन अवकाश होने के कारण सैलानियों ने नैनीताल में होटलों की एडवांस बुकिंग करानी शुरू कर दी है। होटल कारोबारियों के अनुसार, अक्तूबर में पर्यटन के अच्छे संकेत मिल रहे हैं। अभी तक सैलानी इसलिए नहीं आ रहे थे क्योंकि उन्हें अपने साथ कोरोना जांच प्रमाण पत्र लाने थे और बॉर्डर पर जांच करानी थी। अब कोविड जांच की बाध्यता खत्म होने और बॉर्डर पर जांच का प्रतिबंध हटने से सैलानी खुशी-खुशी यहां आ रहे हैं। जब से प्रतिबंध हटे हैं तभी से होटलों में बुकिंग को लेकर पूछताछ बढ़ गई है। यूपी, एनसीआर, हरियाणा और दिल्ली के सैलानी कमरे बुक करा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : सप्ताहांत पर पर्यटन नगरी में रही सैलानियों की अच्छी चहल-पहल, कोरोना का भय-ऐहतियाती कायदे-कानून ताक पर

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 सितंबर 2020। पर्वतीय पर्यटन नगरी-सरोवरनगरी में कोरोना के लगातार मामले बढ़ने के बावजूद भी पर्यटन पटरी पर लौटता नजर आ रहा है। तमाम पाबंदियों के बावजूद यहां खासकर सप्ताहांत पर पड़ोसी प्रदेशों से भी सैलानी नगर में पहुंचने लगे हैं। इससे सप्ताहांत पर मुख्यालय स्थित डीएसए कार पार्किंग कारों से तथा इसका बाहरी हिस्सा दोपहिया वाहनों से पटा हुआ नजर आया। लेकिन चिंताजनक बात यह भी है कि सैलानी कोरोना के भय और ऐहतियाती कायदे-कानूनों को ताक पर रखे हुए हैं। अधिकांश सैलानी ना ही मुंह पर मास्क लगा रहे हैं, और ना ही सामाजिक दूरी ही बरत रहे हैं। इससे साफ है कि उन पर पुलिस की सख्ती भी केवल कोरोना की जांच रिपोर्ट देखने तक सीमित है, अथवा उन्हें पुलिस का भी कोई भय नहीं है।

Bike Vehicles
डीएसए मैदान में खड़े दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों का अंबार।

नगर में हालांकि अभी अधिकांश होटल खुले नहीं हैं, फिर भी भी सैलानियों की अच्छी संख्या माल रोड एवं नैनी झील के किनारे टहलने के साथ ही इस माह नैनी झील में शुरू हो चुके नौकायन का आनंद उठा रहे हैं। नैनी झील में चप्पू के साथ ही बोट हाउस क्लब द्वारा संचालित रंग-बिरंगी पाल नौकाएं भी बड़ी संख्या में तैरती दिख जा रही हैं। वहीं डीएसए कार पार्किंग भी वाहनों से भर जा रही है। दोपहिया वाहनों में भी अत्यधिक संख्या में सैलानी निकटवर्ती क्षेत्रों से पहुंच रहे हैं। अलबत्ता, पुलिस की सख्ती अब उस तरह नजर नहीं आ रही है। कई सैलानी बिना मास्क भी घूमते नजर आ रहे हैं और उन पर किसी तरह की रोकटोक नजर नहीं आ रही है।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में लौटने लगे पर्यटक, मार्च के बाद पहली बार सप्ताहांत पर सर्वाधिक भरी कार पार्किंग..

-बड़ा प्रश्न कि इन वाहनों में आ रहे सैलानी कोविद के मानकों का पालन कर रहे हैं, अथवा नहीं
नवीन समाचार, नैनीताल, अगस्त 2020। भले कोविद-19 विषाणु की महामारी अपने ‘पीक’ की ओर बढ़ रही हो, परंतु केंद्र सरकार द्वारा ई-पास में छूट व अन्य सरल हो रहे प्राविधानों के साथ पर्यटननगरी सरोवरनगरी में सैलानी सप्ताहांत पर ही सही, लौटने लगे हैं। तीन आंकड़े गवाह हैं कि तीन सप्ताह पूर्व जहां सप्ताहांत पर नगर की 250 वाहनों की पार्किंग सुविधा युक्त मुख्य डीएसए कार पार्किंग में अधिकतम 100 के करीब वाहन पार्क हो रहे थे, वहीं पिछले दो सप्ताहांत से यह संख्या 150 होने लगी। शनिवार को भी यहां करीब 150 वाहन ही पार्क थे, जबकि रविवार को करीब 200 वाहन पार्क हैं, जो पिछले मार्च माह के बाद से सर्वाधिक हैं। नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्य ने यह जानकारी दी। वहीं नगर में सैलानियों की संख्या बढ़ने के साथ यह भी नजर आ रहा है कि बाहर से आये सैलानी माल रोड पर भी बिना मास्क के घूम रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोकने पर भी उल्टे झगड़ रहे हैं। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं इससे जुड़ा एक बड़ा प्रश्न यह उभर रहा है कि इन वाहनों में जो सैलानी आ रहे हैं, क्या वे केंद्रीय गृह मंत्रालय या राज्य सरकार के क्वारन्टाइन के नियमों का पालन कर रहे हैं। क्योंकि नगर के होटलों व रेस्टोरेंटों की एकमात्र संस्था-नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के केवल चार-पांच पंजीकृत होटल ही खुले हैं, जो नियमों का पालन करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। जबकि शेष गैर पंजीकृत, अवैध रूप से चल रहे होटलों-गेस्ट हाउसों में नियमों के पालन की उम्मीद तब तक करना बेमानी है, जब तक पुलिस-प्रशासन इन पर सख्ती न करे, और पुलिस प्रशासन की ओर से किसी तरह की सख्ती की बात प्रकाश में नहीं आई है। अलबत्ता पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय थापा ने पूछने पर बताया कि पुलिस नियमों का पालन न कर रहे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। शनिवार को तल्लीताल पुलिस ने 58 वाहनांे के चालान किया है। वहीं तल्लीताल व मल्लीताल थाना पुलिस को होटलों की चेकिंग कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें : मुक्तेश्वर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी किया मांगों का समर्थन

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। मुक्तेश्वर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी उत्तराखंड होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की ओर से ऐसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप दर्मवाल ने गत दिवस मसूरी में आयोजित बैठक में उठाई गई मांगों का समर्थन किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने पर्यटन के लिए कोरोना से सबंधित व्यवहारिक नीतियां बनाने एवं बिजली, पानी आदि के बिलों में नियत मूल्य की छूट को मार्च 2021 तक जारी रखने आदि की सरकार से मांगें की हैं।

यह भी पढ़ें : एनएचआरए ने की कोविद दिशा-निर्देशों को व्यवहारिक बनाने की मांग, दी होटलों को बंद करने की धमकी

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अगस्त 2020। नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ‘एनएचआरए’ ने बृहस्पतिवार को मसूरी में आयोजित हुई उत्तराखंड होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में लिए गए निर्णयों पर पूरी तरह से सहमति जताई है। सरकार से उनकी मंागों को मानते हुए पर्यटन के लिए व्यवहारिक नीति अपनाने का अनुरोध किया है, और अन्यथा की स्थिति में कारोबार बंद करने की चेतावनी दी है।
नैनीताल द्वारा एक बैठक की गयी जिसमें पर्यटन के भविष्य को लेकर चर्चाध्चिंता की गयी ।
एनएचआरए के अध्यक्ष दिनेश साह ने कहा कि वह पर्यटन व्यवसाय को पटरी पर लाने के लिए उत्तराखंड सरकार से कोविद से समर्पित दिशा-निर्देशो को व्यावहारिक बनाने की मांग करते हैं, ताकि पर्यटन व्यवसाय को पटरी में लाने की शुरुआत हो सके। अन्यथा पर्यटन व्यवसायियों को अपने होटल व अन्य कारोबारों को पूर्ण रूप से लम्बे समय के लिए बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने बिजली के बिलों पर नियत दरों की दूट एवं बिजली, पानी व हाउस टैक्स में की छूट को मार्च 2021 तक बढ़़ाने, कारोबार को पटरी में लाने के लिए ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराने, कर्मचारियों को वेतन ईएसआईसी के माध्यम से सरकार द्वारा उपलब्ध कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी: सोमवार से खुलेगा नैनीताल का केव गार्डन पर रोप वे के खुलने में अभी लगेगा समय

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जुलाई 2020। केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा संचालित सूखाताल स्थित केव पार्क-केव गार्डन आगामी सोमवार यानी 13 जुलाई को करीब 110 दिनों के बाद खुल जाएगा। वहीं निगम द्वारा ही संचालित रोप वे-रज्जु मार्ग को खुलने में अभी काफी समय लग सकता है।
केएमवीएन की पर्यटन विकास अधिकारी एवं केव पार्क की प्रबंधक लता बिष्ट ने बताया कि 22 मार्च से बंद केव पार्क को सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरा पालन करते हुए सोमवार से खोला जाएगा। इस दौरान 5-6 के समूह में ही सैलानियों को मास्क एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करते हुए यहां प्राकृतिक गुफाओं में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि मई-जून में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान केव पार्क से एक से डेढ़ लाख रुपए प्रति दिन तक की कमाई होती थी। इस प्रकार निगम को लॉक डाउन के दौरान केव पार्क के बंद होने से 80 लाख से एक करोड़ रुपए तक का नुकसान हुआ है।
वहीं निगम के प्रबंध निदेशक रोहित मीणा ने निगम के दूसरे उपक्रम एवं केव पार्क से भी अधिक आय उत्पादक रोप-वे के संचालन में अभी एक माह तक का समय लगने की बात कही। उल्लेखनीय है कि लॉक डाउन से पूर्व ही रोप-वे को आधुनिकीकरण-ऑटोमेशन के लिए बंद किया गया था, और इस पर कार्य चल रहे थे। किंतु लॉक डाउन लागू हो जाने के कारण यह कार्य पहले प्रभावित हुए और फिर इस कार्य में लगे मजदूर वापस लौट गए। अब निगम के एमडी श्री मीणा ने कहा कि प्राक्योरमेंट, इस्टालेशन के काफी कार्य हो चुके हैं। मजदूरों को फिर से बुलाने का प्रयास किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : पर्यटकों के लिए खुशखबरी: खुलेंगे पंगोट क्षेत्र के कैंप, होटल एवं होमस्टे

pangot 2नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2020। नैनीताल में होटल बंद होने से परेशान, नियमों का पालन कर पहाड़ों की सैर पर आने के इच्छुक सैलानियों के खिल खुशखबरी है। जिला मुख्यालय के निकट नये उभर रहे पर्यटन स्थल पंगोट में कैंप साइटें, होटल एवं होम स्टे आदि खोले जाएंगे। इस संबंध में बृहस्पतिवार को पंगोट कैंप एवं होटल एसोसिएशन की अध्यक्ष त्रिभुवन फर्त्याल की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में निर्णय लिया गया। तय किया गया कि यहां कार्य करने वाले कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन एवं एसओपी यानी ‘स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर’ का पालन करते हुए यहां पर्यटन गतिविधियों को खोला जाए। बैठक में वक्ताओं ने करोना संक्रमण के संकट के दौरान सबसे अधिक नुकसान पर्यटन से जुड़े हुए व्यवसायियों को होने का दावा करते हुए सरकारों से माँग की गई कि पर्यटन व्यवसायियों एवं कार्यरत कर्मचारियों को आर्थिक तौर पर मदद की जाए। साथ ही सर्व सहमति से तय किया कि कि आईसीएमआर, केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पर्यटकों हेतु पंगोट एवं लगे हुए क्षेत्रों में स्थित कैंप, होटल एवं होमस्टे आदि पर्यटकों हेतु सुचारू रूप से खोले जाऐंगे, जिससे यहां के पर्यटन प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों के रोजगार सहित पूरे देश में पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को लेकर सकारात्मक संदेश जाऐगा। इस दौरान पंगोट एवं लगे क्षेत्रों में स्थित कैंप, होटलों एवं होमस्टे आदि के ठोस कूड़े व अपशिष्ट के निस्तारण हेतु पंचायतों एवं नगर पालिका परिषद नैनीताल से समन्वय स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा की गई। बैठक में संजय बुढलाकोटी, अंशुल साह, मोहित साह, हर्ष छाबड़ा, दिनेश बुढलाकोटी, राकेश मिश्रा, अशोक तिवारी, सिद्धार्थ आनंद, भावना आनंद, दीप बुढलाकोटी, रोहित बुढ़लाकोटी, नीरज गंगोला, बालम बिष्ट आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल का आकर्षण ऐसा ! दिल्ली से स्कूटी से बिना अनुमति पहुंच गए युवक

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जून 2020। सरोवरनगरी का आकर्षण लॉक डाउन में भी लोगों को खींच रहा है। लोगों को नियमों को तोड़कर भी यहां पहुंच रहे हैं। ऐसा करना नगर वासियों के लिए भी जानलेवा हो सकता है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली के दो युवक स्कूटी पर घूमते हुए बिना किसी अनुमति के यहां पहुंच गए। अनुमति पत्र नहीं होने पर पुलिस ने उनका 81 पुलिस एक्ट में चालान कर स्कूटी को सीज कर दिया। हुआ यह कि वाहनों की जांच के दौरान तल्लीताल पुलिस ने एक दिल्ली नंबर की स्कूटी को रोका तो स्कूटी सवार युवक कोई अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। उनकी पहचान दिल्ली के विनोद नगर-लक्ष्मी नगर निवासी दीपक कुमार और शंकर दत्त के रूप में हुई। हैरत की बात यह भी रही कि इतनी लंबी दूरी और दो राज्यों की सीमा पार करने के बावजूद रास्ते में उन्हें किसी ने नहीं रोका।

कल से खुल जाएंगे नैनीताल जू, बॉटनिकल गार्डन व वाटरफॉल

नैनीताल। मुख्यालय स्थित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर, नारायण नगर स्थित हिमालयन बॉटनिकल गार्डन और सरियाताल स्थित वुडलैंड वॉटरफॉल शुक्रवार 19 जून से पर्यटकों के लिए खोल दिये जाएंगे। यह जानकारी देते हुए नैनीताल चिड़ियाघर के निर्देशक बीजू लाल टीआर ने बताया कि इस दौरान नैनीताल चिड़ियाघर में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में पर्यटन उद्योग को 75 करोड़ की छूट का बड़ा ऐलान, कर्मचारियों के खातों में भी आयेंगे रुपये

-पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों व ऑटो-ई रिक्शा वालों के खातों में आएंगे एक-एक हजार रुपये
नवीन समाचार, देहरादून, 21 मई 2020। कोरोना संकट काल में लॉकडाउन से परेशान प्रदेश के पर्यटन उद्योग, इससे जुड़े कारोबारियों और कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने 75 करोड़ रुपए की बड़ी राहत का ऐलान कर दिया है। मंत्रिमंडल ने तय किया कि पर्यटन महकमे और अन्य विभागों में पर्यटन व्यवसाय में पंजीकृत एक लाख से ज्यादा इकाइयों में कार्यरत 2.15 लाख और ऑटो, ई-रिक्शा में पंजीकृत 27 हजार कर्मचारियों समेत कुल 2.43 लाख कार्मिकों को एकमुश्त एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना व दीनदयाल होम स्टे योजना के तहत लिए गए ऋण पर अप्रैल से जून यानी तीन माह तक ब्याज नहीं देना होगा। इस ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। पर्यटन व्यवसायियों को वार्षिक जल मूल्य वृद्धि में राहत देते हुए छह फीसद की छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह करीब दो लाख परिवहन व्यवसायियों को वाहन के परमिट और मोटर यान कर में छूट देने पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने शराब कारोबारियों को भी तीन माह के अधिभार के भुगतान से राहत दी गई है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की गुरुवार को सचिवालय में हुई बैठक में करीब 15 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इनमें 14 बिंदुओं पर निर्णय लिया गया, जबकि शेष उद्योगों की मांग पर श्रम कानूनों में संशोधन के मामले में विचार करने को श्रम मंत्री डॉ हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में दो सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई। उपसमिति के दूसरे सदस्य शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक हैं। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने लॉकडाउन अवधि में पर्यटन, परिवहन और शराब के कारोबार को नुकसान हुआ है। मंत्रिमंडल ने इन सभी कारोबारियों को राहत दी है।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग और अन्य विभागों में पर्यटन से संबंधित 82579 पंजीकृत इकाइयों में 215116 कार्मिक कार्यरत हैं। पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत परिवहन व्यवसाय से जुड़े ऑटो व ई-रिक्शा के पंजीकृत 27239 कार्मिक हैं। इन सभी को एक हजार रुपये प्रति कार्मिक एकमुश्त सहायता डीबीटी से दी जाएगी। इससे सरकार पर 25 करोड़ का व्ययभार पड़ेगा। पर्यटन विभाग की ओर से राफ्टिंग गाइड आदि को करीब 35 लाख की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। इस श्रेणी के लिए धनराशि एक हजार से कम नहीं होगी।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले:
-पर्यटन में पंजीकृत इकाइयों में कार्यरत ऑटो रिक्शा चालक समेत 2.43 लाख कार्मिकों को एकमुश्त एक हजार रुपये की मदद
-वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और दीनदयाल होम-स्टे योजना में अप्रैल से जून तक ऋण ब्याज पर छूट मिलेगी
-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति की अवधि को एक वर्ष का विस्तार दिया गया जिस पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
-आबकारी होटल, रेस्टोरेंट बार शुल्क में तीन माह की छूट
-पर्यटन से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के संचालन को उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाने को मंजूरी
-स्थानीय निकाय पर्यटन इकाइयों को अपने स्तर से पंजीकरण या नवीनीकरण, शुल्क में एक वर्ष की छूट दे सकेंगे
-पर्यटन उद्योग और कारोबारियों को चालू वित्तीय वर्ष में वार्षिक जल मूल्य वृद्धि की प्रचलित दर 15 फीसद के स्थान पर नौ फीसद करने का निर्णय, छह फीसद छूट से कारोबारियों को 1.87 करोड़ का लाभ
-सार्वजनिक वाहन व्यवसायियों के सालाना परमिट नवीनीकरण की फीस और मोटरयान कर में तीन माह की छूट, सरकार करेगी भरपाई
-कोविड-19 को लेकर बॉर्डर पर प्रवासियों को क्वारंटाइन किए जाने के संबंध में हाईकोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर सरकार पूरा पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष रखेगी
-उद्योगों की मांग पर श्रम कानूनों में संशोधन के संबंध में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित, काबीना मंत्री मदन कौशिक समिति में शामिल
-15वें वित्त आयोग के अनुदान में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की हिस्सेदारी 35, 30 व 35 फीसद को बदलकर 75, 10 और 15 फीसद करने को मंजूरी
-शहरी निकायों के कुल अंशदान में से 3.54 फीसद छावनी परिषदों को देने का निर्णय
-उत्तराखंड जोत चकबंदी नियमावली 2020 को मंजूरी दी, इसके तहत नाम, परिभाषा, नोटिस भेजना, अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया तय
-पेयजल संस्थान के प्रबंध निदेशक पद की चयन प्रक्रिया में वाद्दषक प्रविष्टि के लिए समयसीमा आठ वर्ष की जगह पांच वर्ष करने का निर्णय
-मदिरा दुकानों को लॉकडाउन में बंद रहने की अवधि में अधिभार से राहत
-मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना लागू करने को स्वीकृति
-बीज क्रय टीडीसी के अतिरिक्त कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, टिहरी भरसार विश्वविद्यालय एवं आईसीएआर से करने को अनुमति
-राज्य वन्यजीव अवैध शिकार अपराध रोकथाम के लिए 14 पदों का सृजन
-स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के लिए बिना अवकाश पांच वर्ष की अनुपस्थिति पर सेवा समाप्त होगी
-सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग में लोक सेवा आयोग के माध्यम से सूचना अधिकारी के पद पर हिन्दी विषय की अनिवार्यता समाप्त
-सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा अभियान के एकीकरण के बाद समग्र शिक्षा अभियान के 1959 पदों के ढांचे पर मुहर
-श्रम सुधार के अंतर्गत उद्योग श्रमिकों को बोनस नवंबर के बजाए 31 मार्च तक दे सकेंगे

यह भी पढ़ें : नैनीताल टैक्सी-ट्रेवल एसोसिएशन ने सांसद को दिये पर्यटन प्रसार के लिए 16 सुझाव..

नवीन समाचार, नैनीताल 12 मई 2020। नैनीताल टैक्सी-ट्रेवल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट से उनके हल्द्वानी स्थित आवास पर भेंट की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि कोरोना की वैश्विक महामारी के संकट में संगठन सरकार एवं प्रदेश के नागरिकों के साथ है। साथ ही सांसद द्वारा पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संगठनों तथा उनके प्रतिनिधियों से पर्यटन एवं मानव संसाधन विकास के प्रसार हेतु मांगे गये सुझावों के क्रम में अपने सुझाव भी प्रस्तुत किये। कहा कि महामारी से निपटने के उपरांत पर्यटकों को आश्वस्त किये जाने की आवश्यकता है कि उत्तराखंड कोरोना सहित हर तरह की विषाणु जनित बीमारियों से मुक्त है। साथ ही टैक्सी एवं पर्यटक बसों के लिए वर्ष 2020 के अंत तक सभी प्रकार के टैक्स, बीमा, परमिट, फिटनेस एवं अन्य प्रकार के दस्तावेजों को माफ करने, राज्य में प्रवेश पर लिया जाने वाला टैक्स 2020 अंत तक माफ करने, टैक्सी संचालकों को भी आर्थिक मदद देने, राज्य के सभी पर्यटक स्थलों पर लिये जाने वाले प्रवेश शुल्क को कम से कम करने, प्रदेश के सभी पर्यटन जिले में बड़े प्रचार-प्रसार के साथ शीतकालीन रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन करने, छोटे पर्यटन कारोबारियों को ब्याज मुक्त अथवा कम ब्याज युक्त बैंक ऋण उपलब्ध कराने, कोरोना से निपटने के पश्चात भी राज्य के सभी प्रवेश द्वारों पर मेडिकल सुविधा युक्त विशेष निगरानी दलों की तैनाती रखने, महानगरों से लौटे सभी युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में ही कैंप लगाकर व्यवस्था करने तथा केएमवीएन व जीएमवीएन के सभी रेस्ट हाउसों में किराए को कम करने, सभी व्यवसायिक वाहनों को सैनिटाइज करने, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना में दी जाने वाली सब्सिडी को 50 फीसद तक बढ़ाने, ट्रैवल व होटल कारोबार में जीएसटी को कम से कम 2 वर्ष के लिए बंद करने, टैक्सी चालकों को भी आर्थिक सहायता देने, राज्य में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए आरोग्य सेतु एप के बिना प्रदेश में प्रवेश निषेध करने सहित 16 सुझाव दिये गये। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष नीरज जोशी, नरेंद्र नैनवाल, हेमचंद्र लोशाली, ठाकुर सिंह भाकुनी व कुर्बान अली जाफरी आदि सदस्य शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: टैक्सी वालों ने रियायतों के साथ ही रिवर्स पलायन का भी सुझाया नुस्खा..

-प्रवासियों को पर्यटन से जोड़कर गांवों को आबाद करने की जरूरत
-प्रदेश सरकार द्वारा गठित आर्थिकी एवं आजीविका समिति को भेजा प्रत्यावेदन
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2020। नैनीताल टैक्सी-ट्रेवल्स एसोसिएशन ने उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश के मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित आर्थिकी एवं आजीविका समिति एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपना प्रत्यावेदन भेजा है। ई-मेल के माध्यम से भेजे गये प्रत्यावेदन में टैक्सी व्यवसायियों को लॉक डाउन के पश्चात ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराकर प्रदेश में सार्वजनिक वाहनों की कमी को पूरा करने, राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लिए प्रवेश करने वाली पर्यटक बसों से एक वर्ष तक किसी प्रकार का टैक्स ना लेने एवं स्थानीय लोगों को टैक्सी, मैक्सी एवं पर्यटक बसें लेने के लिए प्रोत्साहित करने की मांग की है। इसके साथ ही लॉक डाउन के दौरान महानगरों से गांवों में आये प्रवासियों को गांवों में ही संसाधन उपलब्ध कराने, ग्रामीण लघु एवं कुटीर उद्योग में पूरा ध्यान केंद्रित कर ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के प्रयास करने एवं प्रदेश के आईआईटी व आईआईएम जैसी विशिष्ट शिक्षा प्राप्त युवाओं से परामर्श कर राज्य में स्वरोजगार एवं अन्य रोजगारपरक संशाधनों का सृजन करने को कहा है ताकि वीरान हुए गांव फिर से आबाद किये जा सकें।
इसके अलावा मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सभी पंजीकृत टैक्सी वाहनों को 31 दिसंबर 2020 तक रोड टैक्स, फिटनेस, बीमा इत्यादि कागजातों से छूट दिलाने, टैक्सी चालकों के खाते में बेरोजगारी भत्ते की तर्ज पर कम से कम छः हजार की धनराशि डालने की मांग भी की गई है।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा पर्यटन उद्योग ! नैनीताल होटल एसोसिएशन ने सरकार की समिति को भेजे पुनरुद्धार के लिए सुझाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2020। वैश्विक महामारी का कारण और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया की सबसे बड़ी तबाही के रूप में घोषित कोरोना विषाणु कोविद-19 से यूं तो पूरा देश और विश्व तथा समस्त आर्थिक गतिविधियां ही ‘लॉक डाउन’ में हैं। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि लॉक डाउन की अवधि यह संकट और लॉक डाउन बीत जाने के बाद भी लोग कहीं न कहीं सामाजिक दूरी के सिद्धांत को अपनी जीवनचर्या का हिस्सा बना चुके होंगे और अधिक-अकारण इधर-उधर जाना, सार्वजनिक यातायात और पर्यटन से परहेज करेंगे। ऐसे में पर्यटन व्यवसायियों में अभी से भविष्य को लेकर चिंता तेज होने लगी है। इधर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में लॉक डाउन को हटाये जाने के बाद उद्योगों को राहत देने के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता एवं भूपेश तिवारी (सचिव) की समिति गठित की है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बुधवार को इस समिति को पत्र के जरिये अपनी आवश्यकताओं से अवगत करा दिया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह के हवाले से वेद साह ने बताया कि लॉकडाउन का आतिथ्य क्षेत्र, विशेष रूप से होटल और पर्यटन उद्योग पर ‘विनाशकारी प्रभाव’ पड़ा है। लोगों में इस दौरान पड़ी सामाजिक दूरी की आदत के कारण किसी भी अन्य उद्योग की तुलना में इसे पुनर्जीवित करने में अधिक समय लगेगा क्योंकि यह प्रस्थिति सामान्य होने के बाद भी लोग लंबे समय तक यात्रा करने से डरेंगे। वहीं लॉक डाउन के बाद के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी और खर्च करने की क्षमता भी बहुत कम हो जाएगी। साथ ही वे इस दौरान मिले अवकाश के बाद आगे अवकाश में भी अपने खोये हुए व्यवसायों को पुनर्जीवित करने में व्यस्त होंगे। ऐसे में वर्ष की आखिरी तिमाही पर भी पर्यटन कारोबार के धुरी पर लौटने की संभावना कम है। इधर वह मार्च के तीसरे सप्ताह से पर्यटन कारोबार ठप होने की वजह से उनके लिए अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करना भी असंभव हो गया है। इसलिए पर्यटन प्रतिष्ठानों को ईएसआईसी की कवरेज सीमा से परे कर्मचारियों का 25 फीसद भुगतान ही करने की अनुमति मिलनी चाहिए और शेष राशि का भुगतान सरकार सरकार द्वारा किया जा सकता है। वहीं जो इकाइयां ईएसआईसी के अंतर्गत नहीं आती हैं, लेकिन जीएसटी में शामिल हैं, सरकार सभी कर्मचारियों को बिल द्वारा स्वीकृत और सीए द्वारा प्रमाणित वेतन का भुगतान कर सकती है। साथ ही चूंकि यह उद्योग बहुत पूंजी आधारित है और उन पर बैंकों से लिए गए ऋणों की किस्तों के ब्याज और अदायगी का भारी बोझ है। इसलिए ऋण की किस्तों को कम से कम 6 महीने के लिए टालने और इस अवधि के लिए ब्याज पूरी तरह से माफ करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा उन्होंने सस्ती यात्रा की पेशकश करने और रहने के लिए पर्यटन उद्योग पर कम कराधान का भी अनुरोध किया गया है, और जीएसटी के स्लैब को 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद और 18 फीसद से घटाकर 12 फीसद करने तथा जीएसटी के भुगतान को कम से कम दो साल के लिए छह मासिक किये जाने और पानी और सीवरेज के शुल्क में कम से कम 5 वर्षों के लिए हर साल होने वाली 15 फीसद की स्वचालित वृद्धि को पूरी तरह से स्थगित करने तथा लॉकडाउन की अवधि के दौरान जल का उपयोग होने के कारण पानी और सीवरेज शुल्क पूरी तरह से माफ करने की मांग भी की गई है। इसी तरह लॉकडाउन अवधि के लिए बिजली के बिलों में भी ‘फिक्स्ड’ दरों पर यूपी की तरह छूट देने और इस अवधि के बिलों को 6 महीने के बाद बिना किसी दंड के भुगतान करने की अनुमति देने तथा महाराष्ट्र, पंजाब और विभिन्न राज्यों के अन्य विद्युत नियामक आयोगों द्वारा की गई घोषणाओं की तर्ज पर 5 वर्षों की अवधि के लिए वाणिज्यिक विद्युत शुल्क में लगभग 10 फीसद की कमी करने एवं एक अप्रैल 2020 से शुरूएक वर्ष की अवधि के लिए स्थानीय-नगर करों को भी स्थगित करने एवं इसे राज्य सरकार द्वारा वहन कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही लॉक डाउन के बाद प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन देने और घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने, विदेशी शराब पर वैट और उपकरों में 31 मार्च 2021 तक छूट देने, न्यूनतम मजदूरी कम से कम अगले 2 वर्षों के लिए तय नहीं करने की मांग भी की गई है।

यह भी पढ़ें : सोशल डिस्टेंसिंग के लिए विभिन्न संस्थाओं की जगह प्रशासन बंटवाए मदद, नैनीताल के होटलों में सिर्फ नैनीताल वालों को ही रखें

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अप्रैल 2020। उत्तराखंड ग्वाल सेवा संगठन के अध्यक्ष एवं ग्वाल सेवा फाउंडेशन उत्तराखंड के निदेशक अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नैनीताल में क्वारंटीन संेंटर बनाए गए होटलों एवं पर्यटक आवास गृहों स्थानीय लोगों के अतिरिक्त बाहरी लोगों को न रखने की मांग की है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने भी ठीक यही मांग की है।
वहीं कुलौरा ने इसके अलावा उन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन तबलीग जमात से संबंधित पूरे जिले में जमातियों को तत्काल कोरनटाइन कराने के साथ ही उनके संपर्क में आए सभी मौलाना, मौलवी व अन्य व्यक्तियों को भी तत्काल चिन्हित कर कोरोना टेस्ट करा कर कोरनटाइन कराने एवं जनपद में विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा कराये जा रहे गरीबों अथवा असहाय को भोजन व राशन वितरण कार्य को प्रशासन के माध्यम से बटवाने की मांग भी की है, ताकि सामाजिक दूरी बनाने का उद्देश्य भी पूरा किया जा सके। उन्होंने मुख्यालय में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत लॉक डाउन का पूर्णतया पालन के लिए अधिकारियों की प्रशंसा भी की है। साथ ही उन्होंने जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की गहनता से कोरोना संक्रमण की जांच कराने तथा जनपद में बांग्लादेशियों के रहने की सूचनाओं को गंभीरता से लेने एवं यहां कबाड़ का काम करने वाले व्यक्तियों तथा मुस्लिम बस्तियों में रह रहे लोगों की उनके आधार कार्ड या पहचान पत्र से जांच कर विदेशों से आए हुए लोगों को चिन्हित कर उनके भी कोरोना वायरस संक्रमण की जांच कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें : इधर ‘नवीन समाचार’ ने संभावना जताई, उधर हो गए 33 होटलों के अधिग्रहण के आदेश

-नैनीताल, भवाली, भीमताल के 33 होटलों, टीआरएच एवं ग्राफिक इरा परिसर का किया अधिग्रहण
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मार्च 2020। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ ने इधर संभावना जताई, उधर प्रशासन से 33 होटलों एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृहोें का तत्काल प्रभाव से अधिग्रहण के आदेश जारी हो गए हैं। डीएम सविन बंसल के आदेशों के क्रम मंे एसडीएम विनोद कुमार ने इन होटलों एवं पर्यटक आवास गृहों के अधिग्रहण के आदेश जारी कर दिये हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है।
एसडीएम विनोद कुमार ने बताया है कि नगर के टीआरएच सूखाताल, तल्लीताल, राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब के अलावा इंडिया होटल, होटल विक्रम विटेंज इन, शेरवानी, मनु महारानी, अल्का, चन्नीराजा, गुरदीप, शालीमार, ग्रांड, एवरेस्ट, हिमालय, सेंट्रल, क्लासिक, नेशनल, वैल्कम, हैप्पी होम, तल्लीताल धर्मशाला, गजराज, अर्श, एपिल इन, ट्रेवल्र इन भवाली, मिस्ट ओक भवाली, स्प्रिंगवुड इन भवाली, हरशिखर होटल भीमताल, निलेश इन भीमलाल, पाइंन क्रस्ट भीमताल व कन्ट्री इन भीमताल का अधिग्रहण किया गया है। उन्होने बताया कि इसके अलावा नैनीताल के यूूथ हास्टिल, बलरामपुर हाउस, ग्राफिक एरा हिल्स यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर का भी अधिग्रहण किया गया हैै। एसडीएम ने बताया कि शासनादेश के अनुसार इन होटलों में कोरोना रोगियों को कोरेनटाइन अवधि में रखने पर 950 रूपये प्रति दिन प्रति कक्ष किराया तथा 150 रूपये प्रतिदिन भोजन का व्यय प्रशासन द्वारा किया जायेगा लेकिन यदि कोई कोरेन्टाइन व्यक्ति इससे अधिक सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था चाहता है तो उसके द्वारा भुगतान स्वयं किया जायेगा।

यह भी पढ़ें : जानलेवा कोरोना पर यह असावधानियां पड़ सकती हैं पहाड़वासियों को भारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मार्च 2020। प्रदेश में देशी और विदेशी पर्यटकों पर रोक का असर नहीं दिख रहा है। बल्कि पर्यटक बेधड़क बिना जांच के प्रदेश और जनपद में पहुंच रहे हैं, और शहरों में होटल-रेस्टोरेंट आदि बंद होने के कारण जनपद के मुक्तेश्वर, धारी, रामगढ़, ओखल कांडा व बेतालघाट में खुद को सुरक्षित करने के लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के दिल्ली, एनसीआर व मुंबई सहित अन्यत्र रहने वाले प्रवासी भी अपने गांवों को लौट रहे है। इससे जनपद व प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का जीवन संकट में पड़ सकता है।
उत्तराखंड ग्वाल सेवा संगठन के संस्थापक पंकज कुलौरा एवं भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने कहा कि प्रशासन के द्वारा न ही सैलानियों और न ही प्रवासियों के प्रदेश व जनपद में प्रवेश पर कोई जांच की जा रही है। बिना कोरोना जांच के इन लोगों के पहाड़ आने से समस्या विकराल हो सकती है। कहा जा रहा है कि इटली ने भी यही गलती की है। उसने अपने शहरों में लॉकआउट किया लेकिन शहरों में रहने वाले लोग अपने मूल गांवों को लौट आए। गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण अधिक लोगों की वहां जानें गई हैं। पंकज कुलौरा ने जिला प्रशासन से तत्काल रानीबाग, काठगोदाम और कालाढूंगी में बैरिकेडिंग लगाकर बाहर से आ रहे व्यक्तियों का सत्यापन करने तथा उनका पहचान पत्र देख कर ही उन्हें पहाड़ी क्षेत्र को जाने देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सैलानियों को चोरी-छुपे रख रहे अवैध होटल व गेस्ट हाउसों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की है। उन्होंने प्रदेश वासियों से भी अनुरोध किया है कि वह अपने आस-पड़ोस में रह रहे अवैध होटलों-गेस्ट हाउस में या अन्य भवनों में संदिग्धों की या पर्यटकों की शिकायत तुरंत मीडिया और प्रशासन क्षेत्रीय पुलिस को तत्काल दें। वहीं नितिन कार्की ने सैलानियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। कार्की ने बताया कि बड़ी संख्या में सैलानी पंगोठ, किलबरी आदि की ओर भी जाते देखे गए हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : उत्तराखंड में देशी-विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर रोक

नवीन समाचार, देहरादून, 20 मार्च 2020। उत्तराखंड में घरेलू और विदेशी दोनों प्रकार के सैलानियों के प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लग गई है। शुक्रवार को प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव नितेश कुमार झा ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। आदेश की प्रति सभी जिलाधिकारियों को भेजकर कोरोना की महामारी को देखते हुए आदेश का पालन करने को कहा गया है। इस आदेश के बाद प्रदेश एवं प्रदेश के जनपदों में मौजूद सैलानियों के बारे में असमंजसपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है

यह भी पढ़ें : कोरोना के हो हल्ले के बीच ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन की तैयारियां भी शुरू, अच्छे पर्यटन की उम्मीद

-माल रोड की मरम्मत, रंग-रोगन के लिए डीएम ने स्वीकृत किए 70 लाख रुपए
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मार्च 2020। कोरोना संक्रमण के हो-हल्ले के बावजूद पर्यटन नगरी में आगामी ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन सैलानियों के स्वागत के लिए तैयारियां भी शुरू होने जा रही है। डीएम सविन बंसल ने आने वाले पर्यटक सीजन के मद्देनजर तल्लीताल से मल्लीताल के बीच लोअर एवं अपर माल रोड पर क्षतिग्रस्त रेलिंग एवं दीवारों की मरम्मत, पेंटिंग तथा पुताई, माल रोड पर पैंचवर्क आदि के लिए लोनिवि को 70 लाख की धनराशि जारी कर दी है। श्री बंसल ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इस धनराशि से तत्काल माल रोड पर कार्य बिना किसी देरी के कार्य शुरू करें ताकि आने वाले पर्यटकों को खूबसूरत एवं आकर्षक माल रोड के दीदार हो सकें।
साथ ही उन्होंने बताया कि माल रोड में आई दरारों की समस्या से सतही तौर पर निजात पाने तथा लोअर माल रोड की स्थायी मरम्मत के लिए शासन को 82 लाख का स्टीमेट भेजा गया है। इस पर बजट आवंटन के लिए भी उनकी ओर से प्रयास किए जा रहे है।

अच्छे पर्यटन की उम्मीद

नैनीताल। कोरोना महामारी की चर्चाओं के बीच सकारात्मकता का माहौल भी बरकरार है। बड़ी संख्या में लोग हैं जो कोरोना के कथित भय के बीच भी सकारात्मक हैं। इसके जरिये देश की संस्कृति के दुनिया में प्रसिद्ध होने, नमस्कार-नमस्ते के साथ ही भारतीय योग, हवन, यज्ञ, शाकाहारी खान पान, जीव मात्र के प्रति दया की भावना आदि से पूरी दुनिया के वाकिफ होने की उपलब्धि भी सामने आ रही है, वहीं पर्यटन में कमी आने की चिंताओं के बावजूद नगर के होटल व्यवसायी, पैलेस होटल के स्वामी व सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र लाल ने कहा कि अभी मार्च में बोर्ड परीक्षाओं की वजह से अन्य वर्षों में भी कम सैलानी ही आते थे। इसलिए खास नुकसान नहीं हो रहा है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में भारतीय लोग विदेशों की सैर की बजाय देश के पर्यटन स्थलों की सैर पर ही जाना पसंद करेंगे। ऐसे में नैनीताल में इस वर्ष अच्छा सीजन रहेगा। वहीं अल्का होटल के स्वामी वेद साह ने कहा कि कोरोना से घबराने की जगह इससे सावधानी बरतने के पूरे प्रबंध किये जा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में कोरोना का खौफ जाता रहेगा और सीजन अन्य वर्षों से भी अच्छा रहेगा।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड : होटल कर रहे एक ऑनलाइन कंपनी का विरोध, दूसरी करेगी होमस्टे की बुकिंग

नवीन समाचार, देहरादून, 2 फरवरी 2020। नैनीताल में एक ऑनलाइन कंपनी के विरोध के बीच उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने प्रदेश में सैलानियों के लिए होमस्टे सुविधा को बढावा देने के लिए एक दूसरी ऑनलाइन कंपनी मेकमाई ट्रिप के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किया है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने ज्ञापन पर दस्तखत के बाद यहां संवाददाताओं को बताया, ‘मेकमाइट्रिप एक अग्रणी बिजनेस प्लेटफार्म है और एमओयू से उत्तराखंड में होमस्टे सुविधा को डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढावा देने में मदद मिलेगी ।’ उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म की व्यापक पहुंच से राज्य में स्थित कम लोकप्रिय पर्यटक स्थलों को भी पहचान बनाने में सहायता मिलेगी । सैलानियों को आकर्षित करने के लिए राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों खासतौर से नैसर्गिक सुंदरता से भरे जगहों पर करीब 2000 होम स्टे सुविधाएं विकसित की गयी हैं । जावलकर ने कहा, ‘होमस्टे से जुड़े व्यवसायियों को मेकमाइट्रिप के जरिए ज्यादा पर्यटक मिलेंगे और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन कम होगा ।’ एमओयू के तहत, मेकमाइट्रिप उत्तराखंड की होमस्टे सुविधाओं को अपनी वेबसाइट पर दर्ज करेगा और होमस्टे मालिकों को हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र का प्रशिक्षण भी देगा । वेबसाइट पर विज्ञापन के जरिए राज्य भर की होमस्टे फैसिलिटी को 1.2 मिलियन सैलानी देख सकेंगे ।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के होटलो ने किया इस ऑनलाइन कंपनी का बहिस्कार, पुलिस को भी तहरीर

oyo के लिए इमेज नतीजे"नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2020। प्रदेश की पर्यटन राजधानी सरोवरनगरी नैनीताल के होटल व्यवसायियों ने एक ऑनलाइन होटल बुक कराने वाली कंपनी के बहिस्कार का ऐलान कर दिया है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को प्रेस को जारी बयान में ओयो कंपनी के बहिस्कार का ऐलान कर दिया है। ऐसोसिएशन ने यह कदम शहर के कुछ होटलों द्वारा मल्लीताल कोतवाली में ओयो कंपनी के खिलाफ दी गई तहरीर के बाद उनका समर्थन करते हुए उठाया है। साथ ही जनपद के एसएसपी से इन होटलों के ओयो कंपनी पर बकाये का निस्तारण करने के लिए अनुरोध करने की बात भी कही है।
इससे पहले नगर के होटलों ने मल्लीताल कोतवाली में ओयो कंपनी के खिलाफ तहरीर देते हुए कहा है कि नगर के मून होटल के 1.85 लाख, डॉल्स इन के 1 लाख, पनोरमा के 3.8 लाख, न्यू भारत होटल के 3.76 लाख, मधुबन होटल के तीन लाख, शिवराज होटल के 2.65 लाख व ओक शेड के 3.37 लाख यानी सात होटलों के ही 19.43 लाख रुपए ओयो कंपनी पर शेष हैं। बताया गया है कि ओयो कंपनी पिछले एक वर्ष से योजनाबद्ध तरीके से होटलों की धनराशि रोक रही है। तहरीर में ओयो के हब हेड अभय केसरवानी, एरिया बिजनेस हेड रजत अग्रवाल, स्टॉक हेड कपिल हेमनानी, बीडी हेड राम पैकरे, बिजनेस एसोसिएट गुंजन कुमार तथा बीडी कमल कापड़ी, अमृत भुईया, प्रशांत उनियाल व रौनक पटेल तथा कुमाऊं बीडी हेड अखिल कृष्णा व अकाउंटेंट शाहरोज अख्तर पर भुगतान के लिए गुमराह करने तथा यहां तक कि कुछ कर्मियों पर भुगतान कराने के लिए मोटी धनराशि की मांग करने के आरोप भी लगाए हैं। यह भी कहा है कि कंपनी अपनी शर्र्ते मनवाने के लिए होटल वालों पर दबाब बनाने के लिए होटल वालों पर अपना बकाया बता रही है, और शर्त मानने पर उसे माफ करने की बात कह रही है। यह भी आरोप लगाया गया है कि ओयो कंपनी के द्वारा नगर के अनगिनत घरों, फ्लैटों व अपार्टमेंटों आदि का बिना पर्यटन विभाग में पंजीकरण किये होटल के रूप में संचालन किया जा रहा है। तहरीर में मुजर्रफ शाह, हारून खान, हितेश साह, प्रदीप कुमार जेठी, अनूप जेठी व मुस्तफा शाह के हस्ताक्षर हैं। वहीं नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मामला सिविल वाद प्रकार का है।

यह भी पढ़ें : जिसे लेकर हो रही थी नैनीताल डीएम की तारीफ, उसी पर डीएम को सुननी पड़ी ऐसी कड़वी बात कि…

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अगस्त 2019। जनपद के जिलाधिकारी सविन बंसल ने ज्ञात इतिहास में पहली बार पर्यटन सीजन के बाद समीक्षा बैठक आयोजित की, और सीजन में आई समस्याओं को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किये जाने का भरोसा जताया। इस पर श्री बंसल की तारीफ भी हुई। किंतु इसी बात को लेकर डीएम को मुंह के सामने ही बेहद कड़वी बात सुनने को मिली है। बैठक के एक दिन बाद ही नगर के टैक्सी-ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जोशी ने कुछ लोगों के साथ डीएम को उनके आवास पर एक ज्ञापन सोंपा। ज्ञापन में बेहद कड़वे शब्दों में डीएम द्वारा आयोजित की गई बैठक का ‘विरोध एवं निंदा’ की गयी है। डीएम को पुष्प गुच्छ के साथ दिये गये इस ज्ञापन में इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई है कि समीक्षा बैठक में केवल होटल एसोसिएशन को बुलाया गया है, और अन्य पर्यटन व्यवसायियों को नजर अंदाज किया गया है।
पत्र में कहा गया है, ‘ऐसा महसूस होता है कि नैनीताल का ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन सिर्फ और सिर्फ होटल व्यवसायियों के लिए होता है। अन्य पर्यटन व्यवसायी आपके लिए और जिला प्रशासन-पुलिस प्रशासन के लिए कोई मायने नहीं रखते हैं।’ पत्र में आगे कहा गया है, ‘एक समीक्षा बैठक और बुलाई जाए, जिसमें नगर के दोनों व्यापार मंडल, टैक्सी एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन, घोड़ा चालन यूनियन, नाव चालक व रिक्शाा चालक यूनियन, यहां तक कि सुलभ शौचालय के संचालक या संगठन को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए, क्योंकि पर्यटन की जमीनी हकीकत से यही लोग वाकिफ हैं।’ पत्र में यह भी कहा गया है कि, ‘टैक्सी-ट्रेवल्स के पदाधिकारीगण किसी भी गलत कार्य को आपके समक्ष अथवा सभी अधिकारियों के समक्ष रखने में डरते नहीं हैं, जिस कारण लगता है कि खौफ में आपके अधीनस्थों द्वारा हमें समीक्षा बैठक एवं अन्य किसी प्रकार की बैठक में बुलाया नहीं जा रहा है।’ साथ ही आगे धमकी दी गयी है, ‘यदि समीक्षा बैठक दोबारा नहीं होती है तो टैक्सी-ट्रेवल्स एसोसिएशन एवं अन्य पर्यटन संगठन मिलकर इसके बारे में आगे आंदोलन की ओर अग्रसर होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।’ ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री के सचिव एवं कुमाऊं आयुक्त तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गयी है।

नगर में रात्रि में सैलानियों को गुमराह करने वाला गिरोह सक्रिय

नैनीताल। नगर में सैलानियों को गुमराह करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की बात प्रकाश में आ रही है। बताया गया है कि बिना किसी वर्दी या परिचय पत्र के यह लोग सैलानियों को नगर में होटल दिलाने के नाम पर नगर के होटलों को काफी महंगा बताकर, नगर के ऊपरी दूरदराज के साथ ही गेठिया, ज्योलीकोट तक के अवैध होटलों, गेस्ट हाउसों व होम स्टे में सस्ती दरों के नाम पर ले जाते हैं। इनके द्वारा कई बार सैलानियों के साथ दूर ले जाने पर झड़प, मारपीट एवं लूट किये जाने की भी दबी जुबान सूचनाएं आ रही हैं। यह लोग नगर में तल्लीताल से लेकर माल रोड और मल्लीताल तक रहते हैं। इनकी संख्या भी काफी अधिक बतायी जा रही है। सादी वर्दी में जांच में इनके मंसूबों के बारे में अधिक जानकारी ली जा सकती है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल डीएम ने ली इतिहास में पहली बार ऐसी बैठक, जगी पर्यटन में बेहतरी की उम्मीद…

-सर्व सुविधाओ से युक्त होगी रूसी बाइपास पार्किंग
-पहली बार ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से इतर पर्यटन को लेकर डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक
-डीएम ने गैर पंजीकृत होटलों को पंजीकरण करा लेने को कहा, अन्यथा होगी कार्रवाई

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अगस्त 2019। हर वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से ठीक पहले महज खानापूरी करती हुए तैयारी बैठक होती आई है, (यह अलग बात है कि इस वर्ष यह बैठक भी नहीं हुई) लेकिन यह सच्चाई है कि इस बैठक में कमोबेश पिछले दो दशकों से एक सी ही बातों की पुनरावृत्ति होती आई है। सीजन बीतने के बाद आज तक किसी जिलाधिकारी ने समीक्षाा करने की भी जहमत नहीं उठाई और सीजन से पहले के अलावा कभी पर्यटन से संबंधित बैठक हुई ही नहीं। लेकिनपर्यटक नगरी में पहली बार ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से इतर पर्यटन को लेकर बैठक आयोजित हुई। डीएम सविन बंसल की अध्यक्षता एवं केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा व एसएसपी सुनील कुमार मीणा की उपस्थिति में आयोजित हुई बैठक में आगे शीतकालीन एवं फिर अगले वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन को बेहतर बनाये जाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अभी से कवायद शुरू करने की बात कही गई।
बैठक में डीएम श्री बंसल ने कहा कि नगर में ग्रीष्मकाल के अलावा शरदकाल में भी सैलानी अच्छी संख्या में आने लगे हैं। जरूरी है कि यहां आने वाले पर्यटक सुखद एहसास के साथ वापस लौटें। बताया कि शहर में पार्किग स्थलोें की कमी के दृष्टिगत पर्यटन सीजन मे रूसी बाईपास पर अस्थायी एवं सुविधाजनक पार्किंग व्यवस्था बनाई जायेगी। रूसी बाईपास पर चार शुलभ शौचालयों का निर्माण तथा जलपान एवं भोजन की व्यवस्था के लिए इंदिरा अम्मा भोजनालय महिला स्वयं सहायता समूह एवं मोबाइल वैन के माध्यम से चलाया जाएगा। पार्किग स्थल पर पुलिस विभाग विशेष सुरक्षा के इंतजाम तथा संबंधित विभागों के द्वारा पेयजल, स्वास्थ व सफाई आदि की व्यवस्थाएं भी कराई जाएंगी। पार्किग स्थल से होटलों तक पर्यटकों को ले जाने के लिए होटल स्वामियों द्वारा अपने स्तर से टैक्सी चालकांे से समन्वय करते हुये वाहन की व्यवस्था कराई जाय की जायेगी। डीएम ने होटल व्यवसायियों से अपने आसपास खाली स्थानों पर पार्किग की सम्भावनायें तलाशने को भी कहा। साथ ही उन्होने स्पष्ट किया कि शहर मे जो अनाधिकृत होटल या लॉज संचालित किये जा रहे हैं वह तत्काल अपना पंजीकरण पर्यटन विभाग से करा लें। जल्द ही चेकिंग कर गैर पंजीकृत होटल स्वामियों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। सभी होटलों को अनिवार्य रूप से अपनी दरों का प्रदर्शन नोटिस बोर्ड एवं सोशल मीडिया पर करना होगा। होटल एवं टूर ट्रेवल्स आपरेटर अनिवार्य रूप से अपने पास परिचय पत्र रखें तथा टैक्सी दरों का भी सार्वजनिक प्रदर्शन करें। बताया कि पर्यटकों की शिकायत दर्ज करने के लिए जल्द ही कन्ट्रोल रूम स्थापित करने के लिए हैल्पलाइन सेवा प्रभावी की जायेगी। पर्यटको ंसे प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण निर्धारित उपसमिति द्वारा किया जायेगा। होटलों की अनियमितताओं एवं अव्यवस्थाओं को रोकने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीमोें द्वारा औचक निरीक्षण भी किये जायेंगे। बैठक में एसएसपी मीणा ने काठगोदाम हल्द्वानी तथा कालाढूगी मे प्रीपेड टैक्सी बूथ संचालित किये जाने का सुझाव रखा। बैठक मे नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी, होटल एसोशिएसन के अध्यक्ष दिनेश साह, एडीएम कैलाश टोलिया, एसएस जंगपांगी, एसडीएम विनोद कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद कुमार गौड, केएमवीएन के जीएम अशोक जोशी सहित होटल व्यवसायी वेद साह, दिग्विजय सिह, आलोक साह आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : पर्यटन सचिव ने बताया-रानीबाग से 30 मिनट में नैनीताल पहुंचने का हो रहा है इंतजाम, 600 करोड़ होंगे खर्च..

-पर्यटन सचिव दिलीप जावलेकर ने मुख्यालय में रोप-वे निर्माण को लेकर हुई बैठक में दी जानकारी

Roapway
केएमवीएन से संचालित केबल कार।

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2019। सरोवर नगरी को वाहनों के प्रदूषण एवं दबाव से बचाने के साथ ही संतुलनीय पर्यावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार रानीबाग से हनुमानगढ़ी एवं देहरादून से मसूरी के बीच रोपवे बनाने की कवायद में जुटी है। इन दोनों रोपवे प्रोजेक्टों का नेतृत्व कर रहे सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि कहा कि इन रोपवे के निर्माण से पर्यटकों को खासी सुविधा होगी, सैलानी केवल 30 मिनट में नैनीताल की यात्रा कर पाएंगे तथा वाहनों का दबाव भी नैनीताल व मसूरी में कम होगा, तथा पार्किंग की समस्या का समाधान भी होगा। बताया कि इस रोपवे के निर्माण पर लगभग 600 करोड़ की धनराशि व्यय होगी। रोपवे प्रोजेक्ट का कार्य देश-विदेशों में कई रोपवे बना चुकी पोमा प्राईवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।
रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक आने वाले रोपवे में एचएमटी रानीबाग, डोलमार, ज्योलीकोट तथा हनुमानगढ़ी मंदिर के समीप स्थित पार्क की भूमि की आवश्यकता होगी। भूमि के चयन एवं परीक्षण तथा स्थानान्तरण एवं सर्वे का कार्य इन दिनों किया जा रहा है। कहा कि प्रस्तावित रोपवे पारिस्थितिकी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, इससे पर्यावरण भी दूषित होने से बचेगा। इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला से एलडीए सभागार में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आयुक्त श्री रौतेला ने रोपवे निर्माण के लिए भूमि से सम्बन्धित कार्यों में तेजी लाने के लिए नैनीताल के एडीएम वित्त एवं राजस्व एसएस जंगपांगी को नोडल अधिकारी तथा एसडीएम नैनीताल को प्रभारी अधिकारी नामित किया, और उनसे चिन्हित भूमि-क्षेत्र का नजरिया नक्शा तैयार कराने तथा सभी राजस्व नक्शों को मिलाकर एक नक्शा बनवाने तथा भूमि की मालिकाना स्थिति का भी विस्तृत ब्यौरा तैयार करने, ज्योलीकोट में स्थित उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की भूमि के हस्तान्तरण के लिए शीघ्र पत्राचार करने तथा प्रस्तावित रोपवे मार्ग में यदि कोई कार्य स्वीकृत है तो उसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कराने के भी निर्देश दिए। पोमा तथा सीबीआरई साउथ एशिया संस्था के प्रतिनिधियों शारिक खान, आरोहन मेंहदीरत्ता ने बताया कि रोपवे निर्माण के लिए चिन्हित क्षेत्र का कम्पनी द्वारा टोपोग्राफिकल सर्वे किया जा चुका है। पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है तथा विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है जो जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। बैठक में डीएम सविन बंसल, केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा, डीएफओ टीआर बीजुलाल, एडीएम एसएस जंगपांगी, प्राधिकरण सचिव हरबीर सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला पर्यटन विका अधिकारी अरविंद गौड़ सहित सैयद उसमान व डीएस बसनाल आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड आने वाले सभी सैलानियों को अदा करना होगा यह टैक्स…

tourism1 1नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। उत्तराखंड आने वाले सभी सैलानियों को ग्रीन टैक्‍स अदा करना होगा। यह टैक्‍स कितना होगा इसे स्‍थानीय नगर निकाय तय करेंगे। इससे मिलने वाला राजस्‍व उस क्षेत्र के विकास और पर्यावरण की स्‍वच्‍छता बनाए रखने के लिए होगा।
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में औली में हुई गुप्‍ता बंधुओं की शादी के बाद समारोहस्‍थल पर टनों कूड़ा पड़ा रहने के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत के साथ एक बैठक में पर्यटकों के कारण बढ़ते प्रदूषण का मामला उठाया था। सैलानियों की वजह से होने वाली प्‍लास्टिक के कचरे की समस्‍या से निबटने के लिए कुछ दिनों पहले ही हरक सिंह रावत ने राज्‍य में ‘प्‍लास्टिक टैक्‍स’ लगाने की बात कही थी। लेकिन अब उन्‍होंने कहा, ‘उत्‍तराखंड में पर्यावरण टैक्‍स लगाने की सख्‍त जरूरत है।’  उन्‍होंने बताया कि एक ऐसी योजना बनाई जा रही है स्‍थानीय नगर निकाय तय कर सकेंगे कि उनके क्षेत्र में आने वाले लोगों पर कितना टैक्‍स लगाया जाए। ऐसा सॉलिड वेस्‍ट मैनेजमेंट रूल्‍स 2016 के प्रावधानों के तहत होगा। रावत का कहना था, ‘ हमें इस बात का अहसास हुआ है कि जब तक इस तरह का ईको टैक्स नहीं लगाया जाता है, तब तक हम पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए जरूरी वित्‍तीय क्षमता नहीं जुटा पाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘वसूल की जाने वाली राशि मैदानी इलाकों में कम और पहाड़ियों में अधिक होगी। मैदानी इलाकों में, हम 1 किलो ठोस कचरे के निपटान के लिए मुश्किल से 20 रुपये खर्च करते हैं जबकि पहाड़ियों में हम 40 से 50 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।’

यह भी पढ़ें : सैलानियों के लिए मनोरंजन का बड़ा साधन एवं गायकों के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का माध्यम रहा प्रशासन का ग्रीष्म गीत-संगीत का मंच

-प्रतिभाओं को मंच एवं सैलानियों को शाम ढलने के बाद मनोरंजन उपलब्ध हो रहा था, रविवार शाम हुआ समापन

Geet Govind Digari Satendra Gangola
प्रशासन द्वारा सैलानियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में गीत प्रस्तुत करते लोक गायक हेमंत दिगारी एवं पुलिस के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2019। लगातार दूसरे वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हो रहा गीत-संगीत का मंच गायन की प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच साबित रहा। सैलानियों को इसके जरिये पर्यटननगरी में शाम ढलने के बाद देर रात्रि तक मनोरंजन का मंच भी साबित हुआ है। नगर में अब सैलानियों की दो वर्ष पुरानी वह शिकायत नहीं रही कि नगर में शाम ढलने के बाद मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी कड़ी में इस मंच पर स्थापित गायक गोविंद दिगारी ने छलकाये जाम, संदेशे आते हैं, हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते, क्या हुआ तेरा वादा, ये शाम मस्तानी, ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, खोया खोया चांद, व मेरे रश्के कमर के साथ ही अपनी गत 25 जून को ही यूट्यूब पर रिलीज हुए कुमाउनी गीत लटी पटी मैं थामूंलो तु रित्तै हिटली की दिलकश प्रस्तुतियां देकर दर्शकों व खासकर सैलानियों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने मल्लीताल कोतवाली में तैनात एचसीपी सत्येंद्र गंगोला के साथ प्रसिद्ध गढ़वाली लोक गीत चैत की चैत्वाला भी गाया, साथ ही कुरुक्षेत्र हरियाणा के सैलानी स्वरदीप सैनी ने भी आ सजना मोरे शास्त्रीय गीत की प्रस्तुति देकर मंच पर गायकी के अलग रंग भरे। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : सैलानी युवा गायक के लेने लगे ऑटोग्राफ और जला दीं मोबाइल की फ्लैश लाइटें

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जून 2019। कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। वहीं स्थापित कलाकारों के साथ नई प्रतिभाएं भी उभर रही हैं। इसी कड़ी में बीती शाम तथा पिछले कुछ दिनों से अपने पंजाबी व देशभक्ति गीतों से नगर के डीएसबी परिसर से ही संगीत की शिक्षा लेने वाले नवोदित गायक अमित सक्सेना उर्फ सांवरिया नाम के नये गायक युवा दिलों की धड़कन बन गये हैं। बीती शाम अमित के गीतों पर सुदूर पंजाब से आये सैलानी खूब नांचे और कार्यक्रम के बाद कई ने तो अपने हाथ पर भी उनके ऑटोग्राफ लिये। इस दौरान अमन सक्सेना ने हल्द्वानी के हारमनी बैंड कई पंजाबी गीतों पर जहां सैलानियों का नचाया वहीं केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ गीतों पर दर्शकों में देश भक्ति का जोश भर दिया। इस दौरान उनके आह्वान पर कार्यक्रम में मौजूद मंडलायुक्त राजीव रौतेला सहित तमाम दर्शकों ने अपने मोबाइल फोनों की फ्लैश लाइटें खोलकर अनूठा दृश्य उत्पन्न कर दिया। वहीं स्थापित गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट ा तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, इशारों-इशारों में दिल लेने वाले, लैला मैं लैला, चला जाता हूं किसी की धुन में, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं सहित अनेक पुराने गीत सुनाकर दर्शकों को देर रात्रि तक बांधे रखा। प्राधिकरण सचिव हरबीर सिंह ने भी गजल सुनाई। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : पीएसी का बैंड, प्रशासन का गीत-संगीत व ग्रीष्म नाट्योत्सव कर रहा सैलानियों की शामें मस्तानी

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2019। सरोवर नगरी में पूर्व के वर्षों में सैलानियों की शिकायत होती थी कि यहां शाम घिरने के बाद मनोरंजन का कोई साधन नहीं है। तब यहां कोई फिल्म थियेटर भी नहीं था। किंतु बीते वर्षों में नगर में आजादी से पूर्व से बना कॅपिटॉल सिनेमा नये कलेवर में फिल्म प्रेमियों के लिए उपलब्ध हो गया है, वहीं आजादी के बाद आजाद हिंद फौज के सेनानी कैप्टन राम सिंह द्वारा बैंड स्टेंड पर गर्मियों के मौसम में बैंड वादन करने की परंपरा एसएसपी की पहल पर फिर से शुरू हो गयी है। यहां हर शाम पीएसी की 46वीं बटालियन के जवान बैंड वादन कर रहे हैं, जिसमें सैलानियों को नाचते हुए देख जा सकता है। इसके अलावा नगर के एनएसडी स्नातक रंगकर्मी इदरीश मलिक की पहल पर बीएम शाह ओपन थियेटर में अनेक असुविधाओं के बावजूद ग्रीष्म नाट्योत्सव एवं पुराने गीतों की रंगोली का कार्यक्रम भी सैलानियों के लिए आकर्षण बना हुआ है। वहीं कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। बीती शाम यहां हर शाम कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट के साथ ही नवोदित गायक अमन सक्सेना ने केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ तथा स्वरित जोशी के नये मैडली गीतों के साथ ही गत दिवस मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला ने भी सैलानियों की पसंद के गीत सुनाकर उनका खूब मनोरंजन किया। इस दौरान हरीश भट्ट ने हेमा भट्ट के साथ तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, इशारों-इशारों में दिल लेने वाले, लैला मैं लैला, चला जाता हूं किसी की धुन में, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं सहित अनेक पुराने गीत सुनाकर दर्शकों को देर रात्रि तक बांधे रखा। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में अब सब कुछ ‘ओके’, न जाम, न लूट, झील भी भरी और मौसम भी सुहावना…

नवीन जोशी @ नवीन समाचार नैनीताल, 12 जून 2019। बीते रविवार को लंबे सप्ताहांत पर नगर में उमड़ी भीड़ को पुलिस प्रशासन द्वारा ठीक से संभाल न पाने और वाहनों को नगर से बाहर रोके जाने, सैलानियों के साथ टैक्सी व अवैध होटल संचालकों के द्वारा की गयी लूट की खबरें अब पीछे छूट गयी हैं। नगर में अब सभी स्थितियां ठीक हो गयी हैं। नगर में अब सैलानियों की नगर की क्षमताओं के अनुरूप ही काफी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। इससे पुलिस को सैलानियों को शहर से बाहर कहीं भी रोकने की जरूरत नहीं पड़ रही है, और सैलानी निजी एवं सार्वजनिक वाहनों से बेरोकटोक शहर में पहुंच रहे हैं। नगर में भी टैक्सी-होटल वालों की ओर से भी सोमवार के बाद पिछले तीन दिनों में किसी तरह की लूट की कोई सूचना नहीं है। इसके साथ ही नगर में मौसम भी बेहद सुहावना हो गया है। नगर में सैलानियों के मनोरंजन के भी भरपूर प्रबंध किये गये हैं, जिसमें नगर की व्यवस्थाएं सुचारू होने के बाद सैलानी ही नहीं, अब तक व्यवस्थाएं बनाने में उलझे पुलिस के अधिकारियों के साथ ही कर्मचारी भी आनंद ले रहे हैं।

सुबह तड़के अच्छी बारिश से मौसम सुहावना

नैनीताल। सरोवरनगरी सहित पर्वतीय क्षेत्रों में बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे से अच्छी बारिश हुई, और दिन में अच्छी गुनगुनी धूप खिली। इससे नगर में तपते जून के मौसम में सुबह के समय हल्की ठंड भी महसूस की गयी, और दिन में मौसम सुहावना रहा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 14.3 मिमी बारिश और तापमान अधिकतम 26 एवं न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता भी 45 फीसद के स्तर पर रही। जो कि हर ओर से बेहद सुहावने मौसम के लक्षण हैं।

नैनी झील का जल स्तर उत्तराखंड बनने के बाद की श्रेष्ठ स्थिति में

नैनीताल। सरोवरनगरी में बीते वर्षों में फरवरी-मार्च माह से ही नगर की प्राणदायिनी एवं सबसे बड़ी आकर्षण नैनी झील का जल स्तर तेजी से गिरने, झील में पहले बड़े डेल्टा और ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन आने तक सैलानियों को झील के तल्लीताल सिरे पर चौपाटी की तरह मैदान बन जाने जैसी दुःखद स्थितियों की खबरें आम थीं। झील का जल स्तर तय पैमाने पर शून्य से साढ़े छह फिट तक नीचे गिर जाता था। केवल 2008 व 2015 के वर्ष ही थे जब झील का जल स्तर शून्य से नीचे नहीं गया था। जबकि 2009 से 2014 और इसके बाद 2016, 17 व 18 में भी झील का जल स्तर शून्य से नीचे चला गया था। 2016 व 2017 में जल स्तर माइनस 7.1 फिट एवं 2018 में माइनस 2.5 फिट तक चला गया था। किंतु इस वर्ष जून माह का पहला पखवाड़ा गुजरने तक झील का जल स्तर एक फिट के स्तर पर बना हुआ है। यानी पूर्व के मुकाबले झील का जल स्तर आठ फिट अधिक है। यह उत्तराखंड बनने के बाद सबसे बेहतर स्थिति बताई गयी है। आज की बारिश से भी झील के जल स्तर में एक इंच की बढ़ोत्तरी हुई।

पीएसी का बैंड एवं प्रशासन की गीत-संगीत की महफिल सैलानियों के लिए आकर्षण

नैनीताल। सरोवर नगरी में पूर्व के वर्षों में सैलानियों की शिकायत होती थी कि यहां शाम घिरने के बाद मनोरंजन का कोई साधन नहीं है। तब यहां कोई फिल्म थियेटर भी नहीं था। किंतु बीते वर्षों में नगर में आजादी से पूर्व से बना कॅपिटॉल सिनेमा नये कलेवर में फिल्म प्रेमियों के लिए उपलब्ध हो गया है, वहीं आजादी के बाद आजाद हिंद फौज के सेनानी कैप्टन राम सिंह द्वारा बैंड स्टेंड पर गर्मियों के मौसम में बैंड वादन करने की परंपरा एसएसपी की पहल पर फिर से शुरू हो गयी है। यहां हर शाम पीएसी की 46वीं बटालियन के जवान बैंड वादन कर रहे हैं, जिसमें सैलानियों को नाचते हुए देख जा सकता है। वहीं कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। बीती शाम यहां हर शाम कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट के साथ ही नवोदित गायक अमन सक्सेना ने केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ तथा स्वरित जोशी के नये मैडली गीतों के साथ ही गत दिवस मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला ने भी सैलानियों की पसंद के गीत सुनाकर उनका खूब मनोरंजन किया।

यह भी पढ़ें : गायन प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा-प्रदर्शन और सैलानियों के लिए मनोरंजन का मंच साबित हो रहा ग्रीष्म गीत-संगीत का मंच

Satyendra Gangola Hema Bhattनवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2019। लगातार दूसरे वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हो रहा गीत-संगीत का मंच गायन की प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच साबित हो रहा है। वहीं सैलानियों को इसके जरिये पर्यटननगरी में शाम ढलने के बाद देर रात्रि तक मनोरंजन का मंच भी साबित हो रहा है। नगर में अब सैलानियों की दो वर्ष पुरानी वह शिकायत नहीं रही कि नगर में रात्रि में मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी कड़ी में सोमवार को इस मंच पर स्थापित गायक युगल हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट तो पूरे समय कभी एकल और कभी युगल गीतों से तो सैलानियों व उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया ही, और उनकी पसंद के गीत भी सुनाये। वहीं मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला के साथ ही नवोदित गायक अभिषेक ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गंगोला ने हेमलता भट्ट के साथ कोरा कागज था ये मन मेरा गीत सुनाकर उपस्थित रहे नगर कोतवाल व एसएसआई भुवन चंद्र मासीवाल सहित दर्शकों की तालियां बटोरीं। बताया गया कि गंगोला कुमाउनी गीत गाते रहे हैं। वहीं अभिषेक ने रामलीला फिल्म का शास्त्रीय रागों पर आधारित गीत ‘तुझ संग बैर लगाया ऐसा, रहा न मैं अपने जैसा’ गीत सुनाकर प्रभावित किया। वहीं हरीश एवं हेमा भट्ट ने खिलते हैं गुल यहां, दिल जो न कह सका, आने वाला कल जाने वाला है, चला जाता हूं किसी की धुन में, नीले नीले अंबर पे चांद जब आए, तुझ संग प्रीत लर्गा सजना तथा लैला मैं लैला आदि गीत सुनाए। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : गाता रहे मेरा दिल…कभी बीते ना ये रैना, कभी बीते ना ये दिन

Harish Bhatt Hemlata Bhattनवीन समाचार, नैनीताल, 4 जून 2019। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष आयोजित हो रही गीत-संगीत की महफिल मंगलवार को दूसरे दिन भी सैलानियों का आकर्षण बनी रही। इस दौरान हरीश भट्ट एवं उनकी धर्मपत्नी हेमलता भट्ट ने कई एकल एवं युगल प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंच के सामने नाचने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान उन्होंने गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा मैं तो गया मारा, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देखें, गाता रहे मेरा दिल-तू ही मेरी मंजिल, कभी बीते ना ये रैना कभी बीते ना ये दिन, सुंदरिया शुक्रिया मेहरबानी तू कहे तो नाम तेरे कर दूं सारी जवानी आदि गीतों के साथ देर रात्रि तक महफिल जमाए रखी। स्वरित जोशी ने भी कुछ नये तड़कते-भड़कते गीतों से युवा सैलानियों का खूब मनोरंजन किया। संचालन नवीन पांडे, हेमंत बिष्ट एवं मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के पर्यटन के लिए सुखद समाचार: लगातार दूसरे वर्ष पूरे ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए शुरू हुई गीत-संगीत की महफिल

-कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने किया औपचारिक शुभारंभ, पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष हो रहा है आयोजन
-सैलानियों को शाम को मनोरंजन एवं क्षेत्रीय लोक संस्कृति की जानकारी देने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का है मकसद
Harbir Singh Hema Bhatt नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में आने वाले सैलानियों के लिए लगातार दूसरे वर्ष हर शाम मल्लीताल फ्लैट्स मैदान स्थित बास्केटबॉल कोर्ट में गीत-संगीत की महफिल सजा करेगी। पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष भी नगर में पूरे ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सैलानियों के मनोरंजन के लिए गीत-संगीत का आयोजन सोमवार से प्रारंभ हो गया। कुमाऊं मंडलाायुक्त राजीव रौतेला ने डीआईजी अजय जोशी एवं डीएम विनोद कुमार सुमन के साथ इसका औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य नगर में देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को शाम को मनोरंजन एवं क्षेत्रीय लोक संस्कृति की जानकारी देने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का है। बताया कि इसके साथ ही शाम को पांच से सात बजे तक बैंड स्टेंड पर पीएसी के बैंड की मधुर स्वर लहरियां भी सैलानियों के लिए बिखरा करेंगी।
आयोजन की शुरुआत कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिमि खुर्पाताल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कुमाउनी देवी स्तुति-सुफल हया देवी भगवती मैया से हुई। आगे उन्होंने लाली हो पधानी लाली तीले धारो बोला, गोविन्दी तेरी गुलाबी साड़ी सहित अन्य प्रस्तुतियां दीं। वहीं हेमा भट्ट ने ‘आज फिर जीने की तमन्ना है’ गीत से शुरुआत की तथा आयोजन के संयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह के साथ ‘ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं हम क्या करें’ गीत की शानदार प्रस्तुति दी। श्री सिंह ने ‘अकेले हैं चले आओ कहां हो’ गीत की भी एकल प्रस्तुति दी। हरीश भट्ट ने अकेले में ‘हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम’ तथा हेमा के साथ -‘इशारों इशारों में दिल लेने वाले बता ये हुनर तूने सीखा कहां से’ एवं ‘मुहब्बत बड़े काम की चीज है’ की भी दिलकश प्रस्तुतियां दीं। वहीं स्वरित जोशी ने अपने बैंड के साथ ‘तेरी गलियॉ-गलियॉ तेरी व अब मुझे रात दिन तेरा ही ख्याल है, ले जाये जाने कहॉ आदि गीत सुनाए। इस दौरान बड़ी संख्या में सैलानी एवं स्थानीय लोग देर रात्रि आखिरी गीत की प्रस्तुति तक अपनी सीटों पर जमे रहे। संचालन नवीन पांडे, हेमंत बिष्ट एवं मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में 7 माह से बंद इन साहसिक खेलों की गुरुवार को फिर से हुई शुरुवात

Paragliding 1Paragliding 3 Paragliding 1 1नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2019 नैनीताल के भीमताल में विगत 7 माह से बंद पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हो गई है नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका डालकर उत्तराखंड के पर्यटन नीति बनाने की बात कही गई थी, जिसको लेकर राज्य सरकार ने अपना पक्ष नैनीताल हाईकोर्ट में रखा था। तब से अभी तक पैराग्लाइडिंग पूरी तरीके से बंद थी, लेकिन आज राज्य सरकार की पहल पर पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से भीमताल में फिर से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हो गई है पैराग्लाइडिंग बंद होने के कारण भीमताल नौकुचियाताल उसके आसपास के क्षेत्र के करीब 3000 युवक बेरोजगार हो गए थे, जो पैराग्लाइडिंग के साथ जुड़े हुए थे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया था, जिसके बाद उन्होंने कई बार ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार को चेताया राज्य सरकार द्वारा साहसिक पर्यटन नीति बनाने के बाद भीमताल में कुछ जगह से पैराग्लाइडिंग की उड़ान भरी गई लेकिन अभी भी कुछ पैराग्लाइडिंग कि साइट पर फ्लाइंग प्रतिबंधित है जब तक राज्य सरकार उन्हें पूर्ण रूप से लाइसेंस नहीं देती है तब तक वे कमर्शियल  पैराग्लाइडिंग नहीं कर सकते। अलबत्ता आज 7 माह से बंद पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होने से यहां के स्थानीय लोगों में खुशी है, ताकि आने वाले समय में साहसिक पर्यटन इस क्षेत्र में बढ़ सके वह अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके।

यह भी पढ़ें : उद्योगों की तर्ज पर पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने में मदद करे सरकार

-उत्तराखंड होटल्स एंड रेस्टारेंट एसोसिएशन की अधिशासी समिति की बैठक में सरकार को मांगपत्र सोंपने का निर्णय
-निजी भूमि पर पार्किंग व होटल निर्माण को प्रोत्साहन तथा ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के साथ ही चार अन्य सीजनों का भी सदुपयोग करने सहित अन्य मांगें उठाएंगे

नैनीताल। उत्तराखंड होटल्स एंड रेस्टारेंट एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने में मदद करने का अनुरोध किया है। इस हेतु शीघ्र की एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदेश के पर्यटन मंत्री एवं पर्यटन सचिव से मिलेंगे, तथा उन्हें इस हेतु अपना मांग व सुझाव पत्र सौपेंगे। इस पत्र में खास तौर पर प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों की बड़ी पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए सरकार के स्तर के साथ ही निजी भूमि पर पार्किंग निर्माण को बढ़ावा देने तथा नये होटलों के निर्माण के लिए सरकार की ओर से नक्शे पास करने सहित अन्य मदद तथा पुराने होटलों में सुविधा विस्तार के लिए मदद करने के अलावा राज्य में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के साथ ही चार अन्य सीजनों में पर्यटन की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए इन मौसमों में भी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए सरकार को सुझाव देंगे व मांग करेंगे। साथ ही सरकार से शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान लागू करने की मांग भी की जाएगी।

Read more

Tourists in Nainital : जी-20 सम्मिट की वजह से सरोवरनगरी में उमड़े सैलानी, रोकने पड़े, सुबह से अटके…

Hotel fraud, cheating tourists, Nainital tourist season

Tourists in Nainital : Despite the end of the summer tourist season and the withdrawal of police engagement, Sarovar Nagri continues to face congestion of vehicles, particularly on weekends. Although the number of tourists has reduced compared to the peak season, some visitors still engage in activities such as boating in Naini Lake and traveling by ropeway cable car. Check out the video for more details.

नैनी झील में पतवारों से हुई मारपीट, झील में भी गिरे… (Tourist Fight)

Tourist Fight, A rare incident of a boat fight has occurred in Naini Lake, Nainital. Mohammad Asif, a resident of Bijnor, Uttar Pradesh, was involved in a dispute with boatmen while attempting to board another boat for photography purposes. The altercation escalated when the boat drivers caught a young tourist, leading to clashes between the tourist’s companions and the boat drivers. The commotion resulted in some individuals falling into the lake from the swaying boats near the shore. Fortunately, no major injuries or damage occurred during the incident.

बड़ा समाचार: होटल एसोसिएशन नैनीताल के पदाधिकारियों से मिले राज्यपाल, पार्किंग की समस्या के समाधान पर कही बड़ी बात (Governor met officials)

Governer met Hoteliers

Governor met officials, Governor met Hoteliers, Big news: The Governor met the officials of the Hotel Association Nainital, said a big deal on the solution to the parking problem
Said- Efforts should be made for tunnel parking, multi-storey parking and ropeway etc. in Nainital, collective efforts, modernization of infrastructure facilities and value addition were also suggested.
Naveen Samachar, Nainital, 7 June 2023. The Governor of Uttarakhand, retired Lieutenant General Gurmeet Singh held a meeting with the office bearers of Hotel Association Nainital at Nainital Raj Bhavan on Wednesday. In the meeting, the Governor discussed in detail with the officials the challenges related to facilities and infrastructure development for tourists in Nainital and received their suggestions.

नैनीताल के आज के चुनिंदा ‘नवीन समाचार’ (Nainital News 31 May 2023)

Nainital News 6 July 2023, Nainital News 1 July 2023, Nainital News 3 July 2023, Nainital News 11 July 2023, Nainital News 12 July 2023,

Nainital News 31 May 2023, Today’s selected ‘New News’ of Nainital, Dr. Sanwal became President of Kumaon University Non-Teaching Staff Association, Jagdish Secretary, National Poetry Seminar will be held on the 200th birth anniversary year of Maharishi Dayanand Saraswati, Patent, Copyright, Trademark, Trade Secret in Startups Explained the utility of geo tagging, strategy for organizing awareness camps in drug-affected areas and banning drug trade, Governor’s Cup Sailing Regatta to be held in Naini Lake: Governor, MA Geography exam results declared,

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व सीएम के एक ड्रीम प्रोजेक्ट पर लगाई रोक, नैनी झील के संरक्षण के लिए बड़ा फैसला

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 नवंबर 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक ड्रीम प्रोजेक्ट-नैनी झील की सर्वाधिक जल प्रदाता सूखाताल झील के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के कार्यों पर रोक लगा दी है। साथ ही सूखाताल झील के पास चिन्हित अतिक्रमणों को पुलिस की सुरक्षा में हटाने के आदेश दिए हैं। … Read more

सीएम ने कहा गुलामी के सभी प्रतीको के नाम बदलेंगे, क्या मॉल रोड से लेकर अन्य स्थानों व संस्थानों के नामों तक भी जाएगी यह मुहिम…?

I Love Nainitalनवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एलान किया है कि राज्य में उपनिवेशवाद यानी गुलामी के सभी प्रतीकों के नाम बदले जाएंगे। उन्होंने कहा, राज्य में उपनिवेशवाद के सभी प्रतीकों का दोबारा नामकरण किया जाएगा। यह भी पढ़ें : एक बार फिर खाकी पर हमला, गश्त के दौरान किया लोहे की रॉड से हमला…

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद देश में उपनिवेशवाद के सभी प्रतीकों को बदला जा रहा है। उत्तराखंड में सड़कों और शहरों के नाम अंग्रेजों के जमाने के हैं जिनको बदला जाएगा। हमने निर्देश दिए हैं कि राज्य कि उपनिवेशवाद के सभी प्रतीकों का नाम बदल दिया जाए। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड-बड़ा समाचार : कूड़ा बीनने वाली निकली विदेशी आतंकी की पत्नी

गौरतलब है कि इसी कड़ी में प्रदेश में लेंसडाउन का नाम बदलने की कवायद शुरू हुई है। आगे देखने वाली बात होगी प्रदेश सरकार क्या छोटी बिलायत भी कही जाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल के मॉल रोड, स्नो व्यू, लेंड्स इंड, डॉर्थी शीट-टिफिन टॉप, कैमल्स बैक व लवर्स प्वॉइंट आदि अंग्रेजी नामों को भी बदलती है, या कि यह मुहिम नगर के सबसे पहले बताए जाने वाले घर पिलग्रिम लॉज व इससे लगे पिलग्रिम कंपाउंड से लेकर नगर के चार्टन लॉज, मेविला कंपाउंड, स्टोनले कंपाउंड व लांग व्यू आदि इलाकों से होते हुए नगर में मौजूद एशिया के सबसे पुराने मैथोडिस्ट चर्च सहित अन्य चर्चों व उसी दौर के कॉन्वेंट स्कूलों तक भी जाती है या नही….। 

नैनीताल में औपनिवेशिक पहचान वाले व विरासत महत्व के कुछ भवनों के नाम :

पिलग्रिम हाउस (1841), सेंट जॉन्स इन द विल्डरनेस चर्च (1846), मेथोडिस्ट चर्च (1858), शेरवुड कालेज (1869), सेंट मेरी कान्वेंट (1878), सेंट जोसफ कालेज (1880), गर्नी हाउस (1881), ग्रांड होटल (1892), रैमजे अस्पताल (1892), कैपिटॉल सिनेमा (1892), फेयरहैवन्स, वेल्वेडियर, क्लिफटन, ग्रासमेयर, प्रेयरी, न्यू बेरी लॉज, डडली ग्रोव, वुडस्टाक, मुलाक्लो, एवरफायल, माउंट प्लेजेंट, सेंट लू गार्ज, हटन हॉल, आर्ममोर, आर्डवेल, आर्ल्सफोर्ड, ब्रुकहिल, अर्ल्सकोर्ट, चार्लटन लॉज, कोजी विला, क्रेगलैंड, सैंट क्लाउड, डरहम हाउस, डांडा हाउस, एजहिल, एल्समेर, फर्न कॉटेज, फेयरी हॉल, ग्लेनथार्न, ग्लेनली, ग्लेनको, हेथार्न विला, हेल्वेलिन, हॉक्सडेल, ऐटन हाउस, ऐमिली कॉटेल, जुबली एस्टेट, ज्वाला काटेज, केनिलवर्थ, केंटन लॉज, किलार्नी, लेंगडेल एस्टेट, लंघम हाउस, लौगव्यू, मेनर हाउस, मेट्रोपोल, मेविला, मेलरोज, नारफोक काटेज, ओक रिज काटेज, ओक लॉज, ओल्ड लन्दन हाउस, सेवन ओक्स, प्रायरी, पैरामाउंटसी, प्रिमरोज, कैंट क्विनटिन, रॉक हाउस, रोजमाउंट, स्प्रिंगफील्ड, स्टेनली हॉल, स्टेफोर्ड हाउस, सिल्वर डेन, स्ट्रॉवरी लॉज, सफौक्र हॉल, सनी बैक, सनी डेन, टेम्पलटेन हॉल, थेनेट विला, दि हाइव, वेलहैड, वर्नन काटेज, वेभरली काटेज, फारेस्ट काटेज आदि। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : चार दिन की लगातार-भारी बारिश से नैनीताल में अस्तित्व में आए तीन नए ताल

New Lakes in Ayarpattaडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अक्तूबर 2022। पहाड़ों पर पिछले चार दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश से झीलो के शहर नैनीताल के अयारपाटा क्षेत्र में तीन पुराने ताल फिर से सक्रिय हो गये हैं। इनमें से एक ताल शेरवुड कॉलेज के पास एवं एवं दो अरविंदो आश्रम के पीछे पानी से लबालब भरे नजर आ रहे हैं।

अरविंदो आश्रम के पास दो ताल आपस में कुछ मीटर की दूरी पर हैं, और अधिक बारिश होने व भरने पर यह दोनों एक ही झील बन जाते हैं। अभी इन दोनों के बीच करीब 10 मीटर का फासला बना हुआ है। इनके अलावा नैनी झील की सर्वाधिक जल प्रदाता मानी जाने वाली सूखाताल झील भी काफी हद तक बारिश के पानी से भर गई है, जबकि नैनी झील पूरी भरने के बाद इसके गेट कल से खोल दिए गए हैं। देखें विडियो :

क्षेत्रीय सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि शेरवुड कॉलेज के पास के ताल को कृत्रिम बनाने का प्रस्ताव नगर पालिका की बोर्ड बैठक में आया था, इसका उन्होंने विरोध किया था। उनका मानना है कि इन तालों को बिना कुछ भी कृत्रिम तौर पर किए प्राकृतिक स्वरूप में ही रखा जाना चाहिए, जिससे इन्हें भरने वाले प्राकृतिक जलस्रोत प्रभावित न हों, और नैनी झील के जलागम क्षेत्र में होने के कारण इनका पानी रिस-रिस कर लंबे समय तक नैनी झील को रिचार्ज करता रहे।

आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एक बार फिर शुरू हुई ‘नैनीताल बचाने’ की मुहिम

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मार्च 2022। एक बार फिर नैनीताल बचाने की मुहिम शुरू हुई है। अधिवक्ता नितिन कार्की की अगुवाई में नगर के नए गठित हो रहे ’नैनीताल बचाओ अभियान’ की बैठक में नगर में बाहरी लोगों के बढ़ते दखल एवं नशे के बढ़ते शिकंजे पर चिंता जताई गई, तथा मिलकर इन मुद्दों पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।

बैठक में अनुज साह ने प्रदेश में भू-काननू लागू किए जाने पर बल दिया। जबकि रोहित जोशी ने नगर में नगर के ही मूल निवासियों को स्थानीय रोजगार उपलब्ध करवाना इस अभियान की प्राथमिकता है। अधिवक्ता कार्की ने नगर में हो रहे अतिक्रमण पर चर्चा की और उसके समाधान हेतु अपने विचार रखे। अधिवक्ता नवीन जोशी ‘कन्नू’ ने शहर में बढ़ रहे नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने एवं टैक्सी चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की समस्याएं उठाईं।

पत्रकार कमल जगाती ने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार नगर के समाज को एकजुट करके शहर में बढ़ रहे आपराधिक मामलों से निजात दिलाई जाये। बैठक में भास्कर जोशी, हर्षित साह, सुरेश बिनवाल, ममता रावत, भावना रावत, भागवत मेर, रविंद्र, किशन मेहरा, चंदन जोशी व सभासद मनोज साह जगाती आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के विधायक ने इस्तीफा दिया तो पूर्व विधायक ने संभाला मोर्चा…

-केंद्र व राज्य सरकार को आपदा राहत की मांग पर भेजे ज्ञापन

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अक्टूबर 2021। उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से गुरुवार को पूर्व विधायक डॉ नारायण सिंह जंतवाल के नेतृत्व में कुमाऊं मंडल के आयुक्त सुशील कुमार से मुलाकात की गई, और उन्हें भारत सरकार तथा राज्य सरकार को संदर्भित एक ज्ञापन सोंपा गया।

ज्ञापन में गत 17 से 20 अक्टूबर के मध्य हुई अतिवृष्टि से जनित आपदा के दृष्टिगत राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज के साथ ही वृहद कार्ययोजना तैयार किए जाने की मांग भी की गई।

ज्ञापन में डॉ. जंतवाल की ओर से कहा गया है कि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में प्रतिनिधित्व विहीन है। ऐसे में यहां के प्रथम निर्वाचित विधायक होने के नाते वह इस क्षेत्र के लिए इस आपदा के बाद सतत विकास हेतु अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से समग्र नीति तैयार करने का अनुरोध करते हैं।

उन्होंने इस आपदा में प्रभावितों का सही चिन्हीकरण करने एवं परिवार के एक व्यक्ति को तत्काल सरकारी नौकरी दिए जाने के साथ ही नैनीताल नगर के लिए अल्पकालीन के साथ दीर्घकालीन योजना तैयार किए जाने एवं नगर के हितधारकों को साथ लेकर नई पर्यटन नीति बनाने की मांग भी की है। प्रतिनिधिमंडल में प्रकाश पांडे, सज्जन साह, खीमराज बिष्ट, हरीश वारियाल, मदन सिंह बगडवाल व भगवत पंत आदि लोग शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 18 सितंबर 1880 जितनी ही बारिश के बावजूद सुरक्षित रहा नैनीताल, जानें सबक और संदेश…

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अक्टूबर 2021। 18 नवंबर 1841 से बसासत प्रारंभ होना माने जाने वाले नैनीताल के लिए 18 की तारीख तीसरी बार हमेशा के लिए याद रखने योग्य बन गई है। इधर 17, 18 व 19 अक्टूबर के बीच तीन दिनों में नैनीताल में 90, 445 व 60 मिलीमीटर यानी करीब 600 मिलीमीटर यानी करीब 24 इंच बारिश हुई है।

जबकि 18 सितंबर 1880 को भी यहां 16 सितंबर से तीन दिनों के बीच करीब 40 घंटों में 35 इंच यानी 889 मिलीमीटर बारिश होने का रिकॉर्ड दर्ज है। यानी करीब 180 वर्षों के बाद नगर में बारिश का इतिहास दोहराया गया। किंतु दोनों घटनाओं में नुकसान की दृष्टि से बड़ा अंतर है।

18 सितंबर 1880 को ऐसी ही बारिश से आठ सेकेंड के भीतर नैनीताल का भूगोल ही बदल गया था। तब 2500 की जनसंख्या के नैनीताल नगर में 151 लोग जिंदा दफ्न हो गए थे और तब का एशिया का सबसे बड़ा कहा जाने वाला मेयो होटल और तत्कालीन नयना देवी का मंदिर सहित बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया था। इसके बाद ही मलबे से डीएसए मैदान का निर्माण किया गया था। लेकिन इस बार उतनी ही बारिश होने के बावजूद नगर में एक भी जनहानि नहीं हुई है।

इसके पीछे अंग्रेजों द्वारा तब सबक लेकर बनाए गए 100 शाखाओं युक्त कुल एक लाख छह हजार 499 फिट लंबे 50 नालों की बड़ी भूमिका है जो नगर के पूरे बरसाती पानी को नैनी झील में ले जाते हैं और नगर को भूस्खलन से बचाते हैं। इसलिए हमेशा इन नालों को साफ रखने, इनके आसपास अतिक्रमण न करने व इनमें गंदगी न डालने की अपील की जाती है। इस बार नगर में दो भूस्खलन बलियानाला व बिड़ला क्षेत्र में कुमाऊं लॉज के पास हुए हैं। इसके अलावा गत दिनों से केपी छात्रावास के पास भूस्खलन हो रहा है। यह वह क्षेत्र हैं जहां अंग्रेजी दौर में बसात नां के बराबर थी। इसलिए यहां नाला सिस्टम अन्य स्थानों की तरह नहीं बन पाया था।

नगर में फिर नजर आने लग छिटपुट सैलानी
नैनीताल। आपदा के बाद नगर में फिर से छिटपुट सैलानी टहलते एवं नैनी झील में नौकायन करते नजर आने लगे हैं। गौरतलब है कि नगर में अब सभी ओर से सड़कों, बिजली, पानी व इंटरनेट आदि की आपूर्ति सुचारू हो गई है। इसलिए अब यहां आने-जाने में किसी भी तरह का भय नहीं है। केवल हल्द्वानी रोड पर बड़े वाहन अभी नहीं चल पा रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में आपदा से सरकारी संपत्तियों को 102 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान, दूसरे दिन भी दर्जन भर शवों के बरामद होने की सूचना नहीं… 

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अक्टूबर 2021। नैनीताल जनपद में पिछले तीन दिनों में दैवीय आपदा से हुए नुकसान पर जिला प्रशासन बुधवार को पूरी तरह से एक्टिव मोड पर आ गया। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि प्राथमिक तौर पर नैनीताल जनपद में आपदा से लोक निर्माण विभाग, सिचाई विभाग व लघु सिचाई आदि की राजकीय परिसंपत्तियों को 102 करोड़ की क्षति होने का अनुमान है। विस्तृत आंकलन कराया जा रहा है।

देखें वीडियो:

उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय के धोबीघाट क्षेत्र में रह रहे 100 परिवारों को यहां नैनी झील का अत्यधिक पानी आने के कारण जीजीआईसी में शिफ्ट करने को कह दिया गया है। वहां सभी कमरे खुलवा दिए गए हैं। उधर रामनगर के वन ग्राम सुंदरखाल के 30 लोगों को एयरलिफ्ट एवं पांच लोगों को राफ्टिंग के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, तथा यहां बाढ़ राहत शिविर का संचालन कर उनके लिए लगभग 90 कुंतल राहत सामग्री पहुंचाई गई है।

देखें नैनीताल-रामनगर में बारिश के कहर सहित हल्द्वानी में गौला पुल के टूटने का लाइव वीडियो : 

इसी तरह वन ग्राम पूछड़ी नई बस्ती के 10 परिवारों के 54 लोगों को स्थानीय राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। चूकम गांव में राफ्टों के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई गई है। वहीं लालकुआं में लगभग 97 बाढ़ प्रभावित परिवारों को गुरुद्वारे में शिफ्ट किया गया है। तल्ला रामगढ़ में फंसे यात्रियों को राशन किट उपलब्ध कराई गई हैं।

देखें कैसे नैनीताल में नैनी झील के उफ़नते पानी से लोगों को बचाने के लिए सेना को संभालनी पड़ी कमान : 

धारी व झूतिया में बचाव कार्यों के लिए टीमें भेजी गईं, अभी शवों के बरामद होने की सूचना नहीं 
नैनीताल। डीएम श्री गर्ब्याल ने बताया कि धारी एवं झूतिया रामगढ़ में कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण यहां बचाव टीमें नहीं पहुंच पा रही थीं। इस पर धारी के लिए एनडीआरएफ के 20 सदस्यीय दल को हैलीकॉप्टर से शशबनी में उतारा गया है। वहां से 7 किलोमीटर सड़क व सात किलोमीटर पैदल चलकर यह दल घटनास्थल थलाड़ी की ओर रवाना हो गया है। जबकि रामगढ़ के झूतिया में एसडीएम के नेतृत्व में एनडीआरएफ का 12 सदस्यीय दल तथा ग्राम बोहराकोट के लिए एनडीआरएफ का 8 सदस्यीय दल चिकित्सा टीम के साथ मौके पर पहुचं गया है।

देखें आपदा में नैनीताल के हाल :

इसके अलावा उन्होंने बताया कि चौखुटा में पांच बिहारी मजदूरों के शवों को बिहार के अधिकारियों से समन्वय कर दिल्ली भेजने का प्रबंध किया जा रहा है। बताया गया है कि झूतिया के पास ही सकुना में 9 नेपाली मजदूर एक घर में दबे हुए हैं। ‘नवीन समाचार’ ने बुधवार के अंक में यहां घर के बाहर मलबे में दबे एक मजदूर का चित्र भी प्रकाशित किया था। वर्तमान में इस क्षेत्र में बिजली व मोबाइल कनेक्टिविटी न होने से किसी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

कैंची व बोहराकोट में चार शव बरामद, पर सकुना में दबे 9 शवों पर अभी भी कोई जानकारी नहीं
नैनीताल। नैनीताल पुलिस व एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार को कैंची धाम के पास घर में दबे हुए 21 वर्षीय रिचा एवं 18 वर्षीय अभिषेक तथा बोहरा कोट रामगढ़ में 70 वर्षीय शंभू दत्त डालाकोटी व 59 वर्षीय बसंत डालाकोटी के शवों को मलबे से निकाल लिया। इसके बाद शवों के पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है।

तल्लीताल थाना पुलिस ने महाराष्ट्र के सैलानियों के दल को बचाया
नैनीताल। तल्लीताल थाना पुलिस ने महाराष्ट्र के बुजुर्ग सैलानियों के 27 सदस्यीय दल की आपदा के दौरान होटल में ठहराने से लेकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराने सहित पूरी मदद की। इस पर थाना पुलिस की कार्यशैली की सैलानियों ने भी प्रशंसा की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के यह पर्यटन चार धाम यात्रा पर हरिद्वार जाते हुए नैनीताल से गुजर रहे थे, तभी यह आपदा आ गई। महाराष्ट्र सरकार की ओर से उत्तराखंड सरकार को इनके फंसने की सूचना दी गई। इस पर तल्लीताल थाना पुलिस ने इन्हें रेस्क्यू कर एक होटल में ठहराया गया, एवं शीला होटल के शैलेंद्र साह के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराई गई। इस दौरान पुलिस को तल्लीताल से शीला होटल तक जाने के लिए डांठ एवं मॉल रोड पर भरे पानी में पुलिस की गाड़ी के भी न चल पाने के कारण रोडवेज बस की सहायता लेनी पड़ी। इस पर सैलानियों ने पुलिस के साथ ही नगर की जनता की भी हर संभव सहायता के लिए आभार जताया। इसके बाद उन्हें हल्द्वानी के लिए रवाना कर दिया गया।

कुमाऊं लॉज निवासी पांच परिवारों का सबकुछ आपदा में तबाह
नैनीताल। प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 अक्टूबर की रात्रि करीब ढाई बजे नगर के बिड़ला विद्या मंदिर के पास कुमाऊं लॉज में पांच परिवारों के घरों के पीछे बड़ा पत्थर आकर गिरा। इस पर यहां रहने वाले इरफान पुत्र रियाज व गौरव पुत्र मदन राम के परिवार के सात-सात लोग, दीपक पुत्र आनंद राम के परिवार के 6 लोग व विवेक पुत्र ललित के परिवार के चार, हिमांशु पुत्र जमन के परिवार के पांच यानी कुल 34 लोगों ने तत्काल खाली किए। घर खाली करते ही इनके घरों में मलबा घुस गया। इस कारण इनके घर का सारा सामान तहस-नहस हो गया। बुधवार को इनकी सूचना मिलने पर तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन साह की ओर से उनके लिए भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वहीं प्रशासन भी उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।

बचाव कार्य में योगदान देते आईजी सेल के संयोजक चोटिल
नैनीताल। आपदा के दौरान पुलिस एवं सेना के साथ कई स्थानीय युवकों ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया। इसी कार्य में लगे भारतीय जनता पार्टी के नगर मंडल के आईटी सेल के संयोजक आयुष भंडारी तल्लीताल की दुकानों में फंसे लोगों को पानी के भयानक बहाव से बचाते हुए चोटिल हो गये। उनके सिर में गंभीर चोट आ गई। इस पर उनके सिर में 3 टांके लगाने पड़े हैं। साथ ही उनके हाथ, पैर और कमर में भी चोट आई है।

सेना के 100 जवानों ने भी दिया बचाव कार्यों में योगदान
नैनीताल। डीएम धीराज गर्ब्याल ने जनपद के कैंची-खैरना क्षेत्र में आपदा से हुए भारी नुकसान को देखते हुए 14-डोगरा रेजीमेंट रानीखेत को खैरना, कैची, निगलाट व रामगढ क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य हेतु वार्ता की। इस पर मेजर नरेंद्र व मेजर कोयाक के नेतृत्व में बटालियन की ओर से तुरंत 100 जवानों की दो रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचीं और खैरना में फंसे लगभग 500 लोगों को पैक किया हुआ भोजन और खाने का सामान व पानी वितरित किया। बटालियन की मेडिकल रिएक्शन टीम के प्रशिक्षित जवानों के द्वारा चिकित्सा इकाई स्थापित कर प्रभवितों की चिकित्सा जांच कर उपचार भी किया गया। भोजन तैयार करने के लिए खैरना में एक कुक हाउस भी स्थापित किया गया और त्वरित बचाव कार्य कर फंसे हुए लोगों को निकाला।

डांठ में दरार की खबरों का खंडन
नैनीताल। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता केएस चौहान ने नगर की नैनी झील के आधार तल्लीताल डांठ में आपदा से दरार आने की खबरों का खंडन किया है। श्री चौहान ने पूछे जाने पर बताया कि पुराने रोडवेज बस स्टेशन के पास जिला कलक्ट्रेट जाने वाले मार्ग की ओर डामरीकरण में कुछ दरार नजर आ रही हैं। इस पर उन्हांेने व लोक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। लेकिन यह केवल डामर की ऊपरी परत पर दरार है।

ज्योलीकोट क्षेत्र में ग्रामीणों को हुआ आपदा से भारी नुकसान
नैनीताल। पिछले तीन दिनों में आई आफत की बारिश एवं इस दौरान नैनी झील से बलियानाले में गए पानी से ढाकाखेत मे दलीप सिजवाली व पूरन सिजवाली की 6 नाली से ज्यादा भूमि, गाँव का रास्ता, सरियाताल मोटरमार्ग का बड़ा हिस्सा, काजवे, नाले में बने दो पुल बह गए। साथ ही बलियानाला से सटे गोठानी, वीरभट्टी, ढाकाखेत व सरियाताल गाँवों पर खतरा बन गया। इससे लोग दहशत में है। इसके अलावा चोपड़ा में धन सिंह राठौर का आवासीय परिसर, बसगांव में चंदन सिंह कठैत व लक्ष्मण सिंह कठैत आदि की गौशाला, सुरक्षा दीवारें और तकरीबन 3 नाली भूमि, ज्योलीकोट में इम्लड़ा जॉन व अजित सुलोमन के आवास के पीछे, ज्योलीकोट में कैलाश आर्य, प्रकाश चंद्र बेलुवाखान में विजय कुमार व दयाल राम के आवास, स्यालीखेत में सचिन कुमार के आवासीय परिसर के साथ बेलुवाखान के कूँड़, सोलिया ग्रामों में ऊपरी हिस्से में भी भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ है, और ग्रामीण दहशत में है।

शेरवानी होटल प्रबंधन ने चलाया कैनेडी पार्क में सफाई अभियान
नैनीताल। नगर के शेरवानी हिल टॉप होटल के कर्मियों ने बुधवार को आपदा के बाद नगर की मॉल रोड के करीब कैनेडी पार्क के पाथ-वे यानी पैदल रास्ते पर सफाई अभियान चलाया। अभियान में होटल के प्रबंधक गोपाल दत्त, दिनेश पालीवाल, जीवन बिष्ट, विनोद पाठक, सूरज, मदन, राजेंद्र कुमार, प्रेम सिंह, राज कुमार, प्रकाश नेगी, अर्जुन, कमल व पान सिंह आदि लोग शामिल रहे।

पुलिस-आरटीओ ने कैंची धाम में फंसे यात्रियों को निकाला
नैनीताल। नैनीताल पुलिस तथा संभागीय परिवहन के द्वारा कैची मंदिर धाम में फंसे यात्रियों व पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से भवाली भेजा गया। इससे दो दिन से फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली।  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मल्लीताल की खड़ी बाजार की डीएम बदलेंगे सूरत…

-पर्वतीय शैली में विकसित होगी मल्लीताल की खड़ी बाजार, डीएम ने स्थानीय हितधारकों के साथ की बैठक
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जुलाई 2021। खड़ी बाजार मल्लीताल तथा राम सेवक सभा को पर्यावरण के अनुकूल एवं परम्परागत शैली में सौंदर्यीकरण करते हुए विकसित किया जायेगा। यह बात जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बृहस्पतिवार को एलडीए सभागार में खड़ी बाजार के दुकानदारों एवं हितधारकों के साथ क्षेत्र के सौन्दर्यीकरण एवं विकास हेतु आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कही।

श्री गर्ब्याल ने कहा कि सरोवर नगरी नैनीताल पर्यटकों लिए आकर्षण का केंद्र होने के कारण वर्ष भर देश-दुनिया के सैलानियों की आमद बड़ी तादाद में होती है। उन्होंने कहा कि नगर के विभिन्न क्षेत्रों का पर्यावरण के अनुकूल तरीके से पहाड़ी एवं परम्परागत शैली में विकास किया जायेगा, जिससे नैनीताल में आने वाले पर्यटक यहां की परंपरागत पहाड़ी शैली के भी दर्शन कर सकें। उन्होंने बताया कि खड़ी बाजार की दुकानों एवं रास्तों का स्थानीय शैली में विकसित करते हुए बिजली, टेलीफोन आदि के तारों की भूमिगत व्यवस्था की जायेगी। दुकानों के आगे व किनारों पर पर सागरा फटबार शैली के तथा रास्ते के निर्माण में ग्रेनाइट कोबल पत्थर का उपयोग किया जायेगा।

Mallital Bazar
नगर की मल्लीताल खड़ी बाजार का प्रस्तावित चित्र।

रामलीला ग्राउंड में पटाल आदि का उपयोग ओपन एयर थिएटरनुमा बैठने की जगह बनायी जायेगी। इस दौरान उन्होंने शहर के हाईड्रेन्ट को चेक करने तथा बंद पड़े हाईड्रेंट को सुचारू कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने रामलीला ग्राउंड के दुकानदारों को काम पूरा होने तक अन्य उचित स्थान पर दुकान एवं स्थान आवंटित करने के निर्देश अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को दिये। बैठक में एडीएम अशोक जोशी, एसडीएम प्रतीक जैन, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय, अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, अध्यक्ष राम सेवक सभा मनोज साह, जगदीश बवाड़ी सहित दीपक गुरुरानी, सर्वप्रिय कंसल, सुमित कुमार, नीरज नयाल, संजय नागपाल व अर्शी खान आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अब तल्लीताल की भी सुधरेगी सूरत, डीएम ने विरासत स्वरूप लौटाने के साथ पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं का भी खींचा खाका

-सौंदर्यीकरण के साथ तल्लीताल में पार्किंग व विद्युत बिल जमा कराने की व्यवस्था होगी
1945 October Tallitalनवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2021। डीएम धीराज गर्ब्याल के सरोवरनगरी के सौन्दर्यीकरण, विरासत महत्व के भवनों एवं सड़कों के पुर्नविकास की दिशा में शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों हेतु तैयार की गयी कार्य योजना के बारे में शहर के गणमान्य व्यक्तियों को जानकारी देते हुए विस्तार से चर्चा की गई।

इस दौरान श्री गर्ब्याल ने रेमजे रोड, तल्लीताल बाजार, डांट चौराहे, मल्लीताल बाजार, पालिका बाजार, राम सेवक सभा एवं रामलीला ग्राउंड, रिक्शा स्टैंड, ओपन एयर थियेटर को विरासत के रूप में विकसित करने हेतु तैयार की गयी कार्य योजना उपस्थित लोगों के समक्ष रखी। साथ ही शहर में पार्किंग व्यवस्था हेतु किये जा रहे कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया। इसकी सभी उपस्थित लोगों ने तारीफ करते हुए शहर के सौंदर्यीकरण कार्य में पूर्ण सहयोग करने की बात कही।

इस दौरान तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन साह ने सीवर लाइनों के विभिन्न स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत करने पर डीएम ने बताया कि सीवर लाइनों की समस्या के समाधान हेतु एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। श्री साह सहित सभी लोगों के सुझाव पर डीएम ने तल्लीताल में आरामशीन के पास खाली भूमि पर पार्किंग व्यवस्था हेतु आवश्यक कार्यवाही करने तथा बस स्टेशन पर विद्युत बिलों के जमा करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में आलोक साह, वेद साह, भारत लाल साह, अमनदीप आनंद, प्रकाश बिष्ट, राजन लाल साह, अंचल पंत, पप्पू कर्नाटक, अधिशासी अभियंता विद्युत हारून रशीद, आर्किटैक्ट रक्षित, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग श्री धर्मशक्तू आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : मल्लीताल बाजार की कायापलट करेंगे डीएम गर्ब्याल, जारी किया प्रस्तावित स्वरूप..

नवीन समाचार, नैनीताल, 02 मार्च 2021। सरोवरनगरी नैनीताल की एक पहचान है ‘छोटी बिलायत’ के रूप में। हालिया दिनों में इसे उसी रूप में स्थापित करने की कोशिश में कास्ट आयरन यानी ढलवा लोहे की बनी रेलिंग व बिजली के स्टेंड पोस्टों से पाट दिया गया है। लेकिन अब डीएम धीराज गर्ब्याल नैनीताल को कुमाऊं मंडल के मुख्यालय पर्वतीय पर्यटन नगरी के रूप में पुर्नस्थापित करने की मुहिम पर हैं। इसके लिए नगर के मल्लीताल व तल्लीताल रिक्शा स्टेंड सहित तल्लीताल व मल्लीताल बाजारों को पर्वतीय स्वरूप में बदलने की तैयारी है।

डीएम गर्ब्याल पहले ही मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के नए प्रस्तावित स्वरूप को साझा कर चुके हैं, जबकि अब उन्होंने मल्लीताल बाजार के प्रस्तावित स्वरूप को सोशल मीडिया पर साझा किया है। साथ ही उन्होंने मंगलवार को नगर के मल्लीताल बाजार का भ्रमण करके भी अपनी भावी योजना का स्थलीय निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने यहां अपने पूर्व प्रयासों की तर्ज पर विरासत पथ बनाने का इरादा जताया है। इसके साथ ही बाजार में बिजली व केबल की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की भी योजना है।
देखें डीएम धीराज गर्ब्याल द्वारा तैयार मल्लीताल बाजार का प्रस्तावित स्वरूप:

यह भी पढ़ें : भारी पड़ा नैनीताल से ‘असुरक्षित इश्क’, ‘इश्क’ पर पड़ गया पर्दा..
IMG 20201218 WA0013

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2020। नगर वासियों और सैलानियों को विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी-सरोवर नगरी नैनीताल को पसंद करते हुए झील विकास प्राधिकरण द्वारा लगाए गए ‘आई लव नैनीताल (I love Nainital)’ लिखे बोर्ड के साथ अति उत्साह में असुरक्षित तरीके से, फोटो खिंचवाना भारी पड़ा है। लगातार समझाने के बावजूद लोगों द्वारा यहां बिना मास्क पहने व सामाजिक दूरी का पालन किए बिना, फोटो खिंचवाने से कोरोना के संक्रमण की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए जिला विकास प्राधिकरण ने अपने ‘आई लव नैनीताल’ लिखे बोर्ड को परदे से ढकना पड़ गया है। शुक्रवार को पर्दा लगा कर तल्लीताल डाँठ पर लगाये बोर्ड को ढक दिया गया। बताया गया है कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों पर बनाई गई समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोरोना के संक्रमण का भय रहने तक के लिए की गई है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल और नैनी झील के कई जाने-अनजाने पहलू

सरोवर नगरी नैनीताल को कभी विश्व भर में अंग्रेजों के घर ‘छोटी बिलायत’ के रूप में जाना जाता था, और अब नैनीताल के रूप में भी इस नगर की वैश्विक पहचान है। इसका श्रेय केवल नगर की अतुलनीय, नयनाभिराम, अद्भुत, अलौकिक जैसे शब्दों से भी परे यहां की प्राकृतिक सुन्दरता को दिया जाऐ तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।

नैनीताल की वर्तमान रूप में खोज करने का श्रेय अंग्रेज व्यवसायी पीटर बैरन को जाता है, कहते हैं कि उनका शाहजहांपुर के रोजा नाम के स्थान में शराब का कारखाना था। कहा जाता है कि उन्होंने 18 नवम्बर 1841 को नगर की खोज की थी। बैरन के हवाले से सर्वप्रथम 1842 में आगरा अखबार में इस नगर के बारे में समाचार छपा, जिसके बाद 1850 तक यह नगर ‘छोटी बिलायत’ के रूप में देश-दुनियां में प्रसिद्ध हो गया। कुमाऊं विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय एवं भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष भूगर्भ वेत्ता प्रो.सीसी पंत के अनुसार बैरन ने ईस्ट इंडिया कंपनी के लोगों को दिखाने के लिये लंदन की पत्रिका National Geographic में भी नैनीताल नगर के बारे में लेख छापा था। 1843 में ही नैनीताल जिमखाना की स्थापना के साथ यहाँ खेलों की शुरुआत हो गयी थी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने लगा। 1844 में नगर में पहले ‘सेंट जोन्स इन विल्डरनेस’ चर्च की स्थापना हुई। 1847 में यहां पुलिस व्यवस्था शुरू हुई। 1862 में यह नगर तत्कालीन नोर्थ प्रोविंस (उत्तर प्रान्त) की ग्रीष्मकालीन राजधानी व साथ ही लार्ड साहब का मुख्यालय बना साथ ही 1896 में सेना की उत्तरी कमांड का एवं 1906 से 1926 तक पश्चिमी कमांड का मुख्यालय रहा। 1872 में नैनीताल सेटलमेंट किया गया। 1880 में नगर का ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया। 1881 में यहाँ ग्रामीणों को बेहतर शिक्षा के लिए डिस्ट्रिक्ट बोर्ड व 1892 में रेगुलर इलेक्टेड बोर्ड बनाए गए। 1892 में ही विद्युत् चालित स्वचालित पम्पों की मदद से यहाँ पेयजल आपूर्ति होने लगी। 1889 में 300 रुपये प्रतिमाह के डोनेशन से नगर में पहला भारतीय कॉल्विन क्लब राजा बलरामपुर ने शुरू किया। कुमाऊँ में कुली बेगार आन्दोलनों के दिनों में 1921 में इसे पुलिस मुख्यालय भी बनाया गया। वर्तमान में यह  कुमाऊँ मंडल का मुख्यालय है, साथ ही यहीं उत्तराखंड राज्य का उच्च न्यायालय भी है। यह भी एक रोचक तथ्य है कि अपनी स्थापना के समय सरकारी दस्तावेजों में 1842 से 1881 तक यह नगर नइनीटाल (Nynee tal) तथा इससे पूर्व 1823 में यहाँ सर्वप्रथम पहुंचे पहले कुमाऊं कमिश्नर जी डब्लू ट्रेल द्वारा 1828 में नागनी ताल (Nagni Tal) भी लिखा गया।

Read more

ब्रेकिंग: इतिहास में पहली बार जुलाई माह में 10.9 फिट स्तर होने के बाद आज नैनी झील से छोड़ दिया गया पानी

-इससे पहले 29 जुलाई 2011 को झील का जल स्तर 8.7 फीट पहुंचने पर गेट खोले गए थे-2018 के बाद से नहीं खोले गए हैं नैनी झील के गेट नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जुलाई 2020। जी हां, इतिहास में पहली बार जुलाई माह में 10.9 फिट स्तर होने के बाद आज ठीक सुबह साढ़े नौ … Read more

‘लॉक डाउन’ से नैनी लेक हुई ‘अप’, सुधरी पारिस्थितिकी

https://chat.whatsapp.com/BXdT59sVppXJRoqYQQLlAp

-15 वर्षों के सर्वाधिक स्तर पर पहुंचा नैनी झील का जल स्तर, पारदर्शिता भी बढ़ी

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2020। कोरोना की वैश्विक महामारी के दृष्टिगत देश भर में लागू लॉक डाउन मानो प्रकृति का मानव के साथ स्वयं को भी उसके मूल स्वभाव में लौटाने की कोशिश हो। इन दिनों जहां मानव ग्लोबलाइजेशन के साथ बेतहाशा बढ़ी आवश्यकताओं के बिना बेहद सीमित संसाधनों में जीने की अपनी पुरानी आदतों में लौट रहा है, वहीं प्रकृति भी मानो मानवीय हस्तक्षेप घटने से अपना आत्म शुद्धि कर रही है। प्रकृति का स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील भी इसकी बानगी है।

झील नियंत्रण के प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनी झील का जल स्तर अंग्रेजों द्वारा तय पैमाने पर सोमवार को 6 फिट पांच इंच रिकार्ड किया गया, जबकि इससे पूर्व केवल वर्ष 2005 में आज के दिन झील का जल स्तर 6 फिट 6 इंच यानी अब से बेहतर था। यानी नैनी झील जल स्तर के मामले में पिछले 15 वर्षों के सर्वश्रेष्ठ स्तर पर है। यह आंकड़ा भी उल्लेखनीय है कि लॉक डाउन लागू होने के लिए 22 मार्च को झील के जल स्तर में मात्र 7 इंच की कमी आई है। यानी करीब तीन दिन में झील का पानी एक इंच गिर रहा है, जबकि पिछले वर्षों में इन दिनों आधा इंच जल स्तर रोज गिरता था। उल्लेखनीय है कि नैनी झील के पानी का ही नगर में पेयजल सहित सभी तरह से उपयोग होता है। यानी नगर में जल के उपयोग एवं वाष्पीकरण तथा जल के क्षरण आदि कारणों में पिछले एक माह में कमी आयी है। वहीं एक दौर में नैनी झील के दो तिहाई हिस्से में ऑक्सीजन की मात्रा शून्य हो जाने यानी झील के दो तिहाई हिस्से में जल-जीवन मृत हो जाने के बाद वर्ष 2007 में एयरेशन के जरिये नैनी झील को ‘डायलिसिस’ की तरह कृत्रिम ऑक्सीजन चढ़ाने वाले नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधन चंद्रमौलि साह ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान प्राधिकरण नैनी झील की सफाई का कार्य नहीं कर पा रहा है। यहां तक कि नैनी झील के बीच में नौका ले जाकर झील की गुणवत्ता भी नहीं मापी जा रही है, फिर भी झील के किनारे किये गये ऐसे मापन के अनुसार झील में पारदर्शिता करीब पूर्व की करीब डेढ़ मीटर से बढ़कर 2.5 मीटर तक हो गयी है। वहीं झील के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा 7.5 के स्तर पर बनी हुई है। वहीं नगर के पर्यावरणविद् डा. अजय रावत ने नैनी झील की पारदर्शिता एवं सफाई में स्वतः सुधार होने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि झील में पारदर्शिता पहले ऊपरी सतह से सात मीटर की गहराई तक स्थित एपीलिनियन तक ही थी, जबकि अब सात से नौ मीटर की गहराई पर स्थित थर्मोलाइन तक हो गयी है, और इस गहराई तक मछलियों का आवागमन भी हो गया है, जो कि पहले केवल एपीलिनियन में था। इसके अलावा भी नैनी झील के किनारे ठंडी सड़क क्षेत्र में इन दिनो मानव की गतिविधियां घट जाने की वजह से गुलदार एवं उसके शावकों के साथ ही घुरल, काकड़, कलीज फीजेंट सहित अनेक पशु-पक्षी भी नजर आ रहे हैं। इसे भी नैनी झील एवं नगर की पारिस्थितिकी में हुए परिवर्तन का परिणाम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें : नैनी झील की गहराई पर एक चिंताजनक, दूसरी यूएन से उम्मीद की खबर

यूएन से स्वीकृत हुई नैनी झील के पानी की सतत निगरानी के लिए परियोजना
-बैथीमेट्री विश्लेषण से पहली बार तैयार हुई नैनी झील की कॉन्टूर मैपिंग, झील की अधिकतम गहराई में 2.4 मीटर की गिरावट
-आगे एनआईएच से झील के आन्तरिक जल स्रोतों का सर्वे भी कराया जायेगा
Naini Lake Reportनवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2020। डीएम सविन बंसल प्रयासों से नैनी झील के दीर्घकालिक संरक्षण एवं आंतरिक प्रोफाईल किये जाने हेतु आईआरएस संस्थान इसरो देहरादून के वैज्ञानिकों के द्वारा नवम्बर माह के द्वितीय सप्ताह में इसकी अर्न्तजलीय संरचना, जैव विविधिता स्थिति एवं पारिस्थिक तंत्र, पेयजल शुद्धता के नवंबर माह के द्वितीय सप्ताह में किये गए विस्तृत विश्लेषण एवं परीक्षण का परिणाम काफी सुखद रहा है। डीएम बंसल ने सोमवार को जिला कार्याालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि ने नैनी झील की पहली बार तैयार कॉन्टूर मैपिंग के अनुसार झील की गहराई न्यूनतम 4 से सात मीटर, अधिकमत 24.6 मीटर तथा औसतन 9 मीटर प्राप्त हुई तथा पानी का टीडीएस 300 से 700 मिली ग्राम प्रति लीटर प्राप्त हुआ जो पानी की अच्छी गुणवत्ता को दर्शाता है। पानी का डीओ अधिकतम 7.5 मिलीग्राम प्रति लीटर व न्यूनतम 6-7 मिली ग्राम प्रतिलीटर मिला। आगे इसरो के माध्यम से प्रतिवर्ष मानसून से पहले व मानसून के बाद वर्ष में दो बार झील के पानी का परीक्षण कराया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नैनी झील की गहराई 27 मीटर बताई जाती रही है। इस आधार पर लगता है कि झील की गहराई 2.4 मीटर घट गई है, जोकि चिंताजनक स्थिति है। किंतु ध्यान रखना होगा कि पूर्व में झील की गहराई अन्य विधियों से मापी गई है। इस परीक्षण के बाद यूएन द्वारा नैनी झील के पानी की सतत् निगरानी हेतु परियोजना स्वीकृत कर दी गयी है।

IMG 20190627 WA0016
डीएम सविन बंसल

डीएम ने बताया कि नैनी झील में किये गए बैथीमेट्री विश्लेषण कार्य के अन्तर्गत जल की गहराई की मैपिंग-लेक बैड प्रोफाईलिंग, झील का विस्तृत जल गुणवत्ता विश्लेषण, पीएच लेवल, डीओ, टीडीएस, क्लोरीन, टर्बिडिटी, सेलेनिटी आदि परीक्षण किये गये। उन्होंने बताया कि इन परीक्षणों में इसरो वैज्ञानिकों की टीम द्वारा पहली बार नैनी झील की 78 हजार बिंदुओं की गहराई मापते हुए कॉन्टूर लेक प्रोफाईल तैयार कर रिपोर्ट दी है, और झील के पानी की गुणवत्ता के आकड़ों को पहली बार जीआईएस प्रोफाईल पर प्रदर्शित करते हुए झील के विभिन्न स्थानों पर पानी की गुणवत्ता का मानचित्रीकरण किया गया है। इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा सर्वे के उपरान्त डाटा उपलब्ध कराया गया, जिसे जिला प्रशासन के जीआईएस सेल द्वारा परिशोधन करके महत्वपूर्ण परिणाम ज्ञात किये गये।

यह होगा यूएन की स्वीकृत परियोजना में

नैनीताल। डीएम श्री बंसल ने बताया कि बैथीमेट्री स्टडी परिणामों को यूएनडीपी को उनके द्वारा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। फलस्वरूप यूएन द्वारा झील के पानी की सतत् निगरानी हेतु परियोजना स्वीकृत कर दी गयी है। जिसका अतिशीघ्र क्रियान्वयन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसी झील का साइंटिफिक एवं प्रामाणिक डाटा उपलब्ध कराये जाने पर यूएन द्वारा भारत में पहली बार किसी झील की स्टडी प्रोजेक्ट लिया गया है। यूएन द्वारा वित्तीय एवं तकनीकी कार्य निःशुल्क किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट लगभग 55 लाख रूपये का होगा, जिसका शीघ्र एमओयू भी किया जायेगा। यूएन द्वारा झील के दोनो छोर (तल्लीताल मल्लीताल) पर जहां पेयजल हेतु पम्प लगे हैं, पर पानी की गुणवत्ता की माप हेतु सेंसर लगाये जायेंगे साथ ही जनता को झील के पानी की गुणवत्ता की जानकारी देने हेतु तल्लीताल गॉधी मूर्ति के पास पानी की गुणवत्ता प्रदर्शित करने के लिए मॉनीटर-एलईडी लगाया जायेगा। जिलाधिकारी श्री बंसल ने बताया कि इसके बाद एनआईएच से झील के आन्तरिक जल स्रोतों का सर्वे भी कराया जायेगा।

यह भी पढ़ें : खबरदार ! जो नैनी झील या नालों में गन्दगी डाली… अब रात्रि में भी रहेगा तीसरी आंख का पहरा…

-360 डिग्री पर घूमने वाले 4 पीटीजेड तथा 9 स्थिर कैमरों ने कार्य करना किया प्रारंभ
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 दिसंबर 2019। सरोवरनगरी में अब रात्रि में भी नालों में गंदगी डालने वालों व नियम विरुद्ध क्रियाकलापों को अंजाम देने वाले अब प्रशासन की नजरों में होंगे। सरोवर नगरी में 13 नाइट विजन मोड वाले यानी रात्रि में भी साफ देखने वाले सीसीटीवी कैमरे चलने शुरू हो गए हैं। इनमें से चार कैमरे पीटीजेड यानी यानी‘पैन टिल्ट जूम’ प्रकार के हैं जो कि 360 डिग्री पर घूम सकते हैं और इनसे प्राप्त चित्रों को किसी छोटे स्थान पर जूम भी किया जा सकता है। यह इतने ताकतवर हैं कि तल्लीताल में लगे पीटीजेड कैमरे से नैना पीक पर मौजूद सैलानियों के क्रियाकलापों को साफ देखा जा सकता है। पीडीजेड कैमरे तल्लीताल में गांधी प्रतिमा के पास, मल्लीताल गुरुद्वारा परिसर, बीडी पांडे अस्पताल के पास और चीना बाबा मंदिर के पास ऐसे स्थानों पर लगाए गए हैं, कि इनसे पूरे शहर में नजर रखी जा सकती है। जबकि नौ अन्य कैमरे बोट हाउस क्लब मल्लीताल, तल्लीताल रिक्शा स्टैंड के पीछे नाला नंबर एक, सात नंबर से आने वाले नाला नंबर 20, बीडी पांडे अस्पताल के पास, चीना बाबा के पास स्थित नाला नंबर 23 में लगाए गए हैं। इन कैमरों के वीडियो फुटेज पर आपदा कंट्रोल रूम एवं कोतवाली मल्लीताल में बड़ी स्क्रीनों से नजर रखी जा रही है।

यह भी पढ़ें : इसरो के वैज्ञानिकों के अध्ययन में नैनी झील की दिखी चिंताजनक तस्वीर

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 नवंबर 2019। डीएम सविन बंसल के विशेष प्रयासों से इसरो के वैज्ञानिकों का एक दल बीते शनिवार से बैथीमेट्री सर्वे के तहत सोनार पद्धति से नैनी झील का तकनीकी अध्ययन कर रहा है। इस अध्ययन के तहत वैज्ञानिकों के द्वारा अत्याधुनिक यंत्रों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर नैनी झील की गहराई नापी जा रही है। साथ ही झील की तलहटी में पड़े मलबे व अन्य पदार्थों का भी अध्ययन किया जा रहा है। इस अध्ययन में नैनी झील की चिंताजनक तस्वीर भी दिखाई दे रही है।

DM Savin Bansal

वैज्ञानिकों को अध्ययन में नैनी झील के कई हिस्सों में काफी गंदगी एवं नैनी झील की औसत गहराई पर चिंताजनक तस्वीर दिखाई दी है। डीएम बंसल ने वैज्ञानिकों के हवाले से बताया कि पाषाण देवी मंदिर के समीप से मध्य तक क्षेत्रफल में झील की गहराई सर्वाधिक है। वहीं अभी तक झील की विधिवत तकीनीकी मैपिंग न होने के कारण अभी यह जानकारी नहीं है कि झील में कितना मलवा जमा है। लेकिन इस अध्ययन के बाद यह जानकारी रहेगी किए झील में कितना मलवा समा रहा है। उसी के हिसाब से तकनीकी कार्यवाही भी की जायेगी।

नैनी झील के संरक्षण के लिए बनेगी विशेष कार्य योजना
नैनीताल। डीएम सविन बंसल ने बताया कि नैनी झील को रिचार्ज करने वाले नालों की सफाई के साथ ही जाली लगाने का काम किया जा रहा है। साथ ही सूखाताल झील के पानी से बरसात में नैनी झील रिचार्ज करने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई गई है। आगे सूखाताल में गड्ढे बनाए जायेंगे ताकि बरसात का पानी जमा हो और नैनी झील रिचार्ज होती रहे। इसके साथ ही सूखाताल व उसके आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण भी किया जाएगा ताकि वृक्षों के माध्यम से भी वर्षा जल सूखाताल में संकलित हो सके।

डीएम ने स्वयं देखीं वैज्ञानिकों की गतिविधियां
डीएम श्री बंसल ने रविवार को वैज्ञानिकों के साथ नैनी झील में भ्रमण कर वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे तकनीकी कार्यों का मौका मुआयना किया और उनसे बात भी की। श्री बंसल ने बताया कि वैज्ञानिकों का विशेष दल पहली बार नैनी झील का इस तरह का अध्ययन कर रहा है। खास बात यह भी है कि इस महत्वपूर्ण सर्वे कार्य के लिए इसरो द्वारा किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अध्ययन के तहत वैज्ञानिकों ने सोनार सिस्टम के माध्यम से नैनी झील की गहराई का जीपीएस के जरिये मानचित्रण किया, साथ ही वैज्ञानिकों के द्वारा झील में मौजूद ठोस अपशिष्ट, पीएच मान आदि के साथ ही झील के पानी की गुणवत्ता, अवसादन तथा सूचकांक का भी अध्ययन वैज्ञानिकों द्वारा किया जा रहा है। श्री बंसल ने बताया कि इसरो के वैज्ञानिक अध्ययन के उपरांत प्रशासन को झील के संबंध में रिपोर्ट आख्या प्रस्तुत करेंगे जिसे शासन को भेजा जाएगा तथा झील के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु धनरशि अवमुक्त कराने के लिए अनुश्रवण भी किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक वैभव गर्ग, वैज्ञानिक पंकज, इंजीनियर नमन, अभिषेक, ईशान, एसडीएम विनोद कुमार, सीओ विजय थापा आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : राज्य स्थापना दिवस नैनी झील के लिये हुई बैथीमैट्री विश्लेषण की हुई बड़ी शुरुआत

09NTL 5
नैनी झील में सोनार तकनीकी पर कार्य करने वाली जीपीएस युक्त ईको बोट के जरिये बैथीमैट्री विश्लेषण का अवलोकन करते डीएम सविन बंसल।

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 नवंबर 2019। उत्तराखण्ड राज्य के 20वें स्थापना दिवस पर डीएम सविन बंसल की पहल पर राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की के वैज्ञानिकों द्वारा नैनीझील का बैथीमैट्री विश्लेषण कार्य प्रारम्भ किया गया।
इस मौके पर श्री बंसल ने कहा कि नैनी झील झील के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बैथीमेट्री कार्य आवश्यक है। इसके लिए विशेष प्रयास कर राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की के वैज्ञानिकों के माध्यम से बैथीमैट्री विश्लेषण कार्य पहली बार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैथीमैट्री विशलेषण के जरिये नैनी झील की प्रकृति तथा पानी की सतह के नीचे पानी की आंतरिक संरचनाओं मे हुए परिवर्तन, झील के दीर्घकालीन संरक्षण, झील की जल संग्रहण क्षमता विकास तथा ईको सिस्टम को बनाए रखने हेतु वैज्ञानिक द्वारा सघन अध्ययन किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि देश-दुनिया में विख्यात नैनी झील की प्रकृति, पानी की सतह के नीचे की संरचनाओं, लैंड टोपोग्राफी, लेक फ्लोर एवं अन्य तकनीकी विषयों को ज्ञात करने के लिए बैथीमैट्री विशलेषण अति आवश्यक है। इसके लिए जलविज्ञान संस्थान रुड़की के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. वैभव गर्ग के नेतृत्व में 5 सदस्यीय तकनीकी टीम कार्य करेगी जो झील के विश्लेषण कार्य हेतु जीपीएस युक्त ईको बोट एवं सोनार तकनीकी पर कार्य करने वाले अन्य सहवर्ती उपकरणों के साथ कार्य करेगी। कहा कि विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर झील के संरक्षण हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जायेंगे। इस अवसर पर सीडीओ विनीत कुमार, एडीएम एसएस जंगपांगी, कैलाश सिंह टोलिया, एसडीएम विनोद कुमार, एआरटीओ विमल पांडे, ईओ एके वर्मा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : 78 लाख से बदलेगी नैनी झील की अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था, 15 लाख से नालों में कूड़ा डालने वालों पर रहेगी नजर

-ब्रिटिशकालीन रेगुलेशन गेटों की जगह अत्याधुनिक स्कॉडा तकनीक से नये गेट व जल स्तर प्रदर्शित करने का प्रबंध लगेगा
-तल्लीताल-मल्लीताल सहित चार नालों में कूड़ा-कचरा डालने वालों पर नजर रखने के लिए लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

Naini Lake

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2019। सरोवर नगरी नैनीताल के सर्वप्रमुख आकर्षण नैनी झील के लिए अरसे बाद बड़े कार्य होने जा रहे हैं। झील में पानी के नियंत्रण के लिए अंग्रेजी दौर में बने डांठ यानी गेटों की जगह नये आधुनिक स्कॉडा तकनीक से संचालित गेटों के निर्माण हेतु डीएम सविन बंसल के प्रयासों से शासन ने 78.05 लाख की स्वीकृति प्रदान कर दी है। झील में पानी कम होने पर नये गेटों का निर्माण किया जाएगा। नये गेटों में झील का जल स्तर डिजिटल तरीके से प्रदर्शित करने का प्रबंध भी किया जाएगा। इसके साथ ही डीएम बंसल ने अपनी विवेकाधीन कोष से नैनी झील के चार प्रमुख नालों-नाला नंबर 1, 20, 21 व 23 तथा मल्लीताल नैना देवी मंदिर व बोट हाउस क्लब के समीप तथा तल्लीताल में महात्मा गांधी जी की मूर्ति के पास नालों व झील में कूड़ा डालने वालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाने के लिए 15 लाख रुपए की धनराशि जारी कर दी है।

IMG 20190627 WA0016
डीएम सविन बंसल

डीएम श्री बंसल ने बताया कि नैनी झील के लिए जिला प्रशासन ने अभिनव डिजिटल पहल की कार्य योजना तैयार की है। नैनी झील के गेटांे पर मानसून काल में झील का स्तर बढने पर पानी की निकासी ब्रिटिशकालीन शासनकाल मे स्थापित मैकैनिकल व्हील के माध्यम से काफी कठिनाई से करनी पड़ती है। इसलिए जुलाई प्रथम सप्ताह में स्कॉडा सिस्टम से लेक ब्रिज के अपस्ट्रीम मे नये गेटों के निर्माण एवं पुराने गेटों के मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर धनराशि उपलब्ध कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इस पर शासन से 78.05 लाख की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। यह महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य सिचाई विभाग की यांत्रिकी शाखा रुडकी द्वारा कराया जा रहा है। वहीं झील में पानी लाने वाले नालों से आने वाले अपशिष्ट को रोकने के लिए सीसी कैमरो के माध्यम से निगरानी हेतु उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से 15 लाख रुपए स्वीकृत कर दिये हैं। यह कैमरे दिन रात ऐसे लोगो की निगरानी करेगे जो नालों मे चोरी छुपे कूड़ा-कचरा आदि गंदगी डालते हैं। इन कैमरों के ऑनलाइन अनुश्रवण हेतु कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र तथा सिचाई खंड नैनीताल मे नियंत्रण कक्ष स्थापित किये जायेगेे जो कि कैमरों की रिकार्डिग की मानिटरिंग करेंगे।

यह भी पढ़ें : प्रो. अजय रावत की बहुचर्चित याचिका अंतिम रूप से निस्तारित, ईको सेंसिटिव जोन, वैध-अवैध निर्माण, यातायात व नैनी झील पर हाइकोर्ट ने दिये बड़े निर्देश

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अगस्त 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने प्रो. अजय रावत की जनहित याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित करते हुए नैनीताल जिला प्रशासन को नैनीताल के सूखाताल, शेर का डांडा व सात नम्बर के जोन एक व दो में आने वाले क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के तथा पर्यटकों व स्थानीय जनता की सुविधा के अनुसार यातायात नियंत्रित करने व इस कार्य में आईआईटी दिल्ली की सलाह लेने, अवैध रूप से भवन निर्माण करने वालों पर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश भी शासन-प्रशासन को दिए हैं। अलबत्ता, कोर्ट कमिश्नर अनिल जोशी को छूट दी है कि यदि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होती है तो वे कोर्ट को अवगत करा सकते हैं। साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया है कि इस आदेश की प्रति नैनीताल के डीएम को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजें।
कोर्ट ने प्रो. रावत की याचिका में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार की विशेषज्ञ कमेटी द्वारा नैनीताल को इको सेंसेटिव जोन घोषित करने की संस्तुति के अनुसार सरकार को निर्देश देने की अपील पर कहा कि ऐसा निर्देश वन व पर्यावरण मंत्रालय स्वयं दे सकता है। कमेटी ने यह संस्तुति मार्च मार्च 2003 में की थी। प्रो. रावत की दूसरी प्रार्थना जिसमें नैनीताल में बड़े स्तर पर हो रहे अवैध निर्माणों को रोकने व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई थी, के संदर्भ में कोर्ट ने सचिव आपदा प्रबंधन उत्तराखंड को निर्देश दिया है कि वे दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करें।

सूखाताल व संवेदनशील पहाड़ियों में हो रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के साथ ही यातायात को लेकर भी दिये बड़े निर्देश
हाईकोर्ट ने कुमाऊं आयुक्त, डीएम नैनीताल व प्राधिकरण सचिव को सूखाताल व संवेदनशील पहाड़ियों में हो रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन सुरक्षित स्थानों में आवासीय घर बनाने की अनुमति देने हेतु कोर्ट ने छूट भी दी है। वहीं यातायात नियंत्रण के लिए कोर्ट ने डीएम व एसएसपी को कई निर्देश दिए हैं, जिसके तहत नैनीताल में 25 सीट से अधिक क्षमता का वाहन लाने की अनुमति न देने, शहर से बाहर छोटे होटल खोलने व होम स्टे योजना लागू करने, शहर से बाहर सेटेलाइट पार्किंग बनाने, माल रोड में आपातकालीन सेवा को छोड़ अन्य भारी वाहनों का प्रवेश निषिद्ध करने, अपर माल रोड में सीजन में शायं 6 से 9 बजे तक व ऑफ सीजन में 6 से 8 बजे तक यातायात बंद रखने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने नैनीताल के लिए नए टैक्सी परमिट जारी करने पर रोक लगा रखी है परंतु यदि वाहन पुराना या खटारा हो जाता है तो आरटीओ चाहे तो उसे नया परमिट जारी कर सकता है। इसके अलावा नैनी झील में सीवर की गंदगी जाने से रोकने, घोड़ों की लीद को झील में न जाने देने, नालों में मलवा न फेंकने, पेड़ों के अवैध कटान को गम्भीर अपराध मानने के निर्देश भी दिए हैं।

यह भी पढ़ें : नैनी झील के संरक्षण के दो बड़ी पहलों का ऐलान…

-सभी नालों के मुहानों पर 6 फिट ऊंची जालियां एवं नगर में चार एसटीपी बनेंगे
Kumaon Commissioner Rajiv Rautelaनवीन समाचार, नैनीताल, 27 अगस्त 2019। नैनी झील में आने वाले पानी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए दो बड़े कदम उठाए जाएंगे। पहला, सभी नालों के नैनी झील में गिरने वाले सिरों पर लगभग 6 फीट ऊंची जालियां लगायी जायेंगी, ताकि कूड़ा और मलबा उनमें आकर फंस जाए और झील में न जाने पाए। दूसरे नगर की सीवर लाइनें उफनकर उनकी गंदगी झील में न जाए, इस हेतु नगर में चार एसटीपी यानी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किये जाएंगे। मंगलवार को नगर की अंग्रेजी दौर में गठित हिल साइड सेफ्टी कमेटी की बैठक लेते हुए मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने एसटीपी हेतु शहर के चार स्थानों- कैपिटल सिनेमा, मेट्रोपोल होटल, स्टैट बैंक के पास, रेमजे होस्पीटल के समीप एसटीपी बनाये जाने हेतु भूमि चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस दौरान आयुक्त श्री रौतेला ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा नैनी झील के साथ ही सूखाताल के संरक्षण एवं विकास के लिए पांच करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत एवं इसमें से डेढ़ करोड़ रुपए अवमुक्त कर दिये गये है। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई हरीश चंद्र भारती को कार्यों को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में कमेटी के सदस्यों के द्वारा नैनी झील की दीवारों की मरम्मत का सुझाव भी दिया गया, जिस पर अधिशासी अभियंता ने बताया कि 41 करोड़ का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। बैठक में पर्यावरणविद डा. अजय रावत, राजीव लोचन शाह, सुदर्शन शाह, अनूप शाह, जीएल शाह, नीरज जोशी व कमल जगाती आदि ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये। बैैठक में डीएम सविन बंसल, वन संरक्षक तेजस्वनी पाटिल धकाते, डीएफओ टीआर बीजु लाल, लोनिवि के एसई डीएस नबियाल, सिंचाई विभाग के पीएस पतियाल, पेयजल निगम के ईई जीएस तोमर व लोनिवि के डीएस बसनाल आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि नगर में एसटीपी निर्मित करने के लिए ग्रीन ट्रिब्यूनल से अल्टीमेटम मिला हुआ है। इसके बिना नगर के होटलों को बंद करने की नौबत आ सकती है। अलबत्ता, नैनी झील किनारे प्रस्तावित एसटीपी की गंदगी का कोई अंश नैनी झील में जाकर उसके पानी को दूषित न कर दे, यह देखना होगा।

यह भी पढ़ें : जनपद में 139 वर्ष पुरानी हो चुकी व्यवस्था पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान,

-भीमताल झील के बांध की सुरक्षा दीवारों में दरारें आने व पानी रिसने की की गई थी शिकायत

1895 Bhimtal
1895 भीमताल

<

p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2019। जनपद की भीमताल सरोवर की सुरक्षा दीवारों में पिछले कुछ वर्षों से आई दरारों पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में की गयी शिकायत को उत्तराखंड के मुख्य सचिव को संदर्भित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। इसके बाद प्रदेश के मुख्य सचिव ने सिचाई विभाग के सचिव से मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है।
इस मामले में भीमताल के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन ब्रजवासी ने गत 16 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। ब्रजवासी का कहना था कि 1880 में भीमताल झील के पानी को बांधने के लिए बने बांध की दीवारें 139 वर्षों से झील को रोके हुए हैं, किंतु अब ये जवाब देने लगी हैं। इन दीवारों से पानी रिसने लगा है। पिछले वर्षों में यह मामला काफी प्रमुखता से उठा किंतु झील का स्वामित्व रखने वाले सिंचाई विभाग बांध की कमजोरी को नजर अंदाज कर देता है। इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी दूसरी बार जीत की बधाई देते हुए भीमताल नगर व झील के अस्तित्व को देखते हुए झील के बांध की दीवारों का पुर्ननिर्माण करने की मांग की थी।

शिकायत के निदान की व्यवस्था में खोट

नैनीताल। सामान्यतया लोग उच्च से उच्च पदों तक अपनी शिकायत को पहुंचाते हुए यह विश्वास रखते हैं कि उनकी समस्याओं का निदान हो जाएगा। इसी विश्वास के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल व देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति आदि से शिकायतें की जाती हैं। लेकिन देखने में आता है कि कितने ही उच्च पद तक शिकायत किये जाने के बाद उसकी जांच अन्ततः उन्ही निचले स्तर के अधिकारियों के स्तर से की जाती है, जो निचले स्तर पर की जाने वाली शिकायतों की जांच भी करते हैं, और कई बार ऊपर की गई शिकायतों के मामलों की जांच भी पूर्व में निचले स्तर पर की गयी शिकायतों पर कर चुके होते हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट वही आती है, जो पहले आई थी, और शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती है। अब देखने वाली बात होगी कि पूर्व में भीमताल झील को कोई खतरा न बताने वाला सिचाई विभाग अब प्रधानमंत्री के स्तर पर की गयी शिकायत के बाद क्या रिपोर्ट देता है।

यह भी पढ़ें : सरिताताल झील की गंदगी पर सिंचाई विभाग के ईई पर कार्रवाई

sariyatal 3
Sariyatal

<

p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जुलाई 2019। डीएम सविन बंसल के आदेशों की कड़ी में एसडीएम विनोद कुमार ने नगर के निकट की सरिताताल झील एवं इसके आस-पास फैली गंदगी की सफाई न किये जाने पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के खिलाफ सीआरपीसी यानी भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के तहत कार्रवाई की है। एसडीएम श्री कुमार ने बताया कि सरिताताल व इसके आसपास फैली गंदगी के बाबत तहसीलदार की जांच आख्या के आधार पर सिंचाई खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 133 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आवश्यक कार्यवाही की गई है। अधिशासी अभियंता सिंचाई को आदेशित किया गया है कि वह सरिताताल एवं आस-पास की तत्काल सफाई सुनिश्चित करें एवं शपथ पत्र द्वारा अवगत करायें कि वहां पूर्ण रूप से सफाई कर ली गई है अथवा 5 अगस्त को प्रातः 11 बजे उनके-परगना मजिस्ट्रेट नैनीताल के न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर बतायें कि क्यों न उनके विरूद्ध सीआरपीसी की धारा 133 के तहत अंतिम कार्रवाई कर दी जाए। आगे यदि न्यायालय उनके द्वारा की गयी कार्रवाई व जवाब से संतुष्ट नहीं होता तो उनके विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 188 के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि गत 18 जुलाई को डीएम सविन बंसल ने स्वयं सरिताताल का निरीक्षण किया था, और सीआरपीसी की धारा 133 के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इधर उन्होंने पुनः सोमवार की सुबह भी झील का निरीक्षण किया और पाया कि झील व उसके आस-पास अभी भी गंदगी फैली हुई है। यानी अधिकारियों ने डीएम के आदेश हवा में उड़ा दिये। इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम विनोद कुमार को 133 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार की जांच आख्या मंगाई, जिसमें बताया गया है कि ग्राम कुरपाखा स्थित सरिताताल में अत्यधिक मात्रा में कूड़ा-कचरा, काई, प्लास्टिक एवं मलवा आदि पड़ा है, तथा ताल के समीप स्थित शौचालय भी गंदगी से भरा पड़ा है। इससे झील के पानी पर निर्भर ग्राम कुरपाखा, मंगोली, गहलना, बजून एवं बेलुआखान वासियों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने और महामारी फैलने की संभावना है।

यह भी पढ़ें : विधायक ने नैनीताल के होटल, स्कूल वालों से की एक खास अपील…

-नैनीताल के संरक्षण एवं विकास हेतु ‘मथन’ चिया द्वारा व्याख्यान आयोजित

Shekhar Pathak Ajay Rawat
डा. पुष्किन फर्त्याल स्मृति व्याख्यान माला में वक्ताओं को सम्मानित करते डीएम सविन बंसल।

<

p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जुलाई 2019। चिया यानी सेन्ट्रल हिमालयन इन्वायरमेन्ट एसोसियेशन नैनीताल के तत्वावधान में संस्था के पूर्व अधिशासी निदेशक स्वर्गीय डा. पुश्किन फर्त्याल की स्मृति में कुमाऊं विश्वविद्यालय के हरमिटेज सभागार में आयोजित व्याख्यान में स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने वर्षा जल संरक्षण को आंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया और नगर के शिक्षण संस्थानों, होटलों एवं अन्य बड़े संस्थानों से इसकी पहल करने का अपील की, ताकि नैनी झील पर निर्भरता कम की जा सके। साथ ही उन्होंने नगर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के न होने के प्रति ध्यान आकर्षित किया। कहा कि सर्वोच्च न्यायालय व एनजीटी के आदेशों पर नगर में एसटीपी की स्थापना के लिए कुछ ही माह बचे हैं। अन्यथा नगर के होटलों व शिक्षण संस्थानों आदि के बंद होने की नौबत भी आ सकती है।
आयोजन में मूलतः प्रदेश के पर्वतीय शहरों की कैरीइंग कैपेसिटी यानी वहन क्षमता पर चर्चा की गयी। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने कहा कि सभी समस्याओं की मूल समस्या अधिक जनसंख्या की है, और जनसंख्या को नियंत्रित किये जाने में सभी समस्याओं का समाधान निहित है। व्याख्यान के प्रथम सत्र में जीबीपीएनआईएचईएसडी के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुब्रत शर्मा व डा. रंजन जोशी ने पर्वतीय पर्यटन स्थल की वहन क्षमता पर उपस्थित लोगों परिचर्चा की। डीएम सविन बसंल ने कहा कि अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए नियमित कार्य किये जाने की जरूरत बताई। प्रो. अजय रावत ने नगर के संरक्षण के लिए पुरानी झीलों के संरक्षण के लिए बने वेटलेंड नोटिफिकेशन को लागू करने एवं नगर के विकास कार्यों में नगर की भूगर्भीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखे जाने की आवश्यकता जताई। प्रो. शेखर पाठक ने हिमालयी क्षेत्र एवं उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से सौ वर्ष पूर्व ही शुरू हो गया था। कहा कि पलायन रोके बिना सुनियोजित दिशा-नीति नही बनायी जा सकती है, जिससे वहन क्षमता को केन्द्रित करके पलायन की गति पर नियन्त्रण लग सकता है। चिया के अधिशासी निदेशक डा. पंकज तिवारी ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया तथा चिया द्वारा किये जा रहे कार्यो से अवगत कराया वहीं वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं चिया के सचिव डा. सुब्रत शर्मा ने कार्यक्रम के मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कुमाऊं विवि के यूजीसी-एचआरडीसी के निदेशक प्रो. बीएल साह, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. जीएल शाह, प्रो. डीएस कार्की, डा. सुचेतन शाह, डा. हरदयाल सिंह जलाल, चिया के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एके पंत, पूर्व सचिव प्रो. सीसी पंत, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, प्रधानाचार्य, नगर पालिका के सभासद एवं स्व. डा. फर्त्याल की पुत्री महिका फर्त्याल भी उपस्थित रही। आयोजन में दीपा उपाध्याय, प्रताप नगरकोटी, कुंदन बिष्ट, डा. प्रताप ढैला, डा. अमित मित्तल, नरेन्द्र बिष्ट, धीरज जोशी, कृष्ण कुमार टम्टा, विनीता वर्मा, अनिल कनवाल राम सिंह एवं नीमा रौतेला द्वारा सहयोग किया।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में हो गई कूड़े के खिलाफ बड़ी शुरुआत, खुले कूड़ेदानों से मुक्त होंगे प्रदेश के नगर निकाय…

<

p style=”text-align: justify;”>-रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा व मुनि की रेती नगर निकायों से हुई खुले कूड़ेदान हटाने की शुरुआत
-प्रदेश के शहरी विकास सचिव शैलेश बगौली ने बताया-आगे नैनीताल सहित प्रदेश के अन्य निकायों से भी खुले कूड़े दान हटाने की है योजना

Dust bin Free
रुद्रप्रयाग में कूड़ेदानों को हटाते नगर पालिका कर्मी।

<

p style=”text-align: justify;”>नवीन जोशी, नैनीताल, 21 जुलाई 2019। शहर अपने कूड़े से अधिक अपने खुले कूड़ेदानों से अधिक गंदे होते हैं। पूरे शहर को साफ कर कूड़ेदान स्वयं शहर के सबसे गंदे बन जाते हैं। लेकिन अब यह स्थिति बदलने जा रही है। राज्य सरकार की योजना शहरों को खुले कूड़े दानों से मुक्त करने की है। प्रदेश के शहरी विकास सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि योजना की शुरुआत हो गयी है। योजना के तहत प्रदेश के रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय सहित जनपद के अन्य निकाय अच्छा कार्य कर रहे हैं। आगे नैनीताल सहित प्रदेश के सभी नगर निकायों को कूड़ेदानों से मुक्त करने की है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को रुद्रप्रयाग नगर पालिका से 10 एवं इसी जनपद की तिलवाड़ा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 2, 3 एवं 4 से कूड़ेदान हटा लिये गये हैं। इसी तरह टिहरी जिले की मुनि की रेती नगर निकाय ने भी बेहतर कार्य किया है। इसके बाद केवल शहरों में चुनिंदा स्थानों पर अच्छे छोटे कूड़ेदान ही रखे जाएंगे, जिनमें घूमते हुए लोग छोटी गंदगी ही डाल पाएंगे।

घर से कूड़ा एकत्रीकरण एवं पृथक्करण से आएगी खुले कूड़ेदान मुक्त होने की शुरुआत

Shailesh Bagauli
प्रदेश के शहरी विकास सचिव शैलेश बगौली।

नैनीताल। शहरी विकास सचिव श्री बगौली ने बताया कि शहरों को खुले कूड़ेदानों से मुक्त कराने की शुरुआत घर-घर में कूड़ा एकत्र करने और गीले व सूखे कूड़े को एकत्र करने से होगी। लोग अपने कूड़े को अपने घर पर ही गीले व सूखे कूड़े में विभक्त करके रखेंगे, तथा नगर निकाय के कर्मचारी इस विभक्त कूड़े को अलग-अलग अपने साथ ले जाएंगे। इससे कूड़े को खुले कूड़ेदानों में डालने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। बताया कि रुद्रप्रयाग के डीएम ने इस दिशा में बेहतरीन कार्य करते हुए अपने अधिकारियों की वार्डों में लोगों को जागरूक करने के लिए ड्यूटी लगाई, जिससे यह सफलता मिली है। आगे उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से योजना के लिए इसी तरह का सहयोग देकर शहरों को खुले कूड़ेदान व गंदगी मुक्त करने में अपना योगदान देने के निर्देश भी दिये हैं।

नैनीताल में भी हुई घर से कूड़ा एकत्रीकरण की शुरुआत

नैनीताल। प्रदेश की दूसरी सबसे पुरानी नगर पालिका नैनीताल में पूर्व में श्री बगौली के डीएम रहते ही शुरू हुई ‘मिशन बटरफ्लाई’ योजना की सफलता एवं बाद में ‘एटुजेड’ कंपनी की विफलता के बाद एक बार पुनः घर से कूड़ा एकत्रीकरण व पृथक्करण योजना की शुरुआत हो गयी है। योजना के तहत इन दिनों शहर के विभिन्न वार्डों में गीले व सूखे कूड़े के लिए अलग-अलग छोटे कूड़ेदान बांटे जा रहे हैं। अलबत्ता अभी कूड़ा घर से ले जाने का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की धमनियों की सफाई न होने पर डीएम सख्त, उच्चाधिकारियों को सफाई के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम, वरना होगी कार्रवाई…

<

p style=”text-align: justify;”>-डीएम ने नैनी झील का निरीक्षण करते हुए पर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता तथा अधिशासी अभियंता को अनुशासनात्मक तथा विभागीय कार्यवाही की चेतावनी दी
-नैनी झील के जल स्तर को मापने व नियंत्रण के लिए स्वचालित प्रणाली लगाने के भी दिये आदेश
Lake nirikshan DMनवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2019। डीएम सविन बंसल ने शुक्रवार सुबह नैनी झील तथा नालों का निरीक्षण करते हुए नगर के मल्लीताल स्थित सबसे बड़े नाला नंबर 23 में गंदगी पाये जाने पर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता तथा अधिशासी अभियंता को तीन दिन के भीतर नगर के सभी नालों की सफाई दुरुस्त करने के निर्देश दिये हैं। और ऐसा न करने पर अनुशासनात्मक तथा विभागीय कार्यवाही की चेतावनी दी है। कहा कि यदि ठेकेदार द्वारा सफाई व्यवस्था में हीलाहवाली की जा रही है तो तत्काल ठेका निरस्त कर हुए ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करें। उन्होंने तल्लीताल में झील से पानी की निकासी एवं झील के स्तर की मॉनीटरिंग के लिए लेक लेवल मैनुअल गेज-पुली सिस्टम के स्थान पर ऑटो मॉनीटरिंग तथा नियंत्रण के लिए ऑटोमैटेड स्काडा सिस्टम स्थापित करने को कहा, ताकि झील के जल स्तर तथा गेट को स्वचालित तरीके से ऑपरेट किया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने बरसात के दौरान झील की प्रतिदिन सुबह व शाम दो बार नियमित सफाई करने, नैना देवी मंदिर के पास ठंडी सड़क क्षेत्र में झील की क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत के लिए तत्काल आगणन बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने नालों, झील एवं आस-पास के क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह तथा एसडीएम विनोद कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया। निरीक्षण के दौरान एडीएम एसएस जंगपांगी, हरबीर सिंह, विनोद कुमार, ईई सिचाई हरीश चंद्र सिंह, डीएस बसनाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

नये सिस्टम से खुलेगी नालों की सफाई की पोल

नैनीताल। डीएम सविन बंसल ने दोहराया कि नगर के नालों की वास्तविक निगरानी के लिए ‘वाईफाई एनेबल्ड ऑल वेदर हाई रिजुलेशन सीसीटीवी कैमरे’ स्थापित किए जा रहे हैं। इनसे सिंचाई विभाग तथा नगर पालिका द्वारा की जा रही सफाई व्यवस्था की वास्तविकता सामने आएगी, लापरवाही पाए जाने पर इन विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : नालों में कूड़ा डालने वालों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे का हुआ सफल परीक्षण…

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जुलाई 2019। डीएम सविन बंसल की पहल पर नैनीताल नगर में नालों पर कूड़ा-मलवा डालने वालों पर आधुनिक तरीके से नजर रखने की कड़ी में रविवार को ड्रोन कैमरे का परीक्षण किया गया। बताया जा रहा है कि नगर के मल्लीताल स्थित मस्जिद तिराहा के पास वाले नगर के सबसे बड़े नाला नंबर 23 व बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पास के नाला नंबर 20-21 पर डीजेआई कंपनी की ओर से ड्रोन कैमरे की करीब 10 मिनट की सफल परीक्षण उड़ानें हुईं। बताया जा रहा है कि आगे इसी कंपनी के माध्यम से नगर के सभी नालों पर कूड़ा डालने वालों, अतिक्रमण करने वालों आदि पर इसी तरह ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा सकती है।

यह भी पढ़ें : नालों में कूड़ा डालने वालों पर नजर रखने को होगा वाईफाई सुविधा युक्त नया प्रबंध…

<

p style=”text-align: justify;”>-बलियानाला क्षेत्र में भूस्खलन पर नजर रखने को भी लगेंगे वाईफाई युक्त हाई रिजुलेशन ऑल वेदर सीसीटीवी कैमरे
नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जुलाई 2019। नैनीताल की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील के लिए सकारात्मक खबर है। नैनीताल नगर में नालों में कूड़ा, मलवा डालने वालों व अतिक्रमण करने वालों और नगर पालिका तथा सिंचाई विभाग द्वारा की जाने वाली नालों की सफाई व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर तीसरी ऑख के रूप में ‘वाईफाई युक्त हाई रिजुलेशन ऑल वेदर सीसीटीवी कैमरे’ लगाये जाने की कवायद शुरू कर दी गई हैं। डीएम सविन बंसल ने बताया कि इन कैमरों की प्रतिदिन मोनीटरिंग एवं पर्यवेक्षण करने के लिए जिला कन्ट्रोल रूम तथा एलडीए में कन्ट्रोल डिसप्ले लगाते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। नालों में कूड़ा डालने वालों के चालान करते हुए आपदा अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
श्री बंसल ने नैनीताल झील को नगर की जीवर रेखा एवं इसमें गिरने वाले नालों को झील की धमनियां बताते हुए नालों में कूड़ा एवं मलवा डालने तथा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि नैनीताल शहर में स्थित विभिन्न नालों के अलग-अलग स्थानों पर कूड़ा तथा भवन निर्माण सामाग्री तथा मलवा डाले जाने से वर्षा के दौरान नालियॉ अवरूद्ध होने से बहाव सड़क एवं पहाड़ियों से होते हुए परिसम्पत्तियों को नुकसान पहुंचता है, जिससे जान-माल के नुकसान की संभावना बनी रहती है। विगत वर्षो में नालों के बहाव अवरूद्ध होने के कारण आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी ,जिससे माल रोड पर भारी मलवा जमा होने से माल रोड धंस गई थी तथा जन-जीवन एवं यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था तथा इसके पुर्नस्थापना में काफी समय एवं धन भी व्यय हुआ था। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नालों एवं झील के विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी लगाने हेतु ऐसे स्थान चुनें जहां से नालों की रियल टाईम मॉनीटरिंग एवं पर्यवेक्षण किया जा सके। उन्होंने बताया कि अतिसंवेदनशील बलियानाला के ‘स्लोप क्रोनिक डेवलपमेंट मोनीटरिंग’ एवं प्रतिकूल स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए प्रतिकूल स्थिति में रेस्पोंस टाईम कम करने के लिए भी तीसरी ऑख के रूप में वाईफाई इनेबल्ड हाई रिजुलेशन ऑल वेदर सीसीटीवी कैमरे सहायक होंगे।

यह भी पढ़ें : हाई कोर्ट ने बरसाती पानी पर जल संस्थान को दिए सिर्फ 2 हफ्ते…

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जनवरी, 2019। सरोवरनगरी नैनीताल की वैश्विक पहचान बनाने वाली नैनी झील में इसके जलागम क्षेत्र की पानी की बूंद-बूंद को लाने और इसमें आई हर बूंद को बचाकर इसे संरक्षित करने के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल नगर में छतों से गिरने वाले बारिश के पानी को सीवर लाइन में डालने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने जल संस्थान को नगर में चिह्नित ऐसे 215 मामलों में दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति नारायण सिंह धानिक की संयुक्त खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। नैनीताल नगर के सामाजिक कार्यकर्ता कमल त्रिपाठी ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता विपुल शर्मा ने कोर्ट में बताया कि नगर के कई भवनों के छतों का पानी सीवर से जोड़ कर रखा गया है। इसके चलते नगर में होने वाली बारिश का साफ पानी नैनी झील में जाने के बजाय नगर से बाहर चला जाता है। वहीं सीवर लाइन पर इसके दबाव के कारण माल रोड सहित कई अन्य स्थानों पर सीवर लाइन ओवर फ्लो होकर गंदा पानी नैनीझील में जाता है,जो सही नहीं है। सुनवाई के दौरान जल संस्थान की ओर से कोर्ट में बताया गया कि ऐसे भवनों का सर्वे किया गया है। जिसमें 215 मामले सामने आए हैं। इनमें निजी और सरकारी भवन शामिल हैं। इस पर कोर्ट ने सख्त नारजगी व्यक्त करते हुए जल संस्थान से सभी भवनों के सीवर से संयोजन हटाने के कहा और इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

यह भी पढ़ें : नैनी झील के संरक्षण के लिए बड़ा समाचार: सिचाई विभाग ने बनाया 17 करोड़ रुपये का प्लान

-बदले जाएंगे अंग्रेजों के जमाने में बने झील के डांट (गेट), तल्लीताल में लगेगा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड, वर्षा जल संग्रहण का पूरा प्रबंध भी होगा

mall with lake

<

p style=”text-align: justify;”>नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जनवरी, 2019। सरोवरनगरी नैनीताल की वैश्विक पहचान बनाने वाली नैनी झील में इसके जलागम क्षेत्र की पानी की बूंद-बूंद को लाने और इसमें आई हर बूंद को बचाकर इसे संरक्षित करने के लिए सिचाई विभाग ने करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से नैनी झील को बचाने का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस बजट से नगर के बरसाती पानी को झील में लाने, झील की सफाई करने, नालों के मुहानों की मरम्मत, झील के किनारों की मरम्मत एवं झील में पानी घोलने की पहले से चल रही एरिएशन की प्रक्रिया को और बेहतर किया जाएगा। इस बाबत विस्तृत प्रस्ताव पर शुक्रवार को देहरादून शासन की वित्त व्यय समिति की बैठक भी हो चुकी है।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एमसी पांडेय ने इस बाबत विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत नैनीताल नगर के नैनी झील के जगागम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पूरे क्षेत्र का वर्षा जल संग्रहण का प्रबंधन किया जाएगा। इसके तहत नैनी झील में पानी लाने वाले सभी 64 नालों का रिस्टोरेशन, इस हेतु शहर के घरों की छतों में गिरने वाले बरसाती पानी को नालों से जोड़ने, ताकि उनका पानी झील में पहुंचे उनके झील में पहुंचने वाले मुहानों का सुधार, सूखाताल में बरसात के पानी को रोक कर इसे झील के रूप में स्थापित करने के कार्य भी किये जाएंगे। वहीं शुक्रवार की देहरादून में हुई बैठक से लौटे अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह पतियाल ने कहा कि इसी माह 23 जनवरी को होने वाली अगली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।

झील को जल स्तर मांपने और प्रदशित करने का सिस्टम भी बदलेगा

नैनीताल। योजना के तहत नैनी झील के जल स्तर को मापने और इसे प्रदर्शित करने की मौजूदा व्यवस्था भी पूरे एक करोड़ रुपये खर्च कर बदली जाएगी। उल्लेखनीय है कि अब तक चल रही अंग्रेजी दौर की व्यवस्था के तहत संभवतया उस दौर के सबसे निचले स्तर को शून्य स्तर माना जाता है, जबकि नैनी झील की गहराई करीब 27 मीटर मानी जाती है। ऐसे में झील का जल स्तर शून्य बताये जाने के दौरान भी झील में 20 मीटर से अधिक जल होता है और इसे शून्य कहे जाने से भ्रमपूर्ण स्थिति भी बनती है। वहीं जल स्तर को बताने के लिए भी अंग्रेजी दौर की ही अंकों को लटकाने की व्यवस्था है। इनमें से अधिकांश अंक हवा में उड़कर गायब भी हो चुके हैं। वहीं सिचाई विभाग के मुख्य अभियंता एमसी पांडे ने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत झील के आधार से जल स्तर की माप की जाएगी और इसे तल्लीताल डांठ, फांसी गधेरा अथवा किसी अन्य ऐसे सुविधाजनक स्थान पर लगाया जाएगा जहां से नगर के आम लोग एवं सैलानी झील के स्तर, पानी की गुणवत्ता आदि के बारे में जान सकें, एक विशाल इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इस बोर्ड में नगर के तापमान, बारिश, आर्द्रता आदि के बारे में जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी।

सात करोड़ में बनेता भरा सूखाताल

नैनीताल। योजना के तहत सात करोड़ रुपये में सूखाताल को झील के रूप में विकसित एवं पुर्नस्थापित किया जाएगा। इसके लिये क्षेत्र के सूखाताल के बेड की सफाई कर इसकी गहराई इसके मूल स्तर तक बढ़ाई जाएगी एवं इसके जलागम क्षेत्र के नालों को सूखाताल से जोड़ा जाएगा, ताकि बरसात में यह झील भर जाए, और आगे पूर्व की तरह लंबे समय तक नैनी झील को रिसाव के जरिये पानी पहुचाकर रिचार्ज करते रहें।

यह भी पढ़ें : नैनी झील ने खोल कर रख दी नैनीताल की सफाई और पॉलीथीन उन्मूलन अभियानों की पोल

<

p style=”text-align: justify;”>Plasticनैनीताल, 23 सितंबर 2018। ईश्वर प्रदत्त प्रकृति से अधिक शक्तिमान कुछ भी नहीं। मनुष्य एक-दूसरे को, शासन-प्रशासन भले जनता और न्यायालय को बेवकूफ बना लें, किंतु ईश्वर और उसके अंग प्रकृति की आंखों में धूल नहीं झोंक सकते। रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। नगर में हुई बारिश के बाद नैनी झील ने नगर की सफाई व्यवस्था और प्रशासन के पॉलीथीन उन्मूलन के प्रयासों की पूरी तरह से पोल-खोल कर रख दी। नैनी झील की सतह पर इतनी अधिक मात्रा में प्लास्टिक उभर कर आ गयी कि कई लोगों से देखी न जा सकी। ऐसे में कुछ नाविकों ने ही बिना (बिना अखबारनवीसों को सूचना दिये या पहले से किसी कभी लक्ष्य पूरा न किये जाने के लिये चलाये जाने वाले प्रशासनिक अभियानों की तरह कोई घोषणा किये) झील की सतह पर इकट्ठा हुई प्लास्टिक को झील से हटाया।
Plastic1उल्लेखनीय है कि नगरवासी और प्रशासनिक जिम्मेदार विभाग इस वर्ष मानवीय हरकतों-प्लास्टिक इत्यादि के कारण नालों-नालियों के चोक होने से लोवर माल रोड के नैनी झील में समाने और उधर बेरोकटोक निर्माणों की वजह से पानी के रिसाव से बलियानाला के रईस होटल क्षेत्र में हुए अब तक के सबसे बड़े भूस्खलन के बावजूद अपनी हरकतों से कोई सबक नहीं ले रहे हैं। इसकी परिणति-कीमत भविष्य में किस रूप में नगर को चुकानी पड़ सकती है, इसका किसी को अंदाजा भी नहीं है।

Read more

आठ वर्षों में सर्वोच्च स्तर पर पहुंची नैनी झील !

नैनीताल, 23 सितंबर 2018। मानसूनी वर्षा का दौर एक बार रुकने के बाद फिर से शुरू चक्रवात के कारण हुई बारिश से एक बार फिर नैनी झील का जल स्तर गिरने के बाद चढ़ गया है और पिछले आठ वर्षों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। रविवार सुबह तक झील का जल स्तर 11 … Read more

नाम सूखाताल, लेकिन नैनी झील को देती है वर्ष भर और सर्वाधिक 77 प्रतिशत पानी

नवीन जोशी, नैनीताल। आईआईटीआर रुड़की के अल्टरनेट हाइड्रो इनर्जी सेंटर (एएचईसी) द्वारा वर्ष 1994 से 2001 के बीच किये गये अध्ययनों के आधार पर 2002 में जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार नैनीताल झील में सर्वाधिक 53 प्रतिशत पानी सूखाताल झील से जमीन के भीतर से होकर तथा 24 प्रतिशत सतह पर बहते हुऐ (यानी कुल मिलाकर 77 प्रतिशत) नैनी झील में आता है। इसके अलावा 13 प्रतिशत पानी बारिश से एवं शेष 10 प्रतिशत नालों से होकर आता है। वहीं झील से पानी के बाहर जाने की बात की जाऐ तो झील से सर्वाधिक 56 फीसद पानी तल्लीताल डांठ को खोले जाने से बाहर निकलता है, 26 फीसद पानी पंपों की मदद से पेयजल आपूर्ति के लिये निकाला जाता है, 10 फीसद पानी झील के अंदर से बाहरी जल श्रोतों की ओर रिस जाता है, जबकि शेष आठ फीसद पानी सूर्य की गरमी से वाष्पीकृत होकर नष्ट होता है।

Read more

नैनी झील एवं नैनीताल नगर के बारे में नगरवासियों की संवेदनशीलता का परीक्षण करने के लिए किया गया एक लघु शोध

Nainital 1

यह नैनीताल पर एक लघु शोध प्रबंध है, इसे इस लिंक पर क्लिक कर फॉर्मेट में भी देखा-पढ़ा जा सकता है @ Research Analysis on Nainital
जल को हमेशा से जीवन कहा जाता है। जल देश-प्रदेश

Read more