नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एलान किया है कि राज्य में उपनिवेशवाद यानी गुलामी के सभी प्रतीकों के नाम बदले जाएंगे। उन्होंने कहा, राज्य में उपनिवेशवाद के सभी प्रतीकों का दोबारा नामकरण किया जाएगा। यह भी पढ़ें : एक बार फिर खाकी पर हमला, गश्त के दौरान किया लोहे की रॉड से हमला…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद देश में उपनिवेशवाद के सभी प्रतीकों को बदला जा रहा है। उत्तराखंड में सड़कों और शहरों के नाम अंग्रेजों के जमाने के हैं जिनको बदला जाएगा। हमने निर्देश दिए हैं कि राज्य कि उपनिवेशवाद के सभी प्रतीकों का नाम बदल दिया जाए। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड-बड़ा समाचार : कूड़ा बीनने वाली निकली विदेशी आतंकी की पत्नी
गौरतलब है कि इसी कड़ी में प्रदेश में लेंसडाउन का नाम बदलने की कवायद शुरू हुई है। आगे देखने वाली बात होगी प्रदेश सरकार क्या छोटी बिलायत भी कही जाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल के मॉल रोड, स्नो व्यू, लेंड्स इंड, डॉर्थी शीट-टिफिन टॉप, कैमल्स बैक व लवर्स प्वॉइंट आदि अंग्रेजी नामों को भी बदलती है, या कि यह मुहिम नगर के सबसे पहले बताए जाने वाले घर पिलग्रिम लॉज व इससे लगे पिलग्रिम कंपाउंड से लेकर नगर के चार्टन लॉज, मेविला कंपाउंड, स्टोनले कंपाउंड व लांग व्यू आदि इलाकों से होते हुए नगर में मौजूद एशिया के सबसे पुराने मैथोडिस्ट चर्च सहित अन्य चर्चों व उसी दौर के कॉन्वेंट स्कूलों तक भी जाती है या नही….।
नैनीताल में औपनिवेशिक पहचान वाले व विरासत महत्व के कुछ भवनों के नाम :
पिलग्रिम हाउस (1841), सेंट जॉन्स इन द विल्डरनेस चर्च (1846), मेथोडिस्ट चर्च (1858), शेरवुड कालेज (1869), सेंट मेरी कान्वेंट (1878), सेंट जोसफ कालेज (1880), गर्नी हाउस (1881), ग्रांड होटल (1892), रैमजे अस्पताल (1892), कैपिटॉल सिनेमा (1892), फेयरहैवन्स, वेल्वेडियर, क्लिफटन, ग्रासमेयर, प्रेयरी, न्यू बेरी लॉज, डडली ग्रोव, वुडस्टाक, मुलाक्लो, एवरफायल, माउंट प्लेजेंट, सेंट लू गार्ज, हटन हॉल, आर्ममोर, आर्डवेल, आर्ल्सफोर्ड, ब्रुकहिल, अर्ल्सकोर्ट, चार्लटन लॉज, कोजी विला, क्रेगलैंड, सैंट क्लाउड, डरहम हाउस, डांडा हाउस, एजहिल, एल्समेर, फर्न कॉटेज, फेयरी हॉल, ग्लेनथार्न, ग्लेनली, ग्लेनको, हेथार्न विला, हेल्वेलिन, हॉक्सडेल, ऐटन हाउस, ऐमिली कॉटेल, जुबली एस्टेट, ज्वाला काटेज, केनिलवर्थ, केंटन लॉज, किलार्नी, लेंगडेल एस्टेट, लंघम हाउस, लौगव्यू, मेनर हाउस, मेट्रोपोल, मेविला, मेलरोज, नारफोक काटेज, ओक रिज काटेज, ओक लॉज, ओल्ड लन्दन हाउस, सेवन ओक्स, प्रायरी, पैरामाउंटसी, प्रिमरोज, कैंट क्विनटिन, रॉक हाउस, रोजमाउंट, स्प्रिंगफील्ड, स्टेनली हॉल, स्टेफोर्ड हाउस, सिल्वर डेन, स्ट्रॉवरी लॉज, सफौक्र हॉल, सनी बैक, सनी डेन, टेम्पलटेन हॉल, थेनेट विला, दि हाइव, वेलहैड, वर्नन काटेज, वेभरली काटेज, फारेस्ट काटेज आदि। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह भी पढ़ें : चार दिन की लगातार-भारी बारिश से नैनीताल में अस्तित्व में आए तीन नए ताल
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अक्तूबर 2022। पहाड़ों पर पिछले चार दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश से झीलो के शहर नैनीताल के अयारपाटा क्षेत्र में तीन पुराने ताल फिर से सक्रिय हो गये हैं। इनमें से एक ताल शेरवुड कॉलेज के पास एवं एवं दो अरविंदो आश्रम के पीछे पानी से लबालब भरे नजर आ रहे हैं।
अरविंदो आश्रम के पास दो ताल आपस में कुछ मीटर की दूरी पर हैं, और अधिक बारिश होने व भरने पर यह दोनों एक ही झील बन जाते हैं। अभी इन दोनों के बीच करीब 10 मीटर का फासला बना हुआ है। इनके अलावा नैनी झील की सर्वाधिक जल प्रदाता मानी जाने वाली सूखाताल झील भी काफी हद तक बारिश के पानी से भर गई है, जबकि नैनी झील पूरी भरने के बाद इसके गेट कल से खोल दिए गए हैं। देखें विडियो :
क्षेत्रीय सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि शेरवुड कॉलेज के पास के ताल को कृत्रिम बनाने का प्रस्ताव नगर पालिका की बोर्ड बैठक में आया था, इसका उन्होंने विरोध किया था। उनका मानना है कि इन तालों को बिना कुछ भी कृत्रिम तौर पर किए प्राकृतिक स्वरूप में ही रखा जाना चाहिए, जिससे इन्हें भरने वाले प्राकृतिक जलस्रोत प्रभावित न हों, और नैनी झील के जलागम क्षेत्र में होने के कारण इनका पानी रिस-रिस कर लंबे समय तक नैनी झील को रिचार्ज करता रहे।
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यह भी पढ़ें : एक बार फिर शुरू हुई ‘नैनीताल बचाने’ की मुहिम
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मार्च 2022। एक बार फिर नैनीताल बचाने की मुहिम शुरू हुई है। अधिवक्ता नितिन कार्की की अगुवाई में नगर के नए गठित हो रहे ’नैनीताल बचाओ अभियान’ की बैठक में नगर में बाहरी लोगों के बढ़ते दखल एवं नशे के बढ़ते शिकंजे पर चिंता जताई गई, तथा मिलकर इन मुद्दों पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।
बैठक में अनुज साह ने प्रदेश में भू-काननू लागू किए जाने पर बल दिया। जबकि रोहित जोशी ने नगर में नगर के ही मूल निवासियों को स्थानीय रोजगार उपलब्ध करवाना इस अभियान की प्राथमिकता है। अधिवक्ता कार्की ने नगर में हो रहे अतिक्रमण पर चर्चा की और उसके समाधान हेतु अपने विचार रखे। अधिवक्ता नवीन जोशी ‘कन्नू’ ने शहर में बढ़ रहे नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने एवं टैक्सी चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की समस्याएं उठाईं।
पत्रकार कमल जगाती ने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार नगर के समाज को एकजुट करके शहर में बढ़ रहे आपराधिक मामलों से निजात दिलाई जाये। बैठक में भास्कर जोशी, हर्षित साह, सुरेश बिनवाल, ममता रावत, भावना रावत, भागवत मेर, रविंद्र, किशन मेहरा, चंदन जोशी व सभासद मनोज साह जगाती आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह भी पढ़ें : नैनीताल के विधायक ने इस्तीफा दिया तो पूर्व विधायक ने संभाला मोर्चा…
-केंद्र व राज्य सरकार को आपदा राहत की मांग पर भेजे ज्ञापन
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अक्टूबर 2021। उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से गुरुवार को पूर्व विधायक डॉ नारायण सिंह जंतवाल के नेतृत्व में कुमाऊं मंडल के आयुक्त सुशील कुमार से मुलाकात की गई, और उन्हें भारत सरकार तथा राज्य सरकार को संदर्भित एक ज्ञापन सोंपा गया।
ज्ञापन में गत 17 से 20 अक्टूबर के मध्य हुई अतिवृष्टि से जनित आपदा के दृष्टिगत राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज के साथ ही वृहद कार्ययोजना तैयार किए जाने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में डॉ. जंतवाल की ओर से कहा गया है कि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में प्रतिनिधित्व विहीन है। ऐसे में यहां के प्रथम निर्वाचित विधायक होने के नाते वह इस क्षेत्र के लिए इस आपदा के बाद सतत विकास हेतु अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से समग्र नीति तैयार करने का अनुरोध करते हैं।
उन्होंने इस आपदा में प्रभावितों का सही चिन्हीकरण करने एवं परिवार के एक व्यक्ति को तत्काल सरकारी नौकरी दिए जाने के साथ ही नैनीताल नगर के लिए अल्पकालीन के साथ दीर्घकालीन योजना तैयार किए जाने एवं नगर के हितधारकों को साथ लेकर नई पर्यटन नीति बनाने की मांग भी की है। प्रतिनिधिमंडल में प्रकाश पांडे, सज्जन साह, खीमराज बिष्ट, हरीश वारियाल, मदन सिंह बगडवाल व भगवत पंत आदि लोग शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह भी पढ़ें : 18 सितंबर 1880 जितनी ही बारिश के बावजूद सुरक्षित रहा नैनीताल, जानें सबक और संदेश…
डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अक्टूबर 2021। 18 नवंबर 1841 से बसासत प्रारंभ होना माने जाने वाले नैनीताल के लिए 18 की तारीख तीसरी बार हमेशा के लिए याद रखने योग्य बन गई है। इधर 17, 18 व 19 अक्टूबर के बीच तीन दिनों में नैनीताल में 90, 445 व 60 मिलीमीटर यानी करीब 600 मिलीमीटर यानी करीब 24 इंच बारिश हुई है।
जबकि 18 सितंबर 1880 को भी यहां 16 सितंबर से तीन दिनों के बीच करीब 40 घंटों में 35 इंच यानी 889 मिलीमीटर बारिश होने का रिकॉर्ड दर्ज है। यानी करीब 180 वर्षों के बाद नगर में बारिश का इतिहास दोहराया गया। किंतु दोनों घटनाओं में नुकसान की दृष्टि से बड़ा अंतर है।
18 सितंबर 1880 को ऐसी ही बारिश से आठ सेकेंड के भीतर नैनीताल का भूगोल ही बदल गया था। तब 2500 की जनसंख्या के नैनीताल नगर में 151 लोग जिंदा दफ्न हो गए थे और तब का एशिया का सबसे बड़ा कहा जाने वाला मेयो होटल और तत्कालीन नयना देवी का मंदिर सहित बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया था। इसके बाद ही मलबे से डीएसए मैदान का निर्माण किया गया था। लेकिन इस बार उतनी ही बारिश होने के बावजूद नगर में एक भी जनहानि नहीं हुई है।
इसके पीछे अंग्रेजों द्वारा तब सबक लेकर बनाए गए 100 शाखाओं युक्त कुल एक लाख छह हजार 499 फिट लंबे 50 नालों की बड़ी भूमिका है जो नगर के पूरे बरसाती पानी को नैनी झील में ले जाते हैं और नगर को भूस्खलन से बचाते हैं। इसलिए हमेशा इन नालों को साफ रखने, इनके आसपास अतिक्रमण न करने व इनमें गंदगी न डालने की अपील की जाती है। इस बार नगर में दो भूस्खलन बलियानाला व बिड़ला क्षेत्र में कुमाऊं लॉज के पास हुए हैं। इसके अलावा गत दिनों से केपी छात्रावास के पास भूस्खलन हो रहा है। यह वह क्षेत्र हैं जहां अंग्रेजी दौर में बसात नां के बराबर थी। इसलिए यहां नाला सिस्टम अन्य स्थानों की तरह नहीं बन पाया था।
नगर में फिर नजर आने लग छिटपुट सैलानी
नैनीताल। आपदा के बाद नगर में फिर से छिटपुट सैलानी टहलते एवं नैनी झील में नौकायन करते नजर आने लगे हैं। गौरतलब है कि नगर में अब सभी ओर से सड़कों, बिजली, पानी व इंटरनेट आदि की आपूर्ति सुचारू हो गई है। इसलिए अब यहां आने-जाने में किसी भी तरह का भय नहीं है। केवल हल्द्वानी रोड पर बड़े वाहन अभी नहीं चल पा रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में आपदा से सरकारी संपत्तियों को 102 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान, दूसरे दिन भी दर्जन भर शवों के बरामद होने की सूचना नहीं…
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अक्टूबर 2021। नैनीताल जनपद में पिछले तीन दिनों में दैवीय आपदा से हुए नुकसान पर जिला प्रशासन बुधवार को पूरी तरह से एक्टिव मोड पर आ गया। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि प्राथमिक तौर पर नैनीताल जनपद में आपदा से लोक निर्माण विभाग, सिचाई विभाग व लघु सिचाई आदि की राजकीय परिसंपत्तियों को 102 करोड़ की क्षति होने का अनुमान है। विस्तृत आंकलन कराया जा रहा है।
देखें वीडियो:
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय के धोबीघाट क्षेत्र में रह रहे 100 परिवारों को यहां नैनी झील का अत्यधिक पानी आने के कारण जीजीआईसी में शिफ्ट करने को कह दिया गया है। वहां सभी कमरे खुलवा दिए गए हैं। उधर रामनगर के वन ग्राम सुंदरखाल के 30 लोगों को एयरलिफ्ट एवं पांच लोगों को राफ्टिंग के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, तथा यहां बाढ़ राहत शिविर का संचालन कर उनके लिए लगभग 90 कुंतल राहत सामग्री पहुंचाई गई है।
देखें नैनीताल-रामनगर में बारिश के कहर सहित हल्द्वानी में गौला पुल के टूटने का लाइव वीडियो :
इसी तरह वन ग्राम पूछड़ी नई बस्ती के 10 परिवारों के 54 लोगों को स्थानीय राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। चूकम गांव में राफ्टों के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई गई है। वहीं लालकुआं में लगभग 97 बाढ़ प्रभावित परिवारों को गुरुद्वारे में शिफ्ट किया गया है। तल्ला रामगढ़ में फंसे यात्रियों को राशन किट उपलब्ध कराई गई हैं।
देखें कैसे नैनीताल में नैनी झील के उफ़नते पानी से लोगों को बचाने के लिए सेना को संभालनी पड़ी कमान :
धारी व झूतिया में बचाव कार्यों के लिए टीमें भेजी गईं, अभी शवों के बरामद होने की सूचना नहीं
नैनीताल। डीएम श्री गर्ब्याल ने बताया कि धारी एवं झूतिया रामगढ़ में कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण यहां बचाव टीमें नहीं पहुंच पा रही थीं। इस पर धारी के लिए एनडीआरएफ के 20 सदस्यीय दल को हैलीकॉप्टर से शशबनी में उतारा गया है। वहां से 7 किलोमीटर सड़क व सात किलोमीटर पैदल चलकर यह दल घटनास्थल थलाड़ी की ओर रवाना हो गया है। जबकि रामगढ़ के झूतिया में एसडीएम के नेतृत्व में एनडीआरएफ का 12 सदस्यीय दल तथा ग्राम बोहराकोट के लिए एनडीआरएफ का 8 सदस्यीय दल चिकित्सा टीम के साथ मौके पर पहुचं गया है।
देखें आपदा में नैनीताल के हाल :
इसके अलावा उन्होंने बताया कि चौखुटा में पांच बिहारी मजदूरों के शवों को बिहार के अधिकारियों से समन्वय कर दिल्ली भेजने का प्रबंध किया जा रहा है। बताया गया है कि झूतिया के पास ही सकुना में 9 नेपाली मजदूर एक घर में दबे हुए हैं। ‘नवीन समाचार’ ने बुधवार के अंक में यहां घर के बाहर मलबे में दबे एक मजदूर का चित्र भी प्रकाशित किया था। वर्तमान में इस क्षेत्र में बिजली व मोबाइल कनेक्टिविटी न होने से किसी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
कैंची व बोहराकोट में चार शव बरामद, पर सकुना में दबे 9 शवों पर अभी भी कोई जानकारी नहीं
नैनीताल। नैनीताल पुलिस व एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार को कैंची धाम के पास घर में दबे हुए 21 वर्षीय रिचा एवं 18 वर्षीय अभिषेक तथा बोहरा कोट रामगढ़ में 70 वर्षीय शंभू दत्त डालाकोटी व 59 वर्षीय बसंत डालाकोटी के शवों को मलबे से निकाल लिया। इसके बाद शवों के पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है।
तल्लीताल थाना पुलिस ने महाराष्ट्र के सैलानियों के दल को बचाया
नैनीताल। तल्लीताल थाना पुलिस ने महाराष्ट्र के बुजुर्ग सैलानियों के 27 सदस्यीय दल की आपदा के दौरान होटल में ठहराने से लेकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराने सहित पूरी मदद की। इस पर थाना पुलिस की कार्यशैली की सैलानियों ने भी प्रशंसा की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के यह पर्यटन चार धाम यात्रा पर हरिद्वार जाते हुए नैनीताल से गुजर रहे थे, तभी यह आपदा आ गई। महाराष्ट्र सरकार की ओर से उत्तराखंड सरकार को इनके फंसने की सूचना दी गई। इस पर तल्लीताल थाना पुलिस ने इन्हें रेस्क्यू कर एक होटल में ठहराया गया, एवं शीला होटल के शैलेंद्र साह के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराई गई। इस दौरान पुलिस को तल्लीताल से शीला होटल तक जाने के लिए डांठ एवं मॉल रोड पर भरे पानी में पुलिस की गाड़ी के भी न चल पाने के कारण रोडवेज बस की सहायता लेनी पड़ी। इस पर सैलानियों ने पुलिस के साथ ही नगर की जनता की भी हर संभव सहायता के लिए आभार जताया। इसके बाद उन्हें हल्द्वानी के लिए रवाना कर दिया गया।
कुमाऊं लॉज निवासी पांच परिवारों का सबकुछ आपदा में तबाह
नैनीताल। प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 अक्टूबर की रात्रि करीब ढाई बजे नगर के बिड़ला विद्या मंदिर के पास कुमाऊं लॉज में पांच परिवारों के घरों के पीछे बड़ा पत्थर आकर गिरा। इस पर यहां रहने वाले इरफान पुत्र रियाज व गौरव पुत्र मदन राम के परिवार के सात-सात लोग, दीपक पुत्र आनंद राम के परिवार के 6 लोग व विवेक पुत्र ललित के परिवार के चार, हिमांशु पुत्र जमन के परिवार के पांच यानी कुल 34 लोगों ने तत्काल खाली किए। घर खाली करते ही इनके घरों में मलबा घुस गया। इस कारण इनके घर का सारा सामान तहस-नहस हो गया। बुधवार को इनकी सूचना मिलने पर तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन साह की ओर से उनके लिए भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वहीं प्रशासन भी उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।
बचाव कार्य में योगदान देते आईजी सेल के संयोजक चोटिल
नैनीताल। आपदा के दौरान पुलिस एवं सेना के साथ कई स्थानीय युवकों ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया। इसी कार्य में लगे भारतीय जनता पार्टी के नगर मंडल के आईटी सेल के संयोजक आयुष भंडारी तल्लीताल की दुकानों में फंसे लोगों को पानी के भयानक बहाव से बचाते हुए चोटिल हो गये। उनके सिर में गंभीर चोट आ गई। इस पर उनके सिर में 3 टांके लगाने पड़े हैं। साथ ही उनके हाथ, पैर और कमर में भी चोट आई है।
सेना के 100 जवानों ने भी दिया बचाव कार्यों में योगदान
नैनीताल। डीएम धीराज गर्ब्याल ने जनपद के कैंची-खैरना क्षेत्र में आपदा से हुए भारी नुकसान को देखते हुए 14-डोगरा रेजीमेंट रानीखेत को खैरना, कैची, निगलाट व रामगढ क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य हेतु वार्ता की। इस पर मेजर नरेंद्र व मेजर कोयाक के नेतृत्व में बटालियन की ओर से तुरंत 100 जवानों की दो रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचीं और खैरना में फंसे लगभग 500 लोगों को पैक किया हुआ भोजन और खाने का सामान व पानी वितरित किया। बटालियन की मेडिकल रिएक्शन टीम के प्रशिक्षित जवानों के द्वारा चिकित्सा इकाई स्थापित कर प्रभवितों की चिकित्सा जांच कर उपचार भी किया गया। भोजन तैयार करने के लिए खैरना में एक कुक हाउस भी स्थापित किया गया और त्वरित बचाव कार्य कर फंसे हुए लोगों को निकाला।
डांठ में दरार की खबरों का खंडन
नैनीताल। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता केएस चौहान ने नगर की नैनी झील के आधार तल्लीताल डांठ में आपदा से दरार आने की खबरों का खंडन किया है। श्री चौहान ने पूछे जाने पर बताया कि पुराने रोडवेज बस स्टेशन के पास जिला कलक्ट्रेट जाने वाले मार्ग की ओर डामरीकरण में कुछ दरार नजर आ रही हैं। इस पर उन्हांेने व लोक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। लेकिन यह केवल डामर की ऊपरी परत पर दरार है।
ज्योलीकोट क्षेत्र में ग्रामीणों को हुआ आपदा से भारी नुकसान
नैनीताल। पिछले तीन दिनों में आई आफत की बारिश एवं इस दौरान नैनी झील से बलियानाले में गए पानी से ढाकाखेत मे दलीप सिजवाली व पूरन सिजवाली की 6 नाली से ज्यादा भूमि, गाँव का रास्ता, सरियाताल मोटरमार्ग का बड़ा हिस्सा, काजवे, नाले में बने दो पुल बह गए। साथ ही बलियानाला से सटे गोठानी, वीरभट्टी, ढाकाखेत व सरियाताल गाँवों पर खतरा बन गया। इससे लोग दहशत में है। इसके अलावा चोपड़ा में धन सिंह राठौर का आवासीय परिसर, बसगांव में चंदन सिंह कठैत व लक्ष्मण सिंह कठैत आदि की गौशाला, सुरक्षा दीवारें और तकरीबन 3 नाली भूमि, ज्योलीकोट में इम्लड़ा जॉन व अजित सुलोमन के आवास के पीछे, ज्योलीकोट में कैलाश आर्य, प्रकाश चंद्र बेलुवाखान में विजय कुमार व दयाल राम के आवास, स्यालीखेत में सचिन कुमार के आवासीय परिसर के साथ बेलुवाखान के कूँड़, सोलिया ग्रामों में ऊपरी हिस्से में भी भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ है, और ग्रामीण दहशत में है।
शेरवानी होटल प्रबंधन ने चलाया कैनेडी पार्क में सफाई अभियान
नैनीताल। नगर के शेरवानी हिल टॉप होटल के कर्मियों ने बुधवार को आपदा के बाद नगर की मॉल रोड के करीब कैनेडी पार्क के पाथ-वे यानी पैदल रास्ते पर सफाई अभियान चलाया। अभियान में होटल के प्रबंधक गोपाल दत्त, दिनेश पालीवाल, जीवन बिष्ट, विनोद पाठक, सूरज, मदन, राजेंद्र कुमार, प्रेम सिंह, राज कुमार, प्रकाश नेगी, अर्जुन, कमल व पान सिंह आदि लोग शामिल रहे।
पुलिस-आरटीओ ने कैंची धाम में फंसे यात्रियों को निकाला
नैनीताल। नैनीताल पुलिस तथा संभागीय परिवहन के द्वारा कैची मंदिर धाम में फंसे यात्रियों व पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से भवाली भेजा गया। इससे दो दिन से फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह भी पढ़ें : मल्लीताल की खड़ी बाजार की डीएम बदलेंगे सूरत…
-पर्वतीय शैली में विकसित होगी मल्लीताल की खड़ी बाजार, डीएम ने स्थानीय हितधारकों के साथ की बैठक
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जुलाई 2021। खड़ी बाजार मल्लीताल तथा राम सेवक सभा को पर्यावरण के अनुकूल एवं परम्परागत शैली में सौंदर्यीकरण करते हुए विकसित किया जायेगा। यह बात जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बृहस्पतिवार को एलडीए सभागार में खड़ी बाजार के दुकानदारों एवं हितधारकों के साथ क्षेत्र के सौन्दर्यीकरण एवं विकास हेतु आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कही।
श्री गर्ब्याल ने कहा कि सरोवर नगरी नैनीताल पर्यटकों लिए आकर्षण का केंद्र होने के कारण वर्ष भर देश-दुनिया के सैलानियों की आमद बड़ी तादाद में होती है। उन्होंने कहा कि नगर के विभिन्न क्षेत्रों का पर्यावरण के अनुकूल तरीके से पहाड़ी एवं परम्परागत शैली में विकास किया जायेगा, जिससे नैनीताल में आने वाले पर्यटक यहां की परंपरागत पहाड़ी शैली के भी दर्शन कर सकें। उन्होंने बताया कि खड़ी बाजार की दुकानों एवं रास्तों का स्थानीय शैली में विकसित करते हुए बिजली, टेलीफोन आदि के तारों की भूमिगत व्यवस्था की जायेगी। दुकानों के आगे व किनारों पर पर सागरा फटबार शैली के तथा रास्ते के निर्माण में ग्रेनाइट कोबल पत्थर का उपयोग किया जायेगा।

रामलीला ग्राउंड में पटाल आदि का उपयोग ओपन एयर थिएटरनुमा बैठने की जगह बनायी जायेगी। इस दौरान उन्होंने शहर के हाईड्रेन्ट को चेक करने तथा बंद पड़े हाईड्रेंट को सुचारू कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने रामलीला ग्राउंड के दुकानदारों को काम पूरा होने तक अन्य उचित स्थान पर दुकान एवं स्थान आवंटित करने के निर्देश अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को दिये। बैठक में एडीएम अशोक जोशी, एसडीएम प्रतीक जैन, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय, अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, अध्यक्ष राम सेवक सभा मनोज साह, जगदीश बवाड़ी सहित दीपक गुरुरानी, सर्वप्रिय कंसल, सुमित कुमार, नीरज नयाल, संजय नागपाल व अर्शी खान आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह भी पढ़ें : अब तल्लीताल की भी सुधरेगी सूरत, डीएम ने विरासत स्वरूप लौटाने के साथ पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं का भी खींचा खाका
-सौंदर्यीकरण के साथ तल्लीताल में पार्किंग व विद्युत बिल जमा कराने की व्यवस्था होगी
नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2021। डीएम धीराज गर्ब्याल के सरोवरनगरी के सौन्दर्यीकरण, विरासत महत्व के भवनों एवं सड़कों के पुर्नविकास की दिशा में शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों हेतु तैयार की गयी कार्य योजना के बारे में शहर के गणमान्य व्यक्तियों को जानकारी देते हुए विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान श्री गर्ब्याल ने रेमजे रोड, तल्लीताल बाजार, डांट चौराहे, मल्लीताल बाजार, पालिका बाजार, राम सेवक सभा एवं रामलीला ग्राउंड, रिक्शा स्टैंड, ओपन एयर थियेटर को विरासत के रूप में विकसित करने हेतु तैयार की गयी कार्य योजना उपस्थित लोगों के समक्ष रखी। साथ ही शहर में पार्किंग व्यवस्था हेतु किये जा रहे कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया। इसकी सभी उपस्थित लोगों ने तारीफ करते हुए शहर के सौंदर्यीकरण कार्य में पूर्ण सहयोग करने की बात कही।
इस दौरान तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन साह ने सीवर लाइनों के विभिन्न स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत करने पर डीएम ने बताया कि सीवर लाइनों की समस्या के समाधान हेतु एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। श्री साह सहित सभी लोगों के सुझाव पर डीएम ने तल्लीताल में आरामशीन के पास खाली भूमि पर पार्किंग व्यवस्था हेतु आवश्यक कार्यवाही करने तथा बस स्टेशन पर विद्युत बिलों के जमा करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में आलोक साह, वेद साह, भारत लाल साह, अमनदीप आनंद, प्रकाश बिष्ट, राजन लाल साह, अंचल पंत, पप्पू कर्नाटक, अधिशासी अभियंता विद्युत हारून रशीद, आर्किटैक्ट रक्षित, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग श्री धर्मशक्तू आदि उपस्थित रहे।
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नवीन समाचार, नैनीताल, 02 मार्च 2021। सरोवरनगरी नैनीताल की एक पहचान है ‘छोटी बिलायत’ के रूप में। हालिया दिनों में इसे उसी रूप में स्थापित करने की कोशिश में कास्ट आयरन यानी ढलवा लोहे की बनी रेलिंग व बिजली के स्टेंड पोस्टों से पाट दिया गया है। लेकिन अब डीएम धीराज गर्ब्याल नैनीताल को कुमाऊं मंडल के मुख्यालय पर्वतीय पर्यटन नगरी के रूप में पुर्नस्थापित करने की मुहिम पर हैं। इसके लिए नगर के मल्लीताल व तल्लीताल रिक्शा स्टेंड सहित तल्लीताल व मल्लीताल बाजारों को पर्वतीय स्वरूप में बदलने की तैयारी है।
डीएम गर्ब्याल पहले ही मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के नए प्रस्तावित स्वरूप को साझा कर चुके हैं, जबकि अब उन्होंने मल्लीताल बाजार के प्रस्तावित स्वरूप को सोशल मीडिया पर साझा किया है। साथ ही उन्होंने मंगलवार को नगर के मल्लीताल बाजार का भ्रमण करके भी अपनी भावी योजना का स्थलीय निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने यहां अपने पूर्व प्रयासों की तर्ज पर विरासत पथ बनाने का इरादा जताया है। इसके साथ ही बाजार में बिजली व केबल की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की भी योजना है।
देखें डीएम धीराज गर्ब्याल द्वारा तैयार मल्लीताल बाजार का प्रस्तावित स्वरूप:
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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2020। नगर वासियों और सैलानियों को विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी-सरोवर नगरी नैनीताल को पसंद करते हुए झील विकास प्राधिकरण द्वारा लगाए गए ‘आई लव नैनीताल (I love Nainital)’ लिखे बोर्ड के साथ अति उत्साह में असुरक्षित तरीके से, फोटो खिंचवाना भारी पड़ा है। लगातार समझाने के बावजूद लोगों द्वारा यहां बिना मास्क पहने व सामाजिक दूरी का पालन किए बिना, फोटो खिंचवाने से कोरोना के संक्रमण की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए जिला विकास प्राधिकरण ने अपने ‘आई लव नैनीताल’ लिखे बोर्ड को परदे से ढकना पड़ गया है। शुक्रवार को पर्दा लगा कर तल्लीताल डाँठ पर लगाये बोर्ड को ढक दिया गया। बताया गया है कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों पर बनाई गई समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोरोना के संक्रमण का भय रहने तक के लिए की गई है।
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सरोवर नगरी नैनीताल को कभी विश्व भर में अंग्रेजों के घर ‘छोटी बिलायत’ के रूप में जाना जाता था, और अब नैनीताल के रूप में भी इस नगर की वैश्विक पहचान है। इसका श्रेय केवल नगर की अतुलनीय, नयनाभिराम, अद्भुत, अलौकिक जैसे शब्दों से भी परे यहां की प्राकृतिक सुन्दरता को दिया जाऐ तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
नैनीताल की वर्तमान रूप में खोज करने का श्रेय अंग्रेज व्यवसायी पीटर बैरन को जाता है, कहते हैं कि उनका शाहजहांपुर के रोजा नाम के स्थान में शराब का कारखाना था। कहा जाता है कि उन्होंने 18 नवम्बर 1841 को नगर की खोज की थी। बैरन के हवाले से सर्वप्रथम 1842 में आगरा अखबार में इस नगर के बारे में समाचार छपा, जिसके बाद 1850 तक यह नगर ‘छोटी बिलायत’ के रूप में देश-दुनियां में प्रसिद्ध हो गया। कुमाऊं विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय एवं भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष भूगर्भ वेत्ता प्रो.सीसी पंत के अनुसार बैरन ने ईस्ट इंडिया कंपनी के लोगों को दिखाने के लिये लंदन की पत्रिका National Geographic में भी नैनीताल नगर के बारे में लेख छापा था। 1843 में ही नैनीताल जिमखाना की स्थापना के साथ यहाँ खेलों की शुरुआत हो गयी थी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने लगा। 1844 में नगर में पहले ‘सेंट जोन्स इन विल्डरनेस’ चर्च की स्थापना हुई। 1847 में यहां पुलिस व्यवस्था शुरू हुई। 1862 में यह नगर तत्कालीन नोर्थ प्रोविंस (उत्तर प्रान्त) की ग्रीष्मकालीन राजधानी व साथ ही लार्ड साहब का मुख्यालय बना साथ ही 1896 में सेना की उत्तरी कमांड का एवं 1906 से 1926 तक पश्चिमी कमांड का मुख्यालय रहा। 1872 में नैनीताल सेटलमेंट किया गया। 1880 में नगर का ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया। 1881 में यहाँ ग्रामीणों को बेहतर शिक्षा के लिए डिस्ट्रिक्ट बोर्ड व 1892 में रेगुलर इलेक्टेड बोर्ड बनाए गए। 1892 में ही विद्युत् चालित स्वचालित पम्पों की मदद से यहाँ पेयजल आपूर्ति होने लगी। 1889 में 300 रुपये प्रतिमाह के डोनेशन से नगर में पहला भारतीय कॉल्विन क्लब राजा बलरामपुर ने शुरू किया। कुमाऊँ में कुली बेगार आन्दोलनों के दिनों में 1921 में इसे पुलिस मुख्यालय भी बनाया गया। वर्तमान में यह कुमाऊँ मंडल का मुख्यालय है, साथ ही यहीं उत्तराखंड राज्य का उच्च न्यायालय भी है। यह भी एक रोचक तथ्य है कि अपनी स्थापना के समय सरकारी दस्तावेजों में 1842 से 1881 तक यह नगर नइनीटाल (Nynee tal) तथा इससे पूर्व 1823 में यहाँ सर्वप्रथम पहुंचे पहले कुमाऊं कमिश्नर जी डब्लू ट्रेल द्वारा 1828 में नागनी ताल (Nagni Tal) भी लिखा गया।


नवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2020। डीएम सविन बंसल प्रयासों से नैनी झील के दीर्घकालिक संरक्षण एवं आंतरिक प्रोफाईल किये जाने हेतु आईआरएस संस्थान इसरो देहरादून के वैज्ञानिकों के द्वारा नवम्बर माह के द्वितीय सप्ताह में इसकी अर्न्तजलीय संरचना, जैव विविधिता स्थिति एवं पारिस्थिक तंत्र, पेयजल शुद्धता के नवंबर माह के द्वितीय सप्ताह में किये गए विस्तृत विश्लेषण एवं परीक्षण का परिणाम काफी सुखद रहा है। डीएम बंसल ने सोमवार को जिला कार्याालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि ने नैनी झील की पहली बार तैयार कॉन्टूर मैपिंग के अनुसार झील की गहराई न्यूनतम 4 से सात मीटर, अधिकमत 24.6 मीटर तथा औसतन 9 मीटर प्राप्त हुई तथा पानी का टीडीएस 300 से 700 मिली ग्राम प्रति लीटर प्राप्त हुआ जो पानी की अच्छी गुणवत्ता को दर्शाता है। पानी का डीओ अधिकतम 7.5 मिलीग्राम प्रति लीटर व न्यूनतम 6-7 मिली ग्राम प्रतिलीटर मिला। आगे इसरो के माध्यम से प्रतिवर्ष मानसून से पहले व मानसून के बाद वर्ष में दो बार झील के पानी का परीक्षण कराया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नैनी झील की गहराई 27 मीटर बताई जाती रही है। इस आधार पर लगता है कि झील की गहराई 2.4 मीटर घट गई है, जोकि चिंताजनक स्थिति है। किंतु ध्यान रखना होगा कि पूर्व में झील की गहराई अन्य विधियों से मापी गई है। इस परीक्षण के बाद यूएन द्वारा नैनी झील के पानी की सतत् निगरानी हेतु परियोजना स्वीकृत कर दी गयी है।















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