नवीन समाचार, देहरादून, 1 मार्च 2026 (Iran-Israel Tensions Impact on UK)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के देहरादून (Dehradun), हरिद्वार (Haridwar) सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों के परिवार इन दिनों गहरी चिंता में हैं, क्योंकि ईरान (Iran) पर अमेरिका (America) और इजरायल (Israel) के हमलों के बाद वहां पढ़ाई और काम कर रहे राज्य के युवा असुरक्षित माहौल में फंसे बताए जा रहे हैं। विकासनगर (Vikasnagar) के अंबाड़ी (Ambadi) निवासी अली हैदर (Ali Haider) और उनकी पत्नी नूरजहां (Noor Jahan) सहित कई युवाओं ने फोन पर अपने परिजनों को वहां की भयावह स्थिति बताई है, जिससे प्रदेश में बेचैनी बढ़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत अंबाड़ी निवासी 24 वर्षीय अली हैदर और उनकी 23 वर्षीय पत्नी नूरजहां ईरान के कुम (Qom) शहर स्थित इस्लामिक विश्वविद्यालय (Islamic University) में पिछले चार वर्षों से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ताज़ा हमलों के बाद उन्होंने अपने परिजनों से संपर्क कर वहां के तनावपूर्ण हालात की जानकारी दी।
इसी तरह देहरादून के चूना भट्टा (Chuna Bhatta) निवासी मौलाना रिवायत अली (Maulana Riwayat Ali) के पुत्र वहाब (Wahab) ने भी घबराहट भरे स्वर में फोन कर बताया कि कुम में कई स्थानों पर हमले हुए हैं और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो सकती हैं। वहाब पिछले लगभग आठ वर्षों से वहां मौलवियत की पढ़ाई कर रहा है। फोन कटने के बाद से परिवार लगातार संपर्क की प्रतीक्षा कर रहा है। इसी तरह इस्लामी पढ़ाई के लिए ईरान गए मंगलौर के 30 छात्र भी हवाई सेवा बंद होने से वहां फंस गए है। उनकी वापसी मुश्किल होने से परेशान परिजनों ने भारत सरकार से बच्चों को सकुशल वापस लाने की मांग की है।
अन्य देशों में भी सतर्कता
देहरादून की इनामुल्ला बिल्डिंग (Inamulla Building) निवासी समद (Samad), जो सऊदी अरब (Saudi Arabia) की राजधानी रियाद (Riyadh) में चालक के रूप में कार्यरत हैं, ने बताया कि अमेरिकी बेस कैंप के पास हमले के बाद अलर्ट जारी किया गया, हालांकि शहर में जनजीवन सामान्य है।
वहीं दुबई (Dubai) में रह रहे वरुण गोस्वामी (Varun Goswami) ने भी चेतावनी संदेश मिलने और घर से बाहर न निकलने के निर्देश मिलने की पुष्टि की है। हरिद्वार (Haridwar), हल्द्वानी (Haldwani) और रुड़की (Roorkee) के कई परिवार भी अपने परिजनों से संपर्क साधने में जुटे हैं।
बहरीन और अबूधाबी से भी सामने आए चिंताजनक संदेश
रुड़की निवासी मुस्तजाब (Mustajab), जो पिछले 22 वर्षों से बहरीन (Bahrain) में रह रहे हैं, ने अपने परिचित को बताया कि उनके घर के पास कई मिसाइलें गिरीं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। वहीं अबू धाबी (Abu Dhabi) के अल नसर (Al Nasr) क्षेत्र में रह रहे मोहम्मद ओसामा (Mohammad Osama) ने भी धमाके के बाद कमरे में ही रहने की सलाह मिलने की बात कही।
क्यों महत्वपूर्ण है यह स्थिति
मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव का सीधा असर उत्तराखंड के उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके बच्चे शिक्षा, रोजगार या धार्मिक अध्ययन के लिए विदेशों में हैं। ऐसे हालात में राज्य और केंद्र सरकार को प्रवासी भारतीयों के लिए विशेष परामर्श तंत्र और आपात संपर्क व्यवस्था मजबूत करने की उम्मीद कर रहे हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि दूतावास स्तर पर सक्रिय निगरानी और समयबद्ध सलाह बेहद जरूरी है।
प्रशासनिक और सामुदायिक प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) ने भारतीय विमान सेवा प्रदाता कंपनियों को 2 मार्च तक 11 देशों में उड़ान से बचने की सलाह दी है। उधर हरिद्वार के ज्वालापुर (Jwalapur) स्थित मदरसा अरबिया दारुल उलूम रशीदिया ईदगाह (Madrasa Arabia Darul Uloom Rashidia Eidgah) में युद्ध विराम और वैश्विक शांति के लिए विशेष दुआ भी की गई। धार्मिक विद्वानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और निर्दोष नागरिक सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
उत्तराखंड के लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार्र ने हेल्प डेस्क की सक्रिय
इन स्थितियों में उत्तराखंड सरकार का फोकस उन देशों पर है जहां बड़ी संख्या में उत्तराखंड के प्रवासी कामगार, नर्सिंग स्टाफ तथा होटल उद्योग से जुड़े कर्मचारी और पेशेवर कार्यरत हैं। राज्य सरकार इन देशों में बसे सभी प्रवासी उत्तराखंडी नागरिकों की सूची तैयार करा रही है। दिल्ली में राज्य के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा को सभी संबंधित देशों के दूतावासों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं राज्य स्तर पर हेल्प डेस्क एक्टिव कर दी गई है, जिसने प्रभावित देशों में बसे उत्तराखंड के नागरिकों का डेटा जुटाना शुरू कर दिया है। प्रवासी डेटा बैंक अपडेट किया जा रहा है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने जिलों से जुड़े उन परिवारों की सूची तैयार रखें जिनके सदस्य इन देशों में कार्यरत हैं।
आगे क्या देखना होगा
अब सबकी निगाहें क्षेत्रीय हालात, भारतीय दूतावासों की सलाह और वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षित वापसी की संभावनाओं पर टिकी हैं। यदि तनाव बढ़ता है तो क्या निकासी (Evacuation) जैसी प्रक्रिया शुरू होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।