नवीन समाचार, नई दिल्ली/नैनीताल, 7 मई 2026 (Setback for Usman Khan Supreme Court)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद के चर्चित नाबालिग यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी उस्मान खान (Usman Khan) को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उत्तराखंड हाईकोर्ट (High Court) के आदेश को चुनौती देने वाली उस्मान खान की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब आरोपी के पास कानूनी राहत के रास्ते लगभग बंद हो गए हैं और हाईकोर्ट द्वारा तय किया गया ‘स्पीडी ट्रायल’ का आदेश प्रभावी रहेगा।
बीते सोमवार 5 मई 2026 को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ के समक्ष यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गगन गुप्ता ने पक्ष रखा, लेकिन अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नैनीताल के मल्लीताल (Mallital) क्षेत्र का है, जिसने वर्ष 2025 में पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया था:
घटना: 12 अप्रैल 2025 को एक 12 वर्षीय हिंदू नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी।
आरोपी: पीड़िता ने 73 वर्षीय मोहम्मद उस्मान पर जघन्य अपराध का आरोप लगाया था, जिसके बाद 30 अप्रैल 2025 को मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
जनाक्रोश: इस घटना के विरोध में नैनीताल में भारी प्रदर्शन हुए थे और आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर भव्य जुलूस निकाला गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई न्यायाधीशों ने पूर्व में जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
हाईकोर्ट का सख्त रुख और ‘तीन माह’ का अल्टीमेटम
इससे पूर्व, 27 फरवरी 2026 को उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा (Justice Alok Mehra) की एकलपीठ ने उस्मान खान की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि “नाबालिग का यौन शोषण एक जघन्य अपराध है।”
न्यायालय ने न केवल जमानत याचिका खारिज की, बल्कि राज्य सरकार और निचली अदालत को यह कड़ा निर्देश भी दिया कि अगले तीन माह के भीतर इस मामले के ट्रायल (Trial) को पूरा कर निस्तारित किया जाए। पीड़ित किशोरी के अधिवक्ता पंकज चौहान ने सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि अब न्याय की उम्मीद और बढ़ गई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसएलपी (SLP) खारिज किए जाने के बाद अब आरोपी उस्मान खान को जेल में ही रहना होगा। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई उचित आधार नहीं है। अब पुलिस और अभियोजन पक्ष पर हाईकोर्ट के आदेशानुसार तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का दबाव रहेगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
