नवीन समाचार, हल्द्वानी, 23 मार्च 2026 (49-Year Man Dies by E-Rickshaw)। उत्तराखंड के जनपद नैनीताल (Nainital) के हल्द्वानी (Haldwani) क्षेत्र के ऊंचापुल चौफुला (Unchapul Chaufoula) क्षेत्र में एक ई-रिक्शा (E-Rickshaw) की टक्कर से गंभीर रूप से घायल होने के बाद एक 49 वर्षीय व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। सिर में गंभीर चोट और रक्त के थक्के बनने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। यह घटना शहर में बढ़ती सड़क असुरक्षा और अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।
सुबह की सैर पर अचानक ई-रिक्शा के पीछे आने से हुई दुर्घटना
परिजनों के अनुसार भूपाल सिंह बिष्ट (Bhupal Singh Bisht) बीते शनिवार सुबह लगभग छह बजे रोज की तरह टहलने निकले थे। इसी दौरान पास में खड़े एक ई-रिक्शा चालक ने अचानक तेज गति से वाहन पीछे को चला दिया, जिससे उन्हें टक्कर लग गई। टक्कर के बाद वे पीठ के बल सड़क पर गिर गए और सिर में गंभीर चोट लग गई।
उन्हें तुरंत हल्द्वानी के एक निजी चिकित्सालय (Private Hospital) में भर्ती कराया गया, जहां जांच में सिर में रक्त का थक्का (Blood Clot) बनने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों द्वारा शल्यक्रिया (Surgery) भी की गई, लेकिन रविवार सुबह लगभग सात बजे उनकी मृत्यु हो गई।
पत्नी-बच्चे हुए बेसहारा
मृतक सेंचुरी पेपर मिल (Century Paper Mill) के रसायन विभाग (Chemical Department) में कार्यरत रहे थे और स्वास्थ्य कारणों से नौकरी छोड़ चुके थे। वर्तमान में वे घर की दुकानों की देखभाल करते थे। परिवार में पत्नी तुलसी (Tulsi), पुत्र गौतम (Gautam), जो एमबीपीजी कॉलेज (MBPG College) में बीए कर रहा है, और पुत्री डिंपल (Dimple), जो बीएससी की छात्रा है, शामिल हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
छोटे भाई मनोज बिष्ट (Manoj Bisht) ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम (Postmortem) कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
ई-रिक्शा संचालन पर नियंत्रण और प्रशिक्षण की कमी बन रही गंभीर समस्या
यह कोई एकमात्र घटना नहीं है। बीते फरवरी में नवाबी रोड (Nawabi Road) क्षेत्र में भी तेज गति से चल रहे ई-रिक्शा की टक्कर से नरेश चंद्र तिवारी (Naresh Chandra Tiwari) की मृत्यु हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं संकेत देती हैं कि शहर में ई-रिक्शा संचालन पर नियंत्रण और प्रशिक्षण की कमी गंभीर समस्या बनती जा रही है।
बिना प्रशिक्षण के चालक सड़कों पर वाहन चला रहे हैं।
अचानक दिशा बदलना और तेज गति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
फुटपाथ और सुरक्षित मार्गों का अभाव पैदल चलने वालों के लिए जोखिम बढ़ा रहा है।
हो सकती है कार्रवाई
मुखानी (Mukhani) थानाध्यक्ष सुशील जोशी (Sushil Joshi) के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। वहीं क्षेत्र की पार्षद ममता जोशी (Mamta Joshi) ने अतिक्रमण और फुटपाथ की कमी को भी दुर्घटनाओं का कारण बताया है। सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) जितेन्द्र सिंघवान (Jitendra Singhwan) ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी परिवहन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा नीति (Road Safety Policy) और प्रशासनिक निगरानी की आवश्यकता को दर्शाती है। क्या ई-रिक्शा संचालन के लिए सख्त नियम, प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी? यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण प्रश्न रहेगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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