नवीन समाचार, रुद्रपुर, 25 अप्रैल 2026 (Minor Student Abducted-Forced Marriage)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के जनपद ऊधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar) के मुख्यालय रुद्रपुर (Rudrapur) से एक अत्यंत संवेदनशील और हृदयविदारक प्रकरण प्रकाश में आया है, जहाँ एक नाबालिग छात्रा को न केवल उसके विद्यालय के समीप से अगवा किया गया, बल्कि रातों-रात उसका अवैध रूप से बलपूर्वक विवाह भी करवा दिया गया। इस आपराधिक कृत्य का विरोध करने पर आरोपितों ने छात्रा के परिवार के सदस्यों के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया।
रुद्रपुर कोतवाली (Rudrapur Kotwali) पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक पिता ने लिखित शिकायत (Complaint) सौंपी है कि उनकी 15 वर्षीय पुत्री, जो दसवीं कक्षा की छात्रा है, रुद्रपुर स्थित अपनी नानी के घर रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। विगत 23 अप्रैल को वह प्रतिदिन की भांति अपने विद्यालय गई थी, किंतु मध्याह्न में अवकाश होने के उपरांत वह सुरक्षित घर नहीं लौटी। परिजनों द्वारा निरंतर खोजबीन करने पर ज्ञात हुआ कि एक युवक छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
रात भर में ही रच दिया विवाह का स्वांग
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अपहरण की उसी रात्रि को मुख्य आरोपित की माता, दादी, बुआ और चाची ने मिलकर एक षड्यंत्र रचा। इन महिलाओं ने अपने परिवार के युवक से नाबालिग बालिका की मांग भरवा दी और उसे अपनी पुत्रवधू बताकर जबरन अपने गृह में बंधक बना लिया। यह पूर्ण प्रकरण ‘बाल विवाह’ (Child Marriage) और ‘जबरन विवाह’ की श्रेणी में आता है, जो भारतीय विधि के अनुसार एक दंडनीय अपराध है।
विरोध करने पर परिजनों पर प्राणघातक हमला
जब पीड़ित छात्रा के पिता को अपनी पुत्री के स्थान का पता चला और वे वहां पहुँचे, तो उन्होंने इस अवैध कृत्य पर कड़ा विरोध जताया। पिता ने मांग की कि जब तक पुलिस (Police) घटनास्थल पर नहीं आती, तब तक बालिका को वहां नहीं रखा जाना चाहिए। इस पर आरोपित पक्ष के पुरुष और महिलाएं एकमत होकर हिंसक हो गए। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से आक्रमण कर दिया। इस संघर्ष में छात्रा की मामी के साथ न केवल निर्दयता से मारपीट की गई, बल्कि उनके वस्त्र तक फाड़ दिए गए, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक और मानसिक चोटें आई हैं।
पुलिस की वैधानिक कार्यवाही और सुरक्षा पर प्रश्न
रुद्रपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (Inspector In-charge) मनोज रतूड़ी (Manoj Raturi) ने अवगत कराया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध संबंधित सुसंगत धाराओं में अभियोग (Case) पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन इस प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए घटनास्थल और विद्यालय के समीप लगे हुए सभी दिशाओं के क्लोज सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरों के फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण कर रहा है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगामी कदम
पुलिस का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर निरंतर दबिश दी जा रही है और शीघ्र ही मुख्य आरोपित सहित अन्य सह-अपराधियों को न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बालिकाओं की सुरक्षा और सामाजिक परिवेश में बढ़ते अपराधों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्या दिनदहाड़े विद्यालय जाती छात्राओं का इस प्रकार असुरक्षित होना हमारे सुरक्षा तंत्र की विफलता नहीं है? स्थानीय जनमानस में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है और वे आरोपितों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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