नवीन समाचार, देहरादून, 5 मई 2026 (SSC Exam Fraud by Underground Tunnel)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) की परीक्षा में तकनीकी रूप से सेंधमारी करने वाले एक संगठित गिरोह (Organized Gang) के मुख्य सरगना को विशेष कार्य बल (Special Task Force) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सहारनपुर (Saharanpur) से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

भूमिगत सुरंग और रिमोट एक्सेस का सनसनीखेज अनावरण
इस घटना का विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि 13 फरवरी 2026 को आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टीटास्किंग (Multitasking) स्टाफ और हवलदार (Havaldar) पद की ऑनलाइन परीक्षा (Online Exam) के दौरान धांधली की सूचना मिली थी। जाँच में यह तथ्य सामने आया कि देहरादून स्थित प्रतिष्ठित महादेवी कन्या पाठशाला (Mahadevi Kanya Pathshala-MKP) परीक्षा केंद्र के समीप संचालित महादेव डिजिटल लैब (Mahadev Digital Lab) को इस जालसाजी का मुख्य केंद्र बनाया गया था। गिरोह ने अत्यंत शातिराना ढंग से एक भूमिगत सुरंग और गुप्त कक्ष का निर्माण किया था, जहाँ से कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस (Remote Access) लेकर अभ्यर्थियों के प्रश्न-पत्र हल किए जा रहे थे।
संगठित अपराध और तकनीकी सेंधमारी का स्तर
गिरोह की कार्यप्रणाली इतनी परिष्कृत थी कि उन्होंने परीक्षा केंद्र के सर्वर और नेटवर्क को तकनीकी रूप से बाईपास करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया था। जाँच में यह पाया गया कि आरोपितों ने परीक्षा कक्ष के बाहर बैठकर परीक्षार्थियों (Examinees) के कंप्यूटरों को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इस संगठित आर्थिक और साइबर अपराध के कारण न केवल योग्य विद्यार्थियों (Students) के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की भर्ती प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया था। एसटीएफ ने अब तक की जाँच में पाया है कि इस कार्य के लिए आरोपितों ने मोटी धनराशि वसूली थी।
पुलिस की अग्रिम कार्रवाई और प्रशासनिक दृष्टिकोण
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि आरोपित के विरुद्ध संबंधित थाने में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग (Case) दर्ज है। पुलिस अब मुख्य आरोपित से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, मददगारों और लाभ उठाने वाले अभ्यर्थियों के विषय में सूचनाएँ प्राप्त की जा सकें। इस प्रकरण के अनावरण (Disclosure) के पश्चात राज्य सरकार और परीक्षा नियामक प्राधिकरणों ने ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने के संकेत दिए हैं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
