उत्तराखंड : मौलवी ने महिलाओं के लिए जारी किया फरमान, मोबाइल के इस्तेमाल, शादी-विवाह के कार्यक्रम में जाने और वहां लड़कों के स्वागत करने पर रोक लगाने को कहा… (Tuglaki Farman)

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नवीन समाचार, जसपुर, 30 मई 2023। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद के जसपुर से एक मौलवी के द्वारा महिलाओं के लिए एक फरमान जारी किया गया है। इस फरमान को मौलाना का महिलाओं को लेकर तुगलकी फरमान भी बताया जा रहा है। यह भी पढ़ें : स्कूल गई नाबालिग हुई गायब, दिल्ली में युवक के साथ मिली.. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार जसपुर के सदर जामा मस्जिद के मौलाना साजिद रजा ने फरमान जारी कर मुस्लिम महिलाओं पर मोबाइल के इस्तेमाल करने, शादी-विवाह के कार्यक्रम में जाने और वहां लड़कों के स्वागत करने की परंपरा पर रोक लगाने सहित 28 अलग-अलग तरीके के प्रतिबंध लगाने की बात कही है। यह भी पढ़ें : बड़ा सुखद समाचार: देहरादून के बाद अब कुमाऊं मंडल के दो स्टेशनों काठगोदाम-टनकपुर से वंदे भारत चलाने का प्रस्ताव..

मौलाना ने कहा है कि अगर लड़कियों को जरुरी बात करनी है तो उनके परिवार के पुरुष उनकी बात करा दें। खासकर नाबालिग लड़कियों को मोबाइल ना दें। उन्होंने चेताया है कि सोशल मीडिया के जरिए फेसबुक यूट्यूब पर कितनी गंदगी फैल रही है। मौलाना के अनुसार वह चाहते हैं कि लड़कियां महफूज रहें। यह भी पढ़ें : किरायेदारों के साथ मकान मालिकों का भी सत्यापन कराइए सरकार, बाहरी मकान मालिक कर रहे पहाड़ पर खेल..! नियमों की भी उड़ाई जा रही धज्जियां…

यही नहीं मौलाना साजिद रजा ने लड़कियों के शादी समारोह में जाने पर भी आपत्ति जताई है, और कहा है कि इससे शरारती लड़कों को बढ़ावा मिलता है। इसे रोकने के लिए मौलाना ने शादी समारोह में मुस्लिम महिलाओं के खाने और लडकों के खाने का इंतेजाम अलग-अलग करने की आवश्यकता जताई है। यह भी पढ़ें : नैनीताल के 29 मई के चुनिंदा ‘नवीन समाचार’ 

उन्होंने यह भी कहा है कि शादियों में अक्सर लड़कियों द्वारा लड़कों का स्वागत किया जाता है। इस दौरान कुछ लड़के ऐसे होते हैं जो इस दौरान हमारी माँ, बहन, बेटियों को गलत नजर से देखते हैं। इसलिए मौलाना चाहते हैं कि शादियों में यह स्वागत नाम की चीज खत्म की जाए, ताकि हमारी माँ बहनें महफूज यानी सुरक्षित रहें। यह भी पढ़ें : गन्ने के खेत में मिला महिला का अर्ध नग्न अवस्था में शव, दुष्कर्म के बाद हत्या की संभावना 

वहीं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष शायरा बानो ने मौलाना के इस फरमान को तुगलकी फरमान और महिलाओं की आजादी का हनन बताया है। (Tuglaki Farman) (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

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