नवीन समाचार, हरिद्वार, 26 अप्रैल 2026 (Wedding-Khajan Das Son-Rajaji Reserve)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के राजाजी टाइगर रिजर्व (Rajaji Tiger Reserve) के अत्यंत संवेदनशील और प्रतिबंधित वन क्षेत्र (Core Area) में प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास (Khajan Das) के पुत्र के विवाह समारोह के आयोजन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हरिद्वार रेंज (Haridwar Range) के रानीपुर वन ब्लॉक स्थित श्री सुरेश्वरी देवी मंदिर (Shri Sureshwari Devi Temple) परिसर में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल आयोजन में वन्यजीव संरक्षण अधिनियमों के उल्लंघन के आरोपों के बाद वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर समिति के विरुद्ध अभियोग (Case) पंजीकृत कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को होने वाले इस विवाह समारोह के लिए विगत कई दिनों से आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर आलीशान शामियाना, कूलर, जनरेटर और भव्य सजावट की सामग्री ट्रकों के माध्यम से पहुँचाई जा रही थी। हाथी और गुलदार जैसे वन्यजीवों के मुख्य अधिवास वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और भव्य आयोजन की तैयारियों ने पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश उत्पन्न कर दिया। प्रश्न यह उठा कि जिस मंदिर में सामान्य श्रद्धालुओं को दर्शन हेतु वन विभाग से अनुमति पत्र (Permit) लेना पड़ता है, वहां इतनी बड़ी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति किस स्तर पर दी गई।
वन विभाग की चुप्पी और जन-दबाव के बाद सक्रियता
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर आयोजन की तस्वीरें प्रसारित (Viral) होने के बाद वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया। प्रमुख वन संरक्षक (PCCF) रंजन मिश्रा (Ranjan Mishra) ने स्पष्ट किया कि टाइगर रिजर्व के ‘कोर क्षेत्र’ (Core Zone) में किसी भी प्रकार के भव्य आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने बताया कि मौके पर लगाए गए शामियाने और अन्य अवैध सेटअप को तत्काल हटाने के निर्देश फील्ड स्टाफ को दिए गए हैं।
मंत्री का पक्ष: ‘सादगीपूर्ण विवाह की थी योजना’
विवाद बढ़ता देख समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनके पुत्र का विवाह एक प्राचीन मंदिर में बेहद सादगी के साथ आयोजित किया जाना था। उन्होंने दावा किया कि केवल ‘फेरे’ की रस्म संपन्न होनी थी और नियमों का पूर्ण पालन किया जा रहा था। हालांकि, मौके पर सजाए गए आलीशान टेंट और जनरेटरों की उपस्थिति मंत्री के सादगीपूर्ण विवाह के दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रही थी।
मंदिर समिति पर विधिक कार्यवाही और अधिकारियों पर सवाल
राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस मामले में बिना अनुमति आयोजन की तैयारी करने पर मंदिर समिति के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया है। सबसे बड़ा प्रश्न वर्तमान में उन अधिकारियों पर है जिनकी नाक के नीचे से दिनभर ट्रकों में भरकर सामान प्रतिबंधित क्षेत्र में जाता रहा। क्या रसूखदार परिवार से जुड़ा आयोजन होने के कारण वन रक्षक और क्षेत्र के अधिकारी मौन साधे रहे?
फिलहाल वन विभाग ने शामियाने को हटाने के आदेश दे दिए हैं और मौके पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अब विवाह का आयोजन इसी स्थान पर होगा या स्थान परिवर्तन किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड में रसूखदारों के लिए वन नियमों के लचीलेपन की चर्चा को गर्म कर दिया है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।












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