बड़ा समाचार: कोरोना महामारी के चलते उत्तराखंड के राष्ट्रीय स्मारक आम लोगों के लिये बंद

रवींद्र देवलियाल @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अप्रैल 2021। केन्द्र सरकार की ओर से कोरोना महामारी के प्रभावी रोकथाम के दृष्टिगत उत्तराखंड के समस्त राष्ट्रीय स्मारकों व पुरास्थलों को पर्यटकों व आम लोगों के लिये बंद कर दिया गया है। फिलहाल 15 मई तक इन पर रोक रहेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से … Read more

मुख्यमंत्री ने किया प्रदेश के 26 वन गांवों को बिजली, पानी, सड़क के साथ ही ग्राम प्रधानों को मुहर भी देने का दावा

-जिम कार्बेट पार्क में अब 50-50 महिला नेचर गाइड व जिप्सी चालकें भी होंगी -10 हजार स्थानीय युवा कौशल विकास कर प्राप्त करेंगे स्वरोजगार नवीन समाचार, रामनगर, 21 मार्च 2021। प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथसिंह रावत ने रविवार को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर नैनीताल जनपद के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस … Read more

अधिवक्ता के घर काम करने वाली महिला ने उड़ाए 5 हजार, गिरफ्तार

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जनवरी 2021। नैनीताल के मल्लीताल मनकापुर क्षेत्र निवासी एक अधिवक्ता भगवत मेहरा के घर से पांच हजार की चोरी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर घर में काम करने वाली महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 380 व 411 के तहत मुकदमा … Read more

स्कूली बच्चों को मुफ्त जूते व बैग, किसानों के लिए 450 करोड़ सहित बहुत कुछ है उत्तराखंड के बजट में…

नवीन समाचार, गैरसैंण, 4 मार्च 2021। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को विधानसभा में वर्ष 2021-22 के लिए 57400.32 करोड़ का कर मुक्त और राजस्व सरप्लस बजट पेश किया। सरकार ने विकास कार्यों, खासतौर पर सड़कों व पुलों के निर्माण और रखरखाव को बजट पोटली खोल दी है। लोक निर्माण कार्यों के लिए 2369 करोड़ बजट रखा गया है। कक्षा एक से आठवीं तक सभी विद्यार्थियों को मुफ्त जूते और स्कूल बैक देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा में संसाधन जुटाने और शैक्षिक सुधार के लिए एडीबी के माध्यम से 39.70 करोड़ खर्च होंगे।
गुरुवार शाम चार बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर वित्त मंत्री दूसरा बजट पेश किया। प्रदेश की भाजपा सरकार का यह पांचवां बजट है। बजट में किसानों पर विशेष फोकस करते हुए 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प दोहराया गया है। इसके लिए परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 87.56 करोड़ रुपये रखे गए हैं। साथ में गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए भी 245 करोड़ की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना में 20 करोड़ और एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना में 12 करोड़ का प्रविधान है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के लिए बजट में 25 करोड़ दिए गए हैं। वहीं दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 47 करोड़ दिए गए हैं। उधर, शहरी क्षेत्र में हर घर में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक घर को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके लिए 30.15 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नलकूपों, नहरों, झीलों व बांधों के रखरखाव को 118 करोड़ रुपये, नलकूपों व नहरों के निर्माण को 150 करोड़ रखे गए हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। मोदी सरकार-2 का पहला बजट आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश कर रही हैं। वित्तमंत्री पहली बार ब्रीफकेस की बजाए लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज लेकर पहुंची जिसे बजट नहीं बल्कि बही खाता बताया गया है। अपने बजट में आने वाले दशक का लक्ष्य देश के सामने रखते हुए सीतारमण ने कहा कि वर्तमान में भारत की अर्थ व्यवस्था विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था है।

अपने बजट भाषण के दौरान एक शेर भी पढ़ा। निर्मला ने कहा, ‘यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट भी ले कर चराग़ जलता है’। ये शेर मशहूर शायर मंजूर हाशमी का है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में हमारी अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। भारतीय अर्थ व्यवस्था को एक टि्रलियन लर तक बढ़ने में 55 साल लगे, पिछले पांच साल में हमने अर्थव्यवस्था में एक टि्रलियन डालर जोड़ा हैपांच साल में यह 2।7 टि्रलियन डालर पर पहुंच गईइस साल के अंत तक अर्थ व्यवस्था तीन खरब डालर होगी। सीतारमण ने कहा कि भारत आज रोजगार देने वाला देश बना है। हमारा जोर अब इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर है। भारतमाला के जरिए हम देश में सड़क हर गांव तक पहुंचा रहे हैं और नेशनल हाइवे का निर्माण कर रहे हैं। इस दौरान वित्त मंत्री ने अपनी कई योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें मुद्रा योजना, सागरमाला, मेक इन इंडिया आदि शामिल रहे।

सरकार का केंद्र बिंदु गांव, किसान👷 और गरीब- सीतारमण🤷‍♂️

मोदी सरकार-2 का पहला बजट पेश कर रहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार का केंद्र बिंदु गांव, किसान और गरीब है. हमारा लक्ष्य है कि 2022 तक हर गांव में बिजली पहुंचेगी। उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना के जरिए देश में काफी बदलाव आया है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार न्यू इंडिया पर फोकस कर रही है. पानी और गैस के लिए भी एक राष्ट्रीय ग्रिड बनेगा. सरकार की तरफ से नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड का ऐलान किया गया है. जिसका इस्तेमाल रेलवे और बसों में किया जाएगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड को रूपे कार्ड की मदद से चलाया जा सकेगा, जिसमें बस का टिकट, पार्किंग का खर्चा, रेल का टिकट सभी एक साथ किया जा सकेगा. इसके साथ ही सरकार ने एमआरओ का फॉर्मूला अपनाने की बात कही है. जिसमें मैन्यूफैक्चरिंग, रिपेयर और ऑपरेट का फॉर्मूला लागू किया जाएगा.

ये है प्रमुख बिन्दु-

🔹 2022 तक 1.95 करोड़ घर बनाएं जाएंगे। 114 दिनों में घर बनाकर दे रहे हैं। पहले 314 दिनों में बनते थे।

🔹 उज्जवला के जरिए सात करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए।

🔹 20 प्रोद्योगिकी बिजनेस इंक्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे, जिसके जरिए 20 हजार लोगों को स्किल दिया जाएगा।

🔹 देशभर में 10 हजार उत्पादक संघ बनाए जाएंगे।

🔹 जल शक्ति मंत्रालय जल संसाधनों का प्रबंधन करेगा। गांव में हर घर तक पानी पहुंचाया जाएगा।

🔹 रोजना 135 किमी सड़क बनाने का लक्ष्य है। अभी तक 30 हजार किमी सड़क बनाई गई हैं।

🔹 विमानन क्षेत्र, मीडिया, एनीमेशन AVGC और बीमा क्षेत्रों में एफडीआई खोलने के लिए सुझाव आमंत्रित करेगी।

🔹 इसरो की मदद और अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड का गठन किया जाएगा।

🔹 हर पंचायत को इंटरनेट से जोड़ेंगे। दो करोड़ से ज्यादा लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया।

🔹 अक्टूबर 2019 तक देश खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।

🔹 पीएम आवासा योजना के तहत शहरों में 81 लाख घर बनाए जाएंगे।

4 साल में गंगा नदी पर कार्गो की आवाजाही शुरू होगी।

इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को प्रोत्साहन देना है।

रेलवे ढांचे के विकास के लिए 50 हजार करोड़ की आवश्यकता है।

रेलवे के विकास के लिए पीपीपी मॉडल से निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

बजट 2018-19 के लिए 300 किमी. मैट्रो रेलवे को मंजूरी।

बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए बजट में वन नेशन, वन ग्रिड प्लान का एलान किया गया है। बिजली टैरिफ में बड़े सुधार की योजना।

आदर्श किराया कानून बनाया जाएगा।

एमएसएमई के लिए 350 करोड़ का आवंटन तथा ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा। छोटे उद्यमियों की कर्जमाफी के लिए 350 करोड़ का प्रावधान।

खूदरा कारोबारियों के लिए पेंशन पर भी विचार । 3 करोड़ दुकानदारों के लिए पेंशन देने का विचार।

शेयर बाजार को निवेशक फ्रेंडली बनाया जाएगा।

देश के पहले महिला वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जा रहे ‘बही खाते’ (बज़ट नहीं) से उत्तराखंड को यह हैं उम्मीदें…

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। मोदी-2.0 में देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट नहीं ‘देेेश के बही खाते से मातृसत्तात्मक बहुल समाज वाले उत्तराखंड को कुछ खास मिलने की आस है। वे शुक्रवार को बजट पेश करेंगी। हर साल की तरह से इस बार भी प्रदेश सरकार केंद्र के समक्ष अपनी प्राथमिकता रख चुकी है।

त्रिवेंद्र सरकार चाहती है कि मोदी सरकार के बजट में हरिद्वार महाकुंभ, राष्ट्रीय खेल और रेल परियोजनाओं के लिए उदार इमदाद का प्रावधान हो। वैसे, महिला वित्त मंत्री पर प्रदेश की इस वजह से भी नजर रहेगी कि उत्तराखंड महिला प्रधान प्रदेश है। खासतौर पर पहाड़ में महिलाओं को आर्थिकी की मुख्य धुरी माना जाता है, लेकिन उद्यमिता और रोजगार के अवसर यहां बहुत सीमित हैं। क्या बजट में ऐसी घोषणाएं होंगी जो उनके कार्य बोझ को कम करेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में मददगार साबित होगा। जहां तक उत्तराखंड सरकार का सवाल है तो उसने हिमालयी राज्य होने के नाते केंद्र से उदार वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है। केंद्रीय बजट में प्रदेश सरकार कुछ ऐसा चाह रही है। साथ में प्रदेश में रेल के विकास, खासकर टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को धन आवंटन होने की भी उम्मीद की जा रही है।

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Uttarakhand Vidhan Sabhaनवीन समाचार, देहरादून, 20 फरवरी 2019। वित्त मंत्री प्रकाश पंत द्वारा सोमवार को विधानसभा में रखे बजट से राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति की झलक सामने आई है। राज्य में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशनर्स के लिए इस साल बजट में सरकार ने 20 हजार 455 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 48 हजार 663 करोड़ के कुल बजट में वेतन-भत्तों और पेंशन आदि के लिए रखी गयी यह राशि कुल बजट के चालीस प्रतिशत के करीब है।  बजट में कर्मचारियों की वेतन-पेंशन पर गतवर्ष के मुकाबले 1338 करोड़ रुपये अधिक खर्च होने का अनुमान है। गत वर्ष वेतन-पेंशन मद में कुल 19 हजार 117 करोड़ रखे थे। इस साल सातवें वेतन के भत्तों की वजह से सरकार पर भार बढ़ गया है। राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर इस वर्ष 13340 करोड़, सहायता प्राप्त शिक्षण व अन्य संस्थानों के शिक्षकों-कर्मियों के वेतन-भत्तों पर 1173 रुपये और पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों के लिए 5942 करोड़ रखे गए हैं।

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p style=”text-align: justify;”>लोन चुकाने पर खर्च होगी 17 प्रतिशत राशि 
बजट में लोन और ब्याज की अदायगी पर भी 8208 करोड़ रुपये की भारी राशि खर्च हो रही है। यह राशि कुल बजट का तकरीबन 17 प्रतिशत है। पिछले साल के बजट में ब्याज और लोन की राशि चुकाने के लिए 8088 करोड़ रखे गए थे। ऋणों की वापसी पर इस साल 2876 करोड़ जबकि ब्याज की अदायगी पर 5332 करोड़ खर्च होंगे।

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p style=”text-align: justify;”>विकास कार्यों को महज 9731 करोड़ 
राज्य के बजट का आकार भले ही 48 हजार करोड़ से अधिक हो। लेकिन इस बजट में से नई योजनाओं के लिए महज 9731 करोड़ की ही राशि है। 48633 करोड़ के बजट में से 38932 करोड़ राजस्व मद यानी सरकार की जिम्मेदारियों पर खर्च होंगी। जबकि पूंजी मद में सिर्फ 9731 करोड़ की ही यानी कारीब 20 % राशि का ही प्राविधान किया गया है।

यह भी पढ़ें : त्रिवेंद्र सरकार ने पेश किया पहला सरप्लस व कर मुक्त बजट, पिछले साल के मुकाबले 7% बड़ा बजट, 12 विभागों का बजट घटा

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, देहरादून, 18 फरवरी 2019। प्रदेश के वित्तमंत्री प्रकाश पंत ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए त्रिवेंद्र सरकार का पहला 22.79 करोड़ का राजस्व व कर मुक्त सरप्लस, पिछले साल के मुकाबले 7 फ़ीसदी बड़ा बजट 48663.90 करोड़ का बजट पेश किया। इस कर मुक्त बजट में 9798.15 करोड़ के राजकोषीय घाटे का अनुमान है। 12 विभागों का बजट घटा है। बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सुशासन तथा में खेती-किसानी के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर पर जोर दिया गया है। बजट में अन्न दाता के कल्याण का भरोसा दिलाया गया है। बजट पेश करने के दौरान तब अजीब स्थिति भी उत्पन्न हो गयी जब वित्त मंत्री प्रकाश पंत तबीयत खराब होने से भाषण पढ़ते हुए बेहोश हो गए। इस पर उन्हें सदन से बाहर ले जाना पडा।
इस साल पिछले साल के मुकाबले 7 फ़ीसदी बड़ा बजट, 12 विभागों का बजट घटाइससे पूर्व सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते हुए सदन में सबसे पहले पुलवामा हमले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विधायक करन महरा ने मेजर चित्रेश बिष्ट और मेजर विभूति ढौंडियाल को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित करने की मांग की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व उप नेता सहित अनेकों विधायकों की आंखें नम नजर आईं। आगे 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष की बिना कारण गैर मौजूदगी में तीन संशोधन विधेयक पेश हुए और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित हुआ।

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार का जोर किसान और प्राइमरी सेक्टर पर है, ताकि किसान के साथ युवाओं को रोजगार के मौके मिल सके। बजट में राजस्व घाटा नहीं है, बजट सर प्लस है, और राजकोषीय घाटा भी सीमा के अंदर है। सैनिक-अर्धसैनिक मृतक आश्रितों के लिए सेवा योजन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प ‘सबका साथ सबका विकास’ है। सबसे ज़्यादा शिक्षा विभाग का बजट है. इसके साथ ही स्वास्थ, कृषि विभाग पर फ़ोकस किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष के लिए बजट करीब 23 करोड़ सरप्लस है। कुल आय  जहां 48,679 करोड़ अनुमानित है तो व्यय 48,663 करोड़ अनुमानित है. वित्त वर्ष में राज्य कर्मचारियों के वेतन भत्तों के लिए 14,513 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है. पेंशन और अन्य खर्चों के लिए 5,942 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ब्याज के लिए 5,332 करोड़ और लोन पेमेंट के लिए 2,876 करोड़ का खर्च अनुमानित है। 12 विभागों के बजट में पिछले साल के मुकाबले कटौती की गई है. सबसे ज्यादा लोनिवि का बजट 159 करोड़ रुपये कम हुआ है।वहीं खाद्य विभाग का बजट 23 करोड़ रुपये और उद्योग विभाग का बजट पिछले साल से 20 करोड़ रुपये कम हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के लिए बजट में 202 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैै। लेकिन अनुसूचित जातियों के कल्याण का बजट 55 करोड़ रुपये कम हुआ है. ग्राम्य विकास का बजट भी पिछले साल से 7 करोड़ रुपये कम हुआ है। कैबिनेट का बजट भी पिछले साल से 32 करोड़ रुपये कम हुआ है। जबकि राजस्व और सामान्य प्रशासन का बजट 150 करोड़ रुपये और सूचना विभाग का बजट पिछले साल से 15 करोड़ रुपये कम हुआ है।

यह भी पढ़ें: जानें क्या है केंद्रीय बजट पर पर्यटन प्रदेश के पर्यटन व्यवसायियों की प्रतिक्रिया

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 फरवरी 2019। शुक्रवार को आये केंद्र सरकार के बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बजट में कर छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर सीधे दोगुनी करते हुए पांच लाख की गयी है। वहीं जीएसटी में पंजीकृत उद्योगों के लिए 59 मिनट में एक करोड रुपये के ऋण मात्र दो फीसद ब्याज पर देने की घोषणा हुई है। उधर उत्तराखंड की समान प्रकृति के पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए वर्ष 2018-19 के मुकाबले वर्ष 2019-20 के लिए आवंटन को 21 फीसद बढ़ाकर 58,166 करोड़ किया गया है, किंतु पूरी बजट की रिपोर्ट मंे पांच सांसद देने वाले उत्तराखंड राज्य का कहीं जिक्र भी नहीं किया गया है।
लिहाजा इन स्थितियों पर मुख्यालय के खासक पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आनी लाजिमी हैं। नगर के शेरवानी होटल के प्रबंधक कमलेश सिंह का कहना है, निम्न मध्य वर्ग के लिए अच्छा है। इससे लोगों की बचत होगी, और बचत होगी तो पर्यटन में भी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। लिहाजा बजट कर्मचारियों के लिए बहुत अच्छी खबर लेकर आया है। वहीं उत्तर भारत के होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रवीण शर्मा का कहना है कि पर्यटन उद्योग केंद्रीय बजट से खासा निराश है। बजट में आवभगत से जुड़े पर्यटन उद्योग को छुवा भी नहीं गया है। प्रति रात्रि 7000 से अधिक किराये के कमरों पर 28 फीसद जीएसटी का प्राविधान है। इसके हटने की उम्मीद थी। लेकिन इसे कम नहीं किया गया है। बजट में निवेश बढ़ाने के लिए भी कुछ नहीं है। इन्हीं कारणों से पर्यटन गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट से उत्तराखंड जैसे राज्यों को काफी नुकसान होने जा रहा है। इसी तरह की प्रतिक्रिया नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि दिग्विजय बिष्ट की भी आई है। उनका कहना है कि बजट में पर्यटन, पहाड़ एवं उत्तराखंड के लिए कुछ भी नहीं है, जबकि इन क्षेत्रों में कर छूट मिलनी चाहिए थी। हालांकि हाल ही में जीएसटी में पंजीकरण के लिए 10 लाख रुपये तक के कारोबार की सीमा बढ़ाकर पूर्व में ही देश के अन्य राज्यों के बराबर 20 लाख की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि 5 लाख से अधिक आय वालों के लिए कर छूट पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमालयी राज्यों व पर्यटन के लिए अलग से नीति बननी चाहिए थी व खास तौर इस क्षेत्र में नये कर छूट के प्राविधान होने चाहिए थे। आगे रेलवे बजट से नयी रेलों, हवाई सेवाओं व हाई-वे तथा सड़कों आदि के लिए बजट प्राविधानों की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें : गांव किसान करदाता सबके लिए छप्पर फाड़ बजट, 5 साल की कसर पूरी

नवीन समाचार नई दिल्ली 1 फरवरी 2019। मोदी सरकार ने आज अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया। इसे चुनावी बजट भी कहा जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस बजट में गांव, गरीब, किसानों, मजदूरों के लिए कई बड़े ऐलान किए। इसमें लंबे समय से प्रतिक्षित आयकर में छूट का ऐलान किया। इस बजट में लगभग हर तबके को कुछ न कुछ देने का ऐलान किया है।

पूरा बजट देखें इस लिंक पर →hbs

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p style=”text-align: justify;”>5 लाख तक इनकम टैक्स में छूट
पीयूष गोयल ने कहा, ‘पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पूरी तरह से कर मुक्त होगी और विभिन्न निवेश उपायों के साथ 6.50 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई कर नहीं देना होगा। व्यक्तिगत कर छूट का दायरा बढ़ने से तीन करोड़ करदाताओं को 18,500 करोड़ रुपये तक का कर लाभ मिलेगा। वेतनभोगी तबके के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया।’ इस घोषणा के बाद संसद में काफी देर तक मोदी-मोदी के नारे गूंजते रहे। गोयल ने कहा, ‘हम कर दाताओं का शुक्रिया अदा करते हैं। आपके टैक्स से ही देश का विकास होता है।’

बजट से जुड़ी प्रमुख बातें:

  1. सरकार ने इनकम टैक्‍स स्‍लैब में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए 5 लाख तक की इनकम पर टैक्‍स छूट का प्रस्‍ताव रखा, जिसकी सीमा अब तक 2.5 लाख रुपये थी। इससे 3 करोड़ मध्‍यम वर्ग के परिवारों को फायदा मिलेगा।
  2. सरकार ने स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन को भी 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की बात कही। वहीं, सरकार ने बैंकों में एफडी के ब्‍याज पर 40 हजार तक कोई टैक्‍स नहीं लगने की घोषणा की, जिसकी सीमा अब तक 10 हजार रुपये थी।
  3. वित्‍त मंत्री ने छोटे-सीमांत किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2 हेक्‍टेयर वाले किसानों के खाते में सालाना सीधे 6 हजार रुपये जाएंगे। यह योजना 1 दिसंबर, 2018 से लागू होगी। सरकार की इस योजना से करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा।
  4. गायों के लिए सरकार कामधेनु योजना शुरू करेगी। मछली पालन के लिए भी आयोग बनेगा। पशुपालन और मत्‍स्‍यपालन के लिए लिए जाने वाले कर्ज में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
  5. सरकार ने कामकाजी लोगों के लिए अहम घोषणा करते हुए कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशें जल्‍द लागू की जाएंगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना आसान बनाई जाएगी।
  6. सरकार ने 21 हजार मासिक से कम वेतन पर काम करने वाले कामगारों को 7 हजार रुपये का बोनस देने की बात कही है। साथ ही ग्रेच्‍युटी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख किए जाने का ऐलान किया गया।
  7. प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है, जिसका लाभ 15 हजार कमाने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। कामगार की आकस्मिक मृत्‍यु की स्थिति में 6 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। सरकार ने
  8. अहम घोषणा करते हुए कहा कि जिनका ईपीएफ कटता है, उन्‍हें 6 लाख रुपये का बीमा प्रदान किया जाएगा।
  9. महिलाओं को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि सरकार 6 करोड़ महिलाओं को उज्‍जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्‍शन दे चुकी है। इस योजना के तहत महिलाओं को 8 करोड़ और एलपीजी कनेक्‍शन दिए जाएंगे।
  10. बजट पेश करते हुए वित्‍त मंत्री ने कहा कि देशभर में लोगों को उम्‍दा स्‍वास्‍थ्‍य सेवा मुहैया कराने के लिए दिल्‍ली के एम्‍स की तर्ज पर एम्‍स बनाए जा रहे हैं। इसी के तहत हरियाणा में देश का 22वां एम्स शुरू होने जा रहा 2 वर्षों के भीतर, कर निर्धारण इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जाएगा
  11. 2. आईटी सिर्फ 24 घंटे में प्रोसेसिंग कर देता है
  12. 3. केंद्रीय सरकार द्वारा राज्यों को जीएसटी का न्यूनतम 14% राजस्व।
    4. 36 कैपिटल गुड्स से कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है
    5. घर खरीदारों के लिए जीएसटी दरों को कम करने के लिए जीएसटी परिषद की सिफारिशें
    6. “सभी कटौती के बाद 5 लाख वार्षिक आय तक पूर्ण कर छूट।”
    7. स्टैंडर्ड डिडक्शन 40000 से बढ़कर 50000 हो गया है
    8. दूसरे स्व-कब्जे वाले घर पर कर की छूट
    9. टीडीएस यू / एस 194 ए की सीलिंग सीमा 10000 से 40000 हो गई है
    10. TDS u / s 194I की सीलिंग सीमा 180000 से बढ़कर 240000 हो गई है
    11. कैपिटल टैक्स बेनेफिट यू / एस 54 एक आवासीय घर में निवेश से बढ़कर दो आवासीय घरों तक पहुंच गया है।
    12. बेनिफिट यू / एस 80IB एक और वर्ष यानी 2020 तक बढ़ गया है
    13. अनसोल्ड इन्वेंट्री को दिया गया लाभ एक साल से दो साल तक बढ़ गया है।
    *अन्य क्षेत्र*
    14. राज्य का हिस्सा बढ़कर 42% हो गया है
    15. पीसीए प्रतिबंध 3 प्रमुख बैंकों से समाप्त कर दिया गया है
    16. 10% आरक्षण के लिए 2 लाख सीटें बढ़ेंगी
    17. मनरेगा के लिए 60000 करोड़
    18. सभी के लिए भोजन सुनिश्चित करने के लिए 1.7 लाख करोड़
    19. हरियाणा में 22 वां एम्स खोला जाना है
    20. पीएम किसान योजना को मंजूरी दी जानी है
    21. रुपये। 2 हेक्टेयर भूमि तक प्रत्येक किसान को 6000 प्रतिवर्ष दिया जाना है। सितंबर 2018 से लागू। राशि 3 किश्तों में स्थानांतरित की जाएगी
    22. गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु अयोग। रुपये। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए 750 करोड़
    23. पशुपालन करने वाले किसानों के लिए 2% ब्याज उपशमन और मत्स्य पालन के लिए अलग विभाग भी बनाना।
    २४. प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए २% ब्याज और समय पर भुगतान के लिए अतिरिक्त ३% ब्याज सबवेंशन।
    25. कर मुक्त ग्रेच्युटी सीमा 10 लाख से 20 लाख तक बढ़ जाती है
    26. 21000 मासिक कमाने वाले श्रमिकों के लिए बोनस लागू होगा
    27. प्रधान मंत्री श्रम योगी मन्धन नामक योजना, रु। की अनुमानित मासिक पेंशन प्रदान करेगी। 3,000 रुपये के योगदान के साथ। 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए 100 प्रति माह।
    28. हमारी सरकार ने उज्जवला योजना के तहत 6 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन वितरित किए
    29. MSME GST पंजीकृत व्यक्ति के लिए 2% ब्याज राहत
    30. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश
    31. रक्षा के लिए 3 लाख से अधिक करोड़
    32. अगले 5 वर्षों में एक लाख डिजिटल गांव
    33. भारत फिल्म निर्माताओं की मंजूरी के लिए एकल खिड़की

यह भी पढ़ें : अकेले 21000 करोड़ का कर्ज थोप उत्तराखंड को 44000 करोड़ के कर्ज में डुबो गए हरीश रावत

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पत्रकार वार्ता करते काबीना मंत्री प्रकाश पंत।

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p style=”text-align: justify;”>–पूर्व सीएम रावत के सरकार को वित्तीय स्थिति सामने रखने की चुनौती पर राज्य के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दिया जवाब
-कहा सरकार राज्य की राजधानी पर किसी भी प्रस्ताव पर सदन में विचार करने को है तैयार
नैनीताल। उत्तराखंड सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर राज्य का वित्तीय संतुलन बिगाड़ने और राज्य पर पांच वर्षों में 21000 करोड़ रुपए का कर्ज थोपने का आरोप भी लगाया।

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Breaking : ABVP की नगर व कॉलेज कार्यकारिणी की हुई घोषणा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जनवरी 2021। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नैनीताल इकाई की रविवार को नैनीताल क्लब में हुई बैठक में नगर एवं डीएसबी परिसर इकाई के दायित्वों की घोषणा की गई। डॉ. दीपक कुमार को नगर अध्यक्ष, करन बिष्ट को नगर मंत्री, प्रदीप कुमार व शिवेंद्र कांडपाल को नगर उपाध्यक्ष, रंजना अधिकारी धीरज … Read more

नैनीताल विंटर कार्निवाल पर बड़ा समाचार

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसम्बर 2020। जनपद नैनीताल में आगामी 26 दिसम्बर से 30 दिसम्बर तक आयोजित होने वाला विंटर कार्निवाल स्थगित कर दिया गया है। जानकारी देते हुये नैनीताल महोत्सव समिति के सचिव जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद कुमार गौड़ ने बताया है कि विंटर कार्निवाल 2020 के आयोजन हेतु आयोजन समिति के तकनीकी … Read more

मल्लीताल व्यापार मंडल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने निकाला विजय जुलूस, पहले ही तय हो गया किस दिन हो जाएंगे कार्यमुक्त..

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसम्बर 2020। मल्लीताल व्यापार मंडल के लिए रविवार को हुए चुनाव के परिणाम देर रात्रि करीब सवा 11 बजे घोषित किए गए। घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर निवर्तमान एवं पिछले दो दशक से इस पद पर बरकरार किसन नेगी, महामंत्री पद पर चौंकाते हुए त्रिभुवन फर्त्याल, महिला उपाध्यक्ष के … Read more

प्रतिष्ठित विद्यालय के विवाद में लखनऊ डायेसिस भी कूदी, दूसरे प्रतिष्ठित विद्यालय पर भी उठाए सवाल

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय के विवाद में अब लखनऊ डायेसिस भी कूद गई है। लखनऊ डायेसिस ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में इंटरवेंशन यायिका दाखिल कर उनका पक्ष भी सुने जाने का अनुरोध किया है। साथ ही पत्रकार वार्ता में इस प्रतिष्ठित विद्यालय के साथ ही आगरा डायेसिस एवं उसके … Read more

नैनीताल-हल्द्वानी के युवाओं ने हल्द्वानी में खोला विज्ञापन-मार्केटिंग का संपूर्ण समाधान

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। हल्द्वानी में गैस गोदाम चौराहा पर आधुनिकतम फ्लेक्स प्रिंटिंग मशीन, लेजर कटिंग मशीन व डिजिटल प्रिंटिंग मशीन युक्त हर तरह के फ्लेक्सी विज्ञापन एवं मार्केटिंग की सुविधाओं युक्त संस्थान अनुपम सलूशन-एलएलपी खुल गया है। बुधवार को प्रदेश के काबीना मंत्री यशपाल आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने नैनीताल … Read more

देश के लिए जान लुटाने वाले सेनानियों के आश्रितों को मात्र 4 हजार की कुटुंब पेंशन हास्यास्पद

-अपनी समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त से मिले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित

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मंडलायुक्त को ज्ञापन सोंपते अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन के सदस्य।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2021। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का एक शिष्टमंडल बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन के बैनर तले कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत से मिला। सदस्यों ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को वर्ष 2018 से उत्तराखंड सरकार के द्वारा चार हजार रुपए की कुटुंब पेंशन दिए जाने का प्राविधान किया गया है।

हास्यास्पद है कि यह पेंशन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सभी आश्रितों में बंटनी है। यानी यदि किसी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के 4 आश्रित हों तो सबको 1-1 हजार रुपए या 8 आश्रित होने पर 500-500 रुपए पेंशन मिलेगी। इसके बावजूद कई शर्ताें के कारण यह पेंशन भी पात्रों को नहीं मिल पा रही है।

इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रथम पीढ़ी के आश्रितों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भांति सुविधाएं एवं द्वितीय पीढ़ी के आश्रितों को भी प्रथम पीढ़ी के आश्रितों की भांति सुविधाएं देने, पूर्व में हो चुकी घोषणा के अनुरूप कुटुंब पेंशन की धनराशि 4 हजार को बढ़ाकर 10 हजार करने का शासनादेश जारी करने, बस के साथ रेलयात्रा की सुविधा भी देने, शिक्षा व नौकरी में 3 की जगह 5 फीसद आरक्षण दने, उत्तराधिकारी की बेटी की बेटियों को भी भी विवाह हेतु 50 हजार रुपए की धनराशि अनुदान स्वरूप देने तथा भूमिहीन उत्तराधिकारियों को शासनादेश के अनुरूप 100 वर्ग मीटर भूमि निःशुल्क आवंटित करने की मागें भी उठाई गई।

शिष्टमंडल में संगठन की संयोजक अनुपम उपाध्याय, जिलाध्यक्ष उमेश जोशी, महिला अध्यक्ष डॉ. सरिता कैड़ा, महिला उपाध्यक्ष बीना उप्रेती, पवन बिष्ट, आनंद जोशी व आकांक्षा उप्रेती आदि शामिल रहे।

2017-18 की इंटर उत्तीर्ण बालिकाओं को सिर्फ 5000 कन्याधन, अन्य को 51 हजार
नैनीताल। वार्ता के दौरान समस्या रखे जाने पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने जिला कार्यक्रम अधिकारी वे वार्ता कर स्पष्ट किया कि 2017 व 2018 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को केवल 5000 रुपए ही नंदा गौरा कन्याधन योजना के तहत मिलेगा, जबकि इससे पूर्व व बाद के वर्षों की बालिकाओं को 51 हजार रुपए कन्याधन दिया जा रहा है। माना गया कि यह इन बालिकाओं के साथ अन्याय जैसा है।

यह भी पढ़ें : जीवन के आखिरी पड़ाव में भी अपनी ही सरकार से निराश-हताश आपातकाल के पीड़ित…

-सोते हुए घर से गिरफ्तार किये गये, यातनाएं झेलीं, फिर भी अपनी सरकार ने भी नहीं दिया सम्मान-मान्यता
नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2020। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि से 21 मार्च 1977 के बीच लगे आपातकाल के भारतीय लोकतंत्र के सर्वाधिक काले इतिहास दौर की भेंट चढ़ने वालों के जख्म हर वर्ष 25 जून को हरे हो जाते हैं। सरोवरनगरी के भी दो ऐसे वयोवृद्ध लोग हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या होते न केवल अपनी आंखों से देखा, वरन इसके भुक्तभोगी भी बने। पुलिस द्वारा रात्रि में सोते हुए पकड़े गए। दो रात हवालात में रखकर पीटे गए। जेल जाने पर जमानत के लिए आवेदन किया तो न्यायालयों में भी व्याप्त हो चला भ्रष्टाचार झेला। किसी तरह जमानत मिली तो जमानती भी इसलिए नहीं मिले कि संबंध होने के आरोप में कहीं पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार न कर ले। इसी कारण ना ही गिरफ्तार होने पर घर वालों की और ना ही जेल से छूटने के बाद उनकी कुशल क्षेम पूछने ही कोई परिचित-पड़ोसी आया। इसी कारण लंबे समय तक लोग उनकी दुकान पर भी नहीं आते थे। इतनी परेशानियां झेलीं तो स्वप्न देखते थे कि कभी अपनी सरकार भी आएगी। अपनी सरकार आई और है भी, लेकिन उसने भी ठुकरा दिया। कभी ताम्रपत्र देने की बात हुई। कभी लोकतंत्र सेनानी घोषित करने का ख्वाब दिखाया। लेकिन नतीजा सिफर। फलस्वरूप लोकतंत्र के ये सेनानी आज भी उन स्थितियों से उबर नहीं पा रहे हैं। अपनी ही सरकार में भी हताश-निराश हैं।

यह कहानी मुख्यालय निवासी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे भुवन चंद्र हरबोला एवं आरएसएस के कामेश्वर प्रसाद काला की है। हरबोला को 16 नवंबर 1975 को किराये के घर में सोते हुए हल्की पूछताछ के नाम पर मल्लीताल कोतवाली के गब्बर सिंह कहे जाने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी ने की थी। उन्हें एक रात मल्लीताल और एक रात तल्लीताल थाने में रखा गया और 18 नवंबर को हल्द्वानी जेल भेजा गया, जबकि काला 1 दिसंबर को हल्द्वानी में सरकार विरोधी एक रैली के दौरान गिरफ्तार हुए। दोनों संघ के स्वयं सेवक थे। इसलिए सरकार उनके पीछे लगी थी। संघ के बड़े अधिकारियों ने उन्हें जल्दी जमानत ले लेने की सलाह दी, ताकि वे संघ की शाखाएं लगाने जैसी अपनी गतिविधियों को जारी रख सकें। इसलिए दोनों करीब एक सप्ताह जेल में रहकर जमानत पर बाहर आ गये। लेकिन न्यायालय में मुकदमा 21 मार्च 1977 को जनता पार्टी की सरकार आने तक चलता रहा। 1977 के चुनाव में देश के साथ नैनीताल लोक सभा में भी इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी को भारतीय लोकदल के  एक गुमनाम से चेहरे भारत भूषण ने पटखनी दे दी थी। श्री काला बताते हैं, जेल से आने पर भी कोई उनके घर की सीढ़ियां चढ़ने को तैयार नहीं था, क्योंकि लोग डरते थे कि उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। वहीं हरबोला बताते हैं जेल से छूटने के बाद भी पुलिस-प्रशासन उन्हें फिर से किसी तरह अंदर करने की जुगत में था। इसलिए वे एक दिन अपने भाई के साथ नैनीताल की बिड़ला चुंगी से होते हुए पैदल जंगल के रास्ते रातीघाट होते हुए जनपद से बाहर निकल गये थे। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जेल में गये गिने-चुने लोग ही बचे हैं, फिर भी सरकार की मंशा उन्हें किसी तरह की मान्यता-सम्मान देने की नहीं है। इससे वे निराश और हताश हैं।

उत्तराखंड सरकार की योजना का लाभ नहीं मिला

नैनीताल। विगत वर्षों में उत्तराखंड सरकार ने आपातकाल के दौरान डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ से इतर मीसायानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ में जेल गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा की थी। इस पर नैनीताल जनपद में ऐसे लोगों की पड़ताल की गयी, तो तत्कालीन संयुक्त नैनीताल जिले के कुल 10 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से पांच लोग वर्तमान में भी नैनीताल जिले और शेष पांच अब ऊधमसिंह नगर के हिस्से के निवासी मिले। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार नैनीताल जिले के मौजूदा निवासी बताये गये पांच में से तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि शेष दो अपने पतों पर मिल नहीं पाये। अलबत्ता जिला प्रशासन के प्रयासों से अन्य जिलों से भी नैनीताल जनपद व खासकर हल्द्वानी में आ बसे कुल 9 लोगों ने आवेदन किये। इनमें हरबोला और काला भी शामिल रहे, लेकिन निर्धारित से कम अवधि जेल में रहने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला।

कोश्यारी, त्रिपाठी, शर्मा सहित उत्तराखंड के 325 सेनानी गये आपातकाल में जेल

नैनीताल। आपातकाल में उत्तराखंड के 325 लोगों को डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ एवं मीसा यानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ के जेलों में ठूंसा गया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विधायक अधिवक्ता गोविंद सिंह, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पूरन चंद्र शर्मा, उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्य व विधायक विपिन चंद्र त्रिपाठी जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे।

सर्वाधिक 116 सेनानी ठूंसे गये हल्द्वानी जेल में

नैनीताल। आपातकाल के दौरान उत्तराखंड के जिन 325 लोगों को जेलों में ठूंसा गया, उनमें से सर्वाधिक 116 को नैनीताल जिले के हल्द्वानी उप कारागार में, 81 को नैनीताल जिला कारागार में, 52 को देहरादून की जेल में, 39 को अल्मोड़ा जिला जेल में, 29 को रुड़की जेल में और चार को टिहरी जेल में डाला गया था।

यह भी पढ़ें : आपातकाल के लोकतंत्र सेनानीः उम्र के आखिरी दौर में 7 को मिला लाभ, 4 के मामले लंबित

-नैनीताल जनपद से पहले 9 लोगों ने किया था आवेदन, इनमें से 7 को 1 वर्ष की पेंशन जारी, 2 के मामले में फिर से मांगी गयी है जांच रिपोर्ट, 2 नये आवेदन भी आये
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने 1975-77 के दौर में लगे आपातकाल के दौर में जेलों में ठूंस दिये गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ की सुध लेने में देर से ही सही लेकिन पहल कर दी है। कमोबेश बिना कारण झेली गयी उन भयावह यातनाओं को चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा हुई है, जिसके बाद जनपद में जीवित बचे 10 में से 9 लोकतंत्र सेनानियों ने यह दर्जा व पेंशन हासिल करने के लिए आवेदन किया था। अलबत्ता, नैनीताल के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भुवन चंद्र हरबोला एवं वयोवृद्ध आरएसएस नेता कामेश्वर प्रसाद काला को छोड़कर शेष 7 लोगों को बीते माह पेंशन स्वीकृत होने के साथ ही 1 वर्ष की एकमुश्त जारी हो गयी है। वहीं इधर 2 नए लोगों ने भी बीते माह आवेदन कर दिये हैं। नैनीताल मुख्यालय निवासी इन दो लोकतंत्र सेनानियों के बारे में शासन ने फिर से जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन से मांगी है।

उल्लेखनीय है कि 25 जून 1975 की मध्य रात्रि से 21 मार्च 1977 के बीच देश में लगे आपातकाल के दौर में देश भर के साथ उत्तराखंड राज्य के लोगों को भी तत्कालीन इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के आंखों में वैचारिक तौर पर खटकने भर से जेलों में ठूंस दिया गया था। इधर इस वर्ष राज्य सरकार ने आपातकाल के दौरान डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ से इतर मीसायानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ में जेल गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा की थी। इस पर नैनीताल जनपद में ऐसे लोगों की पड़ताल की गयी, तो तत्कालीन संयुक्त नैनीताल जिले के कुल 10 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से पांच लोग वर्तमान में भी नैनीताल जिले और शेष पांच अब ऊधम सिंह नगर के हिस्से के निवासी हैं। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार नैनीताल जिले के मौजूदा निवासी बताये गये पांच में से तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष दो अपने पतों पर मिल नहीं पाये। अलबत्ता जिला प्रशासन के प्रयासों से अन्य जिलों से भी नैनीताल जनपद व खासकर हल्द्वानी में आ बसे कुल 9 लोगों ने आवेदन किये हैं।

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चिंताजनक: हिमालय की छटा इस वर्ष मनमोहक नहीं

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 दिसम्बर 2020। नगर के हिमालय दर्शन प्वाइंट सहित किलबरी रोड एवं नैना पीक चोटी, स्नो व्यू व टिफिन टॉप आदि से गढ़वाल मंडल की पोरबंदी, केदारनाथ, कर्छकुंड से लेकर चौखंभा, नीलकंठ, कामेत, गौरी पर्वत, हाथी पर्वत, नंदाघुंटी, त्रिशूल, मैकतोली (त्रिशूल ईस्ट), प्रख्यात पिंडारी व सुंदरढूंगा ग्लेशियर, नंदा देवी, नंदाकोट, राजरम्भा, लास्पाधूरा, … Read more

पढ़ें 1 अक्टूबर 2021 के ‘राष्ट्रीय सहारा’ का कुमाऊं संस्करण

आज के ‘राष्ट्रीय सहारा’ के ‘कुमाऊं संस्करण’ में पूरे उत्तराखंड एवं देश-दुनिया के चुनिंदा बड़े समाचार बिल्कुल छपे हुए अखबार की तरह पीडीएफ फॉरमेट में, बड़ा करके पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें👉RS DDN KUM-01.10.2021 देखें पिछले अंक : 30 सितंबर का राष्ट्रीय सहारा⇒RS DDN KUM-30.09.2021 29 सितंबर का राष्ट्रीय सहारा⇒RS DDN KUM 29.09.2021 28 सितंबर … Read more

आ गये उत्तराखंड सरकार के सामाजिक, धार्मिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक, मनोरंजन गतिविधियों व स्विमिंग पूल के लिए नए दिशा-निर्देश

नवीन समाचार, देहरादून, 29 नवंबर 2020। उत्तराखंड सरकार ने रविवार को कोरोना से बचाव के लिए वह नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिनका इंतजार किया जा रहा था। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार सबसे बड़ी बात, सामाजिक, धार्मिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम जिस कमरे या हॉल में होंगे, उसकी क्षमता के 50 फीसद या … Read more

उत्तराखंड में फिर ‘बलूनी है तो मुमकिन है!’: राज्य को मिल सकता है टाटा से बड़ा तोहफा..

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 28 नवम्बर 2020। उत्तराखंड को जल्द ही कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में एक बड़ी सौगात मिल सकती है।  भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने इसके लिए पहल की है।

उल्लेखनीय है कि बलूनी पिछले दिनों कैंसर से ग्रस्त हो गए थे। इस दौरान मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट मैं उनका उपचार हुआ था। बताया जा रहा है कि इस दौरान ही उनके मन में विचार आया था कि उत्तराखंड के आम लोगों के लिए भी इस तरह की सुविधा होनी चाहिए तभी उन्होंने टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा से इस इंस्टीट्यूट की शाखा उत्तराखंड में खोलने की बात कही, जिस पर ही उन्हें रतनजी टाटा की ओर से खत लिख कर भरोसा दिलाया गया है। अनिल बलूनी ने इसकी जानकारी अपने फेसबुक पेज पर भी दी है।

जानकारी के मुताबिक टाटा ग्रुप ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और सब कुछ ठीक रहा तो जल्द कैंसर इंस्टीट्यूट का तोहफा राज्य को मिल सकता है।

यह भी पढ़ें : अब नैनीताल-मसूरी वालों का दिल जीतने की राह पर बलूनी

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मार्च 2019। राज्य सभा सांसद बनने के बाद छोटी सी अवधि में ही पूरे राज्यवासियों के दिलों पर छा गये और वास्तव में ‘सांसद’ पद की उपयोगिता साबित करने वाले अनिल बलूनी अब प्रदेश की दो पर्वतीय पर्यटन नगरों-नैनीताल व मसूरी वासियों का दिल जीतने की राह पर नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को बलूनी ने अपने फेसबुक खाते के जरिये सूचना दी है ‘मसूरी की पेयजल योजना स्वीकृत और नैनीताल की 333 करोड़ की योजना पर कार्य जारी, माननीय प्रधानमंत्री जी का शत-शत अभिनंदन!!’ साथ ही एक अन्य पोस्ट में लिखा है कि उन्होंने 25 दिसंबर को बताया था कि मसूरी व नैनीताल की पेयजल समस्या के लिए प्रयासरत हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए अवगत करा रहे हैं कि प्रधानमंत्री की विशेष निधि से मसूरी के पेयजल संकट के समाधान के लिए 187 करोड़ की योजना स्वीकृत करते हुए इस वित्तीय वर्ष में 8 करोड़ रुपये जारी भी कर दिये गये हैं। मोदी हैं तो मुमकिन है।

यह भी पढ़ें : अब उत्तराखंड को दुनिया के सामने पेश करने को प्रसून जोशी से मिले बलूनी, ले लिया एक वादा..

Anil Baluni Prasoon Joshiनवीन समाचार, नैनीताल, 3 मार्च 2019 । राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी लगातार उत्तराखंड के उत्थान  के लिए नई पहल  करते  जा रहे हैं  इसी कड़ी में  बलूनी ने प्रसिद्ध गीतकार, लेखक और भारतीय सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी से भेंट की है। अनिल बलूनी ने प्रसून जोशी से अनुरोध किया कि वे उत्तराखंड में पर्यटन के विकास हेतु एक ऐसा प्रेरक गीत लिखें कि पर्यटन और तीर्थाटन हेतु देश-विदेश के सैलानी और श्रद्धालु उत्तराखंड आयें। इससे जनता उत्तराखंड को देखेगी और उत्तराखंड से पलायन रुकेगा। अनिल बलूनी ने कहा, हमें गर्व है कि देवभूमि के बेटे प्रसून जोशी ने अपनी कलम से उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है।  माना जा रहा है कि प्रसून जोशी ने बलूनी केेेे अनुरोध पर उत्तराखंड के लिए एक सुंदर गीत लिखने का मन बना लिया है।

 यह भी पढ़ें : बलूनी ने फिर की ऐसी पहल कि तारीफ करने को मजबूर हो जाएंगे विरोधी भी

-बलूनी ने कहा-उद्घाटन का इंतजार न करें, जनता के लिए शुरू करें नई योजनाएंं, इसे कहां जा रहा है बदलती राजनीति का संकेत

-बलूनी की सांसद निधि से लगभग पूर्ण हो चुके कोटद्वार व उत्तरकाशी आईसीयू एवं वेंटिलेटर सेंटर

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 फरवरी 2019 ।राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने अपनी सांसद निधि से लगभग पूर्ण हो चुके कोटद्वार और उत्तरकाशी आईसीयू एवं वेंटीलेटर सेंटरों के उद्घाटन का इंतजार किए बगैर शुरू कर देने को कहा है।अनिल बलूनी ने कोटद्वार और उत्तरकाशी आईसीयू एवं वेंटीलेटर सेंटरों के बाबत में प्रदेश के स्वास्य सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि आईसीयू सेंटर का निर्माण कार्य पूर्ण होते ही उद्घाटन की औपचारिकता की प्रतीक्षा करने के बजाय तत्काल उसे जनता की सेवा में समर्पित कर दिया जाए।सांसद बलूनी ने कहा की जनता के धन से जनता के लिए तैयार की गई सुविधा तत्काल जनता की सेवा में समर्पित हो जानी चाहिए। हमें शिलान्यास, उद्घाटन आदि की औपचारिकताओं से ऊपर उठ कर व्यावहारिक होने की आवश्यकता है। समय के साथ हमें अपनी कार्यसंस्तुतियों में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईसीयू का निर्माण पूर्ण होते ही उसे तत्काल जनता की सेवा में प्रारंभ कर देना चाहिए। ऐसा न हो कि उद्घाटन की औपचारिकताओं के कारण तैयार आईसीयू होते हुए भी कोई महत्वपूर्ण जीवन संकट में पड़ जाए क्योंकि तैयार होते ही यह जनता की स्वत: संपत्ति है। सांसद बलूनी ने कहा कि संतोषजनक समय में आईसीयू सेंटर का निर्माण पूर्ण हुआ है। इनका कुशल संचालन हो और अपेक्षित मेडिकल स्टाफ की तैनाती कर जनता को सुविधा देना हमारी प्राथमिकता है़ दुर्गम क्षेत्रों में आईसीयू सेंटर गंभीर रोगियों के लिए वरदान साबित होंगे।

यह भी पढ़ें : अब हल्द्वानी ऋषिकेश में इस पहल के लिए अनिल बलूनी को तारीफें मिलनी तय

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2019 । राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी एम्स ऋषिकेश और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के नजदीक सांसद निधि व अन्य संस्थाओं के सहयोग से आरोग्य सदनों का निर्माण कराएंगे। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में बनने वाले इन आरोग्य सदनों से पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले गरीब रोगियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।

बलूनी ने मंगलवार को इस संबंध में देहरादून और नैनीताल के जिलाधिकारियों व ऋषिकेश और हल्द्वानी के मेयरों से चर्चा कर आरोग्य सदनों के लिए शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। बलूनी ने कहा कि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले रोगियों एवं उनके परिजनों को उपचार के अलावा भोजन, परिवहन और प्रवास में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। अस्पताल के निकट बनने वाले आरोग्य सदन उनका परिवहन एवं प्रवास खर्चा बचाएंगे। साथ ही उन्हें कम लागत पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए कैंटीन का भी निर्माण कराया जाएगा। बलूनी ने कहा कि प्रथम चरण में इन सदनों में 100 से अधिक व्यक्तियों के रुकने के लिए कक्षों के साथ-साथ दो डोरमेट्री हॉल (पुरुष-महिला) और कैंटीन का निर्माण कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें : जल्द कुमाऊं-उत्तराखंड को एक बड़ी खुशखबरी सुनाने वाले हैं बलूनी

बलूनी ने मांगा उत्तराखण्ड के लिये सम्पूर्ण स्वास्थ्य कवच
नैनीताल, 24 नवंबर 2018। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सांसद  अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के संपूर्ण समाधान के लिए एक विस्तृत फार्मूला प्रस्तुत किया है। हाल ही में अपनी हल्द्वानी में हुई पत्रकार वार्ता में बलूनी ने कहा था कि वह उत्तराखंड की स्वास्थ्य समस्याओं के बड़े समाधान के विषय में होमवर्क कर रहे हैं ताकि राज्य की जनता को प्रदेश में ही उपचार सुलभ हो सके और नागरिकों को उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। इस सम्बन्ध में उन्होने आज एक पत्र प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को लिखा है व शीघ्र ही  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी से भेंट करेंगे और  स्वास्थ्य मंत्री  जे पी नड्डा जी से इस विषय में चर्चा करेंगे।
उन्होंने इस विषय पर विस्तृत अध्ययन करके एक ब्लूप्रिंट पत्र के माध्यम से  प्रधानमंत्री जी के समक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा उन्हें उम्मीद है कि आगामी दिनों में उनके प्रस्ताव पर प्रदेशवासियों को सुखद समाचार प्राप्त होगा। बलूनी ने कहा कि प्रधानमंत्री  का उत्तराखंड से भावात्मक संबंध है, वे देश के ऐसे पहले यशस्वी प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सर्वाधिक बार उत्तराखंड की यात्राएं की हैं और उत्तराखंड की सम्पूर्ण समस्याओं से अवगत हैं। “अटल जी ने बनाया है, मोदी जी संवारेंगे” के मन्त्र के साथ भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड के विकास के लिए अनवरत सेवारत है।
श्री बलूनी ने कहा अटल जी द्वारा प्रदान ऋषिकेश एम्स अब प्रभावी रूप से सेवाएं देने लगा है, किंतु उत्तराखंड राज्य की जनता को संपूर्ण उपचार देने हेतु पर्याप्त नहीं है। श्री बलूनी ने प्रधानमंत्री जी को संबोधित पत्र में कहा है कि ऋषिकेश एम्स का एक अतिरिक्त परिसर कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी में स्थापित किया जाए। इसके साथ ही श्रीनगर गढ़वाल और अल्मोड़ा में एक-एक मेडिकल पीजीआई की स्थापना की जाए। इन चार संस्थानों की स्थापना के बाद उत्तराखंड की जनता को उच्च कोटि का उपचार प्राप्त होगा और राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि में एक ऐतिहासिक कदम होगा और राज्य के लिए वरदान साबित होगा।
सांसद बलूनी ने उम्मीद जताई कि माननीय प्रधानमंत्री जी जिनका उत्तराखंड के प्रति विशेष स्नेह है, वह राज्य की जनता को निःसन्देह यह सौगात देंगे। उत्तराखंड अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ सामरिक प्रांत है। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने हेतु सरकार कृत संकल्प है, किंतु इसके संपूर्ण समाधान के लिए बड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

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नवीन जोशी, नैनीताल, 22 सितंबर 2018। भारतीय जनता पार्टी के राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी ने फिर एक अभूतपूर्व फैसला लेते हुए उत्तराखंड राज्य के एक गैर-आबाद निर्जन ‘घोस्ट विलेज’ यानी भुतहा गांव कहे जा रहे पौड़ी जिले के दुगड्डा ब्लॉक के दूरस्थ गांव बौर को गोद लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस गांव को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लिया गया है, इसके बाद अन्य ऐसे गैर-आबाद गांवों को भी इसी मॉडल पर आबाद करने के प्रयास किये जायेंगे। इस गाँव को पुनर्जीवित करने के लिए मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़ा जाएगा ताकि यह गांव पुनर्जीवित होकर अपने पूर्व के स्वरूप में आबाद हो सके। इस संबंध में शीघ्र ही इस गांव के प्रवासियों के साथ बैठक की जायेगी।

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तीन करोड़ प्रवासी उत्तराखंडियों की ‘घर वापसी’ कराएगा आरएसएस !

उनकी इस ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की पहल पर विपक्ष की ओर से पूर्व सीएम हरीश रावत की ओर से प्रतिक्रिया काफी कुछ कहने वाली है। हरीश रावत ने भाजपा नेताओं को सलाह दी है कि वह बलूनी की पहलों से घबरायंे नहीं वरन प्रतिस्पर्धा करें। इससे साफ होता है कि अपनी पहलों से बलूनी विपक्ष के बड़े नेताओं का भी ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करने में सफल रहे हैं। वहीं यह भी दिखाई दे रहा है उनकी पार्टी-भाजपा के लोग अभी भी उन्हें अधिक महत्व देने से बच रहे हैं। पिछले दिनों उनकी पहल पर नैनी-दून जन शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ी चलाने पर राज्य के उनकी पार्टी के नेताओं में रही श्रेय लेने की होड़ पर स्वयं केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल को सफाई देनी पड़ी थी।
बलूनी की गैर-आबाद ग्रामों के पुनर्जीवन की कार्ययोजना के तहत वे उत्तराखण्ड के प्रवासी परिवारों-संगठनों के बीच जाकर संवाद करेंगे। उत्तराखंड के लाखों प्रवासी जो कि दिल्ली, लखनऊ, बरेली, मेरठ, गाजियाबाद, चंडीगढ़, भोपाल, इंदौर, जयपुर, मुंबई आदि शहरों में जाकर बस गए हैं, उन सबसे चर्चा कर गांव के पुनर्जीवन हेतु अनुरोध किया जाएगा और उनकी मांगों के निराकरण हेतु प्रयास किया जाएगा। साथ ही प्रवासियों से संवाद अभियान के माध्यम से उत्तराखंड के कौथीग (मेले), ऋतुपर्व और पारंपरिक आयोजनों को पुनः पुनर्जीवित करने के लिए संपर्क किये जायेंगे। उल्लेखनीय है कि इस तरह की मुहिम की घोषणा पूर्व में आरएसएस के द्वारा भी की गयी थी, जिसमें प्रवासी उत्तराखंडियों से वर्ष में एक बार अपने गांव आने का आह्वान करने की बात कही गयी थी। लेकिन योजना कहीं धरातल पर उतरी हो, इसकी जानकारी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बलूनी इससे पूर्व पौड़ी जिले के धूमाकोट-नैनीडांडा में बीती 4 जुलाई 2018 को हुई 48 यात्रियों की जान लेने वाली भीषण बस दुर्घटना के बाद अपने छह वर्ष के कार्यकाल में हर वर्ष 2-3 कर उत्तराखंड के हर जिले में 18 आईसीयू बनाने की घोषणा करके भी सुर्खियों में रहे थे। इसके अलावा वे राज्य में सेना के अस्पतालों में स्थानीय लोगों को भी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और राज्य में केंद्रीय संस्थान स्थापित करने की पहलों के साथ भी लगातार अपना सियासी कद बढ़ाते नजर आ रहे हैं। यह भी विदित हो कि 2017 में उत्तराखंड के विस चुनावों के बाद उनका नाम भी राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुखता से सियासी हलकों में चला था, लेकिन तब तक जनता से सीधे तौर पर न जुड़े होने की कमी उनकी राह में आढ़े आ गयी थी। लेकिन राज्य सभा सदस्य के तौर पर निर्वाचित होने के बाद से वे लगातार जनता के दिलों पर छाते जा रहे हैं। यह कहना भी गलत न होगा कि पूर्व रास सांसद तरुण विजय के बाद वे एक रास सांसद की क्षमताओं का जनता को अहसास कराने में सफल रहे हैं। ऐसे में वे भविष्य में राज्य के मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में गिने जाएं और मुख्यमंत्री बन जाएं तो आश्चर्य न होगा।

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    • खुशखबरी : सेना के डॉक्टर सूबे में आम लोगों का इलाज भी करेंगे 
    • केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी सैद्धांतिक सहमति 
  • सांसद अनिल बलूनी के अनुरोध पर मिली प्रदेश को Anil Baluniसौगात 

देहरादून, 15 सितंबर 2018 । डॉक्टरों की कमी की समस्या झेल रहे उत्तराखंड के लिए खुशखबरी है। प्रदेश के छावनी क्षेत्रों में तैनात सेना के डॉक्टर अब आम लोगों का इलाज भी करेंगे। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की जनता के लिए स्वास्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 25 अगस्त 2018 को नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस का तोहफा भी दिलाया था। इसके अलावा वे हाल में संसद में उत्तराखंड के लिए विशेष राहत पैकेज और एनडीआरएफ की स्थाई यूनिट स्थापित करने की मांग भी उठा चुके हैं।

शनिवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में उन्होंने उत्तराखंड के सामान्य नागरिकों को भी सेना के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार देने के लिए अनुरोध किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति दी है। यह फैसला पर्वतीय जनता की स्वास्य सेवा के क्षेत्र में मील का पत्थर होगा। सांसद बलूनी की रक्षा मंत्री के साथ उनके साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय में भेंट हुई। बैठक में उत्तराखंड के उन सैन्य क्षेत्रों (छावनियों) में, जहां सेना के चिकित्सक उपलब्ध हैं, उनके द्वारा राज्य के सामान्य नागरिकों को भी चिकित्सकीय सहायता मिले, इस विषय पर रक्षा मंत्री से भेंट की तथा दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्य की सुविा प्रदान करने पर र्चचा हुई। सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने राज्य के पलायन की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वयं उत्तराखंड की परिस्थितियों से अवगत हैं और स्वास्य, शिक्षा तथा रोजगार के लिए निरंतर राज्य से पलायन के कारण चिंतित हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सीमांतवासियों के लिए स्वास्य की सुविधा प्राथमिक रूप से मिलनी चाहिए। इसके कार्यान्वयन के लिए सेना के संबंधित कमान से र्चचा करेंगी। सांसद बलूनी ने कहा कि सेना के देहरादून, रुड़की, लैंसडाउन, हर्षिल, रुद्रप्रयाग, जोशीमठ, रानीखेत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ व धारचूला में सैन्य क्षमता के आधार पर मिलिट्री हॉस्पिटल, फील्ड हॉस्पिटल, सेक्शन हस्पिटल और जनरल हॉस्पिटल कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर आईसीएचएस क्लीनिक कार्य कर रही हैं। रक्षा मंत्री जी से अनुरोध किया गया कि केवल प्राथमिक उपचार, औषाि और मरहम पट्टी स्तर की क्लीनिक जो आम नागरिकों के लिए कुछ घंटे दैनिक रूप से सेवा दें ताकि नागरिकों को स्वास्य के क्षेत्र में बड़ी राहत मिल सके।

अर्धसैनिक बलों के डॉक्टरों को लेकर आज केंद्रीय गृहमंत्री से मिलेंगे बलूनी

देहरादून। अर्धसैनिक बलों के चिकित्सकों से भी प्रदेश की आम जनता का इलाज मिल सके इस बाबत राज्य सभा अनिल बलूनी का रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भेंट का समय तय हुआ है। सांसद बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश में सेना के साथ-साथ आईटीबीपी, एसएसबी और सीआरपीएफ की बटालियनें भी हैं, इस संबंध में वह रविवाव को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे और गृहमंत्री से अपील करेंगे कि वह अर्धसैन्य बलों के चिकित्सकों के माध्यम से भी स्थानीय नागरिकों को मेडिकल सुविधा देने की कृपा करें।

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दिल्ली होते हुए काठगोदाम जैसलमेर एक्सप्रेस को मिली ‘हरी झंडी’, कार्यक्रम जारी…

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 नवम्बर 2020। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए 28 नवंबर से अग्रिम आदेशों तक काठगोदाम जैसलमेर एक्सप्रेस के संचालन का निर्णय लिया गया है। ट्रेन के संचालन से मुरादाबाद, दिल्ली, जयपुर समेत तमाम क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधाएं होंगी। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा जारी समय सारणी … Read more