शुभ समाचार : केवल 3 दिन में एमआई-17 से हो सकेंगे आदि कैलाश, ॐ पर्वत व कैलाश पर्वत के दर्शन

(Kailash Mansarovar Yatra willStart Again in June

नवीन समाचार, देहरादून, 19 सितंबर 2024 (Adi Kailash-Om Parvat-Kailash Parvat Heli Yatra)। देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के धाम आदि कैलाश, ॐ पर्वत के साथ कैलाश पर्वत के दर्शनों की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुभ समाचार है। अब उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित इन स्थानों की कठिन पहाड़ों और जोखिम भरे रास्तों से होने … Read more

चीन को लगता है लाभदायक है प्लास्टिक, चीन में पढ़ा रहे प्रोफेसर ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में कहा-इलाज के काम भी सकता है प्लास्टिक

-कुमाऊं विश्वविद्यालय में दिया ऑनलाइन व्याख्यान नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2024 (Chinese professor told in KUv-Plastic beneficial)। आम तौर पर जानलेवा और हानिकारक माने जाने वाले प्लास्टिक को चीन लाभदायक लगता है। चीन में पढ़ा रहे प्रोफेसर टैक्सो कनैको ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में ऑनलाइन व्याख्यान देते हुये अनेक लाभ बताते हुये प्लास्टिक की पैरवी … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था उत्तराखंड के जागेश्वर व आदि कैलाश-ॐ पर्वत जरूर जायें, जानें सड़क व हेलिकाप्टर से इस यात्रा की पूरी 1-1 जानकारी….

PM Narendra Modi Adi Kailash, Sadak Sangharsh

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 दिसंबर 2023 (Kailash-Aadi Kailash-Om Parvat KMVN-Heli Yatra)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गत 12 अक्टूबर 2023 को उत्तराखंड के जागेश्वर व आदि कैलाश की यात्रा के बाद देश भर के श्रद्धालुओं में इन गंतव्यों के प्रति खासा जोश है। इधर आदि कैलाश व ॐ पर्वत के लिए हेलिकाप्टर सेवा भी शुरू की … Read more

उत्तराखंड के इस स्थान से एक साथ कर सकते हैं 2-2 कैलाश पर्वतों व ॐ पर्वत के दिव्य दर्शन

Kailash Mansarovar

Kailash Mansarovar Yatra

Foreigners : 13 वर्षों से गुजरात में रह रहा संदिग्ध बांग्लादेशी उत्तराखंड से गिरफ्तार

(Half-Burnt Body of a Women Found in the Forest) Friend's brutality, Himakat, Haldwani Vigilance arrested Teacher & Headmaster,

Foreigners

Personality : हरेला पर्व पर विशेषः हर रोज हरेला मना रहा नैनीताल का ‘वाटर हीरो-वृक्ष मित्र’ ‘चंदन’

Personality

Personality : Uttarakhand’s badminton player Lakshya Sen has emerged victorious at the Canadian Open 2023, defeating Li Shi Feng of China in straight games. Union Sports Minister Anurag Thakur praised Lakshya’s sensational victory, highlighting his previous achievements, including winning a gold medal in the Commonwealth Games and being the first Indian to win the Thomas Cup.

बड़ा मामला: उत्तराखंड के डीजीपी के नाम से रंगदारी मांगे जाने का मामला आया सामने

नवीन समाचार, देहरादून, 5 दिसंबर 2022। देश-प्रदेश में साइबर अपराधी बुरी तरह से सक्रिय हैं। अब उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों रंगदारी मांगे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। किसी ने ट्रूकॉलर की प्रोफाइल पर डीजीपी अशोक कुमार की एक अन्य आईपीएस अधिकारी के मिलते … Read more

नई पहल : होम स्टे क्लस्टर्स में अपने खर्च पर रात्रि प्रवास करेंगे जिले के अधिकारी: डीएम ने दिए निर्देश

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 नवंबर 2022। जिला प्रशासन नैनीताल की नवीन पहल के अंतर्गत जनपद नैनीताल के चयनित ग्रामों में विकास को गति देने के उद्देश्य से अधिकारी अपने खर्च पर होम स्टे में रात्रि निवास करेंगे और धरातल पर उतर कर कार्य करेंगे। ऐसा करने से न केवल उन्हें जमीनी हकीकत का ज्ञान होगा, … Read more

चीन के दबाव में कालापानी पर नेपाल का दावा भ्रामक और झूठा : कार्की

-हिंदू जागरण मंच के प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा विकट परिस्थितियों के बावजूद सीमावर्ती नागरिकों का देशप्रेम का जज्बा अनुकरणीय -अगले साथ अगस्त 2021 में आदि कैलाश महोत्सव का आयोजन करेगा हिजामं नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अक्टूबर 2020। हिंदू जागरण मंच के प्रदेश संगठन मंत्री भगवान कार्की ने एक सप्ताह पूर्व से भारत-नेपाल व चीन … Read more

कोरोना से थमे चीन को पाठ पढ़ा रहीं नैनीताल की गायत्री

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-चीन की शियान जाइटोंग यूनिवर्सिटी में पिछले 10 वर्षों से पढ़ाती हैं नैनीताल की डा. गायत्री कठायत, यहां से भी छात्र-छात्राओं को नैनीताल से ऑनलाइन पढ़ाते हुए 90 फीसद कार्य पूरे कर रही हैं

Gayatri Kathayat
अपने घर पर चीन के विद्यार्थियों को पढ़ातीं डा. गायत्री कठायत।

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 फरवरी 2020। भयानक जानलेवा कोरोना वायरस से सैकड़ों नागरिकों की मौत के बाद पड़ोसी देश चीन कमोबेश थम गया है, लेकिन चीन की शियान जाइटोंग यूनिवर्सिटी में पिछले करीब 10 वर्षों से प्रोफेसर के पद पर काम करने वाली डा. गायत्री कठायत थमी नहीं हैं। वे इन दिनों अपने घर नैनीताल में हैं। उन्होंने अपने घर पर बकायदा अपना विशेष कार्यालय स्थापित कर लिया है, जहां से वे शियान यूनिवर्सिटी के अपने छात्र-छात्राओं एवं शोधार्थियांे को ऑनलाइन पढ़ा रही हैं। उल्लेखनीय है कि डा. गायत्री के नाम एक भूविज्ञानी होने के तौर पर दिसंबर 2017 में दुनिया के 5700 वर्षों के मौसमी आंकड़े तैयार करने की उपलब्धि दर्ज है।
डा. गायत्री ने बताया, वे प्रतिदिन 12 से 14 घंटे घर से भी अपने कार्य पर रहती हैं। अपने विद्यार्थियों के लिए यहीं से कक्षाएं लेकर उनके लिए ऑनलाइन लेक्चर व प्रजेंटेशन तैयार करती व शोध कार्य करती हैं, उन्हें विद्यार्थियों को उपलब्ध कराती हैं और उनके सवालों के जवाब भी देती हैं। विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति भी दर्ज करती हैं। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी करती थीं। वहीं आगे जरूरत पड़ने पर वह उनकी ‘ओएमआर’ शीट पर परीक्षा भी लेंगी। गायत्री की अपने कार्य के प्रति इतनी अधिक प्रतिबद्धता है कि वह यहां इंटरनेट की धीमी गति की समस्या के कारण पूरी रात्रि कार्य करती है। उन्होंने बताया कि जो वे शियान में करती थीं, उसका केवल प्रयोगात्मक कार्य छोड़कर 90 फीसद कार्य यहां से भी कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह ऑनलाइन पढ़ाना उनके लिए कुछ नयां नहीं है। अक्सर ही संगोष्ठियों में जाने पर वे विद्यार्थियों के ऑनलाइन पढ़ाती रही हैं। उन्होंने कहा, चीन में भले मोबेलिटी यानी कहीं आना-जाना थम गया है, किंतु यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं रुकी है। ड्रापबॉक्स के माध्यम से यूरोपीय व अमेरिकी देशों की तरह विद्यार्थियों को बरसों से ऑनलाइन पढ़ाया जाता है।
उन्होंने बताया कि वह 1 जनवरी को एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेने के लिए वियतनाम गई थीं। वहां चल रहे स्प्रिंग फेस्टिवल के वे घर आ गई थीं। पहले उन्हें उनका शहर शियान कोरोना प्रभावित हुबे राज्य के वुहान शहर से 1000 किमी दूर उत्तर में होने की वजह से उन्हें कोरोना से संक्रमित होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वियतनाम में पता चलने पर वह भारत आ गईं। उन्हंे 1 फरवरी को लौटना था लेकिन उनकी यूनिवर्सिटी ने उन्हें सहित सभी प्रोफेसरों व छात्र-छात्राओं को बचाव व सुरक्षा उपायों के तहत घर पर ही रुकने की हिदायत दी है। उल्लेखनीय है कि डा. गायत्री नगर पालिका में कार्यरत रहे चंदन कठायत एवं भाजपा नेत्री तुलसी कठायत की पुत्री हैं एवं नगर के सात नंबर क्षेत्र में रहती हैं।

दो से नई दिल्ली में अंतराष्ट्रीय जियोलॉजिकल कांग्रेस में करेंगे प्रतिभाग
नैनीताल। डा. गायत्री आगे नई दिल्ली में दो से आठ मार्च तक आयोजित होने जा रही आईजीसी यानी अंतराष्ट्रीय जियोलॉजिकल कांग्रेस में प्रतिभाग करने जा रही हैं। उन्होंने बताया कि चार वर्ष में होने वाली अंतराष्ट्रीय जियो कांग्रेस में सामान्यता 45 से अधिक उम्र के वैज्ञानिक ही प्रतिभाग कर पाते हैं, किंत उनकी उपलब्धियों की वजह से कम उम्र के बावजूद उन्हें इसके एक हिस्से में की-नोट स्पीकर यानी बीज वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस हेतु उन्हें यहां आना ही था। भारत ने 2012 में पेरिस में हुई आईजीसी में 2020 में भारत में इसका आयोजन करने का वादा किया था। पिछली आईजीसी 2016 में केपटाउन में हुई थी।

चीन में युवा पीढ़ी नहीं खाती अभोज्य वस्तुएं
नैनीताल। यह पूछे जाने कि क्या चीन में वहां के अभोज्य पशु-पक्षियों, कीड़े-मकोड़ों को खाने की जीवनशैली के कारण कोरोना वायरस फैला है, उन्होंने कहा कि वहां युवा व नई पीढ़ी कभी भी ऐसे अभोज्य वस्तुएं नहीं खाते हैं। अलबत्ता वहां की पुरानी पीढ़ी में व ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे भोज्यों की संस्कृति बताई जाती है। लेकिन उन्होंने अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में कभी किसी को ऐसे खाते हुए नहीं देखा है।

यह भी पढ़ें : भारतीय उपमहाद्वीप के 5700 वर्षों के मानसून के आंकड़े हुए तैयार

  • चीन व अमेरिका की प्रयोगशालाओं से यूरेनियम सिरीज की आधुनिकतम तकनीकों के जरिए देहरादून के निकट साहिया की गुफाओं के अध्ययन से तैयार किए गए हैं आंकड़े
  • नैनीताल निवासी शोध वैज्ञानिक गायत्री कठायत का ‘15 इंपैक्ट फैक्टर वाला’ शोध पत्र दुनिया की शीर्ष शोध पत्रिका ‘साइंस एडवांस’ में हुआ है प्रकाशित
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डा. गायत्री कठायत।

नवीन जोशी, नैनीताल। देश-दुनिया में मौसमी आंकड़ों की कमी के बावजूद चल रही मौसमी परिवर्तन व ग्लोबलवार्मिंग की चिंताओं के बीच विज्ञान की दुनिया से न केवल भारतीय उपमहाद्वीप वरन पूरी दुनिया के लिए मौसमी आंकड़ों के मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी आई है। एक भारतीय युवा वैज्ञानिक डा. गायत्री कठायत की अगुवाई में चीन व अमेरिका के वैज्ञानिकों का ‘15 इंपैक्ट फैक्टर वाला’ एक शोध पत्र ‘The Indian monsoon variability and civilization changes in the Indian subcontinent’ 10 से अधिक ‘इम्पैक्ट फैक्टर’ वाली दुनिया की शीर्ष प्रतिष्ठित शोध पत्रिका ‘साइंस’ में प्रकाशित हुआ है, जिसमें भारतीय उपमहाद्वीप के 2-3 वर्ष की उच्च परिशुद्धता युक्त 5700 वर्षों के मानसून के आंकड़े अत्याधुनिक यूरेनियम श्रेणी एवं ऑक्सीजन आइसोटोप की प्रविधि से तैयार किए गए हैं। इस अध्ययन के अनुसार सिंधु घाटी और वैदिक सभ्यता का उदय और पतन मजबूत और कमजोर मॉनसून की अवधियों के दौरान हुआ। जबकि पूर्व अध्ययन इसके जल प्रलय आने जैसे अन्यान्य कारण बताते हैं।

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