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दिवंगत लोकगायक पप्पू कार्की के बेटे ने एक माह में हासिल कर लिया पिता से भी बड़ा मुकाम, दर्ज की यूट्यूब पर यह उपलब्धि

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नैनीताल, 5 नवंबर 2018। हर पिता का यह स्वप्न होता है कि उसका बेटा उससे भी बड़ा नाम बनाये। प्रसिद्ध दिवंगत लोकगायक पप्पू कार्की के बेटे दक्ष कार्की ने अपनी गायकी के बल पर केवल एक माह में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसके लोग अरमान पालते हैं, और सालों तरसते हैं। दक्ष का गाया अपने पिता का गीत ‘सुन ले दगडिया’ केवल 1 माह में यूट्यूब पर 3 मिलियन व्यूज का आंकड़ा पार कर चुका है। साथ ही दक्ष का गाना रिलीज होने के बाद करीब 1 लाख लोग उनके पिता के ‘पप्पू कार्की’ चैनल को सब्सक्राइब कर चुके हैं। इस मुकाम को हासिल करने पर पप्पू कार्की चैनल को यूट्यूब की और से ‘सिल्वर बटन’ भी दे दिया गया है। जो कि एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। मालूम हो कि सिल्वर बटन एक ‘यूट्यूब रिवार्ड’ है जो चैनल पर एक लाख सब्सक्राइब होने पर एवं हर वीडियो ओरिजनल होने पर ही मिलता है।

दक्ष कार्की के इस गीत के बाद पप्पू कार्की चैनल पर सब्सक्राइबर्स उमड़ पड़े हैं। एक बेटे ने जिस तरह पिता कि मौत के बाद एक तरह से पिता के सपने को पूरा किया, वह वाकई लाजवाब है। अब यूट्यूब चैनल पर इस बटन के मिलने के बाद पीके एंटरटेंटमेंट ग्रुप के सभी सदस्य खुश हैं। आखिर उनकी मेहनत रंग लाई है। विशेषकर उनकी पत्नी इस सफलता से काफी खुश हैं। देखिये दक्ष का गीत : (साभार)

यह भी पढ़ें : आया पहले उत्तराखंडी रैपर राज सिंह का पहला कुमाउनी गीत-चम्पावत की बाना, मिले 1 लाख से अधिक व्यूज

उत्तराखंडी रैपर राज सिंह

नवीन जोशी, नैनीताल। यदि आप गायकी की नयी विधा रैप के शौकीन हैं तो उत्तराखंड के रैपर राज सिंह-हनी सिंह के बेहतर विकल्प हो सकते हैं। हो सकता है आप रैपर राज सिंह को सुनेंगे तो हनी सिंह को भूल जाएंगे। रैपर राज सिंह पहाड़ों की अपनी अलग ठसक व मखमली अंदाज युक्त गायकी के लिए पहचाने जाने वाले उत्तराखंड के चंपावत जिले के दूरस्थ पाटी विकास खंड के ग्राम चौड़ाकोट डूंगरा के रहने वाले हैं। इधर इस पहले उत्तराखंडी रैपर राज सिंह का पहला कुमाउनी गीत-चम्पावत की बाना आ गया है, और इसे 1 लाख से अधिक व्यूज भी मिल गए हैं।

देखें राज का पहला कुमाउनी गीत-चम्पावत की बाना :

राज ने ‘नवीन समाचार’ को बताया कि वे लगातार उत्तराखंड और कुमाउनी लोक गीत-संगीत के लिए कुछ नया करना चाहते हैं। हिंदी व पंजाबी रैप में अपना नाम बना चुके राज शीघ्र कुमाउनी रैप गीत भी लाने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह पहला कुमाउनी रैप आगामी 1 अक्टूबर को सुबह नौ बजे उनके यूट्यूब चैनल आरएस प्रोडक्शन पर लॉंच किया जाएगा।

इस उत्तराखंडी रैपर को सुनेंगे तो हनी सिंह को भूल जाएंगे ! रैप गायन में नाम बना रहे उत्तराखंडी रैपर हनी (राज) सिंह

राष्ट्रीय सहारा 13 मई 2018

अब तक उनके हिंदी व पंजाबी में चार म्यूजिक एल्बम-हिंदी गीतों की ‘स्पेशल पार्टी’, ‘शाम की पार्टी’ व ‘हॉट गर्ल तथा पंजाबी गीतों की ‘मेरे नाल’ से धूम मचा रहे हैं, साथ ही वह अपने ‘आरएस प्रोडक्शन’ नाम के यूट्यूब चैनल के माध्यम से इंटरनेट की दुनिया में भी छा मचा रहे हैं।

रैपर राज के कुछ रैप वीडियो यहाँ देखें :

रैपर राज की पढ़ाई चंपावत के जीआईसी पाटी से हुई है और वह वर्तमान में अपने व्यवसायी पिता के साथ दिल्ली में रहकर ही गायकी कर रहे हैं। बावजूद वह अपनी जड़ों से भी जुड़े हैं। हाल ही में उन्होंने चंपावत के डिग्री कॉलेज में भी एक लाइव शो किया, वहीं अपने राज्य उत्तराखंड, चंपावत जिले तथा अपने विकास खंड पाटी व गांव के नाम को शामिल करते हुए भी ‘मेरी शुरुआत’ नाम से एक रैप तैयार कर गाया है। साथ ही आगे उनकी कुमाउनी लोक गायिका जानकी कोरंगा के साथ कुमाउनी रैप गीतों की एक श्रृंखला शुरू करने की भी योजना है।

यह भी पढ़ें : पहाड़ के बेटे मनीष की ‘ईजा’ की म्यूजिक वीडियो हुई सुपर हिट, 4 दिन में 15.76 लाख ने देखी

ईजा प्रोडक्शन के तहत हुआ है ‘जाना कहाँ’ म्यूजिक वीडियो का निर्माण

मनीष मेहता

नैनीताल। पहाड़ के बेटे हर हुनर में माहिर हैं। ऐसे ही एक बेटे हैं उत्तराखंड के गरुड़ बागेश्वर निवासी  निवासी नारायण सिंह मेहता व पुष्पा मेहता के पुत्र,  2013 में ‘मिस्टर इंडिया’ के उप विजेता रहे तथा कई पंजाबी और हिंदी म्यूजिक वीडियो में अभिनय कर चुके फैशन मॉडल, अभिनेता एवं निर्देशक के साथ ही दिल्ली में  प्रवास में रहने के बावजूद पहाड़ से गहरे जुड़े संस्कृतिकर्मी मनीष मेहता। उनके द्वारा ‘ईजा प्रोडक्शन’ के तहत निर्देशित म्यूजिक वीडियो ‘जाना कहाँ’ ने बीती 9 जुलाई को टी सीरीज के जरिये विश्व भर में रिलीज होने के बाद मात्र चार दिन में ही 15.76 लाख से अधिक ‘व्यूज’ एवं 5.3 हजार ‘लाइक्स’ हासिल कर प्रसिद्धि की ऐसी ऊंचाइयां छू ली हैं, जिसके लिए बड़े कलाकार भी तरसते हैं।

मनीष के इस म्यूजिक वीडियो की सह निर्देशक भी उत्तराखंड की ही एक बेटी नेहा सामंत हैं, जो कि पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट की हैं, और इंडिया टुडे मीडिया इंस्टिट्यूट से पत्रकारिता की छात्रा रही हैं। जबकि गीत में आवाज जय तनेजा एवं यूक्रेनिया की गायिका एलेना लिमान की हैं, एवं इसमें इन दोनों ने ही अभिनय भी किया है।

ईजा यानी मां के आशीर्वाद से छुवी हैं उपलब्धियां

नैनीताल। मनीष की उपलब्धियों के पीछे उनका पहाड़ से जुड़ाव बड़ी भूमिका अदा करता रहा है। आधुनिक अंग्रेजी-पंजाबी दौर में मनीश हमेशा पहाड़ को अपने साथ ले कर चलते हैं। इसीलिये 2016 में उन्होंने अपने होम प्रॉडक्शन का नाम रखा ‘ईजा प्रॉडक्शन’ (कुमाउनी में ईजा मतलब मां)। इसके अलावा ईजा वेडिंग स्टूडियो, ईजा मीडिया, ईजा डिजिटल आदि नामों से अलग-अलग वेंचर भी उन्होंने स्थापना किये हैं। वे पहाड़ में गप्पबाजी के लिये प्रसिद्ध ‘फसक’ नाम के कार्यक्रमों की श्रृंखला के जरिये भी उत्तराखंड की बात पूरी दुनिया में फैला रहे हैं।

मनीष की ‘द बेंच’ ने जीते हैं तीन पुरस्कार

नैनीताल। मनीष मेहता के लेखन व निर्देशन में बनी पारिवारिक पृष्ठभूमि व आधुनिक समय में रिश्तों की अहमियत खोते समाज को आईना दिखाती हुई लघु फिल्म ‘द बेंच’ को भी दर्शकों ने खूब सराहना मिल चुकी है। यह फिल्म नैनीताल फिल्म फेस्टिवल में भी सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित तीन पुरस्कार जीत चुकी है।

‘फूलदेई’ फैशन ब्रांड करने वाले हैं शुरू, पहाड़ के बच्चों को देते हैं निःशुल्क प्रशिक्षण

नैनीताल। मनीष मेहता कहते हैं कि उनका प्रयास पहाड़ और पहाड़ से जुड़ी चीजों के लिए कुछ न कुछ करने का रहता है। वे पहाड़ के बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण तथा युवा प्रतिभाओं को अपने यहां प्राथमिकता से मौका देते हैं। जल्दी ही वे उत्तराखंड की प्रकृति से जुड़े एक नए फैशन एन्ड लाइफस्टाइल ब्रांड ‘फूलदेई’ को लॉन्च करने वाले हैं। साथ ही वे अपने निर्देशन में एक फीचर फिल्म शुरू करने जा रहे हैं।

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नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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