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केएमवीएन कर्मियों ने मांगों पर किया विरोध प्रदर्शन

Corporation Workers Opened Front For Regularization Demand - Nainital News:  नियमितीकरण मांग को लेकर निगम कर्मियों ने खोला मोर्चा - Nainital Newsनवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2022। कुमाऊं-गढ़वाल मंडल विकास निगम संयुक्त कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी नियमितीकरण व निगम स्तर की समस्याओं का समाधान वार्ता के माध्यम से ना होने की दो सूत्रीय मांगों पर निगम मुख्यालय नैनीताल में दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इस दौरान अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। यह भी पढ़ें : कल मां-बेटे पर हमला हुआ था, आज वहीं एक वृद्ध का आधा खाया हुआ शव बरामद…

महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि केएमवीएन में तृतीय श्रेणी व अधिकारियों की तथा जीएमवीएन में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों पदोन्नतियां कर दी गई हैं, जबकि अन्य समस्याएं जस की तस है। अन्य श्रेणियों में पदोन्नतियों सहित अन्य प्रकरणों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। शासन स्तर पर लंबित नियमितीकरण की कार्यवाही अभी तक नहीं की गई है। निगम के कर्मचारियों ने कोरोना काल में अग्रिम पंक्ति में कार्य किया। यह भी पढ़ें : पुलिस को देखकर भागने लगीं दो महिलाएं, दौड़कर पकड़ा तो..

लेकिन अभी तक उन्हें कोरोना योद्धा घोषित नहीं किया गया और मानदेय भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि महासंघ दोनों निगमों के एकीकरण का विरोध नहीं करता है, लेकिन एकीकरण से पूर्व नियमितीकरण सहित दोनों निगम में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष कंचन चंदोला ने कहा कि निगम की किसी भी इकाई को निजी क्षेत्र में नहीं जाने दिया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार: सीएम धामी का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, निकायों-निगमों के दैनिक वेतन भोगी व तदर्थ कर्मियो को भी मिलेगा दिवाली का बोनस

नवीन समाचार, देहरादून, 20 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा देने का ऐलान किया है। उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए दीवाली बोनस मंजूर कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दीवाली बोनस की फाइल को मंजूरी दी। शुक्रवार से कर्मचारियों के खातों में दीवाली बोनस के रूप में धनराशि पहुंचने की उम्मीद है। ‘नवीन समाचार’ के माध्यम से दीपावली पर अपने प्रियजनों को शुभकामना संदेश दें मात्र 500 रुपए में… संपर्क करें 8077566792, 9412037779 पर, अपना संदेश भेजें saharanavinjoshi@gmail.com पर…यह भी पढ़ें : नवविवाहिता बहु से 65 वर्षीय ससुर ने किया दुष्कर्म….

विदित हो कि कर्मचारियों के दीवाली बोनस का प्रस्ताव कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में रखा गया था। जिसमें दीवाली बोनस के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री धामी को अधिकृत कर दिया था। यह भी पढ़ें : बड़ा शातिर निकला छोटा खान, 5 साल से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध एक से बनाए, शादी दूसरी से कर ली….

इसके बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री धामी ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों के दीवाली बोनस के लिए बजट जारी होने के बाद शुक्रवार से कर्मचारियों के खातों में बोनस की राशि पहुंचना शुरू हो जाएगी। यह भी पढ़ें : दो अधिकारियों के खिलाफ विजीलेंस जांच के आदेश

वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में दैनिक वेतन भेगी कर्मचारियों के साथ ही 4800 ग्रेड तक के समूह ग और अराजपत्रित श्रेणी के समूह ख के करीब डेढ़ लाख सरकारी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को बोनस मिलता है। उन्होंने बताया कि सरकारी कर्मचारियों को अधिकतम सात हजार रुपये तक दीवाली बोनस के रूप में दिया जाता है। इससे नीचे ग्रेड के अनुसार बोनस का निर्धारण किया जाता है। दैनिक वेतन और संविदा कर्मचारियों को सरकार 1200 रुपये दीवाली बोनस के रूप में देती है। यह भी पढ़ें : हंगामे की भेंट चढ़ी उच्च न्यायालय के स्थानांतरण के मुद्दे पर आयोजित बार की बैठक, समर्थन में आए पूर्व में रहे विरोधी….

राज्य के सरकारी कर्मचारियों के साथ ही सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान, प्राविधिक शिक्षण संस्थान, स्थानीय निकायों, जिला पंचायत कर्मचारियों के साथ ही तदर्थ और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को दीवाली बोनस का लाभ मिलेगा। ऐसे कर्मचारियों की संख्या डेढ़ लाख के करीब है। यह भी पढ़ें : दीपावली पर कार्मिकों को 4000 रुपए अतिरिक्त मानदेय देगा केएमवीएन…

डीए की फाइल भी सीएम को भेजी
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों को दीवाली बोनस देने के बाद अब सरकार ने कर्मचारियों को चार प्रतिशत डीए देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके तहत वित्त विभाग की ओर से फाइल मंजूरी के लिए उच्च स्तर पर भेजी गई है। इसके बाद उच्च स्तर से मंजूरी के बाद कर्मचारियों को चार प्रतिशत डीए का भी भुगतान होना शुरू हो जाएगा। विदित है कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को चार प्रतिशत डीए देने का निर्णय लिया था। इसके तहत अब केंद्र सरकार ने भी डीए देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कैबिनेट पूर्व में ही सीएम को डीए के लिए अधिकृत कर चुकी है। इसके बाद कर्मचारियों का डीए बढ़कर कुल 38 प्रतिशत हो जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग : 72 कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर भी हाईकोर्ट ने लगाई फौरी रोक

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय से उत्तराखंड विधानसभा से निकाले गए वर्ष 2021 के 72 कर्मचारी को राहत मिल गयी है। उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने बुधवार को इन कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगले आदेशों तक उनकी बर्खास्तगी पर रोक लगा दी है, और उन्हें पूर्व की तरह कार्य जारी रखने के आदेश दिए हैं। यह भी पढ़ें : सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो के बाद तीन पुलिस कर्मियों पर डीआईजी ने की प्रशासनिक कार्रवाई…

न्यायालय ने आज मीनाक्षी शर्मा, राजेन्द्र रावत व अन्य की याचिका को सुनते हुए सेवा समाप्ति की कगार पर खड़े कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। याची ने न्यायालय से कहा कि उन्हें बिना नोटिस दिए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी न्यायालय 2016 के बाद की भर्तियों पर 27, 28 और 29 सितम्बर के बर्खास्तगी के आदेश पर भी रोक लगा चुका है। एकलपीठ ने विधानसभा प्रशासन से कहा है कि अगर वो नई कार्यवाही करना चाहते हैं तो इन लोगों को भी सम्मिलित किया जा सकता है। न्यायालय ने विधानसभा को जवाब दाखिल करने को कहा है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सचिवालय से हटाए गए कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विधानसभा सचिवालय के विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण द्वारा सचिवालय से हटाए गए 100 से अधिक कर्मचारियों की बर्खास्तगी के 27, 28 व 29 सितंबर को दिए बर्खास्तगी के आदेश पर अग्रिम सुनवाई तक फौरी रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तिथि नियत की गई है। यह भी पढ़ें : दूसरी के चक्कर में गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या की, एक साथ दो की गई जान..

एकलपीठ ने इस मामले में यह भी कहा है कि बर्खास्त कर्मचारी अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे। यदि सचिवालय चाहे तो नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इस मामले में विधानसभा सचिवालय को चार सप्ताह में जवाब देने को भी कहा गया है। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में 15 स्पा सेंटरों में की गई छापेमारी, सभी में मिलीं अनियमितताएं, मात्र 70….

उल्लेखनीय है कि श्रीमती खंडूड़ी ने पूर्व प्रमुख सचिव डीके कोटिया की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति की सिफारिशों के आधार पर इन तदर्थ आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्तगी आदेश के विरुद्ध बबिता भंडारी, भूपेंद्र बिष्ट व कुलदीप सिंह सहित 55 से अधिक कर्मचारियों ने याचिका दायर की गई थी। यह भी पढ़ें : नैनीताल ब्रेकिंग : रात्रि में खाई में गिरा युवक, सुबह पता चलने पर बचाया, पर हुई मौत

उल्लेखनीय है कि इस मामले में गत दिवस उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने इन कर्मचारियों को सुनवाई का मौका नहीं देने पर नाराजगी जताते हुए विधानसभा से इस बिंदु पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। यह भी पढ़ें : युवा हैं, और नौकरी चाहिए तो नैनीताल बैंक में करें आवेदन…

याचिकाकर्ताओं की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता देवी दत्त कामत सहित अन्य अधिवक्ताओं ने न्यायालय को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने लोकहित का हवाला देकर उनकी सेवाएं समाप्त कीं, जबकि इतने सारे कर्मचारियों की एक साथ बर्खास्तगी लोकहित नजर नहीं आती है। यह भी कहा कि बर्खास्तगी आदेश में उन्हें किस आधार पर व किस कारण की वजह से हटाया गया, इसका उल्लेख नहीं किया गया और उन्हें सुना भी नहीं गया। जबकि उनसे सचिवालय में नियमित कर्मचारियों की भांति कार्य लिया जा रहा था। यह आदेश विधि विरुद्ध है। विधान सभा सचिवालय में 396 पदों पर पिछले दरवाजे से नियुक्तियां 2002 से 2015 के बीच भी हुई है, जिनको नियमित किया जा चुका है। यह भी पढ़ें : नैनीताल से कुमाऊं मंडल की भ्रष्टाचार को सुनने वाली अदालत हल्द्वानी स्थानांतरित (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एरीज कर्मचारी संघ ने एरीज में भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किया आंदोलन, लिया एरीज को भ्रष्टाचार मुक्त करने का प्रण

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अक्तूबर 2022। गुरुवार से पदोन्नति की मांग पर आंदोलन की राह पर चले एरीज कर्मचारी संघ का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। बताया गया कि इससे पूर्व उनकी गुरुवार को एरीज प्रबंधन के साथ वार्ता हुई और वार्ता विफल रही। इसके बाद आज शुक्रवार को प्रदर्शन के दूसरे दिन भी संघ का विरोध जारी रहा। बताया गया कि यह विरोध एरीज प्रशासन द्वारा ग्रुप बी एवं सी यानी वैज्ञानिकी एवं तकनीकी वर्ग के प्रोन्नति में अनियमितताओं व संस्थान में हो रहें अन्य भ्रष्टाचारों के खिलाफ किया जा रहा है।

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत की शुरुवात की पहल एरीज में व्याप्त अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार को समाप्त करने का प्रण करने से की है। इसके लिए संघ ने सुझाव एवं शिकायत पेटिका एक सार्वजनिक स्थान पर रख दिया है। साथ ही एक ईमेल भी जारी किया है, और कहा है कि इसके माध्यम से कोई भी एरीज कर्मचारी या नागरिक भ्रष्टाचार अनियमिततायों से सम्बन्धित अपने सुझावों व शिकायतों को संघ को दे सकता है। कहा है कि संघ इन माध्यमों से प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों को उचित पटल पर रखेगा।

पूर्व महा सचिव संजय सिंह व पूर्व अध्यक्ष प्रदीप चक्रवर्ती ने कहा कि भारत सरकार कभी नही चाहता है कि किसी कर्मचारी की पेशेवर जीवन की क्षति हो। भारतीय संविधान में भी इसका उल्लेख है। जैसे एक छात्र अच्छे से अध्ययन करके नई कक्षा में जाते है वैसे ही सभी कर्मचारीयों को कार्य क्षमता के अनुसार प्रोन्नति मिलनी चाहिए। एशिया की सबसे बड़ी 3.6 मीटर दूरबीन स्थापित करने के बाद कर्मचारियों को भी कार्य क्षेत्र में प्रोन्नति के रुप में स्वभाविक तौर पर मिलना चाहिए था। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कमोबेश पहली बार एरीज में कर्मचारियों ने फूका आंदोलन का बिगुल….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 अक्तूबर 2022। कमोबेश पहली बार नैनीताल स्थित एरीज यानी आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के कर्मचारी आंदोलन की राह पर आ गए हैं। एरीज कर्मचारी संघ ने एरीज प्रबंधन पर कई गंभीर आरोपों के साथ ग्रुप बी एवं सी की प्रोन्नति बाधित करने का आरोप लगाया है, और इसके के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

बताया गया है कि शुरुआत गुरुवार को शांति पूर्वक विरोध प्रर्दशन के साथ गई है। लेकिन आगे अन्य गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ भी आंदोलन करने का इरादा जताया है। गुरुवार को संघ के सभी सदस्यों ने बाह में काली पट्टी बाँधकर एरीज प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज किया। संघ के महासचिव उदय सिंह रावत ने बताया कि एरीज प्रशासन की अनियमितताओं के खिलाफ जिन कार्मिकों ने भी आवाज उठाई उनकी प्रोन्नति को प्रपंच करके रोक दिया गया व उसे शोषण करके किसी न किसी तरह से प्रताडित किया जा रहा है।

संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि एरीज कर्मचारी संघ एरीज प्रशासन के खिलाफ अपने हित के लिए वर्ष 2013 से अब तक निरंतर प्रयासरत है। एरीज में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद कार्मिकों की समस्याओं का कोई समाधान न कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन अनियमितताओं के समाधान होने तक जारी रहेगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंकिता हत्याकांड के दृष्टिगत राजकीय कर्मचारियों की चेतना रैली स्थगित…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2022। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति अपनी बीस सूत्रीय मांगों के लिए चल रहे आंदोलन के तहत आगामी 27 सितम्बर को प्रस्तावित चेतना रैली को स्थगित कर दिया है, अलबत्ता आंदोलन को व्यापक रूप प्रदान करने के लिए जनपद नैनीताल हेतु 21 सदस्यीय संयोजक मंडल गठित किया गया।

रविवार को आयोजित हुई बैठक में अंकिता हत्याकांड की कड़ी निंदा की गई, तथा प्रदेश की जनता की जनभावनाओं को देखते हुए चेतना रैली को स्थगित करने का निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के मुख्य संरक्षक बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए समिति द्वारा प्रांतीय पदाधिकारियों की संस्तुति के परिपेक्ष में 21 सदस्यीय संयोजक मंडल का सर्वसम्मति से गठन किया है।

संयोजक मंडल में कमल प्रताप सिंह भाकुनी को मुख्य संयोजक तथा असलम अली को संयोजक सचिव मनोनीत किया है। इनके अतिरिक्त भूपाल सिंह करायत को सह मुख्य संयोजक, त्रिलोक सिंह रौतेला, कमल रौतेला, लता पांडे, जगदीश पपनै, हिमेश सनवाल, महेंद्र बिष्ट, इसरार बक्श, जीवन कांडपाल, राजेंद्र बिष्ट, मनोज बिष्ट, रितेश जोशी, केपीएस मेहता, कुंवर सिंह बगड़वाल, तारा सिंह मेहरा, मीनाक्षी कीर्ति, रमेश लाल, विजय शाह तथा महेश सिंह को संयोजक मनोनीत किया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 20 सूत्रीय मांगों पर राज्य कर्मचारियों ने जिला कलक्ट्रेट व विकास भवन में प्रदर्शन कर सीएम को भेजा ज्ञापन

विकास भवन में धरना-प्रदर्शन करते राज्य कर्मचारी। डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2022। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति नैनीताल के तत्वावधान में मंगलवार को विकास भवन भीमताल में धरना प्रदर्शन कर 20 सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। सरकार से मांग की गई कि इन मांगों पर यथाशीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करें।

धरना कार्यक्रम में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष असलम अली ने कहा कि कर्मचारी विगत 15 दिनों से गेट मीटिंगो के माध्यम से आंदोलनरत हैं फिर भी सरकार द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। इससे कर्मचारियों में रोष उत्पन्न हो रहा है। सरकार कर्मचारियों के डाउनग्रेड वेतन के अन्याय पूर्ण निर्णय को तुरंत वापस ले। प्रदेश के समस्त राज्य कार्मिकों को पूर्व की भांति 10, 16, तथा 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति ना होने की दशा में पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किया जाए, तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाये।

ग्राम विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के केपी मेहता ने भी विचार रखे। संचालन कुंवर सिंह बगडवाल ने किया। प्रदर्शन में रमेश कनवाल, कैलाश गोस्वामी, आरपी टम्टा, महेश राम, रमेश पंत, गणेश सिंह, बीएस नेगी, योगेश रिखाड़ी, संजय वर्मा, महेश पांडे, राहुल कुमार, डीसी तिवारी, प्रताप सिंह, एमयू खान, हिमांशु मठपाल, दीपा रावत, जेके पांडे, एसआर अधिकारी, एचएस नेगी, संजय जोशी, मंजुला जोशी तथा हेमा कन्याल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

इधर, मुख्यालय स्थित जिला कलेक्ट्रेट परिसर में भी राज्य कर्मचारियों ने इस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह भाकुनी ने कहा कि उनकी मांगें माने जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने राज्य कार्मिकों के ग्रेड वेतन के निर्णय को वापस लेने, पुरानी पेंशन बहाल करने, प्रोन्नत वेतनमान दिए जाने और गोल्डन कार्ड की विसंगति दूर करने सहित 20 सूत्रीय मांगों को दोहराया।

कहा कि इन मांगों पर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर कोई विचार नहीं किया है। विरोध प्रदर्शन में दिनेश जोशी, हयात आर्या, कमल उपाध्याय, हेमंत सेमवाल, लता पांडे, हेमंत पांडे, याचना कोरंगा, राम चंद्र सुयाल, पूजा कडाकोटी व दीक्षा सैनी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: 4 वर्ष पूर्व बर्खास्त कर्मचारी नौकरी पर वापस बहाल होंगे

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अगस्त 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश व उसके खिलाफ दायर विशेष अपील को खारिज करते हुए जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा के 2018 में बर्खास्त किये गए कर्मचारियों को दो सप्ताह के भीतर बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

मामले के अनुसार, जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा में चतुर्थ श्रेणी के दो दर्जन पदों पर भर्ती के लिये वर्ष 2014 में बैंक की ओर से विज्ञप्ति जारी हुई थी। इस पर साक्षात्कार के आधार पर कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। इसे मनोज कुमार व ललित प्रसाद ने चुनौती देते हुए कहा कि साक्षात्कार से भर्ती निष्पक्षता से नहीं हो सकती। इस आधार पर वर्ष 2015 में एकलपीठ ने इस विज्ञप्ति को रद्द कर दिया। इस पर बैंक ने एकलपीठ के आदेश को उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती देते हुए कहा कि जिस अभ्यर्थी ने यह याचिका दायर की है उनमें से स्वयं साक्षात्कार में शामिल हुआ था और परिणाम भी घोषित नहीं हुआ है जबकि दूसरे व्यक्ति का इस मामले से कोई सरोकार नहीं है।

इस आधार पर खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को रद्द कर दिया। इधर बैंक में नियुक्तियांे को कुछ अभ्यर्थियों ने सर्वोच्च न्यायालय में भी चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द करते हुए पुनः सुनवाई के लिये उच्च न्यायालय भेजा था। जिसके बाद वर्ष 2018 में ये कर्मचारी बर्खास्त हो गए। इस मामले में बर्खास्त कर्मचारी प्रमोद सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर मामले को सुनने का आग्रह किया था। इस पर आज बड़ा फैसला आया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं मंडल विकास निगम संयुक्त कर्मचारी महासंघ के रिकॉर्ड 27वीं बार अध्यक्ष चुने गए गुरुरानी

कुमाऊं मंडल विकास निगम के संयुक्त कर्मचारी महासंघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2022। दिनेश गुरुरानी कुमाऊं मंडल विकास निगम के संयुक्त कर्मचारी महासंघ के लगातार 27वीं बार अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। सोमवार को मुख्यालय स्थित पर्यटक आवास गृह सूखाताल में आयोजित हुए महासंघ के अधिवेशन में श्री गुरुरानी के साथ नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसके बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बतौर मुख्य अतिथि निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर ने शपथ दिलाई।

इस अवसर पर रिकॉर्ड 27वीं बार अध्यक्ष चुने गए श्री गुरुरानी ने कहा कि निगम में सबसे बड़ी समस्या बनी लंबे समय से संविदा में कार्य कर रहे कर्मियों का नियमितीकरण किए जाने, निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए महासंघ की ओर से संघर्ष करने की बात कही। महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कंचन चंदोला ने कहा कि अब नियमितीकरण की लड़ाई के लिए सभी संविदा कर्मचारियों को आगे आना होगा। इस दौरान पर्यटक आवास गृह परिसर में श्री गुरुरानी के ‘एक पौधा धरती मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया।

इससे पूर्व कार्यकारिणी के चुनाव का संचालन महामंत्री गुमान सिंह कुमटिया ने किया। नई कार्यकारिणी में दिनेश सांगुड़ी को संयोजक, दिनेश गुरुरानी को अध्यक्ष, कंचन चंदोला, रमेश कपकोटी व गणेश रियाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महिमन सिंह कफलिया, पीतांबर दुम्का, रमेश पंत, अमर शाह, मंजुल सनवाल व गौतम कुमार को उपाध्यक्ष, गुमान सिंह कुमल्टिया को महामंत्री, तारा दत्त भट्ट को कोषाध्यक्ष, कैलाश आर्य व महेश चंद्र को सचिव, त्रिभुवन पुनेठा को प्रचार मंत्री तथा दीपक पांडे व धर्मानंद जोशी को मीडिया सलाहकार मनोनीत किया गया है।

कार्यक्रम में महासंघ के संयोजक दिनेश सागुडी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कंचन चंदोला, रमेश कपकोटी, पीतांबर दुम्का, गौतम कुमार, कैलाश आर्य, गणेश चन्याल, त्रिभुवन पुनेठा, संदीप सहाय, धर्मानंद जोशी, महेंद्र आर्य, मंजुल सनवाल, रमेश पंत, कोषाध्यक्ष तारा दत्त भट्ट, वेद प्रकाश भट्ट, संदीप सहाय, दीपक पांडे, महिमन कफलिया, सुरेंद्र नेगी, गिरीश भट्ट, ललित सहाय और हरीश पांडे आदि मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने की 30 जून तक डीपीसी कराने व शिथिलीकरण का लाभ देने की मांग…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जून 2022। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद नैनीताल की बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर व्यापक विचार विमर्श किया गया, तथा शासनादेश के बावजूद भी विभिन्न विभागों की लापरवाही के कारण शिथिलीकरण के लाभ नहीं दिए जाने पर कडा रोष व्यक्त किया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष असलम अली ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गत वर्ष कर्मचारियों की डीपीसी में एक वर्ष के शिथिलीकरण का शासनादेश जारी किया था। लेकिन कुछ विभागों की लापरवाही के कारण इस शिथिलीकरण का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है, और ना ही इस शासनादेश की किसी भी प्रकार की समीक्षा की जा रही है। विभिन्न विभागों में पदोन्नति के प्रस्ताव लंबित पड़े हैं। शासनादेश के अनुसार 30 जून को शिथिलीकरण की अंतिम तिथि है। जिसके चलते 15 जून तक सैकड़ों कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो गए हैं। इससे कर्मचारी जगत में अत्यंत आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

बैठक में शासन से मांग की गई कि तत्काल 30 जून तक विभिन्न विभागों की डीपीसी करा कर शिथिलीकरण का लाभ कर्मचारियों को दिया जाए। साथ ही राज्य कर्मचारियों को 10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति ना होने की दशा में एसीपी के अंतर्गत पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किए जाने, गोल्डन कार्ड के आधार पर राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों को शासनादेश के अनुसार कैशलेस चिकित्सा अनुमान किए जाने, पुरानी पेंशन की बहाली व वेतन विसंगति को दूर किए जाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।

बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला संरक्षक बहादुर बिष्ट, राजेंद्र प्रसाद, एएस जलाल, विरेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, इशरार बेग, गोपाल सिंह, हरीश चंद्र, संतोष कुमार, आन सिंह, दीपक चंद, गोपाल राम तथा दिनेश चंद्र आदि कर्मचारी उपस्थित रहेे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : डीएसबी शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने कुलसचिव को भेजा 11 सूत्रीय मांग पत्र

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को 11 सूत्रीय मांगपत्र सोंपा है। अध्यक्ष जगदीश पपनै व महासचिव जय प्रकाश मिश्रा के हस्ताक्षरों से भेजे गए मांगपत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जीपीएफ राशि सेवानिवृत्ति के दिन या 10 दिन के भीतर भुगतान करने तथा पेंशन पत्रावली एक माह के भीतर संबंधित विभाग को भेजने का कार्यालय आदेश जारी करनेकी मांग की है।

इसके अलावा मांग पत्र में सेवानिवृत्त होने जा रहे कर्मचारियों के स्थान पर एक माह पूर्व दूसरे कर्मचारी की नियुक्ति की व्यवस्था करवाने, कर्मचारियों के आवासों में आवश्यक मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार करवाने, कर्मचारियों को समस्त प्रकार की जांचों, दवाइयों व परीक्षणों सहित चिकित्सा सुविधा बढ़ाने, प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए नया पारिश्रमिक तय करने, विभागीय कर्मचारियों की कैडर प्रोन्नति स्वयमेव विभागीय प्रोन्नति समिति द्वारा करने व एसीपी का लाभ नियुक्ति माह से प्रदान करने की मांग की है।

इसके अलावा मांग पत्र में तृतीय श्रेणी लिपिक संवर्ग, प्रयोगशाला संवर्ग, तकनीकी संवर्ग, चतुर्थ श्रेधी के नियमित, दैनिक व संविदा कर्मियों की वरिष्ठता सूची जारी करने, दैनिक व संविदा कर्मियों को उनकी योग्यता के अनुसार रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित करने व उन्हें सीपीएफ व इंश्योरेंस की सुविधा देने, वर्ष 2010 से मुख्य, पूरक व प्रयोगात्मक परीक्षा, अग्रसारण व अन्य पारिश्रमिकों में यथोचित वृद्धि करने तथा कर्मचारियां की गोपनीय आख्या के उचित रखरखाव के लिए संबंधित कार्यालय को आदेशित करने की मांगें भी शामिल हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : संविदा एएनएम को सता रही भविष्य की चिंता, सीएम से लगाई गुहार…

Good news: ANM on contract in UP will get the desired deployment - खुशखबरी:  यूपी में संविदा पर तैनात एएनएम को मिलेगी मनचाही तैनातीडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2022। उत्तराखंड में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत संविदा पर एएनएम के रूप में कार्यरत एएनएम अपने भविष्य के प्रति चिंतित हैं। खासकर संविदा पर एएनएम के रूप में कार्यरत आशा मेहता, मीता फर्त्याल, मुन्नी अधिकारी, ललिता अधिकारी, माया पांडेय, हेमा जोशी, नवलीन कौर, दीपा जलाल, अंबिका रौतेला, अंजु कंडारी, मंजू नेगी, रश्मि बिष्ट, संगीता रावत, रश्मि भट्ट, विनीता गैरौला, गीता तिवाड़ी, अंतेश्वरी उनियाल, अंजना बिष्ट, पुष्पा अवस्थी आदि का कहना है कि विभाग में 10 से 12 वर्षों से संविदा पर कार्य करने के बाद स्थायी नियुक्ति हेतु आयु निकल जाने के कारण वह अपने भविष्य के प्रति चिंतित हैं। लिहाजा, उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

उनका कहना है कि विभाग ने वीएचडब्लू महिला एएनएम के 824 पदों के लिए स्थायी नियुक्ति हेतु 2016 में विज्ञप्ति निकाली थी। लेकिन कुछ अन्य प्रदेशों से प्रशिक्षण प्राप्त एएनएम प्रशिक्षितों ने उच्च न्यायालय में वाद दायर कर नियमावली को चुनौती दी। इस पर विभाग ने अपनी त्रुटि मानते हुए 2022 में स्थायी नियुक्ति हेतु नई विज्ञप्ति निकाली। किंतु 2018 में प्रशिक्षण प्राप्त एएनएम प्रशिक्षित आयु सीमा को पार करने के कारण बाहर हो गए।

जबकि एएनएम नियमावली में प्रत्येक वर्ष खाली पदों पर भर्ती करने का नियम है, और अन्य विभागों में भी स्थायी नियुक्ति हेतु उम्र सीमा में छूट दी जाती है। उनका कहना है कि 2016 से एएनएम की स्थायी नियुक्तियां नहीं हुई हैं। ऐसे में उन्हें पिछले 10 से 12 वर्षों से संविदा में कार्य करने के बाद स्थायी नियुक्ति हेतु उम्र निकलने के कारण अपने भविष्य की चिंता सता रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : डीएसबी परिसर के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ में सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय

डीएसबी नैनीताल यानी उत्तराखंड में आधुनिकता का प्रवेश द्वार - Kafal Treeडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जून 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ की नई कार्यकारिणी के लिए चुनाव की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। इस दौरान अध्यक्ष सहित सभी पदों के लिए एक-एक कर्मचारी ने ही नामांकन किया तथा जांच में सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए।

चुनाव अधिकारी डीएस नेगी ने बताया कि इस प्रकार अध्यक्ष पद पर जगदीश पपनै, महिला उपाध्यक्ष पद पर भावना राणा, उपाध्यक्ष पद पर मनीष कुमार, सचिव पद पर जयप्रकाश मिश्रा, उप सचिव पद पर राजेंद्र कुमार एवं कोषाध्यक्ष पद पर हेमंत प्रसाद का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया। नामांकन प्रक्रिया में आनंद रावत, राजेंद्र ढैला, देव सिंह राजपूत व गणेश राम आदि सदस्यों ने योगदान दिया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरकारी कर्मियों के लिए खुशखबरी : जारी हुआ डीए में वृद्धि का शासनादेश

कर्मचारियों को झटका : कोरोना काल में रोकी गई महंगाई भत्ते की पिछली तीन  किस्त जारी करने से केंद्र सरकार का इनकार - shasnadesh.com शासनादेश डॉट कॉम  ...नवीन समाचार, देहरादून, 31 मई 2022। उत्तराखड सरकार ने राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानो तथा शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों तथा यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत सातवां पुनरीक्षित वेतनमान अनुमन्य पदधारकों को एक जनवरी 2022 से बढ़ी हुई दरों पर महंगाई भत्ते का भुगतान करने का शासनादेश जारी कर दिया है।

बताया गया है कि इन कर्मियों को पूर्व निर्धारित शर्तो एवं प्रतिबंधों के अधीन 31 प्रतिशत की जगह 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा। गौरतलब है कि शासनादेश जारी होने की तारीख 31 मई 2022 की जगह 31 मई 2021 लिखी गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने किया कार्य बहिष्कार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मई 2022। जिला कलक्ट्रेट के कार्यरत मिनिस्ट्रियल संवर्ग के कार्मिकों ने उनकी संबद्धता निरस्त करने की एक सूत्रीय मांग उठाई है। इस मांग पर सोमवार को उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ की जनपद शाखा नैनीताल के पदाधिकारियों व सदस्यों ने जिला कलक्ट्रेट एवं संबद्ध सभी एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों में सुबह 11 से 1 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया।

अध्यक्ष कमल उपाध्याय की अध्यक्षता एवं संरक्षक जय कृष्ण कांडपाल के संचालन में आयोजित हुए कार्य बहिष्कार के दौरान एक सूत्रीय मांग पर महामंत्री कमल भाकुनी, उपाध्यक्ष अरविंद कुमार, संयुक्त मंत्री मोत्र अकरम, संगठन मंत्री हिमाशु नेगी सहित प्रकाश पांडे, पूजा कड़ाकोटी, लता पांडे, रेखा पाडे, याचना कोरंगा, शांति जोशी, मनोज कबडोला व भूपेश तिवारी आदि ने विचार रखे। साथ ही निर्णय लिया कि यदि उनकी मांग पर विचार नहीं किया जाता है तो 24 मई को आपातकालीन बैठक बुलाकर कठोर कदम उठाने हेतु आगे की रणनीति बनाई जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कर्मचारी नेता के संबद्धीकरण पर भड़के कर्मचारी संगठन…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2022। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जनपद इकाई ने पिथौरागढ़ शाखा के अध्यक्ष कैलाश पंत को पिथौरागढ़ से हटाकर चौखुटिया स्थित निदेशालय में संबद्ध किए जाने की घोर निंदा की है। रविवार को आयोजित संगठन की बैठक में

बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के जिला अध्यक्ष असलम अली ने कहा कि श्री पंत को सेवानिवृत्ति के मात्र छः माह ही शेष रहते अधिकारियों ने मनमाने तरीके से नियम विरुद्ध निदेशालय में संबद्ध किया है। यदि शीघ्र ही आदेश को वापस नहीं लिया गया तो राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद लामबंद होकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होगी।

बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष गिरजेश कांडपाल ने इस मामले में शीघ्र ही प्रांतीय नेतृत्व की ओर से भी आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त बैठक में सरकार से गोल्डन कार्ड ,वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन आदि अन्य मांगो को यथाशीघ्र पूर्ण करने की मांग भी की गई।

बैठक में उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के जिला संयोजक जगदीश बिष्ट, इसरार बेग, रणजीत थापा, विवेक सिंह, आनंद सिंह, एनडी भट्ट, गोपाल राम, भोपाल सिंह, आनंद बल्लभ पांडे, संजय कुमार व डीएन कांडपाल सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : समस्या: अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों-कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अप्रैल 2022। राज्य के अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को फरवरी माह से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। अप्रैल माह समाप्त होने को है, इस प्रकार शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन मिले करीब 3 माह होने जा रहे हैं।

उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक सगठन के जिला मंत्री शैलेंद्र चौधरी ने शिक्षा विभाग एवं उत्तराखंड शासन से आग्रह किया है कि इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मार्च माह में वेतन के भुगतान में समस्या आती है। विभागीय अधिकारी बजट की कमी की बात करते हैं, इसलिए समय से बजट की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है।

संगठन के जिलाध्यक्ष पीसी जोशी ने भी वेतन भुगतान की त्वरित व्यवस्था कर शिक्षकों व कर्मचारियों को आर्थिक संकट से उबारने की व्यवस्था करें। अन्यथा संगठन के सदस्य कार्यालय में धरना देने के लिए बाध्य होंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग-एक्सक्लूसिव: धाकड़ सीएम के राज में यह हाल: दिन में एक बजे पूरा कार्यालय मिला खाली, एक भी कर्मचारी कार्यालय में नहीं मिला

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली-नैनीताल, 8 अप्रैल 2022। जहाँ से विकास की सीढ़ी शुरू होती है, अगर वहीं पर अधिकारी व कर्मचारियों की जगह खाली कुर्सियां व मेजें मिलेंगी तो क्या गांव का विकास हो सकेगा। यह सवाल धारी विकास खंड कार्यालय में उठा है। यहां शुक्रवार को एसडीएम द्वारा की गई छापेमारी में कार्यालय में एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। यह तब है जब प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दो दिन पहले ही राज्य की मशीनरी को कड़ा संदेश दिया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एक बजे के करीब धारी के ज्येष्ठ उप प्रमुख संजय बिष्ट व कनिष्ठ प्रमुख कृपाल सिंह पहुंचे तो विकास खंड कार्यालय में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। करीब एक घंटा इंतजार के बाद भी जब कोई कर्मचारी व अधिकारी नही पहुंचा, तो दोनों जनप्रतिनिधियों ने विधायक रामसिंह कैड़ा एवं सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी को दूरभाष पर इसकी जानकारी दी। इस पर सीडीओ डॉ. तिवारी ने तत्काल एसडीएम धारी योगेश मेहरा को निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

इस पर श्री मेहरा जांच के लिए पहुंचे। जांच के बाद उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान नदारद कर्मचारियों की सूची बनाकर मुख्य विकास अधिकारी को प्रेषित कर दी गई है, साथ ही उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की संस्तुति भी की गई है। कार्यालय में सहायक खंड विकास अधिकारी महेश्वर सिंह, एडीओ पंचायत दिनेश जोशी,एडीओ कोऑपरेटिव अरविंद सिंह, लेखाकार आनंद नगरकोटी, लेखाकार गोविंद गिरी गोस्वामी, वरिष्ठ लेखाकार कुंदन बिष्ट, कनिष्ठ सहायक रूप लता दास अनुपस्थित पाए गए। बताया गया कि यह सभी समय से पूर्व कार्यालय छोड़कर चले गए थे।

इस कार्यवाही से ब्लॉक के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया गया है कि विकास खंड कार्यालय में आये दिन यही हाल रहता है, जो आज पकड़ में आ गया। इस पर ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों में ब्लॉक कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि सभी कार्यालयों में औचक निरीक्षण करने चाहिए, जिससे कर्मचारी अपना कार्य ठीक से कर जनता की सेवा कर सकें। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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