नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मार्च 2026 (No Relief for Mohammad Deepak-HC)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) स्थित उच्च न्यायालय (High Court) ने कोटद्वार (Kotdwar) में मामूली विवाद के बाद हुए हंगामे के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए याचिकाकर्ता दीपक कुमार (Deepak Kumar) उर्फ मोहम्मद दीपक (Mohammad Deepak) को कोई राहत नहीं दी है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल (Rakesh Thapliyal) की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान याचिका पर कड़ी टिप्पणी करते हुए अगली सुनवाई 20 मार्च तक जारी रखने के निर्देश दिए हैं। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कानून-व्यवस्था, सामाजिक संवेदनशीलता और न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग जैसे मुद्दे एक साथ सामने आये हैं।
अदालत की सख्त टिप्पणी और राहत से इनकार
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि याचिकाकर्ता स्वयं एक संदिग्ध आरोपित की स्थिति में है, ऐसे में सुरक्षा मांगना और पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध जांच की मांग करना उचित नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रकार की याचिका न्यायिक प्रक्रिया (Judicial Process) का दुरुपयोग प्रतीत होती है।
न्यायालय ने यह भी प्रश्न उठाया कि जब याचिका का उद्देश्य प्राथमिकी (First Information Report-FIR) को निरस्त कराना है, तो उसमें सुरक्षा की मांग कैसे जोड़ी जा सकती है। अदालत ने इसे दबाव बनाने का प्रयास बताया और संकेत दिया कि ऐसे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
दोनों पक्षों की दलीलें
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उनके द्वारा दर्ज शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और अज्ञात के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया गया, जबकि उन्होंने आरोपितों के नाम बताए थे। यह भी कहा गया कि वे भीड़ को शांत करने गये थे, लेकिन उल्टा उनके विरुद्ध ही अभियोग दर्ज कर दिया गया।
वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि घटना के समय मोहम्मद दीपक मौके पर मौजूद थे और भीड़ के साथ धक्का-मुक्की में शामिल थे। पुलिस ने उनके सहित 22 लोगों के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया है और जांच जारी है। अब तक इस प्रकरण में पांच अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
मामले के अनुसार एक वीडियो सामाजिक माध्यमों (Social Media) में तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें दीपक कुमार अपनी दुकान के नाम को लेकर पूछे गये प्रश्नों का जवाब देते हुए स्वयं को “मोहम्मद दीपक” बताते नजर आये। यह दुकान लगभग 30 वर्ष पुरानी बताई गई है।
इस वीडियो के बाद उन्हें कुछ लोगों का समर्थन भी मिला और उनके अनुसार उन्हें छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हुए। इसके बाद 28 जनवरी को उनके विरुद्ध दुर्व्यवहार, मोबाइल छीनने और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों में अभियोग दर्ज किया गया।
याचिका में क्या मांग की गई थी
मोहम्मद दीपक कुमार ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपने विरुद्ध दर्ज अभियोग को निरस्त करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच की मांग की थी। न्यायालय ने इन मांगों पर तत्काल कोई राहत देने से इनकार किया।
न्यायालय ने क्यों जताई आपत्ति
न्यायालय ने अपने अवलोकन में कहा कि जब कोई व्यक्ति स्वयं आरोपित है, तो उसे अपनी स्थिति समझते हुए ही न्यायालय में याचिका प्रस्तुत करनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में सक्षम है और उन पर विश्वास किया जाना चाहिए।
मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को निर्धारित है, जिसमें दोनों पक्षों की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा। इस सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि न्यायालय इस प्रकरण में किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
क्या इस तरह की याचिकाएं न्यायिक प्रणाली पर अनावश्यक दबाव बढ़ाती हैं? यह प्रश्न इस मामले के बाद और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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