नैनीताल: महिला को भारी पड़ा शडयंत्र पूर्वक दो भाइयों पर छेड़खानी व मारपीट के झूठे आरोप लगाना..

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न्यायालय ने दिए महिला के साथ ही विवेचना अधिकारी पर भी कार्यवाही के आदेश
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मई 2024 (Woman faces heavy consequences for false accuse)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में एक महिला को छेड़खानी व मारपीट की गलत प्राथमिकी दर्ज कराना और पुलिस अधिकारी को विवेचना में लापरवाही बरतना भारी पड़ गया है। न्यायालय ने शिकायतकर्ता महिला पर परिवाद दर्ज करने के साथ ही विवेचना अधिकारी के खिलाफ भी कार्यवाही करने के आदेश दिये हैं। जबकि महिला द्वारा लगाये गये आरोपों के आरोपित भाइयों को दोषमुक्त घोषित कर दिया है।

जमीन का सौदा हुआ था- परित्यक्ता पुत्री ने लगाए आरोप (Woman faces heavy consequences for false accuse)

प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल के मौना निवासी पीताम्बर मिश्रा ने वर्ष 2023 में दो लाख रुपये में अपनी जमीन का सौदा मौना निवासी प्रेम प्रकाश शर्मा से किया, और धनराशि को अपने पुत्र व पत्नी के खाते में लिया। इस दौरान पीतांबर मिश्रा की परित्यक्ता पुत्री ज्योति ने जमीन खरीदने वाले प्रेम प्रकाश शर्मा और उसके भाई हेमवती नंदन शर्मा पर छेड़खानी-मारपीट व गाली-गलौज करने की तहरीर भवाली थाने में दी। इस पर पुलिस ने दोनों भाइयों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर लिया।

विवेचना अधिकारी ने न्यायालय में दोनों भाइयों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया (Woman faces heavy consequences for false accuse)

इस मामले में पुलिस के विवेचना अधिकारी ने जांच के बाद न्यायालय में दोनों भाइयों के विरुद्ध आरोप पत्र भी प्रेषित कर लिया यानी आरोपित भाइयों का फंसना करीब तय हो गया। लेकिन मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजन मेहरा व अधिवक्ता शिवांशु जोशी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश की अदालत में दमदार पैरवी करते हुवे सभी तथ्य रखे और बताया कि वास्तव में जमीन का सौदा निरस्त करने की नीयत से शडयंत्रपूर्वक जमीन विक्रेता की पुत्री ने क्रेताओं पर आरोप लगाये। (Woman faces heavy consequences for false accuse)

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Woman faces heavy consequences for false accuse, Policemen, High Court, Court Order, Encroachment not removed after High Court orderइस पर न्यायालय ने छेड़खानी की घटना को गलत मानते हुए शिकायतकर्ता महिला के विरुद्ध परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए। साथ ही न्यायालय ने अपने आदेश में जांच अधिकारी के खिलाफ भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कार्यवाही कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने के आदेश भी पारित किए हैं। (Woman faces heavy consequences for false accuse)

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