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हल्द्वानी के नीलकंठ अस्पताल में बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव की मौत से हड़कंप, मालिक ने खुद को आइसोलेट किया, अस्पताल पर सील होने का खतरा

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 28 जून 2020। जनपद के हल्द्वानी स्थित कोविद समर्पित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के पास स्थित नीलकंठ अस्पताल में बनभूलपुरा क्षेत्र निवासी एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की मृत्यु हो गई है। साथ ही उसे कोरोना का संक्रमण होने की पुष्टि भी हो गई है। उसे गत 22 जून को यहां डायरिया व बुखार की शिकायत पर भर्ती किया गया था। लेकिन यहां सांस फूलने की समस्या होने पर उसे आईसीयू में रखा गया था तथा कोरोना की जांच का नमूना लिया गया था। शनिवार की देर रात्रि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इधर रविवार को पूर्वाह्न में उसने दम तोड़ दिया। इससे नीलकंठ अस्पताल के साथ जनपद के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है। अस्पताल में बाहरी मरीजों को देखने सहित समस्त सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अस्पताल के मालिक आइसोलेशन में चले गये हैं। वहीं प्रशासन मरीज के संपर्क में आये सभी लोगों के कोरोना जांच हेतु नमूने लेने व अन्य व्यवस्थाओं पर रणनीति बनाने में जुट गया है। चिंता इस बात को लेकर है कि नीलकंठ चिकित्सालय में उपचार करा रहे अन्य रोगियों के लिए क्या व्यवस्था की जाए।
जनपद की एसीएमओ डा. रश्मि पंत ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता वहां उपचार करा रहे मरीजों का सुरक्षित तरीके से उपचार कराने की है। नीलकंठ चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सक व मालिक डा. गौरव सिंघल मृतक में कोरोना की पुष्टि होने के बाद उसका स्वयं उपचार करने के कारण स्वयं आइसोलेशन में जा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन इसी चिकित्सालय को अच्छी तरह से सैनिटाइज कराकर यहीं यहां के रोगियों का उपचार करने या उन्हें कोविद समर्पित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज प्रतिस्थापित करने पर विचार कर रहा है।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग का पांच-छह दिन से नीलकंठ अस्पताल में उपचार चल रहा था। आज सुबह उनका निधन हो गया और उसे कोरोना की पुष्टि भी हो गई। इधर मृतक के पुत्र की शहर की प्रसिद्ध मटर गली में दुकान है। मटरगली के व्यापारी नेता दलजीत सिंह ‘दल्ली’ ने बताया कि उनके निधन पर शोक में मटर गली अपराह्न तीन बजे से आधे दिन के लिए बंद कर दी गई है।

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-हल्द्वानी में अल्मोड़ा की 66 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला की मौत
नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 जून 2020। हल्द्वानी के कोविद समर्पित डा. सुशीला तिवारी चिकित्सालय में शनिवार अल्मोड़ा की 66 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव वृद्धा की मौत हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली से अल्मोड़ा लौटी इस वृद्धा को बीती 16 जून को जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा से यहां रेफर होने पर लाया गया था। एसटीएच की ओर से जारी सूचना के अनुसार वह टाइप 2 की डायबिटीज तथा गंभीर एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन-न्यूमोनिटिस तथा मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम से भी पीड़ित थी। इस कारण पिछले एक-दो दिनों से ही उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी और उसे आईसीयू में रखा गया था। बताया गया है कि उसके अलावा भी अभी कम से कम तीन कोरोना संक्रमित मरीजों को गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में रखा गया है। महिला की मौत को कुमाऊं मंडल में कोरोना से पांचवी एवं राज्य में 27वीं मौत बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में कोरोना संक्रमित महिला की मौत, बेटा भी आइसोलेशन में भर्ती

नवीन समाचार, हलद्वानी, 16 जून 2020। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती अल्मोड़ा के लमगड़ा ब्लॉक निवासी एक कोरोना पॉजिटिव महिला की सोमवार की देर शाम मौत हो गई। 56 वर्षीय मृतक महिला बीती 26 मई को दिल्ली से लौटने पर पहले होम क्वारंटीन किया गया था। इधर 10 जून को बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन उसे हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल लेकर आए थे। यहां से उसे एसटीएच रेफर किया गया था।
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी के अनुसार 11 जून को महिला का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, और उसे आईसीयू में रखा गया था। उसे निमोनिया, श्वसन तंत्र फेल होने के साथ ही सेप्टीसीमिया और ब्लड प्रेशर की समस्या भी थी। इधर सोमवार की सुबह महिला की कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। इधर शाम को लगभग पौने सात बजे महिला ने एसटीएच में दम तोड़ दिया। इसके साथ राज्य में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा 25 और कुमाऊं में चम्पावत व नैनीताल जिले की 1-1 के साथ 3 पहुंच गया है। महिला के साथ उसका बेटा भी है। उसे आइसोलेशन में रखवा दिया गया है।

यह भी पढ़ें : कोरोना से मात्र 48 वर्षीय कारोबारी की मौत, पूरा परिवार भी संक्रमित, नहीं मिल रही अंतिम दर्शनों की अनुमति

नवीन समाचार, देहरादून, 7 जून 2020। कोरोना के मोर्चे पर रविवार सुबह-सुबह एक बुरा समाचार है। दून मेडिकल कालेज के आईसीयू में भर्ती एक मात्र 48 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गयी है। वह 26 मई को अस्पताल और पिछले चार दिन से आइसीयू में भर्ती था। उसे शुगर, बीपी और निमोनिया था। प्रारंभिक तौर पर मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है। दुःखद बात यह भी है कि मृतक का पूरा परिवार भी कोरोना संक्रमित है, और जाखन स्थित एक पेड क्वारण्टाइन सेंटर होटल में भर्ती किसी भी पारिवारिक सदस्य को मृतक के अंतिम दर्शनों की अनुमति भी नहीं मिल पा रही है। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की यह 12 वीं मौत है। सीएमओ डॉ. बीसी रमोला ने आढ़ती की मौत की पुष्टि की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक शहर की जीएमएस रोड निवासी था, वआढ़ती के रूप में कारोबार करता था। 26 मई को संक्रमित पाए जाने पर उसे परिवार के अन्य छह सदस्यों के साथ दून मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती किया गया था। दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि मृतक बीपी, शुगर व निमोनिया सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओ से भी पीड़ित था। तबीयत बिगड़ने ओर उन्हें चार दिन पूर्व आइसीयू में शिफ्ट किया गया था। शनिवार देर रात उनकी हृदयाघात से मौत हो गयी। शव मोर्चरी में रखवा दिया गया है। मृतक के परिवार व पुलिस-प्रशासन को सूचना दे दी है। कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजन शव के अंतिम दर्शन करना चाहते है, लेकिन गाइडलाइन के मुताबिक उन्हें अनुमति नही दी गई है।

यह भी पढ़ें : मौत के बाद अल्मोड़ा में बुजुर्ग की कोरोना जांच रिपोर्ट आई पाँजीटिव

नवीन समाचार, रानीखेत (अल्मोड़ा), 05 जून 2020। प्रदेश के पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा के स्याल्दे विकासखंड के एक गांव निवासी एक 73 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के पांच दिन बाद कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया है। बताया गया है कि बुजुर्ग गत 21 मई को दिल्ली से लौटे थे, इस पर उन्हें घर पर ही क्वारन्टाइन किया गया। उच्च रक्तचाप एवं श्वांस-अस्थमा की बीमारी से भी ग्रस्त थे। 29 मई को यानी आठ दिन बाद उन्हें स्वास्थ्य खराब होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासेंण उपचार के लिये लाया जा रहा था, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने ऐहतियातन मृतक के कोरोना हेतु जांच के नमूने लिये थे। इधर बृहस्पतिवार चार जून की देर रात्रि उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस जानकारी के बाद उनके संपर्क में परिवार जनों के साथ ही ग्रामीणों सहित क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग उनके परिजनों एवं उनके संपर्क में आये ग्रामीणों पर स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा सकता है। कुमाऊं मंडल में यह कोरोना से दूसरी और राज्य में 11वीं मौत हो सकती है। 

एक कोरोना पीड़ित और एक कोरोना संभावित युवक की मौत !

नवीन समाचार, देहरादून, 28 मई 2020। उत्तराखंड में कोरोना की संभावना वाले दो लोगों की मौत की दुःखद खबर आ रही है। पहला मामला देहरादून के दूर अस्पताल का है। यहाँ भर्ती उत्तरकाशी के पुरोला ब्लॉक में क्वारंटीन किए गए एक युवक की मौत हो गई है। वहीं रामनगर के मोहल्ला दुर्गापुरी में 32 वर्षीय एक कोरोना पीड़ित की मौत होने की भी सूचना है। बताया गया है कि यह व्यक्ति पिछले लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित था और दिल्ली के राजीव गाँधी कैंसर हॉस्पिटल में 29 जनवरी से भर्ती था। इधर 25 मई को वह दिल्ली से वापस रामनगर अपने घर पहुँचा था। 26 मई को उसका कोरोना का नमूना लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट आज सुबह ही कोरोना पॉजिटिव आई। इधर उसकी मौत हो गई।
बताया गया है कि युवक गाजियाबाद से अपने दो दोस्तों के साथ पैदल 19 मई को अपने गांव पहुंचा था। 24 मई को उसने उल्टी-दस्त व छाती में दर्द होने की शिकायत की। इस पर सीएचसी पुरोला की टीम ने उसकी जांच कर उसे उत्तरकाशी रेफर कर दिया गया था। वहां उसे आंतों में संक्रमण और हृदय की समस्या बतायी गई और उसे 26 मई को देहरादून के दून अस्पताल रेफर किया गया था, जहां कल ही युवक का कोरोना सैंपल लिया गया था। जहां बुधवार रात दस बजे उसकी मौत हो गई। उसके साथ आए दोनों युवा अभी क्वारंटीन सेंटर में ही हैं।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
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