राहुल गांधी से कॉंग्रेस पार्टी को ही देखने वाली महिला पत्रकार ने पूछा ऐसा सवाल कि भड़कने पर अपने समर्थक माने जाने वाले पत्रकारों के भी निशाने पर आ गये राहुल गांधी

Rahul Gandhi

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 8 जून, 2024 (Rahul Gandhi Targeted Congress Beat Journalist)। कांग्रेस नेता और निर्वाचित सांसद राहुल गांधी अक्सर पत्रकारों को उनके मन माफिक प्रश्न न पूछने पर भाजपा का पत्रकार या मोदी मीडिया कह देते हैं। एक बार फिर उन्होंने ऐसा ही किया है। लेकिन लग रहा है कि उनका दांव उल्टा … Read more

चुनाव आयोग ने भी माना कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी ने भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट पर लगाये थे सांसद निधि से संबंधित झूठे आरोप, दी कड़ी नसीहत

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अप्रैल 2024 (EC admitted Joshis False allegations onAjayBhatt)। नैनीताल लोक सभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी व सांसद तथा केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट पर सांसद निधि खर्च न करने के आरोप लगाना कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी को भारी पड़ा है। चुनाव आयोग ने कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा भाजपा प्रत्याशी पर लगाये गये आरोपों … Read more

कांग्रेस के एक और स्टार प्रचारक को लेकर चर्चाएं तेज, भतीजे ने ली भाजपा की सदस्यता…

नवीन समाचार, देहरादून, 7 अप्रैल 2024 (Congress star campaigners nephew joined BJP)। चंपावत के कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के भतीजे व भागीरथी संस्थान के निदेशक आनंद अधिकारी ने भाजपा का दामन थाम लिया है। आनंद ने आज अपने समर्थकों के साथ देहरादून में भाजपा की सदस्यता ली। उल्लेखनीय है कि खुशाल सिंह अधिकारी भी … Read more

अतीत के झरोखे से… जब एनडी ने कांग्रेस पार्टी को उत्तराखंड की दो सीटों पर नाकों चने चबवा दिये थे और नैनीताल सीट पर तो जमानत भी जब्त करा दी थी…

Uttarakhand Lok Sabha Chunav

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अप्रैल 2024 (When ND defeated Congress party on 2 seats in UK)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पं. नारायण दत्त तिवारी की पहचान अपने दौर के दिग्गज कांग्रेस नेता के रूप में होती है, हालांकि यह भी सच है कि उनकी राजनीति में शुरुआत लाल टोपी वाली प्रजा … Read more

कांग्रेस के आधा दर्जन बड़े नेता आज हुये भाजपा में शामिल…

(Politics-Harish Rawat came in Support of Brahmin (Harish Rawat Sting Case-CBI notices to 3 Leaders) Harish Rawat

नवीन समाचार, हरिद्वार, 3 अप्रैल 2024 (Haridwar-6 big Congress leaders joined BJP today)। उत्तराखंड के हरिद्वार में आज कांग्रेस नेताओं का पतझड़ सा हो गया। यहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा अपने पुत्र वीरेंद्र रावत को टिकट दिलाये जाने से नाखुश हरीश रावत के ही करीबी लगभग आधा दर्जन नेताओं ने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र … Read more

पार्टी नेताओं के पतझड़ के बीच कांग्रेस पार्टी ने 2 पूर्व प्रत्याशियों व 1 ब्लॉक प्रमुख सहित 3 नेताओं को किया पार्टी से निष्कासित

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नवीन समाचार, पौड़ी, 17 मार्च 2024 (Congress Party Expelled 3leaders 1 Block Pramukh)। उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में कांग्रेस पार्टी ने अपने 3 नेताओं 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पौड़ी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनोद नेगी ने चौबट्टाखाल विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी केसर सिंह नेगी, पौड़ी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी नवल … Read more

अपडेट: नैनीताल सीट से लोक सभा के प्रबल दावेदार दीपक बल्यूटिया की कांग्रेस पार्टी छोड़ने की चर्चा, मनाने का दौर जारी, जानें कौन-कौन आए मनाने..

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मार्च 2024 (Discussion of Deepak Balutia leaving Congress)। कांग्रेस पार्टी में लोक सभा चुनाव से पहले चल रहा पतझ़ड़ नैनीताल तक भी पहुंच गया लगता है। यहां कांग्रेस पार्टी से लोक सभा टिकट के प्रबल दावेदार बताये जा रहे, पूर्व मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के भतीजे व पार्टी के प्रदेश … Read more

हरीश रावत ने अपनी पार्टी को चुनाव प्रबंधन पर दी सलाह, बड़ा सवाल-कोई सलाह मानेगा भी ?

Harish Rawat gave advice to Congress Party

(Doosre Dharm) भाजपा नेता के घर के बाहर लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे

Doosre Dharm

कांग्रेस (Congress) : पहले सम्मेलन में ही ध्वस्त हुआ नये जोश से लोक सभा चुनाव के लिये मैदान में उतरने का दावा, जोश से अधिक विवाद उभरे…

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Congress

हल्द्वानी में आईएसबीटी (ISBT-Gaulapar) मामले में उच्च न्यायालय का दीर्घकालीन-नजीर पेश करने वाला 1 बड़ा आदेश

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उत्तराखंडः एनएच घोटाले का जिन्न फिर बोतल से बाहर, एनएचएआई के अधिकारी के घर आज की गई छापेमारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मार्च 2022। दिल्ली से आई सीबीआई की टीम ने राजधानी देहरादून में तीन स्थानों पर छापेमारी की। इसमें एनएचएआई के एक बड़े अधिकारी के यहां से सीबीआई ने बैंक से जुड़े दस्तावेजों के साथ अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर सीबीआई की टीम सबसे … Read more

नैनीताल : नगर पालिका के एक अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश

-निकाले गए तीन कर्मचारियों ने लगाए थे आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 नवम्बर 2020। नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी ने नौकरी से निकाले गए तीन कर्मचारियों-सौरभ पुत्र राजू, पवन पुत्र भगवत एवं मोहित पुत्र मनोज के द्वारा लगाए गए आरोपों पर नगर पालिका के सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में नगर पालिका के वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच समिति में नगर पालिका के अवर अभियंता एवं लेखाधिकारी को सदस्य बनाया गया है, तथा जांच समिति से एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि तीनों कर्मचारियों ने इस संबंध में अपने समाज की वाल्मीकि सभा को इस संबंध में पत्र लिखा था और नगर पालिका अध्यक्ष को पृष्ठांकित किया था, तथा वाल्मीकि सभा ने भी नगर पालिका अध्यक्ष से इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा था।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट ने माना, लेक ब्रिज चुंगी के पूरे मामले में सीबीआई के आरोपों के अनुसार भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं…

-वर्ष 2010-11 में लेक ब्रिज चुंगी का मामला, मामले में हुई थी सीबीआई की जांच
-धारा 471 के मामले भी किसी पर साबित नहीं, दो आरोपितों पर निचली अदालत में होगा परीक्षण
नवीन समाचार, नैनीताल, 31 अगस्त 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वर्ष 2010-11 में नैनीताल नगर पालिका की लेक ब्रिज चुंगी के मामले में सभी आरोपितों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के आरोप खारिज कर दिये हैं। उच्च न्यायालय द्वारा जारी 30 पन्नों के आदेश में साफ कहा गया है कि मामले में सभी आरोपितों-तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी, ठेकेदार आलोक चौधरी, क्लर्क राजेंद्र जोशी आदि के खिलाफ आपराधिक शडयंत्र, धोखाधड़ी या जालसाजी के आरोप में सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 120बी, 420, 468 के तहत लगायी गयी धाराओं का कोई मामला नहीं बनता है। धारा 471 में भी किसी पर आरोप साबित नहीं हुए हैं, बल्कि दो आरोपितों पर निचली अदालत में परीक्षण होगा। यानी सीबीआई द्वारा आरोपितों पर याचिकाकर्ता ठेकेदार नवबहार अली को निविदा प्रक्रिया से बाहर कर ठेकेदार आलोक चौधरी को ठेका दिलाने के लिए लाभ पहुंचाने के आरोप खारिज हो गये हैं।
मामले में उच्च न्यायालय ने माना कि 25 मार्च 2010 को नव बहार अली को उसके नाम पर निविदा निकलने की जानकारी देते हुए उसे निविदा की 50 फीसद धनराशि जमा करने को कहा गया। उसके मना करने पर दूसरे निविदादाता नवीन अग्रवाल से भी निविदा लेने को कहा गया। नवबहार अली इसके बाद तीन अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में भी मौजूद रहा। उसके द्वारा भी मना करने के बाद निविदा की प्रक्रिया नये सिरे से की गयी। मामले में नगर पालिका के तत्कालीन डिस्पैच क्लर्क राजेंद्र जोशी एवं यस कोरियर के एजेंट राजेंद्र शर्मा पर भी भारतीय दंड संहिता की धारा 471 के तहत भी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं, बल्कि उनके विरुद्ध केवल धारा 471 के तहत ट्रायल कोर्ट में मामला चलेगा। इस मामले में राजेंद्र जोशी पर केवल इतना आरोप है कि उसने कोई जालसाजी नहीं की, बल्कि उसने (बीच में आत्महत्या करने वाले) पत्रवाहक राजेंद्र मेहरा द्वारा देरी से कोरियर की रसीद लाने पर डाक रजिस्टर में कोरियर के 15 रुपए चढ़ाने में संशोधन किया। वहीं कोरियर एजेंट मनोज शर्मा पर आरोप है कि उसने कोरियर की रसीद में नवबहार अली के हस्ताक्षर खुद कर दिये। इसीलिए उच्च न्यायालय की न्यायमूति रवींद्र मैठाणी की अदालत ने धारा 471 के मामले को ट्रायल कोर्ट में परीक्षण कराने को कहा है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका के 9 वर्ष पुराने सीबीआई जांच के मामले में आये उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला…

-तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी व ठेकेदार के खिलाफ सीबीआई को नहीं मिले अपेक्षित सबूत, मामला खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अगस्त 2019। वर्ष 2010-2011 में नगर पालिका नैनीताल के लेकब्रिज चुंगी मामले में हुई सीबीआई जांच के बहुचर्चित मामले में सीबीआई द्वारा देहरादून की सीबीआई कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट को धारा 482 के तहत उच्च न्यायालय में चुनौती देने वाली याचिकाओं पर न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ से बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के अनुसार एकलपीठ ने याचिकाओं को यह कहते हुए स्वीकार किया है कि सीबीआई ने नगर पालिका नैनीताल के तत्कालीन पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी व ठेका प्राप्त करने वाले ठेकेदार आलोक चौधरी के खिलाफ जो आरोप लगाये थे, उसके उनके पास अपेक्षित जरूरी साक्ष्य नहीं हैं, जिससे कि यह मामला आगे चल सके। अलबत्ता, नगर पालिका के तत्कालीन डीलिंग क्लर्क एवं कोरियर वाले की जालसाजी में भूमिका के भारतीय दंड संहिता की धारा 471 के तहत तथ्य मिले हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 लेक ब्रिज चुंगी की निविदा प्रक्रिया विवादों में आ गई थी। मामले में चुंगी की निविदा नवबहार के नाम पर 2 करोड़ 10 लाख में हुई थी, लेकिन वह निर्धारित समय के भीतर निविदा की 50 फीसदी राशि जमा करने नही आये। इस कारण नगर पालिका को दुबारा से निविदा निकालनी पड़ी। जबकि नवबहार ने नगर पालिका पर आरोप लगाया था कि निविदा के संबंध में उसे किसी भी प्रकार की सूचना नही दी गयी। बाद में कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सीबीआई जाँच हुई थी। सीबीआई ने जाँच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी थी, जिसे नगर पालिका नैनीताल के तत्कालीन पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी व ठेका प्राप्त करने वाले ठेकेदार आलोक चौधरी ने चुनौती देकर उन पर सीबीआई द्वारा लगाई गई आपराधिक मामलों व शडयंत्र की धाराएं लगाने को गलत बताते हुए कहा था कि सभी निर्णय केवल उनके नहीं, बल्कि नगर पालिका बोर्ड के सर्वानुमति से लिये गये हैं। जो कुछ भी किया गया वह प्रोक्योरमेंट नियमावली के तहत ही किया गया। उनसे किसी प्रकार का धन आदि भी बरामद नहीं हुआ।

करीब 9 वर्ष बाद बेदाग साबित हुए

नैनीताल। तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी व तत्कालीन अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी सीबीआई के आरोपों से 9 वर्ष बाद बेदाग साबित हुए हैं। इससे उन्होंने बड़ी राहत की सांस ली है। उल्लेखनीय है कि नैनीताल में सीबीआई के दायरे में आने का पहला मामला था। आरोपों से खासकर मुकेश जोशी का राजनीतिक कॅरियर भी प्रभावित हुआ था। बेदाग साबित होने पर उन्होंने अपनी सभी सुभेच्छुओं का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से उनकी छवि को जो आघात पहुंचा, उसकी भरपाई नहीं हो सकती है। मामले में न्यायालय का फैसला आने से इन के साथ देश की दूसरे नंबर की ऐतिहासिक नैनीताल नगर पालिका में इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी एक तरह से खारिज हुए हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका की सीबीआई जांच का मामला फिर सतह पर, हाईकोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा…

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2019। वर्ष 2010-2011 में नगर पालिका नैनीताल के लेकब्रिज चुंगी मामले में हुई सीबीआई जांच का बहुचर्चित मामला फिर से सतह पर आ गया है। मामले में सीबीआई की चार्जशीट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हर न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने शुक्रवार को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। निर्णय अगले 10 दिन के भीतर सुनाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 लेक ब्रिज चुंगी की निविदा प्रक्रिया विवादों में आ गई थी। मामले में चुंगी की निविदा नवबहार के नाम पर 2 करोड़ 10 लाख में हुई थी, लेकिन वह निर्धारित समय के भीतर निविदा की 50 फीसदी राशि जमा करने नही आये। इस कारण नगर पालिका को दुबारा से निविदा निकालनी पड़ी। जबकि नवबहार ने नगर पालिका पर आरोप लगाया था कि निविदा के संबंध में उसे किसी भी प्रकार की सूचना नही दी गयी। बाद में कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सीबीआई जाँच हुई थी। सीबीआई ने जाँच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी थी, जिसे नगर पालिका नैनीताल के तत्कालीन पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी व ठेका प्राप्त करने वाले ठेकेदार आलोक चौधरी ने चुनौती देकर उन पर सीबीआई द्वारा लगाई गई आपराधिक मामलों व शडयंत्र की धाराएं लगाने को गलत बताते हुए कहा था कि सभी निर्णय केवल उनके नहीं, बल्कि नगर पालिका बोर्ड के सर्वानुमति से लिये गये हैं। जो कुछ भी किया गया वह प्रोक्योरमेंट नियमावली के तहत ही किया गया। उनसे किसी प्रकार का धन आदि भी बरामद नहीं हुआ।

यह भी पढ़ें : सीबीआई जांच के दायरे में आईं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्या व वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री

-उनकी प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति और राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुए नामांकन से संबंधित अधिकारी भी आ सकते हैं जांच के दायरे में
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रामनगर के गोमती पूरन प्रसाद आर्य कन्या इंटर कालेज में विभिन्न पदों के लिए हुई भर्ती की प्रक्रिया में धांधली के आरोपों पर सीबीआई को चार माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले में दिलचस्प तथ्य यह भी है कि विद्यालय की प्रधानाचार्य हरिप्रिया सती वर्ष 2014 के राष्ट्रपति पुरस्कार से 5 सितंबर 2015 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों सम्मानित हो चुकी हैं, तथा वर्तमान में सेवानिवृत्ति की आयु पूरी होने के बाद राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने पर मिलने वाले दो वर्ष के सेवा लाभ के तहत ही पद पर कार्यरत हैं। साथ ही वे 35 वर्षों से कांग्रेस पार्टी से जुड़ी वरिष्ठ नेत्री भी हैं। इधर उन्होंने रामनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भी दावेदारी की हुई है।

इधर 31 मई को उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एकलपीठ के सीबीआई जांच कराने से संबंधित आदेश पर रोक लगा दी है।

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