Dhami 2.0 : पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्री की वेब सिरीज की शूटिंग में पहुंचे मुख्यमंत्री, निकाले जा रहे राजनीतिक नि,हितार्थ…

Creation

Creation

Nanda Devi Mahotsav : पुष्पवर्षा के बीच मायके से विदा हुईं माता नंदा-सुनंदा…

Nanda Devi Mahotsav

Nanda Devi Mahotsav

नैनीताल : हर्षोल्लास से मनायी गयी भारत रत्न (Govind Ballabh Pant) की 136वीं जयंती, पहली बार शामिल हुयीं उनी पुत्रवधु पूर्व सांसद इला पंत एवं पौत्र…

Govind Ballabh Pant

Roap Way Cable Car : खराबी दूर होने के बाद फिर चलने लगी रोपवे केबल कार

Roap Way Cable Car

Roap Way Cable Car

Nainital News : नैनीताल के आज के चुनिन्दा ‘नवीन समाचार’ एक साथ…

Nainital News 6 July 2023, Nainital News 1 July 2023, Nainital News 3 July 2023, Nainital News 11 July 2023, Nainital News 12 July 2023,

Nainital News

High Court on Officers-हाईकोर्ट का नौकरशाही को बड़ा संदेश, एसडीएम पर लगाया 25 हजार का जुर्माना, व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होने के आदेश भी…

High Court on Officers : The Uttarakhand High Court, headed by Chief Justice Vipin Sanghi and Justice Rakesh Thapliyal, has issued an order for the removal of Sunil Kumar Joshi from his position as Vice-Chancellor of Ayurvedic University. The court deemed his appointment as a violation of the rules governing the position. The decision was made after a petition filed by Vinod Kumar Chauhan, a resident of Haridwar, alleging illegal appointment and financial irregularities by Joshi. The petitioner argued that Joshi lacked the required qualifications and experience for the role, and further accused him of misusing his authority and making decisions contrary to government directives.

स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरवर्ग, विराट कोहली को बुलंदियों पर पहुंचाने वाले-हनुमान भक्त बाबा नीब करौरी व उनके कैंची धाम के बारे में सब कुछ

baba neeb karori

–बाबा नीब करौरी, जिन्होंने नैनीताल की फल पट्टी के सेब को चख कर बना दिया दुनिया का ‘एप्पल’, बाबा व उनके कैंची धाम के बारे में पूरी जानकारी-फेसबुक, जूलिया, लैरी सहित अनेकों पर बरसी बाबा नीब करौरी की कृपा-बाबा के कैंची धाम में हर वर्ष 15 जून को लगता है मेला, पिछले वर्षों में एक … Read more

बड़ा समाचार : धामी सरकार ने पेश किया बजट, जानें आपके जीवन पर क्या पड़ेगा प्रभाव…

नवीन समाचार, देहरादून, 15 मार्च 2023। धामी सरकार के वित मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल नेे बुधवार को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में राज्य के लिए 2023-24 का 77407.84 करोड़ का नया बजट प्रस्तुत किया। पहाड़ी बोली में शुरू किए गए बजट भाषण में राज्य के दो शहरों में होने जा रहे जी-20 कार्यक्रमों के … Read more

बड़ा समाचार : पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को उच्च न्यायालय के सीबीआई जांच के आदेश पर सुप्रीम राहत

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 4 जनवरी 2023। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर लगे कथित भ्रष्टाचार के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सीबीआई जांच कराने के फैसले को पलट दिया है। इस पर रावत ने खुशी जताते हुए कहा है, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मेरे … Read more

बड़ा मामला: उत्तराखंड के डीजीपी के नाम से रंगदारी मांगे जाने का मामला आया सामने

नवीन समाचार, देहरादून, 5 दिसंबर 2022। देश-प्रदेश में साइबर अपराधी बुरी तरह से सक्रिय हैं। अब उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों रंगदारी मांगे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। किसी ने ट्रूकॉलर की प्रोफाइल पर डीजीपी अशोक कुमार की एक अन्य आईपीएस अधिकारी के मिलते … Read more

पिता को हजारों में महंगा पड़ा नाबालिग बेटे को स्कूटी चलाने देना

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 9 अक्तूबर 2022। अल्मोड़ा में एक पिता को अपने नाबालिग बेटे को स्कूटी चलाने के लिए देना महंगा पड़ गया। पुलिस ने उसके पिता का 25 हजार रुपये को चालान काटा है। साथ ही उन्हें इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए हैं। बताया गया है कि इंटरसेप्टर प्रभारी जीवन सामंत के … Read more

हल्द्वानी में पेट्रोल पंप पर दबंग का उत्पात, सुरक्षा गार्ड पर बाइक चढाने, पंप फूकने का प्रयास

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 8 अगस्त 2022। बीती रात्रि हल्द्वानी के रामपुर रोड-यातायात नगर के एक पेट्रोल पंप पर दो युवकों ने रात भर जमकर उत्पात मचाया। बताया गया है कि पेट्रोल पंप के पास सिगरेट पीने से मना करने पर दोनों युवकों ने सिक्योरिटी गार्ड पर बाइक चढ़ा दी और कुर्सियां तोड़ डालीं। यहां तक … Read more

उत्तराखंडः एनएच घोटाले का जिन्न फिर बोतल से बाहर, एनएचएआई के अधिकारी के घर आज की गई छापेमारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मार्च 2022। दिल्ली से आई सीबीआई की टीम ने राजधानी देहरादून में तीन स्थानों पर छापेमारी की। इसमें एनएचएआई के एक बड़े अधिकारी के यहां से सीबीआई ने बैंक से जुड़े दस्तावेजों के साथ अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर सीबीआई की टीम सबसे … Read more

Uttarakhand Corona Update : सिर्फ 3282 लोगों की जांच हुई, मौतों का आंकड़ा फिर बढ़ा

यह भी पढ़ें : सिर्फ 3282 लोगों की जांच हुई, मौतों का आंकड़ा फिर बढ़ा डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2022। उत्तराखंड में कोरोना लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है। रविवार को राज्य में पिछले दो माह में सबसे कम, केवल 3262 लोगों की जांचों के साथ पिछले दो माह में … Read more

नैनीताल : नगर पालिका के एक अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश

-निकाले गए तीन कर्मचारियों ने लगाए थे आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 नवम्बर 2020। नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी ने नौकरी से निकाले गए तीन कर्मचारियों-सौरभ पुत्र राजू, पवन पुत्र भगवत एवं मोहित पुत्र मनोज के द्वारा लगाए गए आरोपों पर नगर पालिका के सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में नगर पालिका के वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच समिति में नगर पालिका के अवर अभियंता एवं लेखाधिकारी को सदस्य बनाया गया है, तथा जांच समिति से एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि तीनों कर्मचारियों ने इस संबंध में अपने समाज की वाल्मीकि सभा को इस संबंध में पत्र लिखा था और नगर पालिका अध्यक्ष को पृष्ठांकित किया था, तथा वाल्मीकि सभा ने भी नगर पालिका अध्यक्ष से इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा था।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट ने माना, लेक ब्रिज चुंगी के पूरे मामले में सीबीआई के आरोपों के अनुसार भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं…

-वर्ष 2010-11 में लेक ब्रिज चुंगी का मामला, मामले में हुई थी सीबीआई की जांच
-धारा 471 के मामले भी किसी पर साबित नहीं, दो आरोपितों पर निचली अदालत में होगा परीक्षण
नवीन समाचार, नैनीताल, 31 अगस्त 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वर्ष 2010-11 में नैनीताल नगर पालिका की लेक ब्रिज चुंगी के मामले में सभी आरोपितों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के आरोप खारिज कर दिये हैं। उच्च न्यायालय द्वारा जारी 30 पन्नों के आदेश में साफ कहा गया है कि मामले में सभी आरोपितों-तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी, ठेकेदार आलोक चौधरी, क्लर्क राजेंद्र जोशी आदि के खिलाफ आपराधिक शडयंत्र, धोखाधड़ी या जालसाजी के आरोप में सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 120बी, 420, 468 के तहत लगायी गयी धाराओं का कोई मामला नहीं बनता है। धारा 471 में भी किसी पर आरोप साबित नहीं हुए हैं, बल्कि दो आरोपितों पर निचली अदालत में परीक्षण होगा। यानी सीबीआई द्वारा आरोपितों पर याचिकाकर्ता ठेकेदार नवबहार अली को निविदा प्रक्रिया से बाहर कर ठेकेदार आलोक चौधरी को ठेका दिलाने के लिए लाभ पहुंचाने के आरोप खारिज हो गये हैं।
मामले में उच्च न्यायालय ने माना कि 25 मार्च 2010 को नव बहार अली को उसके नाम पर निविदा निकलने की जानकारी देते हुए उसे निविदा की 50 फीसद धनराशि जमा करने को कहा गया। उसके मना करने पर दूसरे निविदादाता नवीन अग्रवाल से भी निविदा लेने को कहा गया। नवबहार अली इसके बाद तीन अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में भी मौजूद रहा। उसके द्वारा भी मना करने के बाद निविदा की प्रक्रिया नये सिरे से की गयी। मामले में नगर पालिका के तत्कालीन डिस्पैच क्लर्क राजेंद्र जोशी एवं यस कोरियर के एजेंट राजेंद्र शर्मा पर भी भारतीय दंड संहिता की धारा 471 के तहत भी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं, बल्कि उनके विरुद्ध केवल धारा 471 के तहत ट्रायल कोर्ट में मामला चलेगा। इस मामले में राजेंद्र जोशी पर केवल इतना आरोप है कि उसने कोई जालसाजी नहीं की, बल्कि उसने (बीच में आत्महत्या करने वाले) पत्रवाहक राजेंद्र मेहरा द्वारा देरी से कोरियर की रसीद लाने पर डाक रजिस्टर में कोरियर के 15 रुपए चढ़ाने में संशोधन किया। वहीं कोरियर एजेंट मनोज शर्मा पर आरोप है कि उसने कोरियर की रसीद में नवबहार अली के हस्ताक्षर खुद कर दिये। इसीलिए उच्च न्यायालय की न्यायमूति रवींद्र मैठाणी की अदालत ने धारा 471 के मामले को ट्रायल कोर्ट में परीक्षण कराने को कहा है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका के 9 वर्ष पुराने सीबीआई जांच के मामले में आये उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला…

-तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी व ठेकेदार के खिलाफ सीबीआई को नहीं मिले अपेक्षित सबूत, मामला खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अगस्त 2019। वर्ष 2010-2011 में नगर पालिका नैनीताल के लेकब्रिज चुंगी मामले में हुई सीबीआई जांच के बहुचर्चित मामले में सीबीआई द्वारा देहरादून की सीबीआई कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट को धारा 482 के तहत उच्च न्यायालय में चुनौती देने वाली याचिकाओं पर न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ से बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के अनुसार एकलपीठ ने याचिकाओं को यह कहते हुए स्वीकार किया है कि सीबीआई ने नगर पालिका नैनीताल के तत्कालीन पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी व ठेका प्राप्त करने वाले ठेकेदार आलोक चौधरी के खिलाफ जो आरोप लगाये थे, उसके उनके पास अपेक्षित जरूरी साक्ष्य नहीं हैं, जिससे कि यह मामला आगे चल सके। अलबत्ता, नगर पालिका के तत्कालीन डीलिंग क्लर्क एवं कोरियर वाले की जालसाजी में भूमिका के भारतीय दंड संहिता की धारा 471 के तहत तथ्य मिले हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 लेक ब्रिज चुंगी की निविदा प्रक्रिया विवादों में आ गई थी। मामले में चुंगी की निविदा नवबहार के नाम पर 2 करोड़ 10 लाख में हुई थी, लेकिन वह निर्धारित समय के भीतर निविदा की 50 फीसदी राशि जमा करने नही आये। इस कारण नगर पालिका को दुबारा से निविदा निकालनी पड़ी। जबकि नवबहार ने नगर पालिका पर आरोप लगाया था कि निविदा के संबंध में उसे किसी भी प्रकार की सूचना नही दी गयी। बाद में कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सीबीआई जाँच हुई थी। सीबीआई ने जाँच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी थी, जिसे नगर पालिका नैनीताल के तत्कालीन पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी व ठेका प्राप्त करने वाले ठेकेदार आलोक चौधरी ने चुनौती देकर उन पर सीबीआई द्वारा लगाई गई आपराधिक मामलों व शडयंत्र की धाराएं लगाने को गलत बताते हुए कहा था कि सभी निर्णय केवल उनके नहीं, बल्कि नगर पालिका बोर्ड के सर्वानुमति से लिये गये हैं। जो कुछ भी किया गया वह प्रोक्योरमेंट नियमावली के तहत ही किया गया। उनसे किसी प्रकार का धन आदि भी बरामद नहीं हुआ।

करीब 9 वर्ष बाद बेदाग साबित हुए

नैनीताल। तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी व तत्कालीन अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी सीबीआई के आरोपों से 9 वर्ष बाद बेदाग साबित हुए हैं। इससे उन्होंने बड़ी राहत की सांस ली है। उल्लेखनीय है कि नैनीताल में सीबीआई के दायरे में आने का पहला मामला था। आरोपों से खासकर मुकेश जोशी का राजनीतिक कॅरियर भी प्रभावित हुआ था। बेदाग साबित होने पर उन्होंने अपनी सभी सुभेच्छुओं का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से उनकी छवि को जो आघात पहुंचा, उसकी भरपाई नहीं हो सकती है। मामले में न्यायालय का फैसला आने से इन के साथ देश की दूसरे नंबर की ऐतिहासिक नैनीताल नगर पालिका में इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी एक तरह से खारिज हुए हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका की सीबीआई जांच का मामला फिर सतह पर, हाईकोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा…

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2019। वर्ष 2010-2011 में नगर पालिका नैनीताल के लेकब्रिज चुंगी मामले में हुई सीबीआई जांच का बहुचर्चित मामला फिर से सतह पर आ गया है। मामले में सीबीआई की चार्जशीट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हर न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने शुक्रवार को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। निर्णय अगले 10 दिन के भीतर सुनाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 लेक ब्रिज चुंगी की निविदा प्रक्रिया विवादों में आ गई थी। मामले में चुंगी की निविदा नवबहार के नाम पर 2 करोड़ 10 लाख में हुई थी, लेकिन वह निर्धारित समय के भीतर निविदा की 50 फीसदी राशि जमा करने नही आये। इस कारण नगर पालिका को दुबारा से निविदा निकालनी पड़ी। जबकि नवबहार ने नगर पालिका पर आरोप लगाया था कि निविदा के संबंध में उसे किसी भी प्रकार की सूचना नही दी गयी। बाद में कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सीबीआई जाँच हुई थी। सीबीआई ने जाँच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी थी, जिसे नगर पालिका नैनीताल के तत्कालीन पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, अधिशासी अधिकारी नीरज जोशी व ठेका प्राप्त करने वाले ठेकेदार आलोक चौधरी ने चुनौती देकर उन पर सीबीआई द्वारा लगाई गई आपराधिक मामलों व शडयंत्र की धाराएं लगाने को गलत बताते हुए कहा था कि सभी निर्णय केवल उनके नहीं, बल्कि नगर पालिका बोर्ड के सर्वानुमति से लिये गये हैं। जो कुछ भी किया गया वह प्रोक्योरमेंट नियमावली के तहत ही किया गया। उनसे किसी प्रकार का धन आदि भी बरामद नहीं हुआ।

यह भी पढ़ें : सीबीआई जांच के दायरे में आईं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्या व वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री

-उनकी प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति और राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुए नामांकन से संबंधित अधिकारी भी आ सकते हैं जांच के दायरे में
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रामनगर के गोमती पूरन प्रसाद आर्य कन्या इंटर कालेज में विभिन्न पदों के लिए हुई भर्ती की प्रक्रिया में धांधली के आरोपों पर सीबीआई को चार माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले में दिलचस्प तथ्य यह भी है कि विद्यालय की प्रधानाचार्य हरिप्रिया सती वर्ष 2014 के राष्ट्रपति पुरस्कार से 5 सितंबर 2015 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों सम्मानित हो चुकी हैं, तथा वर्तमान में सेवानिवृत्ति की आयु पूरी होने के बाद राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने पर मिलने वाले दो वर्ष के सेवा लाभ के तहत ही पद पर कार्यरत हैं। साथ ही वे 35 वर्षों से कांग्रेस पार्टी से जुड़ी वरिष्ठ नेत्री भी हैं। इधर उन्होंने रामनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भी दावेदारी की हुई है।

इधर 31 मई को उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एकलपीठ के सीबीआई जांच कराने से संबंधित आदेश पर रोक लगा दी है।

Read more