नैनी झील के बगल में बन गया ‘एक और ताल’! पहली तेज बारिश में फ्लैट्स मैदान में जलभराव से निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, नैनीताल में जेठ की दुपहरी में मौसम ठंडा-ठंडा कूल-कूल

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जून 2026 (Waterlogging in Flats Ground Nainital)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की सरोवर नगरी नैनीताल (Nainital) में मौसम की पहली तेज वर्षा ने करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नैनी झील के किनारे स्थित ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान (Flats Ground) में बारिश के बाद बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया। मैदान के कई हिस्सों में पानी जमा होने के साथ एक ओर तालाब जैसी स्थिति बन गई है, जिसके बाद स्थानीय लोगों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। आप यह संबंधित वीडिओ भी जरूर देखना चाहेंगे :

यह मैदान नगर का प्रमुख सार्वजनिक खेल मैदान होने के साथ अनेक सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक आयोजनों का भी केंद्र माना जाता है। ऐसे में पहली ही तेज वर्षा में मैदान का जलमग्न होना चर्चा का विषय बन गया है।

छह करोड़ रुपये की लागत से हुए थे सौंदर्यीकरण कार्य

Waterlogging in Flats Ground Nainitalउल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में फ्लैट्स मैदान और उससे जुड़े पवेलियन भवन के सौंदर्यीकरण, समतलीकरण तथा अन्य सुधार कार्यों के लिए लगभग छह करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। कार्य के दौरान मैदान की संरचना में कई परिवर्तन किए गए और समतलीकरण का कार्य भी कराया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से मैदान की प्राकृतिक बनावट ऐसी थी कि उसमें हल्का ढलान बना रहता था, जिससे वर्षा का पानी स्वतः बाहर निकल जाता था। लेकिन हालिया कार्यों के बाद यह प्राकृतिक ढलान समाप्त हो गया और जल निकासी की पुरानी व्यवस्था प्रभावित हो गई।

बारिश के बाद मैदान में भर गया पानी

शनिवार और रविवार को हुई तेज बारिश के बाद फ्लैट्स मैदान के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। कुछ स्थानों पर पानी लंबे समय तक ठहरा रहा, जबकि एक ओर तो तालाब जैसी स्थिति बनती दिखाई दी। मैदान में भरे पानी का बहाव रेलिंग और दीवारों से होते हुए सड़क तक पहुंचता देखा गया।

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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शुरुआती बारिश में ही यह स्थिति बन गई है तो मानसून के दौरान मैदान की उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। इससे खेल गतिविधियों के साथ अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने जताई नाराजगी

डीएसए (District Sports Association) से जुड़े लोगों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने भी जलभराव को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले मैदान में वर्षा का पानी अधिक समय तक नहीं रुकता था और कुछ ही समय में बाहर निकल जाता था।

खिलाड़ियों का आरोप है कि समतलीकरण के दौरान मैदान की मूल संरचना और प्राकृतिक ढलान को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप अब जल निकासी बाधित हो रही है और मैदान में पानी जमा होने लगा है।

जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश

मामले पर नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि पहली बारिश के बाद फ्लैट्स मैदान में जलभराव की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि संबंधित निर्माण कार्य ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) द्वारा कराया गया था।

जिलाधिकारी ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था में कमियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गुणवत्ता और निगरानी पर उठ रहे प्रश्न

स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए कार्यों में यदि पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति बनती है तो निर्माण की गुणवत्ता और परियोजना की तकनीकी निगरानी की भी समीक्षा होनी चाहिए। उनका मानना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य सुविधाएं बढ़ाना होना चाहिए, न कि नई समस्याएं पैदा करना।

विशेषज्ञों के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में किसी भी सार्वजनिक मैदान या निर्माण परियोजना के दौरान जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक होता है। यदि ड्रेनेज सिस्टम पर्याप्त नहीं हो तो बारिश के दौरान जलभराव, मिट्टी कटाव और संरचनात्मक क्षति जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

अब निगाहें सुधारात्मक कार्रवाई पर

फिलहाल स्थानीय नागरिकों और खेल संगठनों की निगाहें प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों की अपेक्षा है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले जल निकासी की कमियों को दूर किया जाए ताकि फ्लैट्स मैदान अपनी मूल उपयोगिता और स्वरूप बनाए रख सके।

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नैनीताल में जेठ की दुपहरी में मौसम ठंडा-ठंडा कूल-कूल

नैनीताल। पर्वतीय पर्यटन नगरी नैनीताल व इसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को सुबह से तेज बारिश हुई, इस कारण स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को बारिश में भीगते और भीगने से बचने की कोशिश करते हुए घरों से निकलते देखा गया। बारिश इतनी तेज थी कि सावन के बरसने का भी भ्रम हो रहा था। उल्लेखनीय है कि सामान्यतया 15 जून के बाद यानी आषाण माह की शुरुआत के साथ प्री मानसून की बारिश होती है, लेकिन इस बार यहां जेठ यानी ज्येष्ठ माह ही जमकर बरसने लगा है और मौसम सर्द भी महसूस किया जा रहा है।

ed0aa33d74ea529559c100fbbb664cf0 956604567मौसम विभाग के अनुसार तपती दुपहरियों के लिये प्रसिद्ध जून माह के पहले दिन में आज नैनीताल का अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस बताया है, और आगे पूरे सप्ताह भी बारिश का क्रम बने रहने की संभावना बतायी है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पूरे मई माह में और उससे पहले अप्रैल माह में भी यहां बारिश होती रही है और इधर दो दिन पूर्व 30 मई को यहां काफी तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिसके बाद से बारिश का क्रम लगभग लगातार जारी है। बारिश से नगर का खेल का डीएसए फलैट्स मैदान भी तर हो गया है, और इसमें हाल में हुए सौंदर्यीकरण के कार्यों के बाद निकासी का उचित प्रबंध न हो पाने के कारण बड़े हिस्से पर तालाब भी बन रहा है। बारिश के बावजूद नगर में पर्यटकों के पहले से मौजूद होने और सुबह से भी उमड़ने के साथ भीड़भाड़, वाहनों के जाम आदि का सिलसिला जारी है।

पर्यटकों ने सुबह होटलों के कमरों से ही मौसम का आनंद उठाया व ठंड भी महसूस की, जबकि नगर के पर्यटन व्यवसायी सशंकित रहे कि कहीं बारिश का सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहा तो कहीं ग्रीष्मकालीन पर्यटन सत्र को ही धोकर न रख दे और ठंडा न कर दे। ऐसे में पर्यटकों को नैनीताल आने के लिये नगर में बारिश व ठंड की संभावना को समझ कर छाते और हल्के गर्म कपड़े भी साथ लेकर आने की सलाह दी जा रही है।

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