नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अप्रैल 2025 (Taxi Strike Announced in Nainital on Saturday)। पर्यटन नगरी नैनीताल में टैक्सी वाहनों पर प्रतिबंध एवं पुलिस की सख्ती के विषय पर 12 अप्रैल से वाहनों का संचालन बंद रखने की घोषणा की गयी है।
बताया गया है कि नैनीताल में टैक्सी व मैक्सी वाहन चालकों के शोषण के खिलाफ कुमाऊं महासंघ टैक्सी यूनियन उत्तराखंड के आह्वान पर 12 अप्रैल से वाहनों का संचालन बंद करने का निर्णय लिया गया है। सभी वाहन स्वामियों और चालकों से इस दिन से शटल सेवा और स्कूली वाहनों सहित सभी टैक्सी व मैक्सी वाहनों का परिचालन पूर्ण रूप से रोकने की अपील की गयी है। साथ ही पर्यटन के लिए बाहर गये वाहनों को भी 12 अप्रैल से पहले वापस लौटने को कहा है।
कहा गया है कि जब तक प्रशासन और सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक यह बंदी जारी रहेगी। सभी टैक्सी वालों से एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील भी की गयी है। मांगों में नैनीताल में टैक्सी वाहनों के लिये बढ़ाये गये पार्किंग व लेक ब्रिज चुंगी के शुल्क को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। यह भी पढ़ें :
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टीबी नंबरों पर प्रतिबंध से परेशान हैं 3 जुलाई 2017 के बाद पंजीकृत टैक्सी वाले

नैनीताल। उल्लेखनीय है उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के 3 जुलाई 2017 से पूर्व पंजीकृत 82 टैक्सी बाइकों के अतिरिक्त इस तिथि के बाद पंजीकृत समस्त टैक्सी वाहनों एवं 166 से बड़े ह्वील बेस की निजी बसों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। तब आरटीओ हल्द्वानी में संयोग से यूके04टीए श्रृंखला के नंबर पूरे होने के बाद यूके04टीए श्रृंखला के नंबर शुरू हो रहे थे। पुलिस-प्रशासन यदा-कदा इन वाहनों पर उच्च न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई करता है, किंतु अब कमोबेश पहली बार उत्तराखंड उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद बड़ी कार्रवाई की जा रही है।
इन वाहनों का सत्यान किया जा रहा है और इन वाहनों के नगर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कारण इन दिनों नगर में टीबी नंबरों पर प्रतिबंध लोगों की जुबान पर है। 2017 के बाद पंजीकृत टैक्सी वालों का कहना है कि उन्होंने सरकार की योजनाओं से और बैंकों से ऋण लेकर टैक्सियां ली हैं। प्रतिबंध से उनके परिवारों के समक्ष रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। जबकि एक सच्चाई यह भी है कि नगर में हाल के वर्षों में खासकर टैक्सी बाइकों के अत्यधिक संख्या में आने से सड़कों के साथ ही गलियों में भी आम लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में पुलिस गलियों में भी उनके चालान कर रही है।
15 को होनी है दो याचिकाओं पर सुनवाई (Taxi Strike Announced in Nainital on Saturday)
नैनीताल। नैनीताल नगर में वाहनों की संख्या पर नियंत्रण और ग्रीष्मकालीन पर्यटन सत्र में बेहतर यातायात व्यवस्था को लेकर उच्च न्यायालय में आगामी 15 अप्रैल को श्रुति जोशी और अजय रावत की दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई होनी तय है। न्यायालय ने इस दौरान कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल को नैनीताल में पर्यटकों के दबाव और वाहनों की अनियंत्रित संख्या की स्थितियों में यातायात नियंत्रण के लिये तैयार की गयी कार्ययोजना के साथ न्यायालय की सहायता करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कहा है कि गर्मी की छुट्टियों में बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए समुचित पूर्व योजना जरूरी है ताकि शहर में अव्यवस्था न फैले। इस सिलसिले में नगर पालिका परिषद नैनीताल को पार्किंग शुल्क और लेकब्रिज चुंगी शुल्क से संबंधित अद्यतन जानकारी न्यायालय को देने को भी कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका ने हाल में बाहर से आने वाले वाहनों हेतु पार्किंग शुल्क 500 रुपये और नगर में प्रवेश का शुल्क यूपीआई के लिये 300 व नगद भुगान के लिये 500 रुपये तय किया है। इसकी जानकारी भी न्यायालय में प्रस्तुत की जानी है। उच्च न्यायालय ने यातायात नियंत्रण और नगर की व्यवस्था को लेकर आम जनता और अधिवक्ताओं से भी शपथ पत्र के साथ सुझाव आमंत्रित किये हैं।
ऐसे उच्च न्यायालय से लगे थे नैनीताल में टैक्सी वाहनों व बसों के संचालन पर प्रतिबंध
नैनीताल में यातायात जाम की समस्या लंबे समय से चली आ रही थी। गर्मियों के मौसम में पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण माल रोड और आसपास की सड़कों पर जाम लगना आम बात थी। हल्द्वानी से नैनीताल की सामान्य दो घंटे की यात्रा चरम मौसम में पांच घंटे तक खिंच जाती थी।
इस स्थिति को देखते हुए 2017 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका के आधार पर शहर में मिनी बसों और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। साथ ही, टैक्सी और टीबी (टूरिस्ट बस) नंबर के वाहनों के लिए नये परमिट जारी करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया। इसका मुख्य कारण शहर की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति, भूस्खलन का खतरा और सीमित पार्किंग सुविधा थी।
न्यायालय ने निर्देश दिये कि पर्यटक वाहनों को शहर के बाहर केलाखान या रूसी बैंड जैसे स्थानों पर पार्क किया जाये और वहां से शटल सेवा के माध्यम से यात्रियों को शहर में लाया जाये। इस कदम का मकसद माल रोड और माल्लीताल क्षेत्र में वाहनों की भीड़ को कम करना था। इसके अलावा, शहर में पार्किंग की कमी भी एक बड़ी वजह थी। नैनीताल में उस समय केवल 2,000 वाहनों के लिए पार्किंग थी, जबकि होटलों में अतिरिक्त 1,500 वाहनों की जगह थी। रोजाना 50,000 से अधिक पर्यटकों की आवाजाही इस समस्या को और गंभीर बना रही थी।
2018 में प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा के लिए यातायात नियमन को और सख्त किया। शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को हल्द्वानी, कालाढुंगी और भवाली मार्गों पर रोककर 10-20 वाहनों के समूह में प्रवेश की अनुमति दी जाने लगी। बिना पार्किंग बुकिंग के निजी वाहनों को शहर में आने से रोका गया, जिससे होटल और स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हुए। इस निर्णय के खिलाफ होटल मालिकों और टैक्सी चालकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया, क्योंकि उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा था। (Taxi Strike Announced in Nainital on Saturday, Nainital News, Taxi Strike, Taxi Bike Problem, Nainital)
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
