नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अगस्त 2026 (People Fell Ill by Contaminated Water)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के ज्योलीकोट (Jyolikot) और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पानी के कारण डायरिया (Diarrhea) और पीलिया (Jaundice) जैसी बीमारियां फैलने की शिकायत सामने आई है। पिछले छह-सात दिनों में लगभग 60 से 65 लोगों के इसकी चपेट में आने की बात कही गई है, जबकि कई छोटे बच्चों का स्वास्थ्य गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती कराने की नौबत आ गयी।
मामले को लेकर पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख हिमांशु पांडे (Himanshu Pandey) के नेतृत्व में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने नैनीताल के जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। दूषित जलापूर्ति की शिकायत ने क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की
ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी ने जल संस्थान (Jal Sansthan) और जल निगम (Jal Nigam) के अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या का तत्काल समाधान कराने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग रखी।
जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की जनता की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस (Congress) के ज्योलीकोट-खुर्पाताल (Jyolikot-Khurpatal) ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कोटलिया (Rajendra Singh Kotliya), ग्राम प्रधान नवल कुमार (Naval Kumar), उप प्रधान मनोज बरगली (Manoj Bargali), क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज चनियाल (Manoj Chaniyal), सूरज पांडे (Suraj Pandey), नितिन कुमार (Nitin Kumar), प्रशांत कुमार (Prashant Kumar) और हरीश पांडेय (Harish Pandey) सहित अन्य लोग शामिल रहे।
ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पानी की शिकायत पर जल संस्थान ने कराई स्रोतों की सफाई, जलापूर्ति में किया बदलाव
नैनीताल जनपद के ज्योलीकोट क्षेत्र के वीरभट्टी (Veerbhatti), छीड़ा गांजा (Chhida Ganja), सड़ियाताल (Sariyatal) और बकरीखोड़ (Bakrikhor) में दूषित पानी से दस्त फैलने की शिकायतों के बाद उत्तराखंड जल संस्थान (Uttarakhand Jal Sansthan) ने संबंधित जल स्रोतों और जलाशयों की सफाई कराकर क्लोरीनीकरण (Chlorination) कराया है। विभाग क्षेत्र में लगातार स्थलीय निरीक्षण और पानी की जांच भी कर रहा है।
दुर्गापुर (Durgapur) स्रोत से ज्योलीकोट की जलापूर्ति 26 अगस्त की दोपहर से अस्थायी रूप से बंद कर दी गयी है। इसके स्थान पर वैकल्पिक देवलदूंगा (Devaldunga) स्रोत से पानी की आपूर्ति की जा रही है, ताकि क्षेत्रवासियों को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
समाचार माध्यमों में प्रकाशित शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता (Executive Engineer), सहायक अभियंता (Assistant Engineer) और अपर सहायक अभियंता (Additional Assistant Engineer) ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दुर्गापुर और देवलदूंगा स्रोतों की सफाई के साथ संबंधित जलाशयों की भी सफाई कराकर क्लोरीनीकरण कराया गया।
वर्तमान में सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता ज्योलीकोट तथा कृष्णापुर (Krishnapur) क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। विभाग स्रोतों और जलाशयों की सफाई के साथ नियमित रूप से क्लोरीनीकरण करा रहा है तथा संबंधित क्षेत्रों में समय-समय पर पानी की जांच भी की जा रही है।
विभाग के अनुसार 26 अगस्त की दोपहर से दुर्गापुर स्रोत से ज्योलीकोट को होने वाली जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गयी है और देवलदूंगा के अतिरिक्त स्रोत से पानी की आपूर्ति की जा रही है। जलाशयों में भी नियमित रूप से क्लोरीनीकरण कराया जा रहा है।
जल संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़ियाताल और बकरीखोड़ गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था का अनुरक्षण उत्तराखंड पेयजल निगम (Uttarakhand Peyjal Nigam), भीमताल (Bhimtal) कर रहा है।
दूषित पानी से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़े असर के बीच जल स्रोतों की सफाई, नियमित क्लोरीनीकरण और पानी की जांच कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर क्षेत्रवासियों की निगाह बनी रहेगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
