नवीन समाचार, रुद्रपुर, 26 अगस्त 2026 (Insects-Infested Adulterated Sweets)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर्व से पहले मिलावटी और अस्वच्छ मिठाइयों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) तथा प्रशासन ने राज्यभर में अभियान तेज कर दिया है। बाजपुर (Bazpur) और सुल्तानपुर पट्टी (Sultanpur Patti) में छापेमारी के दौरान कीड़े-मकौड़ों से युक्त खोया-छैना, मिल्क पाउडर (Milk Powder) और रिफाइंड (Refined) से तैयार किया जा रहा कथित मिलावटी मावा तथा गंदे टीनों में रखे रसगुल्ले मिले। विभिन्न जिलों में हुई कार्रवाइयों में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 5 क्विंटल से अधिक दूषित, खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट करायी गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश और संबंधित जिलाधिकारियों के आदेश के क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन की टीमें रक्षाबंधन तथा आगामी जन्माष्टमी (Janmashtami) को देखते हुए मिठाई की दुकानों, निर्माण इकाइयों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं। कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान बढ़ने वाली मिठाइयों की मांग के बीच मिलावट, अस्वच्छ निर्माण और कालातीत खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाना है।
बाजपुर में 50 किलो कीड़े-मकौड़ों वाली मिठाई नष्ट
बाजपुर में उपजिलाधिकारी (Sub-Divisional Magistrate-SDM) ऋचा सिंह (Richa Singh) के नेतृत्व में राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र में मिठाई की दुकानों और निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। उत्तराखंड स्वीट्स (Uttarakhand Sweets) पर जांच के दौरान लगभग 50 किलो खोया और छैना से बनी मिठाइयां मिलीं जिनमें कीड़े-मकौड़े पाये गये। टीम ने इन मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कराया और खोये का नमूना जांच के लिए लिया। प्रतिष्ठान में गंदगी मिलने पर चालान की कार्रवाई भी की गयी।
इसके बाद कुलदीप गुप्ता स्वीट्स (Kuldeep Gupta Sweets) पर कार्रवाई की गयी। यहां मिल्क पाउडर और रिफाइंड मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था। टीम के अनुसार पूछताछ में संचालक ने भी मिल्क पाउडर और रिफाइंड से मावा तैयार करने की बात स्वीकार की। मौके से लगभग 80 किलो मिलावटी खोया, 40 किलो मिलावटी बर्फी और लगभग डेढ़ क्विंटल मिलावटी केक-लौज बरामद हुआ।
दुकान संचालक ने इन खाद्य पदार्थों को नष्ट करने पर सहमति दी। इसके बाद नमूने लेने की कार्रवाई कर मावा और तैयार मिठाइयों को नष्ट कराया गया। मामले में एक लाख रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई की गयी है। खाद्य विभाग की ओर से अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
गंदे टीनों में मिले रसगुल्ले, तैर रहे थे कीड़े और मक्खियां
सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र में अवैध रूप से मिठाई निर्माण की सूचना पर एक अन्य स्थान पर भी कार्रवाई की गयी। यहां रसगुल्ले गंदे टीनों में रखे मिले। अधिकारियों के अनुसार इन रसगुल्लों में कीड़े, पतंगे और मक्खियां पड़ी हुई थीं। मौके से मिल्क पाउडर, रिफाइंड सहित अन्य सामग्री भी मिली।
प्रथम दृष्टया इन रसगुल्लों को मिल्क पाउडर और रिफाइंड से तैयार किये जाने की संभावना जतायी गयी। अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार मिठाइयों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए उन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। कार्रवाई में तहसीलदार बाजपुर (Tehsildar Bazpur) प्रताप सिंह चौहान (Pratap Singh Chauhan), राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) कृपाल राठौर (Kripal Rathore), सतपाल बाबू (Satpal Babu), राजस्व उपनिरीक्षक (Revenue Sub-Inspector) आकाश सैनी (Akash Saini) सहित खाद्य विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
हरिद्वार में लगभग दो क्विंटल दूषित रसगुल्ले नष्ट
हरिद्वार (Haridwar) में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी निर्माण इकाई पर कार्रवाई की। यहां गंदे टीनों में रखे लगभग दो क्विंटल दूषित रसगुल्ले और अन्य सामग्री नष्ट करायी गयी। कार्रवाई के दौरान रसगुल्लों में कीड़े-मकौड़े पाये जाने की जानकारी सामने आयी। संबंधित इकाई का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर उसे सील करने की कार्रवाई भी की गयी।
बागेश्वर (Bageshwar) में दुकानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिये गये और लगभग 15 किलो खराब मिठाई नष्ट करायी गयी। नैनीताल (Nainital) में मल्लीताल (Mallital) और तल्लीताल (Tallital) क्षेत्र के खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिये गये तथा कालातीत सामग्री भी पकड़ी गयी। उत्तरकाशी (Uttarkashi) में 24 दुकानों की जांच कर नौ नमूने लिये गये जबकि चमोली (Chamoli) में कालातीत खाद्य सामग्री नष्ट कर दुकानदारों को नोटिस दिये गये।
त्योहार में बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा पर निगरानी
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे समय में कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए घटिया या अस्वच्छ सामग्री के इस्तेमाल की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नमूने लेने के साथ निर्माण स्थल की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण एवं समाप्ति तिथि, भंडारण और खाद्य सुरक्षा लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल खाद्य सामग्री नहीं खरीदने, भंडार का विवरण रखने, कालातीत सामग्री का भंडारण और बिक्री नहीं करने तथा निर्माण स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिये हैं। पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण एवं समाप्ति तिथि तथा बैच संख्या स्पष्ट रखने और ग्राहकों को मूल्य सूची तथा बिल या कैश मेमो देने के लिए भी कहा गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act) के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नोटिस, नमूना जांच, चालान, जुर्माना और परिस्थितियों के अनुसार लाइसेंस संबंधी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जायेगी और अभियान आगे भी जारी रहेगा।
त्योहार की मिठाई खरीदते समय उपभोक्ताओं के लिए भी यह कार्रवाई महत्वपूर्ण संकेत है कि केवल आकर्षक दिखने वाली मिठाई पर निर्भर रहने के बजाय प्रतिष्ठान की स्वच्छता, पैकिंग, तिथि और बिल जैसी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो संबंधित विभाग को सूचना देना भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की यह सख्ती मिलावट पर प्रभावी रोक लगाने में सफल होगी और क्या उपभोक्ता भी गुणवत्ता को लेकर पहले से अधिक सतर्क होंगे।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
