नवीन समाचार, देहरादून, 5 अप्रैल 2024 (Civic elections in Uttarakhand may be in June)। उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद निकाय चुनाव भी हो सकते हैं। सरकार ने निकायों में ओबीसी आरक्षण निर्धारित करने के लिए गठित एकल सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। आगे लोक सभा चुनाव के बाद मई में आरक्षण घोषित होने और उसके बाद जून में निकाय चुनाव कराए जाने की तैयारी बताई जा रही है। ऐसे में निकाय चुनाव में लोक सभा चुनाव का प्रभाव पड़ने की संभावना भी मानी जा रही है।
विदित हो कि उत्तराखंड में नगर निकायों का कार्यकाल पिछले वर्ष एक दिसंबर को ही समाप्त हो गया था। इसके बाद से निकाय आगामी 1 जून तक प्रशासकों के हवाले हैं। इसलिये भी जून माह में निकाय चुनाव होने की संभावना लग रही है।
हाईकोर्ट में भी सरकार ने कही है प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराने की बात (Civic elections in Uttarakhand may be in June)
गौरतलब है कि निकाय चुनाव में देरी का मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है, जहां सरकार प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराने की जानकारी दे चुकी है। इसी क्रम में शहरी विकास विभाग ने निकाय चुनावों की तैयारी प्रारंभ कर दी है।
सूत्रों के अनुसार सरकार एकल सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सभी स्तर पर ओबीसी आरक्षण नए सिरे से निर्धारित करने पर सैद्धांतिक तौर पर सहमत है। इसके बाद जून में निकाय चुनाव होने तय हैं। इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग प्रथम चरण में 93 निकायों की मतदाता सूची भी तैयार कर चुका है।
निकाय चुनाव के परिणाम पर लोक सभा चुनाव के परिणाम का प्रभाव पड़ेगा ! (Civic elections in Uttarakhand may be in June)
माना जा रहा है कि निकाय चुनाव लोक सभा चुनाव के तत्काल बाद होते हैं तो लोकसभा और निकाय चुनाव के स्तर में बड़ा अंतर होने के बावजूद लोक सभा चुनाव के परिणाम का असर निकाय चुनाव में भी पड़ सकता है। लोक सभा चुनाव में जो पार्टी जीतेगी उसे निकाय चुनाव में लाभ और जो हारेगी उसे नुकसान हो सकता है। (Civic elections in Uttarakhand may be in June)
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
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