नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2026 (HC Restained Dismissed Constable)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पुलिस विभाग के एक कठोर निर्णय को पलटते हुए एक आरक्षी के निष्कासन को अवैध मानकर उसे निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बिना किसी विभागीय जांच और सुनवाई का अवसर दिए किसी भी कर्मी को सेवा से पृथक करना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने आरक्षी को सेवा में बहाल करने के साथ ही अवशेष वेतन का 50 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश भी दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना कोरोनाकाल की है। याचिकाकर्ता जगदीश नाथ को वर्ष 2012 में उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के पद पर नियुक्त किया गया था। ऊधम सिंह नगर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 24 मई 2020 को उन्हें सेवा से निष्कासित कर दिया था।
नियमों के मनमाने प्रयोग पर तल्ख टिप्पणी
आरक्षी पर आरोप था कि लॉकडाउन के दौरान पुलभट्टा (किच्छा) स्थित सूरजमल इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाए गए पृथकवास केंद्र (Quarantine Center) में ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक महिला से दुर्व्यवहार किया। चिकित्सकीय परीक्षण में उनके मदिरा के सेवन की पुष्टि की बात भी कही गई थी। इधर न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि निष्कासन का आदेश और घटना एक ही दिन के हैं। इसमें संविधान के अनुच्छेद 311 (1) और पुलिस नियमावली का उल्लंघन किया गया।
बिना जांच कार्यवाही को माना अवैध
न्यायालय ने कहा कि नियमानुसार विभागीय जांच से छूट केवल असाधारण परिस्थितियों में ही दी जा सकती है, जबकि इस मामले में ऐसा कोई ठोस कारण दर्ज नहीं किया गया। न्यायालय ने इसे ‘नियमों का मनमाना प्रयोग’ करार दिया। न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय के ‘यूनियन ऑफ इंडिया विरुद्ध तुलसी राम पटेल (1985)’ मामले का संदर्भ देते हुए कहा कि जांच से छूट देने के लिए स्पष्ट और तार्किक कारण होना अनिवार्य है।
सेवा में बहाली और वेतन भुगतान का आदेश
न्यायालय ने आरक्षी के निष्कासन और अपीलीय आदेश को निरस्त करते हुए उन्हें सेवा में निरंतरता के साथ बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग को यह छूट दी कि यदि वे चाहें तो नियमानुसार दोबारा विभागीय जांच तीन माह के भीतर प्रारंभ कर सकते हैं। यह निर्णय पुलिस विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कर्मियों के अधिकारों के संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (HC Restained Dismissed Constable) :
HC Restained Dismissed Constable, Uttarakhand High Court News, Nainital News, Hindi News, Constable Reinstatement Order, Police Dismissal Illegal Court, Justice Manoj Kumar Tiwari Decision, Article 311 Constitution India, Police Disciplinary Rules Uttarakhand, Labor Law And Public Service India, #HighCourtUttarakhand #NainitalNews #PoliceDepartment #JusticeSystem #ConstitutionalRights #LegalUpdate #BreakingNewsUttarakhand #ConstableReinstatement #LawAndOrder #NainitalNews #NainitalNews #PoliceDepartment #JusticeSystem #ConstitutionalRights #LegalUpdate #BreakingNewsUttarakhand #ConstableReinstatement #LawAndOrder #NainitalNews
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
