नैनीताल : मोरा गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, भयभीत ग्रामीणों को आदमखोर होने पर संदेह

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अप्रैल 2026 (Nainital-Leopard Trapped-Mora Village)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के जनपद नैनीताल (Nainital) अंतर्गत भीमताल (Bhimtal) विकासखंड के ग्राम मोरा (Mora) में मंगलवार की प्रातः एक गुलदार (Leopard) वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में बंदी (Trapped) बना मिला। यद्यपि एक हिंसक वन्य जीव के पकड़े जाने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है, किंतु क्षेत्रीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि इस कार्यवाही से पूर्णतः संतुष्ट अथवा निर्भय दृष्टिगोचर नहीं हो रहे हैं।

ग्रामीणों का संशय है कि पिंजरे में फंसा यह वन्य जीव वही आदमखोर (Man-eater) है जिसने क्षेत्र में हाल ही में दो मानव जीवन लीलाएं समाप्त की हैं, अथवा वास्तविक शिकारी अब भी वनों में स्वच्छंद विचरण कर रहा है। आप यह संबंधित वीडिओ भी जरूर देखना चाहेंगे :

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  नैनीताल में लापता अल्मोड़ा के युवक का शव पांचवें दिन खाई से बरामद: हत्या की आशंका में तीन साथी पुलिस अभिरक्षा में

उल्लेखनीय है कि निकटवर्ती ज्योली (Jyoli) गांव में एक महिला और भद्यूनी (Bhyaduni) गांव में एक युवक को हिंसक वन्य जीव द्वारा अपना ग्रास बनाए जाने के पश्चात वन विभाग ने क्षेत्र में कई पिंजरे स्थापित किए थे। मंगलवार को जिस स्थान पर गुलदार फंसा मिला, वह भद्यूनी गांव में 23 अप्रैल की रात्रि कमल बिष्ट (Kamal Bisht) नामक युवक के शिकार स्थल से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान पूर्व में मोरा गांव में एक महिला पर हुए घातक हमले के स्थल के भी समीप है। पकड़े गए गुलदार को वन विभाग ने सुरक्षा घेरे में लेकर निकटवर्ती रानीबाग (Ranibagh) स्थित ‘रेस्क्यू सेंटर’ (Rescue Center) भेज दिया है।

क्या पकड़ा गया गुलदार ही है वास्तविक आदमखोर?

(Nainital-Leopard Trapped-Mora Village)भीमताल विकासखंड के प्रमुख (Block Pramukh) डॉ. हरीश बिष्ट (Dr. Harish Bisht) ने इस प्रकरण पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वन्य जीव विशेषज्ञों (Wildlife Experts) के सूक्ष्म विश्लेषण के अनुसार, मृतक कमल बिष्ट के शरीर से जिस प्रकार अत्यधिक मांस भक्षण किया गया था, वह गुलदार की नहीं अपितु व्याघ्र यानी बाघ (Tiger) की प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है। इसी आधार पर क्षेत्रीय निवासी इस पकड़े गए गुलदार के आदमखोर होने के प्रति आश्वस्त नहीं हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक क्षेत्र में हिंसक वन्य जीवों का भय पूर्णतः समाप्त नहीं हो जाता, तब तक पिंजरे और गश्त (Patrolling) निरंतर जारी रहनी चाहिए।

स्थानांतरण प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने एक अन्य महत्वपूर्ण विषय पर भी वन विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। उनकी मांग है कि पकड़े गए हिंसक जीवों को पुनः वन क्षेत्रों में मुक्त (Release) किए जाने की प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। ग्रामीणों को आशंका है कि पकड़े गए जीवों को समीपवर्ती जंगलों में ही छोड़ दिया जाता है, जिससे वे अल्प समय में पुनः अपने पुराने क्षेत्र की ओर लौट आते हैं और पुनः मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

वन विभाग की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना

इधर, वन विभाग की उप प्रभागीय वनाधिकारी (Sub-Divisional Forest Officer) ममता चंद (Mamta Chand) ने स्थानीय निवासियों को आश्वस्त किया है कि क्षेत्र में पिंजरे और सुरक्षा गश्त यथावत जारी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़ा गया गुलदार वही आदमखोर है अथवा नहीं, यह वैज्ञानिक परीक्षणों और साक्ष्यों की सूक्ष्म जाँच के उपरांत ही प्रमाणित हो सकेगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले वनों की ओर न जाने की अपील की है।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  हरीश रावत का 'आग, बाघ और जाम' पर प्रहार: उत्तराखंड में 33% महिला आरक्षण के लिए विधानसभा से पहल की मांग

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर  के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं। 

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

Tags (Nainital-Leopard Trapped-Mora Village) :

Nainital-Leopard Trapped-Mora Village, Leopard Caught In Cage At Mora Village Nainital 2026, Human Killing By Wild Animal BhYaduni Jyoli Villages, Dr Harish Bisht Block Pramukh Statement On Tiger Terror, Forest Department Cage Installation Mora Village Nainital, SDO Mamta Chand Statement On Trapped Leopard, Investigation Of Man Eater Status Of Captured Leopard, People Demand Transparency In Releasing Wild Animals, Kamal Bisht Murder By Wild Animal Investigation, Security Patrolling In Bhimtal Forest Areas, Conflict Between Humans And Leopards In Uttarakhand Hills, #NainitalWildlifeAlert #LeopardTrappedMora #HumanWildlifeConflictUttarakhand #ForestDepartmentActionNainital #BhimtalNewsUpdate #ManEaterSearchUttarakhand #WildlifeSafetyMeasures #RanibaghRescueCenter #TigerTerrorNainital #UttarakhandForestNews, 

Leave a Reply